बठिंडा नगर निगम चुनावों के बीच आम आदमी पार्टी में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक जगरूप सिंह गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं, चुनाव प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गिल के बयानों के बाद बठिंडा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और चुनावी माहौल और अधिक गरमा गया है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक गिल ने दावा किया कि नगर निगम चुनाव के दौरान कई वार्डों में तनावपूर्ण माहौल बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा, धमकी और दबाव की राजनीति देखने को मिली। गिल ने कहा कि उनके परिवार से जुड़ी महिला उम्मीदवार के चुनाव क्षेत्र में कुछ लोगों ने जाकर हंगामा किया, जिसके बाद फायरिंग और मारपीट जैसी घटनाएं हुईं। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे घटनाक्रम के वीडियो और सीसीटीवी फुटेज उनके पास मौजूद हैं।
गिल ने सीधे तौर पर पार्टी की चुनावी रणनीति और टिकट वितरण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि पार्टी ने जिन सिद्धांतों और पारदर्शिता की बात करके जनता से समर्थन लिया था, वही सिद्धांत अब जमीन पर दिखाई नहीं दे रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट वितरण से लेकर वार्डों में उम्मीदवार तय करने तक की प्रक्रिया कुछ सीमित लोगों के प्रभाव में रही, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैली।
विधायक ने दावा किया कि चुनावों के दौरान कई इलाकों में खुलेआम पैसे और शराब का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि कुछ वार्डों में वोटिंग के दौरान माहौल इतना खराब हो गया कि लोगों को विरोध प्रदर्शन तक करना पड़ा। गिल ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 21 में बैलेट बॉक्स को लेकर भी विवाद सामने आया, लेकिन प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए गिल ने कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नामजद शिकायतें दी थीं, लेकिन कार्रवाई अपेक्षित तरीके से नहीं हुई। उनका आरोप है कि शिकायतों में नाम होने के बावजूद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले को कमजोर करने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव होने के कारण निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो पाई।
इस दौरान गिल ने भाजपा नेता सरूप चंद सिंगला पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पर हिंसक हमला लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि चुनावी मुकाबला लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए, न कि डर और दबाव के जरिए।
विधायक गिल ने संकेत दिए कि वह इस मुद्दे को आगे भी उठाते रहेंगे और जरूरत पड़ने पर पार्टी नेतृत्व के सामने भी पूरा मामला रखेंगे। उनके बयानों के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि बठिंडा में आम आदमी पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है। वहीं विपक्षी दलों ने भी इस पूरे विवाद को लेकर सरकार और पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।




