मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया है कि आम आदमी पार्टी से कुछ राज्यसभा सदस्यों के अलग होने से पार्टी या सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 94 विधायकों का मजबूत समर्थन उनके साथ है और सभी विधायक एकजुट होकर काम कर रहे हैं।
बुधवार को जालंधर में आयोजित पार्टी ऑब्जर्वरों की बैठक को मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा विधायकों के टूटने की जो बातें कही जा रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर जरूरत पड़ी तो सरकार विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लाकर अपना बहुमत साबित कर सकती है।
इस बीच, चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान मान ने दोहराया कि पार्टी पूरी तरह संगठित है और किसी भी तरह की राजनीतिक अफवाहों से घबराने वाली नहीं है।
जालंधर के सिटी इंस्टीट्यूट में हुई बैठक को खास माना जा रहा था, खासकर कुछ नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद। हालांकि बैठक में इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों जैसे ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी के तहत यह अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि AAP के विधायक दूसरी पार्टियों के संपर्क में हैं।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने भी कहा कि यह बैठक पहले से तय थी और इसका हालिया घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 15 हजार ऑब्जर्वर हैं, जिन्हें आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षित किया जा रहा है।




