जालंधर की राजनीति में नई हलचल: विधायक रमन अरोड़ा को फिर मिली सुरक्षा

जालंधर की राजनीति में नई हलचल: विधायक रमन अरोड़ा को फिर मिली सुरक्षा

जालंधर सेंट्रल हलके की राजनीति में हालिया घटनाक्रमों के बाद माहौल काफी गरम हो गया है। इसी बीच रमन अरोड़ा को लगभग एक साल बाद फिर से सरकारी सुरक्षा मिलने से सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पिछले कुछ समय से विजिलेंस जांच का सामना कर रहे अरोड़ा को 354 दिनों बाद दोबारा सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए गए हैं। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या यह उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी का संकेत है।

इस बीच सेंट्रल हलके में नितिन कोहली की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं, जो अरोड़ा की अनुपस्थिति में सक्रिय नजर आ रहे थे। राजनीतिक समीकरण उस समय और बदल गए जब अशोक मित्तल ने हाल ही में राघव चड्ढा के साथ भाजपा का दामन थाम लिया।

जालंधर की स्थानीय राजनीति में मित्तल का खासा प्रभाव रहा है और नितिन कोहली को आगे लाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। ऐसे में उनके दल बदलने के बाद सियासी समीकरणों में बदलाव स्वाभाविक माना जा रहा है।

हाल ही में नितिन कोहली और मेयर वनीत धीर ने दिल्ली में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी, लेकिन इसके तुरंत बाद रमन अरोड़ा को सुरक्षा मिलने से राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में जालंधर की राजनीति किस दिशा में जाती है।