डायबिटीज का सबसे बड़ा कारण चीनी या कुछ और? रिसर्च ने दूर किया बड़ा भ्रम

डायबिटीज आज दुनिया की तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। ब्लड शुगर बढ़ने की बात सामने आते ही सबसे पहले लोगों के मन में चीनी और मीठी चीजों का ख्याल आता है। आम धारणा यह है कि सफेद चीनी खाने की वजह से डायबिटीज हो जाती है। यही कारण है कि कई लोग बीमारी से बचने के लिए चाय, मिठाई या दूसरी मीठी चीजों को पूरी तरह छोड़ने की कोशिश करते हैं। लेकिन क्या वास्तव में चीनी ही डायबिटीज की सीधी वजह है? मेडिकल रिसर्च और विशेषज्ञों के अनुसार इसका जवाब इतना आसान नहीं है। केवल सफेद चीनी…

रंगों से बदल सकता है मूड? तनाव और चिड़चिड़ेपन से राहत देने में मदद कर सकती है कलर थेरेपी

हमारी जिंदगी में रंग सिर्फ खूबसूरती बढ़ाने का काम नहीं करते। घर की दीवारों से लेकर कपड़ों, प्रकृति और हमारे आसपास की चीजों तक, हर जगह रंगों की मौजूदगी हमारे अनुभव को प्रभावित करती है। आपने भी महसूस किया होगा कि कुछ रंगों को देखकर मन हल्का और शांत लगता है, जबकि कुछ रंग उत्साह या ऊर्जा का एहसास करा सकते हैं। यही वजह है कि रंगों और इंसानी भावनाओं के बीच संबंध को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। इसी सोच पर आधारित एक तरीका है कलर थेरेपी, जिसे क्रोमोथेरेपी भी कहा जाता है। इसमें अलग-अलग रंगों…

फैटी लिवर का बढ़ता खतरा: रोजमर्रा की ये आदतें बिगाड़ सकती हैं लिवर की सेहत

लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह सिर्फ खाने को पचाने में मदद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शरीर में पोषक तत्वों के इस्तेमाल, ऊर्जा के प्रबंधन, हानिकारक पदार्थों को प्रोसेस करने और कई जरूरी रासायनिक प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है। यही वजह है कि लिवर की सेहत खराब होने का असर शरीर के कई दूसरे हिस्सों पर भी पड़ सकता है। जॉन हॉपकिन्स मेडिसिन के अनुसार, लिवर शरीर में करीब 500 अलग-अलग तरह के जरूरी काम करता है। इसके बावजूद हमारी रोजमर्रा की कई आदतें धीरे-धीरे इस अंग पर दबाव बढ़ा सकती हैं।…

युवाओं की बिगड़ी दिनचर्या पड़ रही सेहत पर भारी, बढ़ रहा इन बीमारियों का खतरा

बदलती जीवनशैली और युवाओं की सेहत पर बढ़ता असर आज के दौर में युवाओं की जिंदगी पढ़ाई, नौकरी, करियर और लगातार बदलती तकनीक के बीच काफी व्यस्त हो गई है। बेहतर भविष्य की दौड़ में कई लोग अपनी रोजमर्रा की सेहत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते। दिनभर कुर्सी पर बैठे रहना, घंटों मोबाइल या कंप्यूटर की स्क्रीन देखना, समय पर खाना न खाना, बाहर का भोजन ज्यादा लेना और देर रात तक जागना धीरे-धीरे जीवनशैली का हिस्सा बनता जा रहा है। इसके साथ ही काम और पढ़ाई का दबाव तनाव को भी बढ़ा रहा है। इन आदतों का असर…

छोटे बच्चों की कफ-सर्दी की दवाओं पर सरकार सख्त, 4 साल से कम उम्र में बढ़ा खतरा

मौसम में बदलाव के साथ बच्चों में सर्दी, खांसी, जुकाम और नाक बहना जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। ऐसे समय में कई माता-पिता डॉक्टर से सलाह लेने के बजाय घर में पहले से मौजूद सिरप या दवा बच्चे को दे देते हैं। लेकिन अब सरकार के एक नए फैसले के बाद इस तरह दवा देने को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। केंद्र सरकार ने कुछ ऐसी कॉम्बिनेशन दवाओं पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड जैसे घटक शामिल होते हैं। इन दवाओं का इस्तेमाल लंबे समय से सर्दी-जुकाम, नाक बहने और एलर्जी जैसे…

H1N1 से उबरने के बाद दोबारा बिगड़ने लगे स्वास्थ्य तो रहें सावधान, ये संकेत हो सकते हैं गंभीर बीमारी की चेतावनी

दिल्ली में इन दिनों H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। मानसून के मौसम में इन्फ्लूएंजा और दूसरे वायरल संक्रमणों के मामले बढ़ना आम बात मानी जाती है, लेकिन इस बार राजधानी में H1N1 के मरीजों की संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक बताई जा रही है। हेल्थ डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक, 20 अगस्त तक दिल्ली में H1N1 के 1,777 मामले सामने आ चुके थे। वहीं, राजधानी में दर्ज किए गए कुल 2,392 इन्फ्लूएंजा ए मामलों में H1N1 सबसे प्रमुख सब-टाइप के तौर पर सामने आया है। फ्लू के ज्यादातर मरीज कुछ दिनों…

बच्चों के टिफिन से लेकर घर की रसोई तक: ‘हेल्दी’ पैकेट के पीछे छिपी चीनी, नमक और प्रोसेस्ड फूड की हकीकत

आज के दौर में सुपरमार्केट की अलमारियां ऐसे खाद्य उत्पादों से भरी हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि वे हमारी सेहत का ख्याल रखने के लिए ही बनाए गए हैं। किसी पैकेट पर ‘मल्टीग्रेन’ लिखा है, किसी पर ‘नेचुरल’, तो कहीं ‘हाई फाइबर’, ‘बेक्ड’ या ‘जीरो मैदा’ जैसे दावे नजर आते हैं। आकर्षक पैकेजिंग और स्मार्ट विज्ञापन खासतौर पर बच्चों और अभिभावकों को यह भरोसा दिलाते हैं कि पैकेट में बंद चीज पारंपरिक भोजन का बेहतर और सुविधाजनक विकल्प है। लेकिन असली कहानी अक्सर पैकेट के सामने नहीं, बल्कि उसके पीछे लिखी सामग्री सूची और पोषण संबंधी जानकारी में छिपी…

कैंसर कोशिकाओं को चुनकर निशाना बनाएगी RK-251! भारतीय वैज्ञानिकों की ‘स्मार्ट’ दवा से इलाज की नई उम्मीद

कैंसर के इलाज में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक यह है कि बीमारी को खत्म करने के साथ-साथ शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान से कैसे बचाया जाए। मौजूदा उपचारों, खासकर कीमोथेरेपी, में दवाएं तेजी से बढ़ने वाली कैंसर कोशिकाओं पर असर डालती हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में शरीर की कुछ सामान्य कोशिकाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। यही वजह है कि इलाज के दौरान कई तरह के दुष्प्रभाव देखने को मिलते हैं। अब भारतीय वैज्ञानिकों ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए एक ऐसी नई दवा विकसित की है, जो कैंसर कोशिकाओं के खास वातावरण का फायदा…

गर्दन चटकाने की आदत कहीं पड़ न जाए भारी, जानिए आवाज आने की वजह और कब हो सकती है परेशानी

गर्दन में खिंचाव या भारीपन महसूस होते ही कई लोगों की आदत होती है कि वे उसे एक तरफ मोड़कर चटका लेते हैं। कुछ लोगों को ऐसा करने के बाद तुरंत हल्कापन और आराम महसूस होता है। यही वजह है कि धीरे-धीरे गर्दन चटकाना उनकी रोजमर्रा की आदत बन जाता है। खासकर वे लोग जो दिन का लंबा समय मोबाइल, लैपटॉप या डेस्क पर बैठकर काम करते हैं, उन्हें गर्दन में अकड़न और तनाव ज्यादा महसूस हो सकता है। गर्दन चटकाते समय आने वाली आवाज कई लोगों को परेशान भी करती है। मन में सवाल उठता है कि आखिर हड्डियों…

बच्चों का बढ़ता वजन बन रहा खतरे की घंटी, जंक फूड और स्क्रीन टाइम से बढ़ रहा मोटापे का जोखिम

एक समय था जब बच्चे का गोल-मटोल शरीर परिवार के लिए खुशी और अच्छी सेहत का संकेत माना जाता था। बच्चे का वजन ज्यादा देखकर अक्सर यही समझा जाता था कि उसे घर में भरपूर खाना मिल रहा है और वह स्वस्थ है। लेकिन बदलते समय में यह धारणा खतरनाक साबित हो सकती है। बच्चों में जरूरत से ज्यादा वजन बढ़ना अब सिर्फ उनके व्यक्तित्व या दिखने से जुड़ा विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है। भारत में बच्चों और किशोरों के बीच बढ़ता मोटापा सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए चिंता…

नींद पूरी होने के बाद भी शरीर में दर्द और अकड़न क्यों? ये कारण हो सकते हैं जिम्मेदार

सुबह के Body Pain को सामान्य थकान समझकर न करें नजरअंदाज सुबह की शुरुआत अगर ताजगी और ऊर्जा के बजाय शरीर में दर्द, भारीपन और अकड़न के साथ हो, तो इसे हमेशा सामान्य थकान मानकर टालना सही नहीं है। कई लोगों को रातभर सोने के बाद उम्मीद होती है कि शरीर पूरी तरह रिलैक्स महसूस करेगा, लेकिन बिस्तर से उठते ही कमर, गर्दन, कंधे, घुटनों या हाथ-पैरों में दर्द महसूस होने लगता है। कुछ मामलों में थोड़ी देर चलने-फिरने के बाद यह परेशानी कम हो जाती है, जबकि कुछ लोगों में दर्द और जकड़न लंबे समय तक बनी रहती है।…

कोलेस्ट्रॉल सही फिर भी दिल पर मंडरा सकता है खतरा! ये जांचें खोल सकती हैं छिपी हार्ट डिजीज की पोल

अक्सर लोग अपनी लिपिड प्रोफाइल रिपोर्ट देखकर निश्चिंत हो जाते हैं। अगर टोटल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल तय सीमा के भीतर है, तो माना जाता है कि दिल की सेहत भी ठीक होगी। लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक तस्वीर इतनी आसान नहीं है। किसी व्यक्ति की कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट सामान्य होने के बावजूद उसकी कोरोनरी आर्टरीज में प्लाक, सूजन या अन्य तरह की समस्या विकसित हो सकती है और भविष्य में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। हार्ट अटैक को केवल कोलेस्ट्रॉल से जोड़कर देखना सही नहीं है। शरीर में बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, धूम्रपान, मोटापा, खराब…

पैरों की सूजन या नसों का उभरना नहीं है मामूली बात, जानिए Varicose Veins और Leg Edema में क्या है फर्क

पैरों में दर्द, भारीपन, सूजन या नसों का बाहर की ओर उभर आना अक्सर लोग दिनभर की थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। खासतौर पर जिन लोगों को लंबे समय तक खड़े रहना पड़ता है या घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना होता है, उनमें ऐसी परेशानी आम दिखाई देती है। हालांकि, हर बार पैरों में होने वाला बदलाव सामान्य नहीं होता। कई बार इसके पीछे वैरिकोज वेन्स या लेग एडिमा जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इन दोनों स्थितियों में पैर भारी और असहज महसूस हो सकते हैं, लेकिन दोनों की वजह एक नहीं होती। वैरिकोज वेन्स में नसों…

लगातार कमर दर्द को न समझें मामूली परेशानी, एक्सियल अर्थराइटिस रीढ़ की लचक कर सकता है खत्म

कमर में दर्द होना आम बात माना जाता है। लंबे समय तक बैठकर काम करने, गलत तरीके से उठने-बैठने, ज्यादा वजन उठाने या मांसपेशियों पर दबाव पड़ने से भी पीठ में दर्द हो सकता है। यही वजह है कि बहुत से लोग लगातार बने रहने वाले कमर दर्द को भी सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर कमर दर्द का कारण मांसपेशियों की थकान या खराब पोस्चर नहीं होता। कई बार इसके पीछे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ी एक गंभीर सूजन वाली बीमारी भी हो सकती है, जिसे एक्सियल स्पॉन्डायलोआर्थराइटिस कहा जाता है। यह बीमारी धीरे-धीरे रीढ़…

डायबिटीज कंट्रोल से वजन घटाने तक, लो-GI डाइट हो सकती है फायदेमंद; जानें क्या खाएं और कैसे काम करती है

बढ़ता वजन, बिगड़ता ब्लड शुगर और मेटाबॉलिक से जुड़ी समस्याएं आज तेजी से आम हो रही हैं। ऐसे में खानपान में छोटे लेकिन सही बदलाव लंबे समय में काफी असर डाल सकते हैं। खासकर उन लोगों के लिए जो डायबिटीज, प्रीडायबिटीज या वजन बढ़ने की समस्या से परेशान हैं, भोजन में कार्बोहाइड्रेट की गुणवत्ता पर ध्यान देना महत्वपूर्ण हो जाता है। इसी संदर्भ में लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स यानी लो-GI डाइट की चर्चा बढ़ी है। इस डाइट का मकसद कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह बंद करना नहीं है, बल्कि ऐसे कार्बोहाइड्रेट चुनना है जो शरीर में अपेक्षाकृत धीरे पचें और ब्लड ग्लूकोज को…

गर्भावस्था में थकान और चक्कर को न करें नजरअंदाज, शरीर में आयरन की कमी मां और बच्चे दोनों के लिए बन सकती है परेशानी

गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। वजन बढ़ने से लेकर हार्मोनल परिवर्तन तक, इस दौरान महिला को कई नए अनुभवों से गुजरना पड़ता है। ऐसे में थकान, कमजोरी या कभी-कभी चक्कर आना सामान्य बात मान ली जाती है। हालांकि, अगर ये लक्षण बार-बार दिखाई दें या उनकी तीव्रता बढ़ती जाए, तो इन्हें केवल गर्भावस्था का सामान्य हिस्सा समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके पीछे शरीर में आयरन की कमी और एनीमिया जैसी समस्या हो सकती है। गर्भावस्था में आयरन की जरूरत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। इसकी वजह यह है कि मां…

प्रोटीन समझकर कहीं आप तो एनालॉग पनीर नहीं खा रहे हैं? असली और नकली में ऐसे करें फर्क

पनीर भारतीय खान-पान का ऐसा हिस्सा है, जिसे प्रोटीन और पोषण का अच्छा स्रोत माना जाता है। घर की सब्जी से लेकर रेस्टोरेंट की ग्रेवी और पार्टी के स्टार्टर तक, पनीर का इस्तेमाल खूब होता है। यही वजह है कि बाजार में इसकी मांग भी लगातार बनी रहती है। लेकिन क्या हर सफेद और नरम चीज, जो देखने में पनीर जैसी लगे, वास्तव में दूध से बना पनीर ही होती है? जवाब है—जरूरी नहीं। बाजार में एक ऐसा उत्पाद भी इस्तेमाल किया जाता रहा है, जो देखने, स्वाद और बनावट में पनीर से काफी मिलता-जुलता है, लेकिन इसे पारंपरिक तरीके…

फैटी लिवर से बचाव में कितनी कारगर है ब्लैक कॉफी? घी मिलाकर पीने के दावे में कितना दम, जानिए सही तरीका

आजकल फैटी लिवर की समस्या तेजी से आम होती जा रही है। बदलती लाइफस्टाइल, अनियमित खान-पान, ज्यादा कैलोरी वाला भोजन, कम शारीरिक गतिविधि और बढ़ता वजन इसके पीछे अहम कारण माने जाते हैं। कई लोगों को इस समस्या का पता तब चलता है, जब रूटीन जांच में लिवर एंजाइम बढ़े हुए मिलते हैं या अल्ट्रासाउंड में लिवर पर फैट जमा होने की जानकारी सामने आती है। हालांकि, कुछ लोग पेट भारी रहने, गैस, ब्लोटिंग या खाना ठीक से न पचने जैसी शिकायतों को भी फैटी लिवर से जोड़ देते हैं, जबकि इन लक्षणों के कई दूसरे कारण हो सकते हैं।…

40 की उम्र से पहले स्ट्रोक का खतरा क्यों बढ़ रहा है? इन लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

आज से कुछ साल पहले अगर 30 या 40 साल की उम्र के किसी व्यक्ति को स्ट्रोक होने की खबर मिलती थी, तो परिवार और आसपास के लोगों के लिए यह बेहद चौंकाने वाली बात होती थी। आम धारणा यही थी कि स्ट्रोक बुजुर्गों की बीमारी है। लेकिन अब कम उम्र में भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें व्यक्ति अचानक बोलने, चलने या शरीर के किसी हिस्से को हिलाने में परेशानी महसूस करने लगता है। कई बार मरीज और परिवार को शुरुआती तौर पर यह समझ ही नहीं आता कि मामला कितना गंभीर है। कम उम्र में स्ट्रोक…

लिवर को रखना है फिट तो डाइट में शामिल करें ये हेल्दी ड्रिंक्स, एक्सपर्ट ने बताए आसान विकल्प

लिवर को स्वस्थ रखना क्यों जरूरी है? लिवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह शरीर में मौजूद कई जरूरी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने के साथ-साथ पोषक तत्वों के इस्तेमाल, पाचन और शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में लिवर की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। खराब खान-पान, ज्यादा वजन, शराब का सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी जैसी आदतें लिवर पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं। अक्सर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर लिवर को “डिटॉक्स” या “क्लीन” करने वाले कई तरह के ड्रिंक्स और सप्लीमेंट्स के…