पंजाब में समय से पहले बढ़ी गर्मी ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। तापमान में लगातार इजाफे के कारण बिजली की मांग में अचानक तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो अप्रैल महीने के लिए अब तक के उच्चतम स्तरों में से एक मानी जा रही है।
बिजली विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 15 अप्रैल को जहां राज्य की अधिकतम मांग करीब 7,900 मेगावॉट थी, वहीं कुछ ही दिनों में यह बढ़कर 12,000 मेगावॉट के पार पहुंच गई। इतनी तेजी से बढ़ती मांग ने सप्लाई सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पैदा कर दिया है।
संजीव अरोड़ा ने बताया कि पहले से निर्धारित मरम्मत कार्यों के चलते कुछ इलाकों में नियोजित कटौती करनी पड़ी, जिससे लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि अब सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं और बिजली कटौती को अधिकतम चार घंटे तक सीमित रखने का फैसला किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस समय खेती से जुड़ी गतिविधियां भी बिजली की खपत बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। फसलों की कटाई और सब्जियों की खेती के लिए लगातार बिजली की जरूरत बनी हुई है।
साथ ही, औद्योगिक इकाइयों को रात के समय सीधे बिजली खरीदने की अनुमति देकर दिन के दौरान ग्रिड पर दबाव कम करने की कोशिश की जा रही है। सरकार का दावा है कि इन उपायों से आम लोगों को राहत मिलेगी और बिजली आपूर्ति को संतुलित रखा जा सकेगा।




