जीरकपुर में पटाखा बनाते समय विस्फोट:एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलसा, चंडीगढ़ भेजा गया, बुरी तरह से झुलसा

जीरकपुर में पटाखा बनाते समय विस्फोट:एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलसा, चंडीगढ़ भेजा गया, बुरी तरह से झुलसा जीरकपुर की चौधरी कॉलोनी में दिवाली वाले दिन पटाखों में बारूद भरते समय अचानक विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। व्यक्ति की पहचान सूरज नाम के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित अस्पताल रेफर कर दिया गया है। मरीज की हालत नाजुक बताई जा रही है।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। विस्फोट के कारणों का पता लगाया जा रहा है। बारूद से शरीर पूरी तरह झुलसा
बारूद के धमाके से उसका शरीर पूरी तरह झुलस गया। लोगों के मुताबिक यह धमाका उस समय हुआ; पूरे इलाके में दहशत फैल गई। उस दौरान वह व्यक्ति धमाके की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। धमाका इतना भयंकर था कि उसके कपड़े तक जल गए, उसके हाथ बुरी तरह झुलस गए और शरीर से खून बहने लगा। वह जख्मी होकर घर की छत पर गिर गया। आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया।

दिल्ली में दमघोंटू हवा: दिवाली पर AQI 345 पहुंचा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में, 38 में से 34 स्टेशन रेड जोन में

दिल्ली में दमघोंटू हवा: दिवाली पर AQI 345 पहुंचा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में, 38 में से 34 स्टेशन रेड जोन में <p style=”text-align: justify;”>दिवाली के दिन सोमवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब हो गई और 38 निगरानी स्टेशन में से 34 पर प्रदूषण का स्तर &lsquo;रेड जोन&rsquo; में दर्ज किया गया, जो &lsquo;बहुत खराब&rsquo; से &lsquo;गंभीर&rsquo; वायु गुणवता दर्शाता है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शाम चार बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 345 था जो &lsquo;बहुत खराब&rsquo; श्रेणी में आता है, जबकि रविवार को यह 326 दर्ज किया गया था.</p>
<p style=”text-align: justify;”>केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के &lsquo;समीर&rsquo; ऐप के अनुसार, चार निगरानी स्टेशन ने पहले से ही वायु गुणवत्ता को &lsquo;गंभीर&rsquo; श्रेणी में बताया, जिसमें एक्यूआई का स्तर 400 से ऊपर था. इसमें द्वारका में एक्यूआई 417, अशोक विहार में 404, वजीरपुर में 423 और आनंद विहार में 404 में दर्ज किया गया.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>38 </strong><strong>&nbsp;स्थानों पर बेहद खराब </strong><strong>AQI</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>दिल्ली में करीब 30 निगरानी स्टेशन ने एक्यूआई को &lsquo;बहुत खराब&rsquo; श्रेणी में बताया जिसमें इसका स्तर 300 से ऊपर था. आंकड़ों के अनुसार, दोपहर में 38 निगरानी स्टेशन में से 31 पर वायु गुणवत्ता &lsquo;बहुत खराब&rsquo; श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि तीन स्टेशन में यह &lsquo;गंभीर&rsquo; श्रेणी में थी.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>अगले दो दिन को लेकर अलर्ट </strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>दिल्ली में मंगलवार और बुधवार को वायु गुणवत्ता के &lsquo;गंभीर&rsquo; श्रेणी में पहुंच जाने की आशंका है. शून्य से 50 के बीच एक्यूआई &lsquo;अच्छा&rsquo;, 51 से 100 के बीच &lsquo;संतोषजनक&rsquo;, 101 से 200 के बीच &lsquo;मध्यम&rsquo;, 201 से 300 के बीच &lsquo;खराब&rsquo;, 301 से 400 के बीच &lsquo;बहुत खराब&rsquo; और 401 से 500 के बीच &lsquo;गंभीर&rsquo; माना जाता है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>दूसरे चरण के प्रतिबंध लागू </strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>निर्णय समर्थन प्रणाली (डीएसएस) के आंकड़ों से पता लगा है कि दिल्ली में सोमवार को वायु प्रदूषण में परिवहन उत्सर्जन का योगदान 15.6 प्रतिशत रहा, जबकि उद्योगों सहित अन्य कारकों का योगदान 23.3 प्रतिशत था. इससे पहले, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर में चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना (जीआरएपी) के दूसरे चरण के प्रतिबंध लागू कर दिए.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>कोर्ट ने शर्तों के साथ दी थी अनुमति </strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>उच्चतम न्यायालय ने 15 अक्टूबर को कुछ शर्तों के साथ दिल्ली-एनसीआर में हरित पटाखों की बिक्री और उनके इस्तेमाल की अनुमति दे दी थी. इसके तहत दिवाली से एक दिन पहले और त्योहार के दिन सुबह छह बजे से शाम सात बजे के बीच और फिर रात आठ बजे से 10 बजे तक हरित पटाखे फोड़ने की अनुमति दी गई थी.</p>

भारत ने एक्सपोर्ट किया 2.7 मिलियन टन चावल:पाकिस्तान से छह गुना आगे, 170 देशों में बासमती की खुशबू

भारत ने एक्सपोर्ट किया 2.7 मिलियन टन चावल:पाकिस्तान से छह गुना आगे, 170 देशों में बासमती की खुशबू भारत ने बासमती एक्सपोर्ट के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम किया है। इस साल अप्रैल से अगस्त तक के सिर्फ पांच महीनों में देश ने 2.7 मिलियन टन बासमती चावल एक्सपोर्ट किया, जो पिछले साल के मुकाबले चार लाख टन ज्यादा है। जहां पाकिस्तान महज एक मिलियन टन बासमती एक्सपोर्ट करता है, वहीं भारत छह मिलियन टन से अधिक एक्सपोर्ट कर रहा है। इस बार एक्सपोर्टर्स ने 6.5 मिलियन टन का लक्ष्य रखा है। विश्वभर में बासमती के उत्पादन और एक्सपोर्ट की बात करें तो यह केवल दो देशों- भारत और पाकिस्तान तक सीमित है। लेकिन एक्सपोर्ट की मात्रा में भारत, पाकिस्तान से छह गुना आगे निकल चुका है। पाकिस्तान हर साल केवल एक मिलियन टन बासमती चावल एक्सपोर्ट करता है, जबकि भारत 6 मिलियन टन तक का निर्यात कर चुका है। अब इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में लक्ष्य 6.5 मिलियन टन तक पहुंचने का रखा गया है। हरियाणा का कितना और करनाल का कितना योगदान सतीश गोयल ने बताया कि एक्सपोर्ट में 35-40% योगदान हरियाणा का है। इसमें अगर करनाल जिले की बात की जाये तो वह करीब 70 प्रतिशत है। वही अमेरिका को टोटल वॉल्यूम का 5 प्रतिशत भी एक्सपोर्ट नहीं होता। जैसा कि अमेरिका ने जबरदस्ती हमारे ऊपर 50% का टेरिफ लगा दिया, अगर अमेरिका चावल नहीं भी लेगा तो भी हमारे एक्सपोर्टर्स को या फार्मर को चिंता करने की जरूरत नहीं है। अगर अमेरिका को 2 या अढ़ाई लाख टन माल नहीं जाएगा तो भी कोई असर नहीं। U.S टेरिफ़ के बाद हमने नई नई कंट्रीज की तलाश शुरू कर दी है। हाल ही में भारत सरकार के साथ हमारी एसोसिएशन जापान गई थी और उम्मीद है कि जापान के लोगों को भी हमारे बासमती चावल की महक पसंद आएगी। हमारा जितना भी टारगेट है उसको हम अचीव करेंगे। बासमती सिर्फ 2 ही देशों के पास है-हिंदुस्तान और पाकिस्तान। पाकिस्तान हमारे सामने बच्चा है। अगर सरकार की भूमिका की बात करे तो बीते दस सालों में हमारा एक्सपोर्ट दोगुना हो चुका है-क़ीमत वाइज भी और कवांटिटी वाइज भी।
बासमती फ़सल का हर साल होता है सेटेलाइट सर्वेंकरनाल के नूर महल में राइस एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन की जरनल बॉडी की मीटिंग हुई थी। जिसकी अध्यक्षता अपेडा के चेयरमैन अभिषेक देव ने की थी। इस मीटिंग में पुरे हिंदुस्तान के 150 से पौने 200 एक्सपोर्टस शामिल हुए थे। पुरे देश में जो बासमती की फ़सल पैदा होती हैं, उसका एक सर्वें करवाया जाता है, यह सर्वें सेटेलाइट से भी होता है और फीड सर्वें भी होता है, यह सर्वें अवनिक कंपनी द्वारा किया गया था, जिसको हमने हायर किया था। उसकी जो रिपोर्ट सामने आई है, उसके अनुसार पंजाब में फल्ड के कारण तो थोड़ा नुकसान जरूर हुआ था, लेकिन ओवरआल डाटा देखे तो ज्यादा नुकसान नहीं है, वह केवल एक प्रतिशत है।

पांच महीनों में 4 लाख टन की बढ़ोतरी दर्ज ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रेजीडेंट सतीश गोयल के अनुसार, 1 अप्रैल से 30 अगस्त 2025 तक 2.7 मिलियन टन बासमती चावल का एक्सपोर्ट हुआ, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 2.3 मिलियन टन एक्सपोर्ट किया गया था। यानी केवल पांच महीनों में चार लाख टन की वृद्धि दर्ज हुई। यह भारत के बासमती उद्योग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। पिछले साल तोड़ा गया एक्सपोर्ट का रिकॉर्ड साल 2024-25 में भारत ने बासमती एक्सपोर्ट के क्षेत्र में ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। उस वित्तीय वर्ष में 6 मिलियन टन बासमती का एक्सपोर्ट हुआ, जबकि उससे पिछले साल यानी 2023-24 में यह आंकड़ा केवल 5 मिलियन टन था। यानी एक ही साल में एक मिलियन टन की बढ़ोतरी दर्ज हुई। उद्योग के जानकारों के मुताबिक, सरकारी नीतियों और अंतरराष्ट्रीय मांग में लगातार वृद्धि की वजह से एक्सपोर्ट में यह उछाल आया है। अमेरिका में टैरिफ बढ़ाए जाने के बावजूद बना रहेगा एक्सपोर्ट स्तर अमेरिका में टैरिफ बढ़ने के बावजूद भारतीय बासमती की मांग में कोई गिरावट नहीं आई है। पिछले वर्ष जहां टैरिफ लागू नहीं था, तब भी भारत ने 2 लाख 70 हजार टन एक्सपोर्ट किया था। अब टैरिफ लगने के बावजूद राइस एक्सपोर्टर्स को उम्मीद है कि इस वर्ष भी उतनी ही मात्रा यानी 2 लाख 70 मिलियन टन बासमती अमेरिका भेजा जाएगा। 170 देशों तक पहुंची भारतीय बासमती की खुशबू सतीश गोयल के अनुसार, भारत का बासमती अब 170 देशों में एक्सपोर्ट किया जा रहा है। इनमें सऊदी अरब, ईरान और इराक प्रमुख देश हैं। अकेले सऊदी अरब में हर साल करीब 1 मिलियन टन बासमती चावल भेजा जाता है, जबकि ईरान और इराक मिलाकर 2 मिलियन टन का एक्सपोर्ट होता है। इन तीन देशों में कुल 3 मिलियन टन चावल की डिलीवरी होती है, जो भारत के कुल एक्सपोर्ट का लगभग आधा हिस्सा है। सरकारी नीतियों से बढ़ी एक्सपोर्ट क्षमता बासमती एक्सपोर्ट में इस तेजी का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को दिया जा रहा है। राइस एक्सपोर्टर्स के अनुसार, केंद्र सरकार की अनुकूल नीतियों, स्थिर विदेशी व्यापार नीति और क्वालिटी कंट्रोल पर फोकस के कारण भारत ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी साख मजबूत की है। यही कारण है कि आज भारत 170 देशों में बासमती का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर बनकर उभरा है। अगले साल 6.5 मिलियन टन का लक्ष्य तय 2025-26 में भारत ने 6.5 मिलियन टन बासमती एक्सपोर्ट करने का टारगेट रखा है। राइस एक्सपोर्टर्स को भरोसा है कि मौजूदा रफ्तार को देखते हुए यह लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं होगा। बढ़ती वैश्विक मांग, क्वालिटी में सुधार और सरकार की नीतिगत स्थिरता से बासमती उद्योग को लगातार बूस्ट मिल रहा है।

पंजाब की फर्म को आवंटित पराला CA-स्टोर के टेंडर कैंसिल:भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पलटा फैसला; एक साल तक व्हाइट एलिफेंट साबित होगा

पंजाब की फर्म को आवंटित पराला CA-स्टोर के टेंडर कैंसिल:भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पलटा फैसला; एक साल तक व्हाइट एलिफेंट साबित होगा हिमाचल प्रदेश के मार्केटिंग बोर्ड पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद पराला सीए (कंट्रोल्ड एट्मोसफेयर) स्टोर और खड़ा-पत्थर में कलेक्शन सेंटर के टेंडर रद्द कर दिए गए हैं। मार्केटिंग बोर्ड ने करीब 75 करोड़ रुपए की लागत से बने ये स्टोर मात्र 3 करोड़ 36 लाख रुपए सालाना किराए पर पंजाब की एक फर्म को 10 साल की लीज पर दे दिए थे। इसके बाद, मार्केटिंग बोर्ड पर टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगे। यह मामला BJP विधायक रणधीर शर्मा ने विधानसभा के मानसून सत्र में भी उठाया। भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद सरकार ने टेंडर प्रक्रिया की जांच करवाई। प्रारंभिक जांच के बाद बोर्ड ने पुराने टेंडर कैंसल कर नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित करने का फैसला लिया है। टेंडर प्रक्रिया में 2 फर्म आई थी। आखिर में पराला- खड़ा-पत्थर के सीए स्टोर व क्लेक्शन सेंटर 3 करोड़ 36 लाख रुपए में पंजाब की अरमान इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए। मगर मार्केटिंग बोर्ड पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद कंपनी को स्टोर का कब्जा और अलॉटमेंट एग्रीमेंट नहीं दिया गया। बागवानों के लिए कम के कम 50% चैंबर रिजर्व रखे जाए: शर्मा APMC (कृषि उपज विपणन समिति) शिमला-किन्नौर के पूर्व चेयरमैन नरेश शर्मा ने बताया- 75 करोड़ रुपए से बने सरकारी सीए स्टोर को मात्र 3.36 करोड़ रुपए के किराए पर देना सरेआम लूट है। उन्होंने इन कोल्ड स्टोर के दोबारा पारदर्शिता के साथ टेंडर करने की मांग की है। उन्होंने कहा- बागवानों को सीए स्टोर के लिए एक साल इंतजार करना होगा हिमाचल के सेब बागवान इस सीजन में बेसब्री से पराला और खड़ा-पत्थर सीए स्टोर का इंतजार कर रहे थे। मगर बोर्ड अधिकारियों की लापरवाही की वजह से इनका फायदा बागवानों को इस सीजन में नहीं मिल पाया। इसके लिए, अब बागवानों को अगले सेब सीजन का इंतजार करना पड़ेगा। यदि पराला व खड़ा-पत्थर सीए की टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी नहीं होती तो इस सीजन में सेब बागवान स्टोर में अपनी उपज को स्टोर कर पाते। या फिर निजी फर्म को अपना सेब अच्छे दाम पर बेचने की सुविधा मिलती। पुराने टेंडर कैंसिल, नए जल्द करेंगे: नेगी राज्य के मार्केटिंग बोर्ड के एमडी हेमिस नेगी ने बताया- पुराने टेंडर कैंसिल कर दिए गए हैं। अब नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित की जाएगी। जल्द की यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि बागवानों को इसका फायदा मिल सके। सीए स्टोर की 5600 मीट्रिक टन क्षमता राज्य के मार्केटिंग बोर्ड ने पराला में 5600 मीट्रिक टन क्षमता का सीए स्टोर बनाया है, जिसमें 10 टन प्रति घंटे की ग्रेडिंग लाइन और खड़ा-पत्थर में एक आधुनिक कलेक्शन सेंटर भी शामिल है। सीए स्टोर और क्लेक्शन सेंटर इसी साल बनकर तैयार हुआ है। इसका निर्माण सेब बेल्ट में इसलिए किया गया ताकि बागवान अपनी सेब की फसल को इसमें स्टोर कर सके और मार्केट रेट अच्छा होने के बाद इसे बाजार में उतार सके।

जान दे दूंगी, तलाक नहीं दूंगी:दो शादी वालों की इज्जत नहीं होती; गोंडा में सुसाइड से पहले रोते हुए वीडियो बनाया

जान दे दूंगी, तलाक नहीं दूंगी:दो शादी वालों की इज्जत नहीं होती; गोंडा में सुसाइड से पहले रोते हुए वीडियो बनाया गोंडा में 30 साल की महिला ने घर में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मरने से पहले उसने रोते हुए 4 मिनट का वीडियो बनाया। इसमें वह पति की प्रताड़ना और बार-बार तलाक लेने का दबाव बनाने की बात कह रही है। रोते हुए कह रही- भले ही मर जाऊंगी, लेकिन तलाक नहीं दूंगी। मेरे पति मुझसे मोहब्बत भले न करते हों, लेकिन मैं उनसे हमेशा प्यार करती थी। करती हूं और करती रहूंगी। मुझे तलाक लेकर 10 लोगों के साथ नहीं रहना। एक के साथ रहने की तमन्ना थी। इसलिए ये कदम उठा रही हूं। मेरे बच्चे का ख्याल रखना, उसे खूब पढ़ाना लिखाना…। मामला नगर कोतवाली क्षेत्र का है। 2022 में हुई थी शादी इंदिरा नगर में रहने वाली नाजिया की शादी साल- 2022 में सिद्धार्थनगर निवासी इस्माइल के साथ हुई थी। इस्माइल अपने परिवार के साथ मुंबई में रहकर व्यापार करता है। थाने पहुंचे नाजिया के पिता मोहम्मद उस्मान ने रोते हुए बताया- शादी के बाद से ही इस्माइल मेरी बेटी को दहेज के लिए परेशान करने लगा था। बेटी हम लोगों से ये बातें छिपा लेती थी। वो तलाक लेने का दबाव बना रहा था। बुलेट गाड़ी और 2 लाख रुपए और लाने के लिए प्रताड़ित कर रहा था। दामाद बार-बार तलाक देने के लिए धमका रहा था। 9 अक्टूबर को नाजिया एक शादी में शामिल होने मुंबई से गोंडा आई थी। सोमवार सुबह भी उसका फोन पर झगड़ा हो रहा था। उसने कहा कि कपड़े बदलने के लिए कमरे में जा रही है। सुबह 9 बजे उसने फंदे से लटककर जान दे दी। काफी देर बाद जब दरवाजा नहीं खुला, तो हम लोगों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर मेरी बेटी पंखे के कुंडे के सहारे फंदे से लटकी मिली। हमने पुलिस को सूचना देकर बुलाया। पुलिस ने बेटी का फोन भी कब्जे में लिया, तो उसमें सुसाइड से पहले के वीडियो मिले। जिसमें मेरी बेटी ने रोते हुए अपना दर्द बताया है। पढ़िए 4 मिनट के वीडियो में नाजिया ने क्या कहा… मैं नाजिया इस्माइल शेख। मुझसे कोई गलती नहीं हुई, फिर भी मेरा पति मुझे तलाक देना चाहता है। वजह यह है कि मेरा भाई पति से एक मोबाइल लेकर आया था। अब पति पैसे मांग रहा है। अब मेरे पति को लग रहा है कि मैं अपने घरवालों की बात कर रही हूं। इसीलिए वो मुझे तलाक दे रहा है। मैं तलाक नहीं चाहती हूं, मैं एक ही आदमी के साथ जिंदगी बिताना चाहती हूं। इसके लिए मैं तलाक नहीं दे सकती, भले ही अपनी जान दे दूं। मेरे मरने के बाद कोई किसी को तकलीफ ना दे। मेरे बच्चे की हिफाजत करे। उसका अच्छा ख्याल रखे। पढ़ा-लिखाकर उसको बड़ा करे। लेकिन, मैं तलाक के मामले से नहीं गुजर सकती। मैं रिश्ते को नहीं बचा पाई
मैं अपने रिश्ते को बचाने के लिए पूरी तरीके से कोशिश कर चुकी हूं, लेकिन मैं नहीं बचा पा रही। मेरा आदमी इस बात पर अड़ा है कि मुझे तलाक देगा। मैं इसकी वजह से किसी को तकलीफ नहीं देना चाहती। इसीलिए मैं यह कदम उठा रही हूं। इसमें मेरे मम्मी-पापा, भाई-बहन किसी की गलती नहीं है। मेरे नसीब की गलती है। शायद मेरे नसीब में यही लिखा था। मैं एक की होकर जीना चाहती हूं, 10 के साथ नहीं रहना
नाजिया ने रोते हुए कहा- मैं एक की होकर रहना चाहती हूं, तलाक लेकर 10 लोगों के साथ नहीं रहना। मैंने देखा है कि जिनकी एक शादी होती है, उनकी इज्जत होती है। जिनकी दो या उससे ज्यादा शादियां होती हैं, उनकी कोई इज्जत नहीं करता। मेरे पति मेरे बच्चे को लेना चाहते हैं, लेकिन मैं बच्चे को देना नहीं चाहती। मैं भी उनके साथ रहना चाहती हूं। लेकिन, अब वो मुझसे तलाक लेना चाह रहे हैं। जबकि, मैं मेरे पति से हमेशा मोहब्बत करती थी, करती हूं और करती रहूंगी। मैं तलाक नहीं लेना चाहती। इसलिए मैं ये कदम उठा रही हूं। दुआ करना मुझे जन्नत नसीब हो। दुआओं में याद रखना…। ये वीडियो बनाने के बाद नाजिया ने अपने कमरे में खुद को बंद कर फांसी लगा ली। मृतका के पिता ने गोंडा के नगर कोतवाली में पति के खिलाफ प्रताड़ना की तहरीर दी है। नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया- नगर कोतवाली पुलिस जांच कर रही है। वीडियो का भी संज्ञान लिया गया है और तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा। ————————- ये खबर भी पढ़ें लखनऊ में कारोबारी की पत्नी की मौत, ससुरालवालों पर FIR; मां बोली- विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ताऊ, इसलिए कार्रवाई नहीं लखनऊ में कारोबारी की पत्नी की संदिग्ध हालात में मौत मामले में ससुरालवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। दरअसल, महिला की गर्दन पर चोट के निशान थे। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। मायके वालों का आरोप है कि पति ने 10 लाख के दहेज के लिए हत्या की और शव को अपोलो अस्पताल में छोड़कर भाग गया। पूरी खबर पढ़ें

THAR से आए, चाचा-भतीजे को मार डाला:ग्रेटर नोएडा में लाठी-डंडों से जमकर पीटा, 8 राउंड फायरिंग कर भागे

THAR से आए, चाचा-भतीजे को मार डाला:ग्रेटर नोएडा में लाठी-डंडों से जमकर पीटा, 8 राउंड फायरिंग कर भागे ग्रेटर नोएडा में नाली के झगड़े में चाचा-भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पहले दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। फिर एक पक्ष के लोगों ने गुस्से में दूसरे पक्ष पर फायरिंग कर दी। इसमें चाचा-भतीजे समेत एक अन्य युवक घायल हो गया। तीन लोगों को गोली लगते देख आरोपी थार और स्विफ्ट कार से भाग निकले। मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने चाचा-भतीजे को मृत घोषित कर दिया। युवक की हालत गंभीर है। घटना से नाराज घरवालों ने चौकी के सामने जीटी रोड पर सड़क जाम कर दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घरवालों से बात कर उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर वे शांत हुए। इसके बाद शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। मामला जारचा थाना क्षेत्र का है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला नाली को लेकर 19 अक्टूबर को भी हुआ था झगड़ा
प्रिंस भाटी और अजय पाल सेथली गांव में रहते हैं। दोनों पड़ोसी हैं। अजय पाल सीआईएसएफ से इसी साल मार्च में SI के पद से रिटायर हुए हैं। उनके बीच नाली से पानी निकालने को लेकर अक्सर झगड़ा होता रहता था। रविवार को भी उनके बीच कहासुनी और झगड़ा हुआ था। सोमवार सुबह प्रिंस भाटी ने अपने मामा के यहां से कुछ लड़कों को फोन करके बुला लिया। इसके बाद वे लोग स्विफ्ट और थार से आए। उन्होंने लाठी-डंडे और हथियार ले रखे थे। उन्होंने अजय पाल के घर के बाहर गाली-गलौज शुरू कर दी। अजय पाल और भतीजे दीपांशु ने अस्पताल में तोड़ा दम
अजय पाल और उसके परिवार के लोग विरोध करने के लिए जैसे ही बाहर आए, उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसी दौरान प्रिंस के लोगों ने अजय पाल और उसके परिवारवालों पर फायरिंग कर दी। 8 राउंड गोलियां चलीं। इस घटना में अजय पाल और उसके भतीजे दिपांशु भाटी को गोली लग गई। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घरवाले दोनों को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
अजय पाल और दीपांशु की मौत होने के बाद उनके घरवाले चौकी के पास पहुंचे। वे जीटी रोड पर धरने पर बैठ गए। सड़क जाम कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही जारचा थाने से पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजन से बात कर घटना की जानकारी ली। परिजन ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। अधिकारियों ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। आधे घंटे बाद वे माने। उनके जाने के बाद पुलिस ने जाम खुलवाया। डीसीपी साद मिया खान ने बताया- सेंथली चौकी इलाके में आज फायरिंग की घटना हुई। इसमें दीपांशु भाटी और अजय की मौत हो गई। परिजन की शिकायत पर प्रिंस भाटी, बॉबी तोमर और मनोज नागर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। घटना की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 4 टीमें बनाई गई हैं। कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपी पकड़े जाएंगे। ———————– ये खबर भी पढ़ें… जगुआर से 6 को रौंदने वाला करोड़पति कारोबारी का बेटा, डॉक्टर का दामाद, प्रयागराज में पुलिस ने कार से पकड़ा प्रयागराज में दिवाली मार्केट में जगुआर कार से 6 को कुचलने वाला शख्स रचित मध्यान नामी कारोबारी का बेटा और जानेमाने डॉक्टर का दामाद निकला। चौंकाने वाली बात यह है कि धूमनगंज थाना पुलिस ने देर रात मृतक प्रदीप पटेल के भाई दिलीप की तहरीर पर कार नंबर UP70 DQ 0070 के अज्ञात चालक के खिलाफ FIR दर्ज की। जबकि, पुलिस ने ही रचित को ड्राइविंग सीट से उठाकर एम्बुलेंस से हॉस्पिटल भेजा था। पढ़िए पूरी खबर

जहां राम सबसे ज्यादा रहे, वहां का ड्रोन VIDEO:लंका जीतने के बाद दिवाली मनाने यहीं आए; 50 लाख भक्त करते हैं कामदगिरि की परिक्रमा

जहां राम सबसे ज्यादा रहे, वहां का ड्रोन VIDEO:लंका जीतने के बाद दिवाली मनाने यहीं आए; 50 लाख भक्त करते हैं कामदगिरि की परिक्रमा चित्रकूट, जहां भगवान राम अपने 14 साल के वनवास के दौरान सबसे ज्यादा यहां रहे। मान्यता है, लंका पर विजय हासिल करने के बाद प्रभु श्रीराम ने चित्रकूट में आकर दीपदान किया था। इसी उपलक्ष्य में यहां 5 दिन का मेला लगता है। यहां पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है। देशभर से 50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु कामदगिरि की परिक्रमा करते हैं और मंदाकिनी तट पर पहुंचते हैं। लोग सती अनुसुइया, हनुमान धारा और सीता रसोई जैसे पौराणिक स्थलों के दर्शन भी करते हैं। जहां भगवान राम, माता सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ रुके। लोगों की श्रद्धा उन जगहों के साथ आज भी जुड़ी है। देखें VIDEO…

आज अखबार नहीं, UP की कल की 15 बड़ी खबरें:मंत्री बोले- योगीजी ने मेरी जान बचाई, बिना टोल के निकलीं 5 हजार गाड़ियां, चाचा-भतीजे की गोली मारकर हत्या

आज अखबार नहीं, UP की कल की 15 बड़ी खबरें:मंत्री बोले- योगीजी ने मेरी जान बचाई, बिना टोल के निकलीं 5 हजार गाड़ियां, चाचा-भतीजे की गोली मारकर हत्या आज नो न्यूज पेपर डे है। कल दिवाली थी। आज अखबार नहीं आएगा। लेकिन, आपको उत्तर प्रदेश की हर जरूरी खबर दैनिक भास्कर एप पर मिलेगी। पढ़िए, कल की 15 बड़ी खबरें… 1- योगी ने वनटांगियों के बीच मनाई दिवाली, चित्रकूट में 30 लाख लोग पहुंचे यूपी में सोमवार को धूमधाम से दिवाली मनाई गई। वाराणसी में मुस्लिम महिलाओं ने श्रीराम की आरती की। चित्रकूट में कामदगिरि परिक्रमा के लिए करीब 30 लाख श्रद्धालु पहुंचे। सीएम योगी ने गोरखपुर में वनटांगिया समाज के लोगों के साथ दिवाली मनाई। वह घर-घर जाकर लोगों से मिले और उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने अयोध्या पहुंचकर मलिन बस्तियों के लोगों से मुलाकात की। पढ़ें पूरी खबर 2- मंत्री निषाद बोले- अखिलेश सरकार में मुझे मारने की कोशिश हुई, योगीजी ने बचाया यूपी के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा- अखिलेश सरकार में मुझे जान से मारने की प्लानिंग थी। उन्होंने कहा रामभक्तों पर गोली चलवाने वालों ने हम पर भी गोली चलवाई थी। हमें जेल में मरवाने की कोशिश की गई। मेरा परिवार तब तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ के पास गया था। उन्होंने ही हमें बचाया। मंत्री निषाद सोमवार को गोरखपुर के वनटांगिया गांव पहुंचे थे। 3- ग्रेटर नोएडा में चाचा-भतीजे की गोली मारकर हत्या, पीटने के बाद 8 राउंड फायरिंग की ग्रेटर नोएडा में नाली के झगड़े में चाचा-भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पहले दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। फिर एक पक्ष के लोगों ने गुस्से में दूसरे पक्ष पर फायरिंग कर दी। इसमें चाचा-भतीजे समेत एक अन्य युवक घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी थार और स्विफ्ट कार से भाग निकले। लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने चाचा-भतीजे को मृत घोषित कर दिया। पूरी खबर पढ़ें 4- बोनस नहीं मिला तो टोल का गेट खोला, एक्सप्रेस-वे पर फ्री में निकलीं 5 हजार गाड़ियां आगरा में लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर 5000 से ज्यादा गाड़ियां बिना टोल दिए निकल गईं। फतेहाबाद टोल टैक्स के कर्मचारियों को दीपावली पर बोनस नहीं मिला। नाराज कर्मचारियों ने टोल मैनेजर से कहा कि उनको बोनस दिया जाए, लेकिन उन्होंने बात को अनसुना कर दिया। भड़के कर्मचारियों ने टोल गेट खोल दिए। 2 घंटे में कंपनी को 25 से 30 लाख रुपए का नुकसान हो गया। पढ़ें पूरी खबर 5- वाराणसी में युवक का LIVE सुसाइड, VIDEO कॉल पर फिनायल पीया वाराणसी में एक युवक ने लाइव सुसाइड कर लिया। युवक जयसिंह ने फिनायल पीते हुए एक वीडियो बनाते हुए कहा- ‘मैं जहर खा रहा हूं। इसकी जिम्मेदार मेरी पत्नी और सास है। पत्नी किसी लड़के से बात करती है। उसकी मां से शिकायत की तो वह उल्टा मुझे फंसाने की धमकी देने लगी।’ पुलिस वीडियो देखते ही मौके पर पहुंची। युवक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें 6- लखनऊ में कारोबारी की पत्नी की मौत, मां बोली- सतीश महाना ताऊ, इसलिए डरी पुलिस लखनऊ में कारोबारी की पत्नी की मौत मामले में ससुरालवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। मायकेवालों का आरोप है कि पति ने 10 लाख के दहेज के लिए हत्या की। फिर शव अपोलो अस्पताल में छोड़कर भाग गया। निकिता की मां का आरोप है कि यूपी विधानसभा के स्पीकर सतीश महाना पार्थ के सगे ताऊ हैं। इसीलिए पुलिस दबाव में है और कार्रवाई में ढिलाई बरत रही। पढ़ें पूरी खबर 7- जान दूंगी, तलाक नहीं, गोंडा में सुसाइड से पहले बोली- दो शादी वालों की इज्जत नहीं होती ​​​​गोंडा में 30 साल की महिला ने घर में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मरने से पहले उसने रोते हुए 4 मिनट का वीडियो बनाया। इसमें वह पति की प्रताड़ना और बार-बार तलाक लेने का दबाव बनाने की बात कही। उसने रोते हुए कहा- भले ही मर जाऊंगी, लेकिन तलाक नहीं दूंगी। मुझे तलाक लेकर 10 लोगों के साथ नहीं रहना। एक के साथ रहने की तमन्ना थी। इसलिए ये कदम उठा रही हूं। पढ़ें पूरी खबर 8- लखीमपुर में भीषण सड़क हादसा, 3 की मौत, परिजन बोले- शवों को कुत्ते चाट रहे थे लखीमपुर में भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार 3 लोगों की मौत हो गई। उन्हें तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने तीनों को टेंपो में भरकर सीएचसी भेज दिया। कोई पुलिसकर्मी वहां नहीं पहुंचा। एक घायल की सांस चल रही थी, डॉक्टर ने उसे भी नहीं देखा। पढ़ें पूरी खबर 9- जगुआर से 6 को रौंदने वाला करोड़पति का बेटा, प्रयागराज पुलिस ने 24 घंटे बाद नामजद FIR की प्रयागराज में जगुआर कार से 6 को कुचलने वाला शख्स रचित मध्यान नामी कारोबारी का बेटा और जाने माने डॉक्टर का दामाद निकला। धूमनगंज थाना पुलिस ने देर रविवार देर रात मृतक के भाई दिलीप की तहरीर पर अज्ञात चालक के खिलाफ FIR दर्ज की। जबकि, पुलिस ने ही रचित को ड्राइविंग सीट से पकड़ा था। हालांकि, पुलिस ने 24 घंटे बाद रचित को नामजद किया। पढ़ें पूरी खबर 10- दिवाली पर ट्रेनें फुल, यात्री बोले- पंजाब से बिहार टॉयलेट में बैठकर जा रहे कानपुर सेंट्रल से जाने आने वाली ट्रेनों में दीपावली के त्योहार पर घर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी । रविवार को पूरे दिन बिहार और पूर्वांचल की तरफ जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखी गई। स्थिति यह थी कि एक टॉयलेट में चार से पांच लोग खड़े होकर सफर कर रहे थे। पैसेंजर्स ने बताया कि इसी तरह से ट्रेन के हर टॉयलेट में यात्री सफर कर रहे हैं। लोग त्योहार मनाने अपने घर लौट रहे। पढ़ें पूरी खबर 11- आगरा-दिल्ली हाईवे पर चलती बस में लगी आग, 3 झुलसे, दिवाली पर घर जा रहे थे यात्री मथुरा में आगरा-दिल्ली नेशनल हाईवे पर रविवार रात चलती बस में आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि पूरी बस जलकर खाक हो गई। सिर्फ उसका ढांचा ही बचा। बस में 50 से 60 लोग सवार थे। सभी दिवाली पर अपने-अपने घर जा रहे थे। यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई। इस दौरान 3 लोग झुलस गए। यात्रियों ने बताया- पीछे बैठे कुछ यात्री सिगरेट पी रहे थे जिस वजह से आग लगी। पूरी खबर पढ़ें 12- सहारनपुर में डॉक्टर निकला बच्चा चोर, 3.50 लाख में बेचने का किया था सौदा सहारनपुर में बीएएमएस डॉक्टर ही बच्चा चोर निकला। उसने 3.50 लाख में बच्चे को बेचने का सौदा किया था। उत्तराखंड के रुड़की में एक दंपती को बच्चा बेचने की प्लानिंग थी। गिरोह में डॉक्टर, उसका बेटा, तीन महिलाएं और दो अन्य आरोपी शामिल थे। पुलिस ने सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें 13- मऊ में डीह बाबा की मूर्ति को कटर से काटा, गुस्साए गांववालों ने हाईवे जाम किया मऊ में रविवार देर रात ग्राम देवता डीह बाबा की मूर्ति को कटर मशीन से काट दिया गया। आरोपियों ने इसे मंदिर परिसर में ही फेंक दिया। सुबह घटना की जानकारी मिलते ही गुस्साए गांव वालों ने सोमवार सुबह मऊ-बलिया हाईवे पर जाम लगा दिया। रास्ते पर गाड़ियों की डेढ़ Km लंबी लाइन लग गई। सूचना पर 4 थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। किसी तरह गांव वालों को समझाकर जाम खुलवाया। पूरी खबर पढ़ें 14- प्रतापगढ़ में छज्जा गिरने से दादी-पोते की मौत, दिवाली पर झालर लगा रहे थे प्रतापगढ़ के रामपुर मुश्तर्का गांव में दीपावली की सुबह एक हादसा हो गया। घर का छज्जा गिरने से 10 वर्षीय मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई 48 साल की दादी की भी इलाज के दौरान प्रयागराज में मौत हो गई। घटना कोतवाली देहात क्षेत्र की है। परिवार वालों ने बताया कि दिवाली पर झालर लगाई जा रही थी तभी अचानक घर का छज्जा भरभराकर गिर पड़ा। पूरी खबर पढ़ें 15- बिजनौर में प्रेमी युगल ने साथ जहर खाकर दी जान, दो बच्चों की मां थी महिला बिजनौर में प्रेमी युगल ने जहर खाकर जान दे दी। इनमें महिला दो बच्चों की मां थी। उसका गांव के ही युवक से अफेयर था। 10 अक्टूबर को वह अपने प्रेमी संग घर से भाग गई थी। उस समय पुलिस ने दोनों को बरामद कर लिया था। महिला दोबारा से अपने प्रेमी के साथ भाग निकली। दोनों ने जहर खा लिया। गांव वालों ने दोनों को तड़पते देखा। उन्हें अस्पताल लेकर भागे, जहां दोनों की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें —————- यह खबर भी पढ़ें… ग्रेटर नोएडा में चाचा-भतीजे की गोली मारकर हत्या, लाठी-डंडों से पीटा, 8 राउंड फायरिंग की ग्रेटर नोएडा में चाचा-भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। नाली के झगड़े में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। एक पक्ष के लोगों ने गुस्से में दूसरे पक्ष पर फायरिंग कर दी। इसमें चाचा-भतीजे समेत एक अन्य युवक घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी थार और स्विफ्ट कार से भाग निकले। लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने चाचा-भतीजे को मृत घोषित कर दिया। पूरी खबर पढ़ें

OPD में लगे ठुमके, डॉक्टर पटाखे जलाते रहे:कांग्रेसी पूनम पंडित तोड़ देंगी सगाई, मंत्रीजी ने सुतली बम पर लगाई अगरबत्ती

OPD में लगे ठुमके, डॉक्टर पटाखे जलाते रहे:कांग्रेसी पूनम पंडित तोड़ देंगी सगाई, मंत्रीजी ने सुतली बम पर लगाई अगरबत्ती ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें… आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है….

भाजपा के गले की फांस बनेगा कोटे में कोटा मुद्दा:कुर्मी, लोध, मौर्य, शाक्य, सैनी और जाट समाज की नाराजगी का खतरा

भाजपा के गले की फांस बनेगा कोटे में कोटा मुद्दा:कुर्मी, लोध, मौर्य, शाक्य, सैनी और जाट समाज की नाराजगी का खतरा अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में कोटे में कोटा निर्धारित करने का मुद्दा भाजपा के गले की फांस बन रहा है। भाजपा के सहयोगी दल भी इसको लेकर एकमत नहीं हैं। अपना दल (एस) संख्याबल के आधार पर आरक्षण के निर्धारण की मांग कर रहा है। वहीं सुभासपा कोटे में कोटा लागू करने के लिए दबाव बना रही है। वहीं, निषाद पार्टी ओबीसी में कोटे में कोटा के खिलाफ है, उनकी मांग है कि निषाद, मल्लाह, केवट समाज को पहले अनुसूचित जाति का दर्जा दिया उसके बाद ही कोटे में कोटा लागू किया जाए। वहीं, भाजपा और रालोद ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। जानकार मानते हैं कि कोटे में कोटा लागू होने पर सबसे ज्यादा नुकसान यादव, कुर्मी, मौर्य, सैनी, शाक्य और कुशवाहा समाज को होगा ऐसे में भाजपा और सपा इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। पढ़िए खास खबर… पहले जानिए भाजपा के लिए ये मुद्दा कितना अहम यूपी में अनुसूचित जाति में सबसे बड़ी आबादी जाटव समाज की है। वहीं ओबीसी में सबसे बड़ी संख्या यादव समाज की है, उसके बाद कुर्मी, लोध, जाट, शाक्य, सैनी, कुशवाह समाज की आबादी है। सरकारी नौकरियों में भी आरक्षित वर्ग को मिले लाभ का रिकॉर्ड यही बताता है कि एससी वर्ग में जाटव समाज सबसे आगे रहा। जबकि पिछड़े वर्ग में यादव, लोधी, शाक्य, सैनी, कुशवाह, मौर्य समाज के युवाओं को दूसरी पिछड़ी जातियों से अधिक फायदा मिला। ऐसा माना जाता है कि शिक्षित और जागरूक होने के कारण आरक्षण का सबसे अधिक फायदा इन्हीं जातियों को होता है। यादव समाज जहां सपा का वोट बैंक है, इसलिए समाजवादी पार्टी हमेशा से ‘जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी’ की बात करती है। ताकि आरक्षण में यादव समाज के लोगों का हित सुरक्षित रहे। वहीं कुर्मी, लोध, मौर्य, शाक्य, सैनी समाज को बीजेपी का वोट बैंक माना जाता है। कोटे में कोटा लागू किया गया तो इन जातियों को सबसे अधिक नुकसान होगा, यह जातियां सीधे तौर पर भाजपा के खिलाफ हो जाएंगी। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करना प्रदेश की योगी सरकार के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं हैं। सुप्रीम फैसले के बाद उम्मीद बढ़ी सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त 2024 को एक ऐतिहासिक फैसले में कोटे में कोटा यानी आरक्षण के भीतर आरक्षण की व्यवस्था को मंजूरी दी। अदालत ने कहा कि सभी अनुसूचित जातियां और जनजातियां एक समान वर्ग नहीं हैं। इसके अंदर एक जाति दूसरे से ज्यादा पिछड़ी हो सकती है इसलिए उनके उत्थान के लिए राज्य सरकार सब-क्लासिफिकेशन कर अलग से आरक्षण दे सकती है। इसके साथ ही अदालत ने एससी, एसटी वर्ग के आरक्षण से क्रीमीलेयर को चिह्नित कर बाहर करने की जरूरत पर भी जोर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की संविधान पीठ ने 6-1 के बहुमत से अपना फैसला सुनाते हुए 2004 के अपने निर्णय को पलट दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि अनुसूचित जातियों (एससी) में पिछड़ापन ‘वास्तविक समानता’ हासिल करने की राह में रोड़ा है और कोटे के अंदर कोटा (उप-वर्गीकरण) इसे हासिल करने के साधनों में से एक है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, बीआर गवई, विक्रम नाथ, बेला एम त्रिवेदी, पंकज मित्तल, मनोज मिश्रा और सतीश चंद्र शर्मा की सात सदस्यीय पीठ ने इस मुद्दे पर लंबित करीब दो दर्जन याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया था। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2004 के अपने पुराने फैसले को पलट दिया। हरियाणा ने सबसे पहले लागू किया अब जानिए भाजपा के लिए मुसीबत क्या? निषाद पार्टी: संजय निषाद बोले- कोटे में कोटे का हम पूरा विरोध कर रहे निषाद पार्टी ने आरक्षण में आरक्षण का विरोध किया है। पार्टी के अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में कहा कि देश संविधान से चलता है, संविधान में जिसे आरक्षण दिया गया है उसे मिलना चाहिए। उनका कहना है कि यूपी के राज्यपाल ने 31 दिसंबर 2016 को एक नोटिफिकेशन जारी कर माझी, मल्लाह, केवट समाज को पिछड़ी जातियों से बाहर निकाल दिया, लेकिन सरकार ने उन्हें अनुसूचित जाति में शामिल नहीं किया। जबकि 8 अगस्त 1950 को भी इन जातियों को पिछड़ी जातियों से बाहर निकालकर अनुसूचित जातियों में शामिल करने का आदेश जारी हुआ था। संजय निषाद का कहना है कि सरकार पहले निषाद, मल्लाह, केवट, मांझी, राजभर समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करे। इन जातियों को अनुसूचित जाति में आरक्षण में आरक्षण दिया जाए तो निषाद पार्टी उसका समर्थन करेगी। आरक्षण में कोटे में कोटे का हम पूरा विरोध कर रहे हैं, सरकार करके देखे… पूरा नुकसान होगा। कुर्मी यादव अलग हो जाएगा, जो जातियां एससी की सूची में हैं, पिछली सरकारों ने उन्हें ओबीसी में डाल दिया। राज्यपाल ने भी कह दिया कि उन्हें ओबीसी में आरक्षण दीजिए। उनका कहना है कि यदि रामचरित्र निषाद को दिल्ली से लाकर मछलीशहर में एससी सीट से चुनाव लड़ाया जाएगा और यूपी के निषाद के साथ दोहरा चरित्र अपनाया जाएगा तो हम उसका विरोध करेंगे। बंटवारा करके देख ले,जो भइया बांटने की बात कर रहे हैं, उनका भी एजेंडा है, जब पार्टी लेकर आए तो कहा था कि तरमाली की उप जाति है राजभर, खिचड़ी खाने के लिए समाज पैदा नहीं हुआ है हमें अपना अधिकार चाहिए। यदि एससी में आएंगे तो हमारे बच्चे भी प्रधान, आईएएस, डॉक्टर, इंजीनियर बनेंगे। संजय निषाद ने कहा कि हमें लटकू राम बनाकर रखा है, जब राष्ट्रपति और राज्यपाल ने कह दिया कि मछुआ समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करो तो फिर हमें लटूक राम क्यों बनाकर रखा है, अब यदि सरकार को भी लटकना हो तो ओबीसी में हमारा बंटवारा कर दें? अधिकारियों के चक्कर में रहेंगे तो नुकसान होगा। मैं झूठ नहीं बोलता, नदियों के किनारे सोता हूं। हम समाज के साथ रहेंगे, समाज नहीं रहेगा तो मंत्री रहकर क्या करेंगे? अंबेडकर का नाम लेने वाले जितने लोग है, अंबेडकरवादी पार्टी बताने वाली सपा, बसपा, कांग्रेस को भी इसका समर्थन करना चाहिए। सुभासपा: पंचायत चुनाव से ही लागू करने की मांग पंचायतीराज मंत्री और सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर तो आगामी पंचायत चुनाव से ही एससी-एसटी और ओबीसी आरक्षण में कोटे में कोटा व्यवस्था लागू करने की मांग उठा चुके हैं। राजभर ने इस संबंध में सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र भी लिखा है। सुभासपा के महासचिव अरुण राजभर ने कहा कि उनकी पार्टी आरक्षण में आरक्षण की पक्षधर है। उनका कहना है कि सरकार को रोहिणी आयोग की रिपोर्ट लागू करनी चाहिए। आयोग की रिपोर्ट अब संसद में भी पेश हो चुकी है। उस रिपोर्ट के लागू होने के बाद ही वंचित वर्ग को सामाजिक न्याय मिलेगा। अरुण राजभर ने कहा कि उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा की अध्यक्ष मायावती सहित सभी दलों के प्रमुखों को पत्र लिखा है कि आरक्षण में आरक्षण लागू करने पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। अपना दल (एस) : संख्याबल के हिसाब से मिले आरक्षण अपना दल (एस) के उपाध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में प्रौद्योगिकी शिक्षा मंत्री आशीष पटेल का कहना है कि उनका पार्टी का मत है कि पिछड़े वर्ग से आने वाली सभी जातियों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। उनका कहना है कि अपना दल (एस) गठन ही जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी के संकल्प के साथ हुआ था। उनका कहना है कि लेकिन सभी जातियों का एक आंकड़ा आना चाहिए। वह जातीय जनगणना के बाद स्पष्ट हो जाएगा। जातियों की संख्या वैज्ञानिक आधार निश्चित होनी चाहिए वह जातीय जनगणना से ही होगा। रालोद का मत तय नहीं रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी का कहना है कि बिहार में कर्पूरी ठाकुर फॉर्मूले पर आरक्षण में आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई है। लेकिन यूपी में इसे लागू करने को लेकर रालोद ने अपनी अपना मत तय नहीं किया है। जब सरकार की ओर से विषय जाएगा तो पार्टी इसमें अपनी राय देगी। अब आखिर में जानिए…क्या ये व्यवस्था संभव है….अगर हां तो कैसे? समाज कल्याण विभाग के अधिकारी बताते हैं कि पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति में कोटे में कोटा लागू करने से पहले आकलन किया जाएगा कि पिछड़ी जाति, अति पिछड़ी जाति वर्ग में आने वाली जातियों की आबादी कितनी है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… केशव मौर्य-ब्रजेश पाठक नाराज, अयोध्या दौरा कैंसिल किया:दीपोत्सव विज्ञापन में नाम नहीं छपा, अखिलेश बोले- डिप्टी सीएम पद खत्म हो गए क्या? अयोध्या दीपोत्सव में योगी सरकार के दोनों डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक शामिल नहीं होंगे। दोनों ने अपना अयोध्या दौरा कैंसिल कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या दीपोत्सव के विज्ञापन में दोनों डिप्टी सीएम का नाम नहीं छपा। इससे दोनों डिप्टी सीएम नाराज हो गए। सूत्रों के मुताबिक, दोनों ने इसकी जानकारी पार्टी के प्रदेश और शीर्ष नेतृत्व को भी दे दी है। दीपावली पर इस घटनाक्रम ने योगी सरकार की गुटबाजी और खींचतान को सामने ला दिया है। पढ़ें पूरी खबर