निगम चुनावों में नामांकन रद्द होने पर भाजपा का प्रदर्शन, तरुण चुग बोले- विपक्ष की आवाज दबा रही पंजाब सरकार

निगम चुनावों में नामांकन रद्द होने पर भाजपा का प्रदर्शन, तरुण चुग बोले- विपक्ष की आवाज दबा रही पंजाब सरकार

नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप और विपक्षी उम्मीदवारों को निशाना बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने बटाला में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि निगम चुनावों में विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र सुनियोजित तरीके से रद्द करवाए जा रहे हैं। तरुण चुग ने कहा कि आप सरकार ने बटाला, बरनाला और मोगा में भाजपा के 21 उम्मीदवारों के नामांकन रद्द करवा दिए। उन्होंने इसे “लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश” बताया।

चुग ने आरोप लगाया कि जिन वार्डों में भाजपा का आधार मजबूत माना जाता है, वहीं सबसे अधिक कार्रवाई की गई। उनका कहना था कि चुनावी मुकाबले से भाजपा प्रत्याशियों को बाहर करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर दबाव बनाया गया। भाजपा नेताओं ने इसे विपक्ष की राजनीतिक आवाज दबाने की रणनीति करार दिया।

भाजपा नेता ने महिला उम्मीदवारों के मामले को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि एक महिला प्रत्याशी के खिलाफ दर्ज शिकायत बाद में वापस ले ली गई थी, इसके बावजूद उसका नामांकन रद्द कर दिया गया। चुग ने कहा कि इससे साफ होता है कि सरकार निष्पक्ष चुनाव कराने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने कहा कि महिला सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकारों की बात करने वाली सरकार व्यवहार में ठीक उल्टा कर रही है। भाजपा का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को कमजोर किया जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि नामांकन रद्द करने के मामलों की निष्पक्ष समीक्षा नहीं हुई तो पार्टी राज्यभर में आंदोलन तेज करेगी। नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों को भी पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करनी चाहिए।

तरुण चुग ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव जनता की आवाज का माध्यम होते हैं और किसी भी राजनीतिक दल को प्रशासनिक ताकत के सहारे विपक्ष को कमजोर करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर इस मुद्दे को उठाएगी।

नगर निगम चुनावों से पहले शुरू हुआ यह विवाद अब पंजाब की राजनीति में नया टकराव बनता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि विपक्ष इसे चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रहा है।