हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में डिजिटल प्रशासन और नागरिक सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं सुशासन विभाग (DTG) की खुलकर सराहना की है। राज्य की कई ई-गवर्नेंस परियोजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे हिमाचल के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि तकनीक के माध्यम से आम लोगों तक पारदर्शी, तेज और जवाबदेह सेवाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
सरकारी बयान के अनुसार विभाग की महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल ‘हिमपरिवार’ को देशभर में सराहना मिली है। इस परियोजना को ‘द इकोनॉमिक टाइम्स की ओर से ‘ईटी गवटेक अवॉर्ड 2026’ में ‘सर्वश्रेष्ठ राज्य स्तरीय ई-गवर्नेंस पहल’ श्रेणी में रजत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन परियोजनाओं को दिया जाता है, जिन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने में अहम भूमिका निभाई हो।
इसके अलावा विभाग द्वारा विकसित ‘सर्वे प्लेटफॉर्म’ को भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई है। इस प्लेटफॉर्म को ई-गवर्नेंस क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए SKOCH Group के प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवॉर्ड 2025’ से नवाजा गया। डिजिटल प्रशासन और सेवा वितरण के क्षेत्र में यह सम्मान काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
इतना ही नहीं, विभाग की अन्य प्रमुख पहलों जैसे ‘हिमपरिवार’, ‘हिमएक्सेस सिंगल साइन-ऑन (SSO)’ और ‘सर्वे प्लेटफॉर्म’ को भी स्कॉच समूह की ओर से ‘स्कॉच ऑर्डर ऑफ मेरिट’ सम्मान प्राप्त हुआ है। इन उपलब्धियों को हिमाचल प्रदेश की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार तकनीक और नवाचार को शासन व्यवस्था का मजबूत आधार बना रही है। उनका कहना था कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और आम लोगों के लिए सुलभ बनाया जा रहा है ताकि नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें समय पर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन पहलों से सरकार और जनता के बीच विश्वास मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।
जानकारों का मानना है कि ‘हिमपरिवार’ और सिंगल साइन-ऑन जैसी योजनाएं सरकारी सेवाओं को एकीकृत करने की दिशा में बड़ा कदम हैं। इससे नागरिकों को अलग-अलग विभागों की सेवाओं के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने या अलग पोर्टल पर पंजीकरण कराने की आवश्यकता कम होगी।
राज्य सरकार अब इन डिजिटल पहलों को गांव स्तर तक मजबूत करने की तैयारी में है, ताकि दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी ऑनलाइन सेवाओं का पूरा लाभ मिल सके।



