हिमाचल के स्कूलों में डिजिटल क्रांति: 777 सरकारी संस्थानों में स्मार्ट क्लास, 142 करोड़ की परियोजना से बदलेगा पढ़ाई का तरीका

हिमाचल के स्कूलों में डिजिटल क्रांति: 777 सरकारी संस्थानों में स्मार्ट क्लास, 142 करोड़ की परियोजना से बदलेगा पढ़ाई का तरीका

हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के 777 सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम स्थापित किए जाएंगे, जिससे छात्रों को अब पारंपरिक ब्लैकबोर्ड की जगह स्मार्ट और इंटरैक्टिव माध्यम से पढ़ाई का अनुभव मिलेगा। यह परियोजना न केवल तकनीकी बदलाव लाएगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखती है।

इस पहल को समग्र शिक्षा अभियान के तहत लागू किया जा रहा है, जिसमें बीएसएनएल तकनीकी भागीदार के रूप में काम करेगा। दोनों के बीच 30 अप्रैल 2026 को सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसके बाद अब वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 142.38 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

स्मार्ट टेक्नोलॉजी से लैस होंगे स्कूल

इस परियोजना के तहत चयनित स्कूलों में अत्याधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। हर क्लासरूम में इंटरेक्टिव स्मार्ट पैनल लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से शिक्षक डिजिटल कंटेंट के जरिए पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा यूपीएस, हाई-डेफिनिशन वीडियो कैमरा (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए), ऑडियो सिस्टम, कंप्यूटर और डेस्कटॉप जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

छात्रों के लिए डीटीएच आधारित शैक्षणिक टीवी, मल्टी-फंक्शन प्रिंटर, मेटैलिक पोडियम और अतिरिक्त स्टाइलस जैसी सुविधाएं भी होंगी। इसके साथ ही लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS), कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) और मोबाइल ऐप व वेबसाइट के माध्यम से डिजिटल कंटेंट तक 24×7 पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।

कहीं भी, कभी भी पढ़ाई

नई व्यवस्था के तहत छात्र केवल स्कूल तक सीमित नहीं रहेंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए वे घर पर भी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। इससे खासकर दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों के छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा, जहां शिक्षण संसाधनों की कमी अक्सर महसूस की जाती है।

शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण

सिर्फ तकनीक उपलब्ध कराना ही इस योजना का उद्देश्य नहीं है, बल्कि उसके प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया है। शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को डिजिटल उपकरणों के संचालन और उपयोग का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे वे नई तकनीक के अनुरूप खुद को ढाल सकेंगे और छात्रों को बेहतर तरीके से पढ़ा पाएंगे।

पांच साल तक पूरी जिम्मेदारी बीएसएनएल की

इस परियोजना की खास बात यह है कि भारत संचार निगम लिमिटेड को केवल उपकरण लगाने तक सीमित नहीं रखा गया है। अगले पांच वर्षों तक वह इन डिजिटल क्लासरूम का संचालन, रखरखाव, इंटरनेट कनेक्टिविटी और उपकरणों का बीमा भी सुनिश्चित करेगा। इससे स्कूलों को तकनीकी समस्याओं से जूझना नहीं पड़ेगा और सिस्टम लगातार सुचारू रूप से चलता रहेगा।

शिक्षा में आएगा बड़ा बदलाव

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर काफी बेहतर होगा। छात्रों को निजी स्कूलों जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और सीखने की प्रक्रिया अधिक रोचक व इंटरैक्टिव बनेगी।

यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में राज्य के छात्रों को नई संभावनाओं से जोड़ने का काम करेगी।