हल्द्वानी में लालकुआं राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार कार हरियाणा नंबर की कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी खाई को पार करती हुई पेड़ से टकराई और झाड़ियों में जा घुसी। हादसे में एक महिला और एक पुरुष घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा हाईवे पर चल रहे ऑटो को बचाने के प्रयास में हुआ। नैनीताल से रुद्रपुर जा रहे थे चार कार सवार जानकारी के अनुसार, हरियाणा नंबर की कार नैनीताल से रुद्रपुर की ओर जा रही थी। कार में कुल चार लोग सवार थे, वहीं जैसे ही ये लोग राष्ट्रीय राजमार्ग के तेल डिपो के पास पहुंचे तो ऑटो वाले को बचाने के चक्कर में कार बेकाबू हो गई और सड़क किनारे झाड़ियों में घुस गई। मौके पर पुलिस और राहत कार्य घायलों की चीख पुकार सुन स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और इन्होंने ही घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला और हादसे की जानकारी तुरंत लालकुआं कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला व पुरुष को अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने बताया कि हादसे में कार चालक का नियंत्रण खोने के कारण यह दुर्घटना हुई। हाथियों के लिए खोदी गई है खाई प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार में कार सवारों का काफी सामान भी था जो पुलिस अपने साथ ले गई है। हाईवे के किनारे जंगली हाथियों को रोकने के लिए खाई खोदी गई है। गनीमत रही की कार खाई के अंदर नहीं गिरी। हादसे में कार के अगले हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा है। हल्द्वानी में लालकुआं राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार कार हरियाणा नंबर की कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी खाई को पार करती हुई पेड़ से टकराई और झाड़ियों में जा घुसी। हादसे में एक महिला और एक पुरुष घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा हाईवे पर चल रहे ऑटो को बचाने के प्रयास में हुआ। नैनीताल से रुद्रपुर जा रहे थे चार कार सवार जानकारी के अनुसार, हरियाणा नंबर की कार नैनीताल से रुद्रपुर की ओर जा रही थी। कार में कुल चार लोग सवार थे, वहीं जैसे ही ये लोग राष्ट्रीय राजमार्ग के तेल डिपो के पास पहुंचे तो ऑटो वाले को बचाने के चक्कर में कार बेकाबू हो गई और सड़क किनारे झाड़ियों में घुस गई। मौके पर पुलिस और राहत कार्य घायलों की चीख पुकार सुन स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और इन्होंने ही घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला और हादसे की जानकारी तुरंत लालकुआं कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला व पुरुष को अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने बताया कि हादसे में कार चालक का नियंत्रण खोने के कारण यह दुर्घटना हुई। हाथियों के लिए खोदी गई है खाई प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार में कार सवारों का काफी सामान भी था जो पुलिस अपने साथ ले गई है। हाईवे के किनारे जंगली हाथियों को रोकने के लिए खाई खोदी गई है। गनीमत रही की कार खाई के अंदर नहीं गिरी। हादसे में कार के अगले हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा है। हरियाणा | दैनिक भास्कर
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करनाल के बॉबी का 5 रुपए में फिल्मी सफर:दिल्ली स्टेशन पर लुटे, मुंबई में स्पॉटबॉय रहे; अब हरियाणवी बैकग्राउंड वाली बॉलीवुड फिल्म ला रहे
करनाल के बॉबी का 5 रुपए में फिल्मी सफर:दिल्ली स्टेशन पर लुटे, मुंबई में स्पॉटबॉय रहे; अब हरियाणवी बैकग्राउंड वाली बॉलीवुड फिल्म ला रहे करनाल जिले के घरौंडा कस्बे से निकले बॉबी सिंह की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। 17 साल की उम्र में हीरो बनने का सपना लेकर घर से भागे। रास्ते में लूट हुई, होटल में बर्तन मांजे। फिर स्टंटमैन बने। बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारों संग काम किया। अब बॉबी सिंह सच्ची घटना पर आधारित फिल्म ‘सनम फिर मिलेंगे’ के प्रोड्यूसर हैं, जिसमें बॉलीवुड के कई नामी चेहरे नजर आएंगे। दैनिक भास्कर ऐप से बातचीत में बॉबी सिंह ने फिल्म को लेकर कई बातें शेयर कीं। बोले-“जब 17 साल की उम्र में घर छोड़ा था, तो वादा किया था कि कामयाब होकर लौटूंगा। अब वो वक्त आ गया है। यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं, समाज को सोचने पर मजबूर करेगी।” कहानी की हरियाणवी बैकग्राउंड है। बॉक्सर विजेंदर सिंह पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका में हैं। यशपाल शर्मा करैक्टर रोल में नजर आएंगे। फिल्म 26 मार्च को रिलीज करने की योजना है। फिल्म की हीरोइन हरियाणा से होंगी, अभी नाम का सस्पेंस रखा गया है। अब सिलसिलेवार पढ़ें.. 48 साल के लंबे सफर की कहानी स्पॉटबॉय से स्टंटमैन तक का सफर
मुंबई में संघर्ष के दो साल बाद 1979 में उन्हें पहला मौका मिला। अभिनेता धर्मेंद्र के भाई और पंजाब के सुपरस्टार वीरेंद्र ने अपनी फिल्म लंबरदारनी में बॉबी को स्पॉट बॉय की नौकरी दी। इसी के बाद बॉबी ने दो साल तक निम्मो, सरपंच जैसी फिल्मों में भी काम किया। 1980 में बॉबी के बड़े भाई अशोक कुमार और रिश्तेदार रामचरण मुंबई आए और जुहू के समुद्र किनारे उन्हें ढूंढ निकाला। उन्होंने घर लौटने के लिए मनाया, लेकिन बॉबी का जवाब था, कामयाब होकर ही घर लौटूंगा। वह लौटे भी, लेकिन पांच साल बाद, जब पहचान मिल चुकी थी। 1981 में मूवी स्टंट एसोसिएशन से मिला कार्ड
1981 में बॉबी ने स्टंट मैन के रूप में आधिकारिक तौर पर फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री ली। मूवी स्टंट एसोसिएशन से कार्ड बनवाया और जल्द ही नाम कमाया। इसके बाद उन्होंने अजय देवगन के पिता वीरू देवगन के साथ 10 साल तक काम किया। धर्मेंद्र, संजय दत्त, सुनील दत्त, विनोद खन्ना, गोविंदा, मिथुन, जैकी श्रॉफ, जितेंद्र, शत्रुघ्न सिन्हा जैसे सितारों के डुप्लीकेट बनकर सैकड़ों फिल्मों में एक्शन सीन किए। इसी दौरान उन्होंने कई कलाकारों को एक्शन ट्रेनिंग दी-अजय देवगन, गोविंदा, गोल्डी बेहल, बिंदू धारा सिंह, प्रोड्यूसर गोरंग दोषी, क्रिकेटर हरभजन सिंह की पत्नी गीता बसरा और अबू सलेम की पहली पत्नी मोनिका बेदी उनमें शामिल हैं। मधुमती अकादमी से सीखी एक्टिंग, अक्षय कुमार बने साथी
1989 में हीरो बनने के सपने को फिर से जगाने के लिए बॉबी ने मधुमती एक्टिंग अकादमी जॉइन की। वहां उनके साथ उस वक्त अक्षय कुमार, तब्बू, संजय कपूर और तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के पौत्र इंद्रजीत सिंह जैसे कलाकार भी पढ़ रहे थे। दो साल तक अकादमी में रहकर अभिनय सीखा, लेकिन हीरो नहीं बन पाए। बॉबी कहते हैं कि हर कोई मुझे स्टंटमैन के रूप में जानता था, इसलिए कोई प्रोड्यूसर रिस्क नहीं लेता था। अनिल कपूर भी कहते थे कि तुम्हारी पर्सनैलिटी हीरो जैसी है, पर किस्मत की अपनी कहानी होती है। 1992 में बने एक्शन डायरेक्टर, कई सुपरहिट फिल्में
1992 में बॉबी सिंह ने अपने करियर की नई शुरुआत की और एक्शन डायरेक्टर बने। उनकी पहली इंटरनेशनल फिल्म ‘बवंडर’ थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी, पंजाबी और साउथ फिल्मों में एक्शन सीन डायरेक्ट किए। इस दौरान उन्होंने अमिताभ बच्चन, मिथुन, गोविंदा, राजकुमार, जितेंद्र, विनोद खन्ना, जैकी श्रॉफ, दिलीप कुमार और संजीव कुमार जैसे दिग्गजों के साथ काम किया। कई फिल्मों में उन्होंने निगेटिव रोल भी किए और अपनी प्रतिभा से दर्शकों और इंडस्ट्री दोनों का दिल जीता। हरियाणवी इंडस्ट्री में भी जमाया नाम
2004 में बॉबी सिंह ने हरियाणवी इंडस्ट्री में कदम रखा। उन्होंने ‘बोरले आली’ नामक एल्बम को प्रोड्यूस किया। इसमें सोनू निगम, सुनिधि चौहान और शिव निगम जैसे बड़े सिंगर्स की आवाज शामिल थी। कुल सात गाने थे और इसे सोनो टेक कंपनी ने रिलीज किया था। इस एल्बम के जरिए हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में बॉबी ने पहचान बनाई। ‘सनम फिर मिलेंगे’, 18 साल की मेहनत, फिल्म तैयार
2012 से बॉबी सिंह अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘सनम फिर मिलेंगे’ पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कई साल इस स्क्रिप्ट पर रिसर्च की और आखिरकार इसे सच्ची घटनाओं पर आधारित एक ज्वलंत सामाजिक मुद्दे की फिल्म के रूप में तैयार किया। कहानी हरियाणा और नॉर्थ इंडिया की उस सामाजिक सोच पर आधारित है, जहां एक ही गांव या गोत्र के लड़के-लड़की की शादी पर रोक होती है। ऐसे रिश्ते करने वाले प्रेमियों की अक्सर गांव वाले हत्या कर देते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे मरने के बाद वही प्रेमी अगली जिंदगी में उसी गांव में फिर जन्म लेते हैं और एक-दूसरे से मिलते हैं – यही वजह है कि फिल्म का नाम रखा गया ‘सनम फिर मिलेंगे’।
बॉलीवुड सितारों से सजी फिल्म की स्टारकास्ट
इस फिल्म में करण मलिक लीड एक्टर के रूप में नजर आएंगे और उनके साथ नई एक्ट्रेस होंगी। फिल्म के अन्य कलाकार बॉलीवुड के बड़े नाम हैं-अजय देवगन की स्पेशल अपीयरेंस, बॉक्सर विजेंदर सिंह पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका में, आशुतोष राणा गेस्ट रोल में, जबकि यशपाल शर्मा एक्टर के पिता की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा यश टोंक, शहबाज खान, मुश्ताक खान, दयाल सिंह और बिंदू धारा सिंह भी अहम किरदारों में हैं। सात गाने रिकॉर्ड, मशहूर सिंगर्स ने दी आवाज
‘सनम फिर मिलेंगे’ के अब तक सात गाने रिकॉर्ड हो चुके हैं। इनमें जावेद अली, शान, पलक मुछाल, जानवी और अंतरा मित्रा जैसे मशहूर सिंगर्स ने अपनी आवाज दी है। फिल्म के म्यूजिक को लेकर इंडस्ट्री में पहले से चर्चा है।
भिवानी में शहीद सैनिक का अंतिम संस्कार आज:छुट्टी काट कर 2 महीने पहले ड्यूटी पर गए थे; पत्नी भी साथ थी
भिवानी में शहीद सैनिक का अंतिम संस्कार आज:छुट्टी काट कर 2 महीने पहले ड्यूटी पर गए थे; पत्नी भी साथ थी भिवानी के गांव खरकड़ी माखवान निवासी एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) के जवान अनिल कुमार उत्तराखंड में शहीद हो गए। दिवाली पर्व पर अनिल की शहादत की सूचना से परिवार में मातम है। उनकी पार्थिव देह आज गांव में पहुंचेगी। उनका गांव में ही राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। जानकारी अनुसार, अनिल कुमार सशस्त्र सीमा बल की 55वीं वाहिनी में तैनात थे और उनकी ड्यूटी उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में थी। अनिल कुमार के चचेरे भाई अनिल ने बताया कि शनिवार-रविवार की रात को गश्त के दौरान अनिल कुमार का पांव फिसल गया, जिसके कारण वे खाई (नाले) में गिर गए। इस दौरान उनके सिर में चोट लग गई और वे शहीद हो गए। दो साल पहले हुई थी शादी अनिल के परिजनों ने बताया कि वे 10 जुलाई 2012 को एसएसबी में भर्ती हुए थे। करीब दो महीने पहले वे छुट्टी पर घर आए हुए थे और छुट्टी के बाद 2 महीने पहले ही ड्यूटी पर गए थे। अनिल कुमार की करीब 2 साल पहले शादी हुई थी और उनकी पत्नी भी उनके साथ ही रहती थी। पिता की हो चुकी है मौत अनिल कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके पिता कृष्ण कुमार एक किसान थे, जिनकी मौत करीब 4-5 साल पहले हो चुकी है। गांव खरकड़ी माखवान के सरपंच राजेश कुमार ने बताया कि रविवार को गांव में सूचना मिली थी कि अनिल कुमार ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए हैं। उनका पार्थिव शरीर सोमवार को गांव पहुंचेगा, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अनिल कुमार के बड़े भाई सुनील कुमार पार्थिव शरीर के साथ उत्तराखंड से आएंगे।
हरियाणा के 2808 प्राइवेट स्कूलों को राहत देगी सरकार:अस्थाई को एक्सटेंशन, जुर्माना हो सकता है माफ; सीएम ने अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
हरियाणा के 2808 प्राइवेट स्कूलों को राहत देगी सरकार:अस्थाई को एक्सटेंशन, जुर्माना हो सकता है माफ; सीएम ने अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट हरियाणा के प्राइवेट स्कूलों को सरकार राहत दे सकती है। सरकार स्कूल सोसाइटियों पर लगाए गए जुर्माने को माफ करने और अस्थाई स्कूलों को एक्सटेंशन लेटर जारी करने के फैसले पर विचार कर रही है। सीएम नायब सैनी ने भी इस मामले में अधिकारियों से विचार-विमर्श करने के लिए कहा है। दरअसल, हरियाणा के प्राइवेट स्कूलों की अपनी इन मांगों को लेकर निजी स्कूल संघ का प्रतिनिधिमंडल हाल ही में सीएम नायब सैनी से चंडीगढ़ स्थित सीएम हाउस में मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने सीएम को विभिन्न मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान की अपील की थी। सीएम ने भी उनकी मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया था। 2808 स्कूलों से संबंधित मांगे सीएम सैनी ने अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया था कि अन्य लंबित मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार कर जल्द ही समाधान किया जाएगा। सीएम से मुलाकात के दौरान संघ प्रदेश सचिव प्रदीप पूनिया और पैटर्न महावीर यादव ने बताया कि ज्ञापन में 2808 स्कूलों से संबंधित कई अहम मांग उठाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार से एमआईएस पोर्टल को दोबारा खोलने की मांग की गई, ताकि स्कूलों की तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें दूर की जा सके। साथ ही, स्कूल सोसाइटियों पर लगाए गए जुर्माने को माफ करने और अस्थाई स्कूलों को एक्सटेंशन लेटर जारी करने का आग्रह किया गया। सीएम तक पहुंची ये भी मांगे प्राइवेट स्कूलों के प्रतिनिधिमंडल ने चिराग योजना, 134-ए और आरटीई के तहत मिलने वाली राशि को समय पर जारी करने की भी मांग रखी। इसके अलावा, स्कूलों को बसों पर टैक्स समाप्त करने, बसों की आयु सीमा बढ़ाने, स्कूलों में सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी देने, बिजली बिल को एनडीएस की बजाय डीएस कैटेगरी में करने तथा महापुरुषों की जयंती पर छुट्टी देने या न देने का अधिकार स्कूलों को देने जैसी मांगें भी ज्ञापन में शामिल थीं। सीएम ने जताई संवेदनशीलता सीएम सैनी ने संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र के सुधार और निजी स्कूलों के हितों को लेकर संवेदनशील है। स्कूल सोसाइटियों का जुर्माना माफ करने और अस्थाई स्कूलों को वैध विस्तार देने का निर्णय सरकार स्तर पर लिया जाएगा, ताकि शिक्षा व्यवस्था पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े। उन्होंने अन्य मांगों पर भी अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार कर जल्द निर्णय लेने के निर्देश दिए।
