अश्वगंधा के चमत्कारी फायदे: शरीर की ताकत से लेकर मानसिक तनाव तक में असरदार, जानिए सेवन का सही तरीका और सावधानियां

प्रकृति ने हमें कई ऐसी औषधीय चीजें दी हैं, जिनका इस्तेमाल प्राचीन समय से स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए किया जाता रहा है। आयुर्वेद में ऐसी ही एक खास जड़ी-बूटी है अश्वगंधा, जिसे शरीर और दिमाग दोनों के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है। आज के दौर में बढ़ता तनाव, खराब जीवनशैली, नींद की समस्या और शारीरिक कमजोरी जैसी परेशानियों के बीच अश्वगंधा की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। अश्वगंधा को आयुर्वेद में एक शक्तिशाली औषधि माना जाता है। इसे शरीर की क्षमता बढ़ाने, तनाव कम करने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आधुनिक शोधों…

30 की उम्र के बाद बढ़ रहा साइलेंट हार्ट रिस्क, स्टडी में खुलासा

भारत में हृदय रोगों के बढ़ते मामलों के पीछे एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या तेजी से उभर रही है, जिसके बारे में अधिकांश लोगों को तब तक पता ही नहीं चलता, जब तक यह गंभीर रूप नहीं ले लेती। हाल ही में सामने आई एक बड़ी रिसर्च ने संकेत दिया है कि देश के अधिकांश वयस्कों के शरीर में ब्लड फैट यानी लिपिड का स्तर सामान्य नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय तक बिना किसी लक्षण के बनी रहती है और धीरे-धीरे दिल व रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती रहती है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR)…

बारिश में स्ट्रीट फूड का स्वाद पड़ सकता है भारी, लिवर को संक्रमण से बचाने के लिए बरतें ये जरूरी सावधानियां

बारिश का मौसम आते ही गर्मागर्म पकौड़े, चाट, गोलगप्पे, समोसे, मोमोज, टिक्की और दूसरी सड़क किनारे मिलने वाली चीजों का स्वाद लोगों को अपनी ओर खींचने लगता है। हल्की फुहारों के बीच स्ट्रीट फूड का आनंद लेना कई लोगों की पसंद होती है, लेकिन यही आदत कई बार सेहत के लिए गंभीर परेशानी भी बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं। यदि ऐसे दूषित भोजन का सेवन किया जाए तो यह केवल पेट की गड़बड़ी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लिवर…

मानसून में वायरल संक्रमण का बढ़ा खतरा, फ्लू और कोविड जैसे लक्षण दिखें तो देरी करना पड़ सकता है भारी

बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं अपने साथ कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी लेकर आता है। इन दिनों अस्पतालों और क्लीनिकों में सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान वातावरण में नमी बढ़ने और लोगों के लंबे समय तक बंद स्थानों में रहने के कारण वायरस तेजी से फैलते हैं। यही वजह है कि इस मौसम में इन्फ्लुएंजा-ए, कोविड-19 और एच1एन1 जैसे वायरल संक्रमण के मामले अधिक देखने को मिलते हैं। अक्सर लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य सर्दी-जुकाम या मौसम बदलने…

दिल की बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकती है इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या, जानिए कब हो जाएं सतर्क

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ईडी) को अक्सर केवल पुरुषों की यौन स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी मान लिया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई मामलों में यह शरीर के अंदर चल रही किसी गंभीर समस्या का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। खासतौर पर यदि यह परेशानी लगातार बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को न्योता देने जैसा हो सकता है। विभिन्न मेडिकल रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के अनुसार, ईडी का संबंध केवल यौन क्षमता से नहीं बल्कि हृदय और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। आज की भागदौड़ भरी…

मानसून में मलेरिया का बढ़ता खतरा: शरीर के इन 5 शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचानना है बेहद जरूरी

बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं यह कई संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी सबसे अनुकूल समय माना जाता है। लगातार होने वाली बारिश के कारण जगह-जगह पानी भर जाता है, जो मच्छरों के पनपने के लिए आदर्श वातावरण बनाता है। ऐसे में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। इनमें मलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जो समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानना और बिना देरी किए डॉक्टर से जांच कराना बेहद आवश्यक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना…

कृति सेनन के एग फ्रीजिंग फैसले ने छेड़ी नई बहस, जानिए किस उम्र में माना जाता है सबसे सही विकल्प

बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन ने हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने महिलाओं की फर्टिलिटी और फैमिली प्लानिंग को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। कृति ने बताया कि उन्होंने फिल्म ‘मिमी’ रिलीज होने से भी पहले अपने एग्स फ्रीज करवा लिए थे। उन्होंने इस फैसले को अपनी जिंदगी का सबसे समझदारी भरा और खुद को दिया गया सबसे बेहतरीन उपहार बताया। उनके इस खुलासे के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं यह जानना चाहती हैं कि आखिर एग फ्रीजिंग क्या है, यह क्यों कराई जाती है और इसे कराने…

भारत में ब्रेस्ट कैंसर से जंग अभी भी मुश्किल, समय पर जांच की कमी बनी बड़ी चुनौती; WHO रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

भारत में ब्रेस्ट कैंसर के इलाज और जागरूकता को लेकर पिछले कुछ वर्षों में सकारात्मक बदलाव जरूर देखने को मिले हैं, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नई रिपोर्ट बताती है कि अभी भी लंबा सफर तय करना बाकी है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में ब्रेस्ट कैंसर का पता चलने के बाद पांच साल तक जीवित रहने वाली महिलाओं की संख्या विकसित देशों की तुलना में काफी कम है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह बीमारी की देर से पहचान, जांच कराने में झिझक, इलाज तक समय पर पहुंच न बन पाना और आर्थिक परेशानियां हैं। ब्रेस्ट…

तोंद कम करनी है तो जिम नहीं, ये आसान एक्सरसाइज अपनाएं; रोज की थोड़ी मेहनत से दिखेगा बड़ा बदलाव

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकांश लोगों का समय ऑफिस, घर और मोबाइल स्क्रीन के बीच ही गुजर जाता है। घंटों तक कुर्सी पर बैठे रहने, फिजिकल एक्टिविटी कम होने और अनियमित खानपान की वजह से पेट के आसपास चर्बी जमा होना एक सामान्य समस्या बन चुकी है। पहले जहां बढ़ी हुई तोंद को सिर्फ बढ़ती उम्र से जोड़कर देखा जाता था, वहीं अब कम उम्र के लोग भी इस परेशानी का सामना कर रहे हैं। पेट पर जमा अतिरिक्त फैट केवल शरीर की बनावट को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी…

मानसून में बढ़ा डेंगू-मलेरिया का खतरा, डॉक्टरों की चेतावनी- छोटी लापरवाही भी पड़ सकती है भारी

बारिश का मौसम जहां तपती गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर यह कई संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ा देता है। विशेष रूप से डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियां इस दौरान तेजी से लोगों को अपनी चपेट में लेती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते सावधानी बरती जाए तो इन बीमारियों से काफी हद तक बचाव संभव है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग भी लगातार लोगों को जागरूक करने में जुटा हुआ है और साफ-सफाई बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बारिश होने के बाद कई…

क्या स्टेंट ही है हार्ट ब्लॉकेज का सबसे अच्छा इलाज? हृदय रोग विशेषज्ञ से समझें पूरी सच्चाई

दिल की बीमारियाँ आज के समय में तेजी से बढ़ रही हैं और हार्ट की नसों में ब्लॉकेज (Coronary Artery Disease) सबसे आम समस्याओं में शामिल है। जब किसी व्यक्ति की हार्ट की धमनियों में रुकावट का पता चलता है तो उसके मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि इलाज के लिए स्टेंट लगवाना बेहतर रहेगा या फिर बायपास सर्जरी करानी चाहिए। कई लोग बिना पूरी जानकारी के यह मान लेते हैं कि स्टेंट हर मरीज के लिए सबसे आधुनिक और सही विकल्प है, जबकि कुछ लोगों की धारणा होती है कि बायपास सर्जरी ही सबसे सुरक्षित इलाज…

बरसात में खानपान की ये छोटी लापरवाहियां पड़ सकती हैं भारी, ऐसे रखें फूड प्वाइजनिंग और पेट की बीमारियों से बचाव

बारिश का मौसम जहां भीषण गर्मी से राहत देता है, वहीं यह कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को भी साथ लेकर आता है। वातावरण में बढ़ी हुई नमी, जगह-जगह जमा पानी और बैक्टीरिया-वायरस के तेजी से पनपने की वजह से इस मौसम में संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। खासतौर पर पेट से जुड़ी बीमारियां, फूड प्वाइजनिंग, डायरिया, टायफाइड और उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं मानसून के दौरान सबसे अधिक देखने को मिलती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन बीमारियों की सबसे बड़ी वजह केवल मौसम नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की खानपान संबंधी आदतें भी होती हैं। कई बार…

बच्चा तय उम्र में नहीं बोल रहा? हर देरी सामान्य नहीं, समय रहते पहचानें संकेत

हर माता-पिता अपने बच्चे के पहले शब्द का बेसब्री से इंतजार करते हैं। जब बच्चा “मम्मा” या “पापा” कहना शुरू करता है तो वह पल पूरे परिवार के लिए खास बन जाता है। लेकिन कुछ बच्चों में बोलने की शुरुआत अपेक्षा से देर से होती है। ऐसे समय में अक्सर रिश्तेदार या आसपास के लोग यह कहकर दिलासा देते हैं कि “अभी छोटा है, कुछ समय बाद अपने आप बोलने लगेगा।” हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर मामले में ऐसा मान लेना सही नहीं है। यदि बच्चे की भाषा और बोलने की क्षमता उम्र के हिसाब से विकसित नहीं…

अमरनाथ यात्रा पर जाने से पहले जान लें ये जरूरी हेल्थ नियम, हार्ट और डायबिटीज मरीजों के लिए डॉक्टरों की अहम सलाह

श्री अमरनाथ यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनती है। हालांकि यह यात्रा जितनी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, उतनी ही शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण भी मानी जाती है। ऊंचाई वाले पहाड़ी रास्ते, कम ऑक्सीजन, बदलता मौसम और लंबी पैदल चढ़ाई शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रा पर निकलने से पहले केवल रजिस्ट्रेशन कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपनी शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य की सही जांच भी बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जिन लोगों को पहले से हार्ट डिजीज, डायबिटीज, किडनी संबंधी बीमारी, अस्थमा या अन्य…

सेहत की दौड़ में बढ़ता डर: सोशल मीडिया के ट्रेंड्स कैसे बना रहे हैं लोगों को ओवर-टेस्टिंग का शिकार?

आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहा, बल्कि यह लोगों की सोच, आदतों और यहां तक कि उनके स्वास्थ्य से जुड़े फैसलों को भी गहराई से प्रभावित कर रहा है। खासकर हेल्थ और फिटनेस से जुड़े इंफ्लुएंसर्स ने एक नया ट्रेंड खड़ा कर दिया है, जिसमें लोग बिना किसी ठोस जरूरत के महंगे मेडिकल टेस्ट और हेल्थ स्कैन करवाने लगे हैं। जो चीज पहले सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर होती थी, अब वह सोशल मीडिया के “हेल्थ ट्रेंड्स” देखकर की जा रही है। नतीजा यह हो रहा है कि कई लोग असल बीमारी से…

नाक बंद, लगातार छींक और खुजली से परेशान हैं? जानिए एलर्जी बढ़ाने वाले 6 छिपे कारण

अक्सर जब एलर्जी की बात होती है तो सबसे पहले धूल, मिट्टी, परागकण या किसी विशेष खाद्य पदार्थ का नाम दिमाग में आता है। ज्यादातर लोग इन्हीं चीजों से बचने की कोशिश भी करते हैं। इसके बावजूद कई लोगों को बार-बार छींक आना, नाक बंद रहना, आंखों में खुजली, गले में खराश या त्वचा पर लाल चकत्तों जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एलर्जी खत्म क्यों नहीं हो रही? दरअसल, एलर्जी के पीछे सिर्फ बाहरी कारण जिम्मेदार नहीं होते। हमारी रोजमर्रा की कई छोटी-छोटी आदतें और घर का वातावरण भी एलर्जी को बढ़ाने में…

40 की उम्र के बाद महिलाओं का ब्लड शुगर क्यों बढ़ने लगता है? मेनोपॉज के दौरान शरीर में होने वाले बदलाव हैं बड़ी वजह

महिलाओं के जीवन में मेनोपॉज एक ऐसा चरण होता है, जब शरीर कई बड़े हार्मोनल बदलावों से गुजरता है। आमतौर पर 45 से 55 वर्ष की उम्र के बीच मासिक धर्म हमेशा के लिए बंद हो जाता है, लेकिन कई महिलाओं में इसकी शुरुआत 40 वर्ष के बाद ही होने लगती है। इस दौरान सिर्फ पीरियड्स ही प्रभावित नहीं होते, बल्कि शरीर का मेटाबॉलिज्म, वजन, हड्डियों का स्वास्थ्य और ब्लड शुगर का स्तर भी बदल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसी वजह से कई महिलाओं में पहली बार हाई ब्लड शुगर या इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याएं सामने आती…

रोजाना 6.4 से 7.8 घंटे की नींद क्यों मानी जा रही है सेहत के लिए अहम, जानिए क्या कहती हैं रिसर्च

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग काम, तनाव और डिजिटल स्क्रीन की वजह से अपनी नींद से समझौता कर रहे हैं। कई बार देर रात तक मोबाइल चलाना, ऑफिस का दबाव या अनियमित दिनचर्या पर्याप्त आराम नहीं लेने देती। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत केवल अगले दिन की थकान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि धीरे-धीरे शरीर की कार्यक्षमता, मानसिक स्वास्थ्य और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया पर भी असर डाल सकती है। हाल के वर्षों में प्रकाशित कई वैज्ञानिक अध्ययनों ने संकेत दिए हैं कि रोजाना लगभग 6.4 से 7.8 घंटे की संतुलित नींद शरीर के लिए फायदेमंद…

30 की उम्र के बाद लिवर को न करें नजरअंदाज, ये 7 आदतें रखेंगी जिंदगीभर स्वस्थ; फैटी लिवर से भी होगा बचाव

30 वर्ष की उम्र पार करने के बाद अधिकांश लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से ज्यादा सजग हो जाते हैं। नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच, ब्लड शुगर टेस्ट और दिल की सेहत पर ध्यान देना आम बात हो जाती है। लेकिन इसी दौरान शरीर का एक बेहद अहम अंग अक्सर हमारी प्राथमिकता से बाहर रह जाता है और वह है लिवर। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक लिवर में गंभीर समस्या सामने नहीं आती, तब तक ज्यादातर लोग उसकी सेहत को लेकर सतर्क नहीं होते। जबकि यह शरीर का ऐसा अंग है, जो सैकड़ों जरूरी जैविक…

देर रात तक जागना बन सकता है सेहत का दुश्मन, नींद की कमी से बढ़ सकता है स्ट्रोक का खतरा; एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी चेतावनी

आज के डिजिटल दौर में देर रात तक जागना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। काम का दबाव, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, वेब सीरीज और लगातार स्क्रीन टाइम ने लोगों की नींद का समय काफी बदल दिया है। कई लोग रात के घंटों को अपना निजी समय मानकर सोने में देरी करते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत धीरे-धीरे शरीर पर गंभीर असर डाल सकती है। लंबे समय तक नींद पूरी न होने से सिर्फ थकान और चिड़चिड़ापन नहीं बढ़ता, बल्कि दिमाग और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है। न्यूरोलॉजिस्ट्स…