ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार को वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। शुभ मुहूर्त में प्रातः 8 बजे जैसे ही कपाट खुले, पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “जय श्री केदार” के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर मंदिर परिसर का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और उत्साहपूर्ण दिखाई दिया।
कपाट खुलने के पावन क्षण में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे। उन्होंने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर प्रदेश और देश की खुशहाली, शांति और समृद्धि की कामना की। इस दौरान सिख रेजीमेंट के बैंड की भक्ति संगीत धुनों ने वातावरण को और भी पवित्र बना दिया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केदारनाथ धाम सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि चारधाम यात्रा लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है और इस वर्ष यात्रा के और अधिक सफल होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। उन्होंने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के प्रति सेवा और सहयोग की भावना बनाए रखने की अपील भी की। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण उनके मार्गदर्शन में भव्य रूप से किया गया, जिससे इसकी दिव्यता और आकर्षण और बढ़ा है।
कपाट खुलने से पहले भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से यात्रा करते हुए गौरीकुंड होते हुए धाम पहुंची थी। सुबह 5 बजे से ही विधिवत प्रक्रियाएं शुरू हो गई थीं। 8 बजे मंदिर के गर्भगृह में रावल, पुजारियों, तीर्थ पुरोहितों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में पूजा-अर्चना संपन्न हुई और इसके बाद कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
इस विशेष अवसर पर मंदिर को लगभग 51 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, तीर्थ पुरोहित और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे पूरा केदारनाथ धाम भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया।


