उत्तर भारत में भीषण गर्मी अब लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। दिल्ली-एनसीआर में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, ऐसे में ठंडे पेय, आइसक्रीम और चॉकलेट की मांग तेजी से बढ़ी है। लेकिन इन्हीं चीजों के दाम अब लगातार ऊपर जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को झटका लग रहा है।
दरअसल, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर भारत की सप्लाई चेन पर साफ दिखाई देने लगा है। कंपनियों के मुताबिक, कच्चे माल की लागत बढ़ने और आयात में देरी के कारण प्रोडक्ट्स महंगे हो रहे हैं। चॉकलेट और आइसक्रीम में इस्तेमाल होने वाले कोको, नट्स और सूखे मेवे ज्यादातर विदेशों से मंगाए जाते हैं, जिनकी कीमतों में हाल के महीनों में तेज उछाल आया है।
ड्राई फ्रूट्स कारोबारियों का कहना है कि पिछले दो महीनों में ही सूखे मेवों के दाम 20 से 22 फीसदी तक बढ़ चुके हैं। समुद्री रास्तों पर बढ़े किराए और बीमा लागत ने आयात को महंगा कर दिया है, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ रहा है।
उधर, तेल की कीमतों में तेजी के कारण प्लास्टिक और पैकेजिंग सामग्री भी महंगी हो गई है। इससे प्रोडक्ट की कुल लागत और बढ़ गई है, जिसका बोझ आखिरकार ग्राहकों को उठाना पड़ रहा है।
आइसक्रीम कंपनियां भी इस दबाव से अछूती नहीं हैं। कुछ ब्रांड्स ने अपने उत्पादों की कीमतों में करीब 10 फीसदी तक इजाफा कर दिया है, जबकि अन्य कंपनियां भी जल्द दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं। ऐसे में इस गर्मी में ठंडक पाने के लिए अब पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।




