ऑटिज्म के इलाज के नाम पर स्टेम सेल थेरेपी से सावधान, सरकार ने जारी की सख्त एडवाइजरी

ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) को लेकर माता-पिता के बीच इलाज और भविष्य को लेकर कई तरह की चिंताएं रहती हैं। ऐसे में जब कोई व्यक्ति किसी बच्चे के ऑटिज्म को पूरी तरह ठीक करने का दावा करता है, तो परिवार स्वाभाविक रूप से उस विकल्प की ओर आकर्षित हो सकता है। पिछले कुछ समय से स्टेम सेल थेरेपी को लेकर भी ऐसे दावे सामने आते रहे हैं। कुछ जगहों पर इसे ऑटिज्म समेत कई स्थितियों के इलाज के तौर पर प्रचारित किया जाता है। लेकिन ऑटिज्म के मामले में स्टेम सेल थेरेपी को लेकर अब स्वास्थ्य मंत्रालय और नेशनल मेडिकल…

एड़ी का दर्द परेशान कर रहा है? सुबह जमीन पर पैर रखते ही चुभन हो तो समझें ये संकेत

कभी-कभी चलते समय एड़ी के नीचे अचानक ऐसा दर्द उठता है, जैसे पैर के तलवे में कोई नुकीली चीज चुभ गई हो। कुछ लोगों को यह परेशानी सुबह बिस्तर से उठने के तुरंत बाद महसूस होती है, जबकि कुछ में लंबे समय तक खड़े रहने या ज्यादा चलने के बाद दर्द बढ़ जाता है। आमतौर पर लोग इसे थकान, ज्यादा पैदल चलने या गलत जूते पहनने से जोड़कर देखते हैं। लेकिन अगर एड़ी का दर्द बार-बार हो रहा है और खासकर दिन की शुरुआत में पहला कदम रखते ही तेज महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। एड़ी…

दिल्ली में मिली नकली रेबीज वैक्सीन की खेप, जांच में potency फेल; 4 लोग गिरफ्तार

रेबीज से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन Abhayrab को लेकर ड्रग रेगुलेटर ने देशभर में अलर्ट जारी किया है। मामला Abhayrab के बैच नंबर KE25012 से जुड़ा है। दिल्ली में एक बिना लाइसेंस वाले परिसर से इस बैच के नाम वाली कुछ वायल बरामद हुई थीं। सरकारी प्रयोगशाला में जांच के दौरान सैंपल जरूरी potency test में फेल हो गया। इसके बाद संबंधित उत्पाद को Not of Standard Quality (NSQ) घोषित किया गया है। साथ ही, बरामद वायल के नकली होने की भी जांच की जा रही है। यह मामला तब सामने आया जब ड्रग अधिकारियों ने दिल्ली…

आयुष्मान कार्डधारकों के फोन में सेव होना चाहिए ये नंबर, मुसीबत में आएगा काम

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Ayushman Bharat PM-JAY) देश के करोड़ों लोगों के लिए इलाज से जुड़ी बड़ी मदद है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने के लिए स्वास्थ्य कवर मिलता है। लेकिन योजना का लाभ लेने के लिए सिर्फ आयुष्मान कार्ड बनवाना ही काफी नहीं है। लाभार्थी को यह भी पता होना चाहिए कि कार्ड का इस्तेमाल कैसे करना है, किस अस्पताल में इलाज मिल सकता है और परेशानी होने पर सहायता कहां से लेनी है। कई बार लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंच जाते हैं, लेकिन वहां योजना की सुविधा…

थायरॉइड से लेकर बच्चों के विकास तक, आयोडीन की कमी न होने दें; रोज खाएं ये चीजें

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। इन्हीं जरूरी पोषक तत्वों में आयोडीन भी शामिल है। इसकी आवश्यकता शरीर को बहुत अधिक मात्रा में नहीं होती, लेकिन इसकी कमी होने पर स्वास्थ्य पर कई तरह के असर पड़ सकते हैं। आयोडीन खासतौर पर थायरॉइड हार्मोन के निर्माण के लिए जरूरी होता है। यही हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा के इस्तेमाल, विकास और कई दूसरी शारीरिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने में भूमिका निभाते हैं। आयोडीन की जरूरत केवल बड़ों के लिए ही नहीं होती, बल्कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए भी…

कैंसर सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं, 20-30 की उम्र में इन बदलावों पर रहें सतर्क

कैंसर को लेकर आम धारणा रही है कि यह बीमारी मुख्य रूप से बढ़ती उम्र के लोगों को प्रभावित करती है। यही सोच कई बार युवाओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। 20 से 30 साल की उम्र में शरीर में कोई असामान्य बदलाव होने पर लोग अक्सर उसे तनाव, थकान, गैस, बवासीर, नींद की कमी या बदलती दिनचर्या से जोड़कर छोड़ देते हैं। ज्यादातर मामलों में ऐसे लक्षण कैंसर की वजह से नहीं होते, लेकिन अगर कोई समस्या लगातार बनी रहे, बार-बार लौटे या सामान्य इलाज के बावजूद ठीक न हो, तो उसकी वजह जानना जरूरी है।…

फैटी लिवर कब गंभीर बीमारी बन जाता है? स्टेज-1 से सिरोसिस तक समझें लिवर में होने वाले बदलाव

आज की बदलती लाइफस्टाइल में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। लंबे समय तक बैठे रहना, जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेना, वजन बढ़ना, डायबिटीज और शराब का सेवन जैसे कई कारण लिवर में फैट जमा होने की वजह बन सकते हैं। पहले फैटी लिवर को मुख्य रूप से शराब पीने से जुड़ी बीमारी समझा जाता था, लेकिन अब बिना शराब के सेवन करने वाले लोगों में भी यह समस्या काफी देखने को मिलती है। फैटी लिवर की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि शुरुआती दौर में इसके संकेत बहुत सामान्य या बिल्कुल न के बराबर होते हैं।…

पेट की इन मामूली लगने वाली परेशानियों को न करें नजरअंदाज, बड़ी आंत में सूजन का हो सकता है संकेत

पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी छोटी-छोटी परेशानियों को अक्सर लोग रोजमर्रा की समस्या मानकर टाल देते हैं। कभी गैस बनना, कभी पेट में मरोड़, तो कभी दस्त या टॉयलेट जाने की बार-बार इच्छा होना ऐसी दिक्कतें हैं, जिन्हें बहुत से लोग गंभीरता से नहीं लेते। कई बार ये समस्याएं खान-पान में बदलाव, संक्रमण या दूसरी सामान्य वजहों से भी हो सकती हैं, लेकिन यदि ये लंबे समय तक बनी रहें या बार-बार वापस आएं, तो इनके पीछे आंतों से जुड़ी कोई समस्या भी हो सकती है। बड़ी आंत पाचन तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शरीर में पानी और कुछ…

दिल को स्वस्थ रखने के लिए कैसी होनी चाहिए रोज की थाली? जानें क्या खाएं और किन चीजों से दूर रहें

दिल की सेहत का सीधा संबंध हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली और खान-पान से जुड़ा होता है। लंबे समय तक असंतुलित डाइट लेने, ज्यादा नमक-तेल का सेवन करने और प्रोसेस्ड फूड पर निर्भर रहने से हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। यही वजह है कि जिन लोगों को पहले से हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर या हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उनके लिए भोजन का चुनाव और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। हार्ट पेशेंट के लिए डाइट का मतलब केवल कम खाना या पूरी तरह किसी एक खाद्य पदार्थ को छोड़ देना नहीं है। सही तरीका यह है कि…

दिल की बीमारी का नया कनेक्शन आया सामने: बड़े ट्रॉमा के बाद बढ़ सकता है कार्डियोवैस्कुलर रिस्क

जिंदगी में कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जिनका असर सिर्फ उस पल तक सीमित नहीं रहता। किसी करीबी की अचानक मौत, गंभीर हादसा, शारीरिक हमला, आग या धमाके जैसी घटना, गंभीर चोट या किसी बड़ी बीमारी का सामना करना व्यक्ति को लंबे समय तक मानसिक रूप से परेशान कर सकता है। ऐसे अनुभव को आमतौर पर ट्रॉमा यानी मानसिक सदमा कहा जाता है। कई बार घटना गुजर जाने के बाद भी डर, बेचैनी, तनाव और दूसरी मानसिक परेशानियां बनी रहती हैं। अब एक बड़े वैज्ञानिक अध्ययन ने इस ओर ध्यान दिलाया है कि दर्दनाक अनुभव के बाद होने वाली मानसिक…

फेफड़ों की सेहत के लिए अपनाएं ये आसान आदतें, घर पर तैयार होने वाली ड्रिंक्स भी करें डाइट में शामिल

आज के समय में हवा की खराब गुणवत्ता, सड़क पर उड़ती धूल, वाहनों से निकलने वाला धुआं और धूम्रपान जैसी आदतें हमारी सांसों पर सीधा असर डाल सकती हैं। लगातार प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने से गले में जलन, खांसी, सांस लेने में परेशानी और बलगम जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। ऐसे में बहुत से लोग अपने फेफड़ों को साफ यानी डिटॉक्स करने के लिए अलग-अलग तरह के घरेलू नुस्खे और ड्रिंक्स आजमाते हैं। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि फेफड़ों की सफाई के लिए किसी एक खास ड्रिंक को वैज्ञानिक रूप से “डिटॉक्स ड्रिंक” नहीं कहा जा…

मीठे से नहीं, तनाव से भी बढ़ सकती है ब्लड शुगर? जानिए कोर्टिसोल कैसे बिगाड़ता है शुगर का संतुलन

जब भी ब्लड शुगर बढ़ने की बात आती है, सबसे पहले खान-पान पर ध्यान जाता है। आमतौर पर माना जाता है कि ज्यादा मिठाई, मीठे पेय या कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाने से शुगर बढ़ती है। लेकिन हर बार इसकी वजह सिर्फ डाइट नहीं होती। कई बार व्यक्ति मीठे से पूरी तरह परहेज करने के बावजूद बढ़ी हुई ब्लड शुगर का सामना कर सकता है। इसके पीछे तनाव भी एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है। दरअसल, शरीर और दिमाग के बीच हार्मोन के जरिए गहरा संबंध होता है। जब किसी व्यक्ति पर काम, परिवार, आर्थिक स्थिति या किसी अन्य वजह से…

अस्पताल में अब नहीं भटकेंगे मरीज, पर्ची से दवा तक हर कदम पर मदद करेगा ‘पेशेंट नेविगेटर’

दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को जल्द ही एक बड़ी सुविधा मिल सकती है। अस्पताल परिसर में अलग-अलग काउंटर, जांच केंद्र, डॉक्टर के कमरे और दवा वितरण केंद्र खोजने की परेशानी को कम करने के लिए ‘पेशेंट नेवीगेटर’ व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीज को इलाज की पूरी प्रक्रिया के दौरान सही दिशा और जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है। सरकारी अस्पतालों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए आते हैं। इनमें ऐसे मरीज भी होते हैं, जो पहली बार किसी बड़े अस्पताल में पहुंचे…

तनाव और चिंता को हल्के में न लें, डायबिटीज मरीजों के लिए मेंटल हेल्थ चेकअप क्यों है जरूरी?

डायबिटीज को लंबे समय तक ऐसी बीमारी के तौर पर देखा जाता रहा है, जिसका सीधा संबंध ब्लड शुगर, खानपान, एक्सरसाइज और दवाओं से है। मरीजों को नियमित रूप से शुगर की जांच करने, डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं लेने और डाइट में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि, अब विशेषज्ञ डायबिटीज मैनेजमेंट के एक ऐसे पहलू पर भी जोर दे रहे हैं, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। यह पहलू है मरीज की मानसिक सेहत। डॉक्टरों के मुताबिक, लंबे समय तक डायबिटीज के साथ रहने से व्यक्ति पर सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और मानसिक…

एंटीबायोटिक्स का असर घटा, ICMR की स्टडी में चौंकाने वाले आंकड़े; रेजिस्टेंट बैक्टीरिया से मौत का खतरा ज्यादा

भारत में एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस यानी AMR तेजी से गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। इसका मतलब है कि कुछ बैक्टीरिया उन एंटीबायोटिक्स के असर को भी झेलने लगे हैं, जो पहले गंभीर संक्रमण के इलाज में प्रभावी मानी जाती थीं। अब इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की एक बड़ी स्टडी ने इस समस्या के खतरनाक असर को आंकड़ों के साथ सामने रखा है। देश के 20 बड़े अस्पतालों से जुटाए गए करीब 1.6 लाख मरीजों के आंकड़ों के विश्लेषण में पाया गया कि एंटीबायोटिक-रेजिस्टेंट बैक्टीरिया से संक्रमित मरीजों में मृत्यु का जोखिम सामान्य बैक्टीरियल संक्रमण की तुलना में…

क्या बढ़ता वजन चुरा सकता है जिंदगी के साल? जानिए मोटापे से शरीर पर पड़ने वाले असर

आज के समय में बढ़ता वजन सिर्फ खूबसूरती या फिटनेस से जुड़ा मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह सेहत के लिए भी बड़ी चुनौती बन चुका है। बदलती जीवनशैली, घंटों बैठे रहना, फास्ट फूड और मीठे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन तथा एक्सरसाइज के लिए समय न निकाल पाना मोटापे की समस्या को लगातार बढ़ा रहा है। खास बात यह है कि अब केवल बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चे और युवा भी तेजी से बढ़ते वजन की समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। मोटापे को अक्सर लोग सिर्फ शरीर का वजन बढ़ना मान लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक…

जिम के दौरान अचानक मौत का खतरा पूरी तरह अचानक नहीं, ICMR की स्टडी में सामने आए ये बड़े जोखिम

जिम में एक्सरसाइज करते समय, डांस करते हुए या सामान्य दिनचर्या के बीच किसी युवा की अचानक मौत की खबर अक्सर लोगों को हैरान कर देती है। देखने में स्वस्थ और कम उम्र के व्यक्ति के साथ ऐसी घटना होने पर सवाल उठता है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान से जुड़े शोधकर्ताओं के एक अध्ययन ने इस दिशा में महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। शोध में सामने आया है कि कम उम्र में हार्ट अटैक या शरीर में खून का थक्का बनने के पीछे कई ऐसे जोखिम कारक हो सकते…

जिम में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी: अचानक तेज वर्कआउट से बढ़ सकता है दिल पर दबाव, जानें किन बातों का रखें ध्यान

आज के समय में फिट रहने के लिए बड़ी संख्या में लोग जिम, रनिंग, साइकिलिंग और अलग-अलग तरह की एक्सरसाइज का सहारा लेते हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि को सामान्य तौर पर सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन एक्सरसाइज करने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है। खासकर ऐसे लोगों के लिए सावधानी जरूरी है जो लंबे समय से शारीरिक गतिविधि से दूर रहे हैं और अचानक कठिन या हाई इंटेंसिटी वर्कआउट शुरू कर देते हैं। कई बार लोग जल्दी वजन घटाने, मसल्स बनाने या फिटनेस हासिल करने के चक्कर में अपनी मौजूदा क्षमता से कहीं अधिक मेहनत करने…

पेट की गैस, कब्ज और ब्लोटिंग से राहत के लिए आजमाएं ये 3 देसी आयुर्वेदिक ड्रिंक्स, घर पर बनाना है बेहद आसान

पाचन को बेहतर बनाने के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 देसी ड्रिंक्स खराब खान-पान, लंबे समय तक बैठे रहने की आदत, कम पानी पीना और शारीरिक गतिविधियों की कमी का असर सबसे पहले पाचन तंत्र पर दिखाई दे सकता है। कई लोगों को अक्सर पेट फूलने, गैस, अपच या कब्ज जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर ये समस्याएं बार-बार होने लगें तो रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो सकते हैं। पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने के लिए संतुलित भोजन और पर्याप्त पानी के साथ कुछ पारंपरिक घरेलू पेय भी डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते…

हर बार धूप में जाते ही बिगड़ जाती है त्वचा? सामान्य टैनिंग नहीं, हो सकती है ये एलर्जी

गर्मियों या तेज धूप वाले मौसम में बाहर निकलने के बाद त्वचा का थोड़ा सांवला पड़ना या हल्की लालिमा नजर आना आम बात है। इसे अक्सर लोग सामान्य टैनिंग या गर्मी का असर मानकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन अगर धूप में कुछ समय बिताने के बाद त्वचा पर खुजली, छोटे-छोटे दाने, लाल चकत्ते या जलन जैसी समस्या बार-बार होने लगे, तो मामला सिर्फ टैनिंग का नहीं भी हो सकता है। कुछ लोगों की त्वचा सूर्य की पराबैंगनी यानी अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों के प्रति अधिक संवेदनशील होती है। ऐसे मामलों में सूरज की रोशनी के संपर्क में आने के बाद…