हरियाणा सरकार ने शहरी क्षेत्रों में प्रॉपर्टी टैक्स बकाएदारों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। राज्य के शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULBD) ने वित्त वर्ष 2010-11 से 2024-25 तक लंबित प्रॉपर्टी टैक्स पर लगने वाले 100 प्रतिशत ब्याज को माफ करने की घोषणा की है। इसके लिए विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी है।
सरकार की इस पहल से लाखों संपत्ति मालिकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत यदि करदाता 30 जून 2026 तक अपने बकाया टैक्स की मूल राशि जमा कर देते हैं और पोर्टल पर संपत्ति का स्व-प्रमाणन (Self Certification) पूरा कर लेते हैं, तो उन्हें वर्षों से जमा हो रहा पूरा ब्याज नहीं देना पड़ेगा।
सरकार का मानना है कि इससे लोगों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं की टैक्स रिकवरी भी तेज होगी। लंबे समय से टैक्स नहीं जमा कर पाने वाले लोगों को अब बिना अतिरिक्त ब्याज के अपना रिकॉर्ड साफ करने का मौका मिलेगा।
CM नायब सैनी की घोषणा के बाद लागू हुई योजना
मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने हाल ही में प्रॉपर्टी टैक्स पर ब्याज माफी की घोषणा की थी। अब शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह कदम आम नागरिकों को राहत देने के साथ-साथ शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने में मदद करेगा।
इन शहरों के लाखों लोगों को मिलेगा फायदा
यह योजना हरियाणा के सभी शहरी क्षेत्रों में लागू होगी। इसमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, पानीपत, हिसार, रोहतक और अंबाला समेत सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका क्षेत्र शामिल हैं। योजना का लाभ आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के मालिक उठा सकेंगे।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में करीब 18 से 20 लाख प्रॉपर्टी यूनिट्स पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग 4 से 5 लाख संपत्तियों पर टैक्स बकाया है। ब्याज और जुर्माने सहित कुल बकाया राशि 1500 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। ब्याज माफी के कारण लोगों को करीब 200 से 400 करोड़ रुपये तक की राहत मिलने का अनुमान है।
30 जून के बाद फिर लगेगा भारी ब्याज
सरकार ने साफ किया है कि यह राहत सीमित अवधि के लिए है। यदि करदाता 30 जून 2026 तक भुगतान नहीं करते हैं, तो इसके बाद पुराने नियमों के अनुसार 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज वसूला जाएगा।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी व्यक्ति पर 50 हजार रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है और उस पर 20 हजार रुपये ब्याज जुड़ चुका है, तो वह 30 जून तक केवल 50 हजार रुपये जमा करके पूरा बकाया समाप्त कर सकता है।
पोर्टल पर संपत्ति का सत्यापन जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए केवल टैक्स जमा करना ही पर्याप्त नहीं होगा। करदाताओं को अपनी संपत्ति का पूरा विवरण भी ऑनलाइन अपडेट करना होगा। इसमें संपत्ति का क्षेत्रफल, उपयोग की श्रेणी और मालिकाना संबंधी जानकारी का सत्यापन शामिल है।
सरकार का कहना है कि इससे विभाग के रिकॉर्ड अपडेट होंगे और भविष्य में टैक्स निर्धारण को लेकर होने वाले विवाद कम होंगे। साथ ही गलत आकलन और फर्जी जानकारी पर भी रोक लगेगी।


