देश के अलग-अलग हिस्सों में आज बकरीद का त्योहार पूरे जोश और अकीदत के साथ मनाया गया। सुबह होते ही ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज के लिए लोगों की भीड़ जुटी। नमाज के दौरान मुल्क में शांति, खुशहाली और बेहतर भविष्य की दुआ मांगी गई। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
ईद-उल-अजहा, जिसे बकरीद के नाम से जाना जाता है, इस्लाम धर्म का प्रमुख त्योहार माना जाता है। यह त्योहार त्याग और समर्पण का संदेश देता है। मुस्लिम समुदाय इस दिन अल्लाह की राह में कुर्बानी देकर अपनी आस्था जाहिर करता है। परंपरा के अनुसार 28 मई को ईद की नमाज अदा की गई, जबकि कुर्बानी का सिलसिला अगले दो दिनों तक भी जारी रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक हजरत इब्राहिम ने अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे हजरत इस्माइल की कुर्बानी देने का फैसला किया था। उनकी सच्ची नीयत और समर्पण को देखकर अल्लाह ने बेटे की जगह एक जानवर कुर्बान होने के लिए भेज दिया। तभी से ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी की परंपरा निभाई जाती है।
इस मौके पर धर्मगुरुओं ने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है। खासतौर पर साफ-सफाई और सोशल मीडिया पर संयम बरतने को लेकर भी सलाह दी गई है।
त्योहार के दौरान इन बातों का रखें ख्याल
- नमाज तय स्थानों पर ही अदा करें।
- कुर्बानी के समय स्वच्छता बनाए रखें।
- कानूनी रूप से मान्य जानवरों की ही कुर्बानी दें।
- फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से बचें।
- नगर निगम के निर्देशों के अनुसार अवशेषों का निपटान करें।
- त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाएं।



