पुलिस अधिकारियों को धमकाना भाजपा की हताशा का संकेत, पंजाब में नहीं चलेगी दबंगई की राजनीति: धालीवाल

पुलिस अधिकारियों को धमकाना भाजपा की हताशा का संकेत, पंजाब में नहीं चलेगी दबंगई की राजनीति: धालीवाल

पंजाब में नगर निगम चुनावों के दौरान हुई घटनाओं को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि चुनावी प्रक्रिया के बीच पुलिस अधिकारियों के साथ जिस तरह का व्यवहार भाजपा नेताओं ने किया, वह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए थे। राज्य के अधिकांश हिस्सों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन कुछ स्थानों पर भाजपा नेताओं ने माहौल खराब करने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान डर और दबाव की राजनीति के जरिए भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करना चाहती है।

उन्होंने विशेष तौर पर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के उस व्यवहार की आलोचना की जिसमें कथित तौर पर उन्होंने ड्यूटी निभा रहे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। धालीवाल ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारियों को धमकाना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे, लेकिन भाजपा नेताओं ने सत्ता के प्रभाव में आकर उन्हें डराने का प्रयास किया।

संगरूर की एसएसपी नवजोत कौर ग्रेवाल को लेकर दिए गए कथित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए धालीवाल ने कहा कि किसी महिला अधिकारी के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक अधिकारी का नहीं, बल्कि पूरे महिला वर्ग का अपमान है। भाजपा को बताना चाहिए कि क्या वह महिलाओं के प्रति इसी तरह का सम्मान रखती है।

आप नेता ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा समर्थकों द्वारा पुलिस कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की तस्वीरें साफ दिखाई दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सब-इंस्पेक्टर के साथ हाथापाई की गई और जातिसूचक एवं अभद्र टिप्पणियां की गईं। धालीवाल ने कहा कि यह घटना सिर्फ एक कर्मचारी पर हमला नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और सरकारी संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश है।

उन्होंने कहा कि पंजाब का इतिहास अन्याय और दमन के खिलाफ संघर्ष का रहा है। यहां के लोग कभी भी दबाव और धमकियों के आगे नहीं झुकते। भाजपा नेताओं को पंजाब की धरती और यहां के स्वाभिमान को समझना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब में किसी भी राजनीतिक दल को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

धालीवाल ने भाजपा पर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसानों, बेरोजगारी और महंगाई जैसे अहम विषयों पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने सवाल उठाया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर भाजपा नेता क्यों नहीं बोलते। धान सीजन के दौरान बढ़ती डीजल कीमतों का सीधा असर किसानों की लागत पर पड़ रहा है, लेकिन भाजपा नेताओं को किसानों की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य में मामूली बढ़ोतरी कर किसानों को राहत देने का दावा किया, लेकिन दूसरी तरफ ईंधन की कीमतें बढ़ाकर खेती को और महंगा बना दिया। धालीवाल ने कहा कि भाजपा नेताओं के पास जनता के मुद्दों का जवाब नहीं है, इसलिए वे टकराव और विवाद की राजनीति कर रहे हैं।

आप नेता ने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि जब सैकड़ों किसान आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवा रहे थे, तब भाजपा नेताओं ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई। लेकिन चुनावों के दौरान अधिकारियों को धमकाने और नियमों को ताक पर रखने में वे सबसे आगे दिखाई देते हैं।

अंत में धालीवाल ने पंजाब पुलिस का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर उस अधिकारी और कर्मचारी के साथ मजबूती से खड़ी है जो निष्पक्ष होकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे कोई कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो, अगर वह कानून तोड़ेगा या पंजाब की शांति भंग करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।