शाह के मंच से बिश्नोई का करीबी उतारने पर विवाद:बड़ौली अचानक पहुंचे तो MLA को कुर्सी छोड़नी पड़ी; नाराजगी देख CM हेलिकॉप्टर में ले गए

शाह के मंच से बिश्नोई का करीबी उतारने पर विवाद:बड़ौली अचानक पहुंचे तो MLA को कुर्सी छोड़नी पड़ी; नाराजगी देख CM हेलिकॉप्टर में ले गए

हरियाणा के हिसार में सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में नलवा से भाजपा विधायक रणधीर पनिहार को मंच से उतार दिया गया था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ अचानक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली पहुंच गए। जिंदल फैमिली की तरफ से बड़ौली को कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं दिया गया था। मंच पर 7 कुर्सियां लगाई गईं थी। बड़ौली, पनिहार की कुर्सी के पीछे खड़े हो गए। SDM ज्योति मित्तल ने पनिहार को कहा कि आपकी यहां जगह नहीं है। इसके बाद पनिहार उठकर नीचे सामने वाली लाइन में बैठ गए। कार्यक्रम के बाद CM नायब सैनी रणधीर पनिहार की नाराजगी भाप गए थे। इसलिए वह उन्हें अपने साथ हेलिकॉप्टर में चंडीगढ़ लेकर चले गए। फिलहाल पनिहार इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। बता दें कि पनिहार भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई के करीबी हैं। बिश्नोई की पैरवी से ही भाजपा ने उन्हें टिकट मिला था। समर्थक बोला- चुने हुए नुमाइंदे को उतारकर अच्छा नहीं किया
पनिहार के नजदीकियों का कहना है कि रणधीर पनिहार से SDM ज्योति मित्तल ने रिक्वेस्ट की थी, जिस पर वह उठकर मंच से नीचे चले गए। मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। वहीं सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर रणधीर पनिहार के समर्थक पवन पचार ने लिखा- “हलके के विधायक रणधीर पनिहार के साथ जो भी हुआ, गलता हुआ। ऐसा नहीं होना चाहिए था। जब जिले के सभी विधायक मंच पर थे तो एक विधायक के साथ ऐसा बर्ताव निंदनीय है। अपनी ही सरकार में चुने हुए नुमाइंदे को मंच से नीचे उतारकर अच्छा नहीं किया।” पनिहार के समर्थक की पोस्ट… मंच पर बड़ौली के लिए नहीं लगी थी कुर्सी
गृहमंत्री के कार्यक्रम को लेकर एक पूरा प्रोटोकॉल होता है। स्वागत से लेकर मंच तक बैठने तक सभी चीजें पहले से तय की जाती है। अमित शाह के कार्यक्रम में मोहन लाल बड़ौली मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ अचानक पहुंच गए, जबकि उनको न तो कार्यक्रम के लिए जिंदल हाउस से निमंत्रण दिया गया और न ही उनके बैठने की कोई व्यवस्था मंच पर की गई थी। बड़ौली के आने पर विधायक भी प्रोटोकॉल तोड़कर मंच पर चले गए। इस कारण मंच पर कुर्सियां कम पड़ गईं। पनिहार से विवाद का मामला कुलदीप बिश्नोई तक पहुंचा
सूत्रों के मुताबिक पनिहार ने अपने साथ हुए पूरे मामले की जानकारी कुलदीप बिश्नोई को दे दी है। कुलदीप अभी विदेश गए हुए हैं। वह 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले हिसार आ सकते हैं। वह पनिहार के घर भी जा सकते हैं। कुलदीप बिश्नोई अपने समर्थकों से मुलाकात करेंगे और वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम को समर्थकों से राय लेंगे। अब सिलसिलेवार पनिहार को मंच से उतारने का पूरा घटनाक्रम पढ़िए… 1. मंच पर 3 नंबर पर चढ़े पनिहार, कुर्सी मंत्री गंगवा को दी
अमित शाह दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में पहुंचे। यहां ऑडिटोरियम में पहुंचने पर विधायक रणधीर पनिहार उनके पीछे-पीछे आ रहे थे। शाह के साथ मुख्यमंत्री नायब सैनी, PWD मंत्री एवं बरवाला से विधायक रणबीर गंगवा, हिसार से विधायक सावित्री जिंदल, हांसी से विधायक विनोद भयाना और कुरुक्षेत्र से सांसद नवीन जिंदल मौजूद रहे। मंच पर सबसे पहले अमित शाह चढ़े। इनके ठीक पीछे मुख्यमंत्री नायब सैनी, इसके बाद रणधीर पनिहार और विनोद भयाना मंच पर आए। इस बीच पनिहार ने कुर्सी रणबीर गंगवा के लिए खाली कर दी। 2. नवीन जिंदल से पहले कुर्सी पर बैठे पनिहार
रणधीर पनिहार मंच पर सबसे अंतिम कुर्सी पर बैठ गए। यह कुर्सी अमित शाह के बाएं तरफ थी। नवीन जिंदल इस कुर्सी पर बैठना चाह रहे थे. मगर रणधीर पनिहार उनसे पहले बैठ गए। नवीन जिंदल पनिहार की कुर्सी के पीछे खड़े हो गए। इतने में हरियाणा BJP के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली भी मंच पर आ गए और पनिहार की कुर्सी के पीछे खड़े हो गए। इसके बाद मंच पर व्यवस्था संभाल रहीं एसडीएम वहां आईं और पनिहार के पास जाकर कहा कि आपका मंच पर बैठने वालों में नाम नहीं है। 3. 7 कुर्सियां लगाई थीं मंच पर, बाद में 2 और लगाई
मंच पर कुल 7 कुर्सियां लगाई गई थी। मंच पर बैठने वालों में सिर्फ 7 लोगों के ही नाम दिए गए थे। इसमें गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री नायब सैनी, विधायक सावित्री जिंदल, मंत्री रणबीर गंगवा, मंत्री आरती राव, पूर्व सांसद डीपी वत्स और नवीन जिंदल का नाम था। मगर अमित शाह के पीछे-पीछे प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, विधायक विनोद भयाना और विधायक रणधीर पनिहार आ गए। नवीन जिंदल ने अपनी कुर्सी बड़ौली को दे दी। मंच पर 2 और कुर्सियां लगा दीं, जिस पर जिंदल और भयाना बैठ गए, मगर रणधीर पनिहार को नीचे उतार दिया गया। हरियाणा के हिसार में सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में नलवा से भाजपा विधायक रणधीर पनिहार को मंच से उतार दिया गया था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ अचानक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली पहुंच गए। जिंदल फैमिली की तरफ से बड़ौली को कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं दिया गया था। मंच पर 7 कुर्सियां लगाई गईं थी। बड़ौली, पनिहार की कुर्सी के पीछे खड़े हो गए। SDM ज्योति मित्तल ने पनिहार को कहा कि आपकी यहां जगह नहीं है। इसके बाद पनिहार उठकर नीचे सामने वाली लाइन में बैठ गए। कार्यक्रम के बाद CM नायब सैनी रणधीर पनिहार की नाराजगी भाप गए थे। इसलिए वह उन्हें अपने साथ हेलिकॉप्टर में चंडीगढ़ लेकर चले गए। फिलहाल पनिहार इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। बता दें कि पनिहार भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई के करीबी हैं। बिश्नोई की पैरवी से ही भाजपा ने उन्हें टिकट मिला था। समर्थक बोला- चुने हुए नुमाइंदे को उतारकर अच्छा नहीं किया
पनिहार के नजदीकियों का कहना है कि रणधीर पनिहार से SDM ज्योति मित्तल ने रिक्वेस्ट की थी, जिस पर वह उठकर मंच से नीचे चले गए। मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। वहीं सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर रणधीर पनिहार के समर्थक पवन पचार ने लिखा- “हलके के विधायक रणधीर पनिहार के साथ जो भी हुआ, गलता हुआ। ऐसा नहीं होना चाहिए था। जब जिले के सभी विधायक मंच पर थे तो एक विधायक के साथ ऐसा बर्ताव निंदनीय है। अपनी ही सरकार में चुने हुए नुमाइंदे को मंच से नीचे उतारकर अच्छा नहीं किया।” पनिहार के समर्थक की पोस्ट… मंच पर बड़ौली के लिए नहीं लगी थी कुर्सी
गृहमंत्री के कार्यक्रम को लेकर एक पूरा प्रोटोकॉल होता है। स्वागत से लेकर मंच तक बैठने तक सभी चीजें पहले से तय की जाती है। अमित शाह के कार्यक्रम में मोहन लाल बड़ौली मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ अचानक पहुंच गए, जबकि उनको न तो कार्यक्रम के लिए जिंदल हाउस से निमंत्रण दिया गया और न ही उनके बैठने की कोई व्यवस्था मंच पर की गई थी। बड़ौली के आने पर विधायक भी प्रोटोकॉल तोड़कर मंच पर चले गए। इस कारण मंच पर कुर्सियां कम पड़ गईं। पनिहार से विवाद का मामला कुलदीप बिश्नोई तक पहुंचा
सूत्रों के मुताबिक पनिहार ने अपने साथ हुए पूरे मामले की जानकारी कुलदीप बिश्नोई को दे दी है। कुलदीप अभी विदेश गए हुए हैं। वह 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले हिसार आ सकते हैं। वह पनिहार के घर भी जा सकते हैं। कुलदीप बिश्नोई अपने समर्थकों से मुलाकात करेंगे और वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम को समर्थकों से राय लेंगे। अब सिलसिलेवार पनिहार को मंच से उतारने का पूरा घटनाक्रम पढ़िए… 1. मंच पर 3 नंबर पर चढ़े पनिहार, कुर्सी मंत्री गंगवा को दी
अमित शाह दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में पहुंचे। यहां ऑडिटोरियम में पहुंचने पर विधायक रणधीर पनिहार उनके पीछे-पीछे आ रहे थे। शाह के साथ मुख्यमंत्री नायब सैनी, PWD मंत्री एवं बरवाला से विधायक रणबीर गंगवा, हिसार से विधायक सावित्री जिंदल, हांसी से विधायक विनोद भयाना और कुरुक्षेत्र से सांसद नवीन जिंदल मौजूद रहे। मंच पर सबसे पहले अमित शाह चढ़े। इनके ठीक पीछे मुख्यमंत्री नायब सैनी, इसके बाद रणधीर पनिहार और विनोद भयाना मंच पर आए। इस बीच पनिहार ने कुर्सी रणबीर गंगवा के लिए खाली कर दी। 2. नवीन जिंदल से पहले कुर्सी पर बैठे पनिहार
रणधीर पनिहार मंच पर सबसे अंतिम कुर्सी पर बैठ गए। यह कुर्सी अमित शाह के बाएं तरफ थी। नवीन जिंदल इस कुर्सी पर बैठना चाह रहे थे. मगर रणधीर पनिहार उनसे पहले बैठ गए। नवीन जिंदल पनिहार की कुर्सी के पीछे खड़े हो गए। इतने में हरियाणा BJP के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली भी मंच पर आ गए और पनिहार की कुर्सी के पीछे खड़े हो गए। इसके बाद मंच पर व्यवस्था संभाल रहीं एसडीएम वहां आईं और पनिहार के पास जाकर कहा कि आपका मंच पर बैठने वालों में नाम नहीं है। 3. 7 कुर्सियां लगाई थीं मंच पर, बाद में 2 और लगाई
मंच पर कुल 7 कुर्सियां लगाई गई थी। मंच पर बैठने वालों में सिर्फ 7 लोगों के ही नाम दिए गए थे। इसमें गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री नायब सैनी, विधायक सावित्री जिंदल, मंत्री रणबीर गंगवा, मंत्री आरती राव, पूर्व सांसद डीपी वत्स और नवीन जिंदल का नाम था। मगर अमित शाह के पीछे-पीछे प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, विधायक विनोद भयाना और विधायक रणधीर पनिहार आ गए। नवीन जिंदल ने अपनी कुर्सी बड़ौली को दे दी। मंच पर 2 और कुर्सियां लगा दीं, जिस पर जिंदल और भयाना बैठ गए, मगर रणधीर पनिहार को नीचे उतार दिया गया।   हरियाणा | दैनिक भास्कर