इजराइल और ईरान के बीच जारी टकराव ने अब पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में ले लिया है। हालात इतने बिगड़ गए कि इसका सीधा असर दुबई, खाड़ी देश और भारत की अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं पर देखने को मिला।
दुबई में हाई अलर्ट, बुर्ज खलीफा खाली
दुबई में Burj Khalifa के आसपास ड्रोन हमले की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। एहतियात के तौर पर दुनिया की सबसे ऊंची इमारत को तुरंत खाली कराया गया और उसकी लाइटिंग भी बंद कर दी गई। पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।
दुबई के दोनों बड़े एयरपोर्ट्स पर उड़ानें रुकीं
हमले के बाद Dubai International Airport और अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी फ्लाइट ऑपरेशंस को अगले आदेश तक रोक दिया गया। यात्रियों को एयरपोर्ट न पहुंचने और अपनी एयरलाइन से सीधे अपडेट लेने की सलाह दी गई है।
कई देशों ने बंद किया एयरस्पेस
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए UAE, कतर, बहरीन और कुवैत ने अस्थायी रूप से अपने एयरस्पेस बंद कर दिए। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को फ्लाइट्स कैंसिल करने, रूट बदलने या सेवाएं स्थगित करने का फैसला लेना पड़ा।
एयर इंडिया की यूरोप-अमेरिका उड़ानें रद्द
Air India ने घोषणा की कि 1 मार्च को लंदन, टोरंटो, फ्रैंकफर्ट, पेरिस और शिकागो के लिए उसकी सभी निर्धारित उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। DGCA ने भी भारतीय एयरलाइंस को 11 संवेदनशील देशों के एयरस्पेस से बचने की एडवाइजरी जारी की है।फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के अनुसार, एक बोइंग 777 विमान पांच घंटे से अधिक समय तक हवा में रहा, लेकिन सऊदी अरब के एयरस्पेस के पास पहुंचकर उसे वापस लौटना पड़ा।
एयरलाइंस बोलीं— हालात पर नजर
एयर इंडिया ने कहा कि वह सुरक्षा हालात का लगातार मूल्यांकन कर रही है और जरूरत पड़ने पर फ्लाइट ऑपरेशन में पहले से बदलाव किए जाएंगे। इंडिगो ने भी ईरान और आसपास के क्षेत्र से जुड़े अपडेट्स पर करीबी निगरानी की बात कही है।
विदेशों में फंसे भारतीयों की चिंता
- इजराइल में 40 हजार से ज्यादा भारतीय मौजूद हैं, जिन्हें दूतावास में पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है।
- ईरान में 9–10 हजार भारतीय हैं, जिनमें बड़ी संख्या कश्मीर के मेडिकल छात्रों की है।
- कई छात्रों ने वीडियो जारी कर तुरंत मदद और निकासी की मांग की है।
- जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
दूतावास ने 23 फरवरी को ही ईरान छोड़ने की सलाह दी थी, लेकिन 5 मार्च को होने वाली अनिवार्य मेडिकल परीक्षाओं के चलते कई छात्र वहीं रुके रहे।
होर्मुज स्ट्रेट पर खतरे के बादल
ईरान ने रणनीतिक रूप से अहम Strait of Hormuz को बंद करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। खाड़ी में मौजूद जहाजों को रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ओर से चेतावनी संदेश भेजे गए हैं। यह संकरा जलमार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया की बड़ी तेल आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है, इसलिए इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई और कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है। इजराइल-ईरान संघर्ष अब केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर वैश्विक हवाई यातायात, तेल सप्लाई और लाखों यात्रियों की आवाजाही पर साफ दिखाई देने लगा है।



