सुक्खू सरकार का बड़ा ऐलान: डॉक्टरों को मिलेगा 20% इनसैंटिव, मेडिकल कॉलेजों में होंगी भर्तियां

सुक्खू सरकार का बड़ा ऐलान: डॉक्टरों को मिलेगा 20% इनसैंटिव, मेडिकल कॉलेजों में होंगी भर्तियां

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने डॉक्टरों और मेडिकल शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए नई इंसेंटिव पॉलिसी लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाने के लिए डॉक्टरों को 20 प्रतिशत तक विशेष इंसेंटिव दिया जाएगा। यह सुविधा मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसरों को भी मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे अनुभवी डॉक्टरों को सरकारी संस्थानों में सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर होगी।

राज्य सरकार ने मेडिकल शिक्षा संस्थानों और अस्पतालों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। चिकित्सा महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 110 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जबकि अस्पतालों में सेवाओं को मजबूत करने के लिए 120 पैरा-मेडिकल कर्मचारियों की भर्ती की मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष के अंत तक सभी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग और तकनीकी स्टाफ के रिक्त पद भर दिए जाएं।

बैठक में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएट सीटें बढ़ाने के फैसले को भी मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना और मरीजों को बड़े शहरों में जाने की मजबूरी से राहत देना है। नई योजना के तहत आईजीएमसी शिमला, मेडिकल कॉलेज टांडा, हमीरपुर, चंबा, नाहन और मंडी सहित विभिन्न संस्थानों में पीजी सीटों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जाएगी। इससे चिकित्सा शिक्षा को नई गति मिलने के साथ-साथ सुपर स्पेशलिटी सेवाओं का विस्तार भी संभव होगा।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने पर फोकस कर रही है। इसी दिशा में करीब 3000 करोड़ रुपये की लागत से अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक मशीनें, अत्याधुनिक जांच उपकरण और नई तकनीक आधारित सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईजीएमसी शिमला में आधुनिक सुविधाओं से लैस नया मातृ एवं शिशु अस्पताल स्थापित करने के लिए जल्द भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी की जाए।

सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे इन निवेशों से न केवल प्रदेशवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि हिमाचल प्रदेश आने वाले समय में हेल्थ टूरिज्म का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने से ग्रामीण इलाकों के मरीजों को भी राहत मिलेगी और गंभीर बीमारियों का उपचार जिला स्तर पर ही संभव हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी परियोजनाएं पूरी करने और अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।