किशोरों में बढ़ रही मानसिक परेशानी, कहीं आपका बच्चा भी इन लक्षणों से तो नहीं जूझ रहा?

किशोरावस्था जीवन का वह दौर है, जब बच्चों के शरीर के साथ-साथ उनकी सोच, भावनाओं और व्यवहार में भी कई तरह के बदलाव आते हैं। इस उम्र में पढ़ाई, परीक्षा, दोस्तों के बीच अपनी पहचान बनाने, परिवार की उम्मीदों पर खरा उतरने और भविष्य को लेकर कई तरह की चिंताएं पैदा हो सकती हैं। आमतौर पर इन बदलावों को उम्र का सामान्य हिस्सा समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन कई बार यही परेशानियां धीरे-धीरे मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने लगती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में हर सात में से एक किशोर किसी…

कार्डियक अरेस्ट क्यों जानलेवा बन जाता है? हार्ट अटैक से कितना अलग, जानिए लक्षण और इमरजेंसी में बचाव के तरीके

दिल से जुड़ी बीमारियों के बारे में चर्चा करते समय अक्सर हार्ट अटैक का जिक्र होता है, लेकिन कार्डियक अरेस्ट भी एक ऐसी गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें कुछ ही मिनटों के भीतर व्यक्ति की जान खतरे में पड़ सकती है। इस स्थिति में दिल अचानक शरीर के विभिन्न अंगों तक खून पहुंचाना बंद कर देता है। नतीजतन, मस्तिष्क और दूसरे महत्वपूर्ण अंगों को ऑक्सीजन की आपूर्ति कम या बंद हो जाती है। समय रहते मदद नहीं मिलने पर स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है। यही वजह है कि कार्डियक अरेस्ट के संकेतों को पहचानना, तुरंत आपातकालीन सहायता बुलाना और…

गर्भावस्था की ये परेशानियां भविष्य की बीमारी का देती हैं संकेत, प्रेग्नेंसी में हाई BP और शुगर वाली महिलाओं को रहना होगा सतर्क

गर्भावस्था को आमतौर पर बच्चे के जन्म तक सीमित स्वास्थ्य अवस्था के तौर पर देखा जाता है, लेकिन इस दौरान सामने आने वाली कुछ मेडिकल परेशानियां महिला की आगे की सेहत के बारे में भी महत्वपूर्ण संकेत दे सकती हैं। ब्रिटेन में किए गए एक बड़े अध्ययन ने इसी दिशा में गंभीर चिंता सामने रखी है। शोध के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर, गर्भावधि डायबिटीज, समय से पहले डिलीवरी और प्रसव के बाद डिप्रेशन जैसी जटिलताओं का सामना करने वाली महिलाओं में भविष्य के वर्षों में हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और क्रोनिक किडनी डिजीज जैसी…

प्रोटीन की कमी न होने दें: उम्र के हर पड़ाव पर रोज कितनी मात्रा जरूरी?

हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है, लेकिन प्रोटीन का स्थान इनमें बेहद महत्वपूर्ण है. शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने से लेकर ऊतकों की मरम्मत, त्वचा और बालों के स्वास्थ्य तथा कई जरूरी हार्मोन और एंजाइम के निर्माण तक में प्रोटीन की भूमिका होती है. यही वजह है कि रोजाना की डाइट में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल करना जरूरी माना जाता है. हालांकि, हर व्यक्ति के लिए प्रोटीन की एक जैसी मात्रा सही नहीं हो सकती. उम्र, शरीर के वजन, शारीरिक मेहनत, व्यायाम और स्वास्थ्य से जुड़ी परिस्थितियों…

शरीर में छिपे संक्रमण से कैंसर का खतरा, भारत में हर साल करीब 1.9 लाख नए मामले

कैंसर का नाम सामने आते ही आमतौर पर लोगों के दिमाग में तंबाकू, शराब, मोटापा, खराब खान-पान, प्रदूषण या पारिवारिक इतिहास जैसी वजहें आती हैं। हालांकि कैंसर के पीछे कुछ ऐसे कारण भी हो सकते हैं जिनका संबंध किसी व्यक्ति की रोजमर्रा की आदतों से सीधे तौर पर नहीं होता। शरीर में लंबे समय तक मौजूद रहने वाले कुछ वायरस और बैक्टीरिया भी धीरे-धीरे ऐसी परिस्थितियां पैदा कर सकते हैं, जिनसे कोशिकाओं में कैंसर विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। भारत को लेकर सामने आई एक वैश्विक मेडिकल रिसर्च ने इसी खतरे की गंभीर तस्वीर पेश की है। ‘द…

ब्रेस्ट में गांठ न हो तब भी मिल सकते हैं कैंसर के संकेत, महिलाओं को इन बदलावों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए नजरअंदाज

ब्रेस्ट कैंसर का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में सबसे पहले स्तन में गांठ की तस्वीर आती है। हालांकि, हर मामले में बीमारी की शुरुआत गांठ से हो, यह जरूरी नहीं है। कई बार शरीर कुछ ऐसे बदलावों के जरिए संकेत देना शुरू करता है, जो पहली नजर में सामान्य लग सकते हैं। यही वजह है कि महिलाओं के लिए केवल गांठ को ही ब्रेस्ट कैंसर का संकेत मानना सही नहीं होगा। स्तन के आकार, त्वचा, निप्पल या कांख में दिखाई देने वाला कोई नया और लगातार बना रहने वाला बदलाव भी ध्यान देने योग्य हो सकता है।…

कांगो में इबोला ने मचाई तबाही, 4 हजार से ज्यादा मौतें; 8,300 से अधिक मामले, तेजी से फैल रहा वायरस

अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) इस समय इबोला वायरस के बेहद गंभीर प्रकोप से जूझ रहा है। मई 2026 में सामने आया यह संक्रमण कुछ ही महीनों में देश के बड़े हिस्से तक पहुंच गया है। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस प्रकोप में अब तक 4,018 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8,300 से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है। यह आंकड़ा इस बीमारी के पिछले कई बड़े प्रकोपों की तुलना में बेहद तेजी से बढ़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, संक्रमण देश के सात प्रांतों तक पहुंच चुका है और इसके फैलाव ने स्थानीय स्वास्थ्य…

हार्ट अटैक से पहले शरीर के इन हिस्सों में महसूस हो सकता है दर्द, इन संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

हार्ट अटैक को अक्सर अचानक होने वाली मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है, लेकिन कई मामलों में शरीर इससे पहले कुछ चेतावनी संकेत देना शुरू कर देता है। समस्या यह है कि इन संकेतों को लोग कई बार सामान्य थकान, गैस, एसिडिटी, मांसपेशियों में खिंचाव या रोजमर्रा की दूसरी परेशानियों से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं। खासतौर पर दर्द अगर सीने के बजाय शरीर के किसी दूसरे हिस्से में हो, तो व्यक्ति को यह समझ ही नहीं आता कि इसका संबंध दिल से भी हो सकता है। हालांकि हर तरह का दर्द हार्ट अटैक का संकेत नहीं होता, लेकिन कुछ खास…

सिर्फ वायरल समझकर न करें नजरअंदाज, इन संकेतों से पहचानें डेंगू का खतरा

बारिश और मौसम में बदलाव के साथ कई तरह के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसी दौरान मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू के मामले भी सामने आने लगते हैं। शुरुआत में डेंगू और सामान्य वायरल फीवर के लक्षण काफी हद तक एक जैसे दिखाई दे सकते हैं, जिसकी वजह से कई लोग इसे साधारण बुखार मानकर घर पर ही इलाज शुरू कर देते हैं। लेकिन कुछ खास लक्षण ऐसे होते हैं, जिन पर ध्यान देकर डेंगू की आशंका को समय रहते समझा जा सकता है। खासकर तेज बुखार के साथ शरीर में तेज दर्द, सिरदर्द, आंखों के आसपास…

गर्भधारण में परेशानी की एक वजह तनाव भी है? रोजाना 60 मिनट का योग रूटीन दे सकता है मानसिक सुकून

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव महिलाओं की दिनचर्या का हिस्सा बनता जा रहा है। काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां, नींद की कमी और लगातार बनी रहने वाली चिंता का असर केवल मानसिक स्वास्थ्य पर ही नहीं पड़ता, बल्कि शरीर की कई सामान्य प्रक्रियाओं को भी प्रभावित कर सकता है। प्रजनन स्वास्थ्य के मामले में भी तनाव को एक महत्वपूर्ण कारक माना जाता है। गर्भधारण में परेशानी का सामना कर रही महिलाओं के लिए हाल ही में सामने आए एक अध्ययन में योग, प्राणायाम और ध्यान के नियमित अभ्यास को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। अध्ययन के अनुसार, हठयोग…

फिट और युवा महिलाओं के दिल में छिपा हो सकता है यह खतरा, बिना कोलेस्ट्रॉल के भी आ सकता है हार्ट अटैक

29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे के मौके पर दिल की सेहत को लेकर चर्चा होती है तो आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और धूम्रपान जैसे जोखिमों पर ध्यान दिया जाता है। लेकिन हार्ट अटैक से जुड़ी हर कहानी इन सामान्य कारणों से नहीं जुड़ी होती। कुछ मामलों में ऐसी महिलाएं भी अचानक गंभीर स्थिति में पहुंच सकती हैं, जो उम्र में कम हों, नियमित रूप से एक्टिव रहती हों और जिनमें हार्ट डिजीज के पारंपरिक जोखिम दिखाई ही न देते हों। ऐसी ही एक कम पहचानी जाने वाली स्थिति है स्पॉन्टेनियस कोरोनरी आर्टरी डिसेक्शन…

फाइबर को डाइट में जगह देना क्यों जरूरी है? पेट से लेकर दिल तक, शरीर को मिलते हैं ये बड़े फायदे

जब भी डाइट में फाइबर की बात होती है तो अक्सर इसे कब्ज और पेट साफ रखने से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन फाइबर का काम इससे कहीं ज्यादा व्यापक है। शरीर में इसकी पर्याप्त मात्रा न सिर्फ पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकती है, बल्कि हृदय की सेहत, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल, वजन और आंतों में मौजूद सूक्ष्मजीवों यानी गट माइक्रोबायोम पर भी इसका असर पड़ सकता है। यही वजह है कि पोषण विशेषज्ञ लंबे समय से डाइट में पर्याप्त मात्रा में अलग-अलग स्रोतों से फाइबर शामिल करने की सलाह देते हैं। हाल के…

उम्र से पहले बूढ़ा दिखा सकता है आपका रूटीन, इन रोजमर्रा की गलतियों से तुरंत बनाएं दूरी

उम्र बढ़ना शरीर की सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कई बार उम्र से पहले ही चेहरे और शरीर पर थकान, झुर्रियां और ढीलापन नजर आने लगता है। खासकर युवाओं में कम उम्र के बावजूद उम्रदराज दिखने की शिकायत तेजी से बढ़ रही है। इसके पीछे केवल जेनेटिक्स या स्किनकेयर की कमी ही जिम्मेदार नहीं होती, बल्कि हमारी रोजाना की जीवनशैली भी बड़ा असर डाल सकती है। कई लोग चेहरे को जवां बनाए रखने के लिए महंगे कॉस्मेटिक्स, स्किनकेयर प्रोडक्ट्स और अलग-अलग डाइट प्लान अपनाते हैं। हालांकि, अगर दिन का बड़ा हिस्सा बैठे-बैठे गुजरता है, नींद पूरी नहीं होती, खानपान में चीनी…

फेफड़ों की सेहत के लिए सिर्फ सिगरेट से दूरी काफी नहीं, रोज की ये आदतें भी बन सकती हैं नुकसान की वजह

फेफड़े हमारे शरीर के उन महत्वपूर्ण अंगों में शामिल हैं, जो हर पल हमें सांस लेने और शरीर तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करते हैं। आमतौर पर जब फेफड़ों की खराब सेहत की बात आती है, तो सबसे पहले स्मोकिंग का नाम लिया जाता है। इसमें कोई शक नहीं कि तंबाकू का धुआं फेफड़ों के लिए बेहद नुकसानदायक है और लंबे समय तक धूम्रपान करने से कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन केवल सिगरेट या बीड़ी से दूरी बना लेना ही फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। हमारी रोजमर्रा की कई ऐसी आदतें हैं,…

बुखार-सिरदर्द में हर बार मेडिकल स्टोर से दवा लेना पड़ सकता है भारी, CDSCO ने पेनकिलर-एंटीबायोटिक्स पर चेताया

हल्का बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या सर्दी-जुकाम जैसी तकलीफ होने पर बहुत से लोग डॉक्टर के पास जाने के बजाय सीधे मेडिकल स्टोर का रुख करते हैं। कई बार पहले से घर में रखी दवा भी बिना किसी चिकित्सकीय सलाह के दोबारा ले ली जाती है। समस्या छोटी समझकर ली गई यह आदत कुछ परिस्थितियों में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है। इसी तरह दवाओं के जरूरत से ज्यादा या गलत इस्तेमाल को लेकर सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन यानी CDSCO ने अहम चेतावनी जारी की है। 22 सितंबर 2026 को जारी सर्कुलर में खास तौर पर पेनकिलर यानी…

मच्छर के काटने के बाद कब बढ़ जाती है चिंता? डेंगू के शुरुआती संकेत और गंभीर लक्षण जानिए

बारिश और उमस के मौसम में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इनमें डेंगू भी शामिल है। डेंगू होने पर अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं। कुछ मरीजों की त्वचा पर लाल दाने या रैश भी नज़र आने लगते हैं। यही वजह है कि बुखार के साथ शरीर पर लाल चकत्ते दिखने पर लोगों को अक्सर डेंगू की आशंका होने लगती है। हालांकि, त्वचा पर रैश और बुखार को केवल डेंगू का संकेत मान लेना सही नहीं है। कई अन्य वायरल इंफेक्शन और बीमारियों में भी बुखार के…

HIV से बचाव में नया विकल्प: हर 8 हफ्ते में लगने वाला इंजेक्शन रोज की गोली से ज्यादा प्रभावी, स्टडी में सामने आया अंतर

HIV संक्रमण से बचाव के क्षेत्र में लंबे समय से रोजाना ली जाने वाली दवाओं का इस्तेमाल किया जाता रहा है। ऐसे लोगों को प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस यानी PrEP की मदद दी जाती है, जिनमें HIV संक्रमित होने का जोखिम अपेक्षाकृत ज्यादा होता है। अब एक नए अध्ययन ने HIV से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाले लंबे समय तक असर करने वाले इंजेक्शन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने रखी है। स्टडी में कैबोटेग्राविर नाम के इंजेक्शन को नियमित रूप से ली जाने वाली HIV प्रिवेंशन गोली के साथ तुलना की गई। शोध में पाया गया कि आठ सप्ताह के अंतराल…

मेडिकल स्टोर्स की बिक्री पर अब CCTV की निगरानी, बिना पर्ची दवा देने वालों पर बढ़ेगी सरकार की नजर

देश में दवाओं की बिक्री को लेकर सरकार नियमों को और सख्त करने की तैयारी में है। खासतौर पर ऐसी दवाओं की बिक्री पर निगरानी बढ़ाने की योजना है, जिन्हें डॉक्टर की सलाह और वैध प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही बेचा जाना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 8 सितंबर 2026 को ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन से जुड़ा एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। प्रस्ताव में मेडिकल स्टोर्स पर CCTV कैमरे लगाने की व्यवस्था शामिल की गई है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य सिर्फ मेडिकल दुकानों की सामान्य निगरानी करना नहीं है, बल्कि प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की बिक्री की प्रक्रिया को रिकॉर्ड…

बार-बार होने वाला सिरदर्द हो सकता है शरीर की अंदरूनी परेशानी का संकेत, जानें किन कारणों से बढ़ती है समस्या

कई लोगों के लिए सिरदर्द रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। काम का दबाव, लगातार मोबाइल या कंप्यूटर का इस्तेमाल, नींद पूरी न होना और समय पर खाना न खाने जैसी आदतों के कारण कभी-कभार सिर में दर्द होना आम बात हो सकती है। लेकिन अगर सिरदर्द बार-बार होने लगे, बिना किसी स्पष्ट वजह के लौटकर आए या इसकी तीव्रता लगातार बढ़ती जाए, तो इसे सामान्य परेशानी मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। बार-बार होने वाला सिरदर्द शरीर में मौजूद किसी समस्या, जीवनशैली से जुड़ी गड़बड़ी या किसी खास ट्रिगर की ओर इशारा कर सकता है। अक्सर लोग…

क्या सिर्फ 10 मिनट की वॉक से स्वस्थ रहेगा दिल? जानिए हफ्ते में कितनी एक्सरसाइज है जरूरी

आजकल हार्ट हेल्थ को लेकर चिंता सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है। बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक बैठे रहने की आदत, शारीरिक गतिविधियों की कमी और खान-पान में आए बदलावों के कारण कम उम्र के लोगों में भी हृदय से जुड़ी समस्याओं का खतरा चर्चा में है। ऐसे में दिल को स्वस्थ रखने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि को जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी माना जाता है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर स्वस्थ दिल के लिए कितनी एक्सरसाइज पर्याप्त है? क्या रोज कुछ मिनट टहलना ही काफी है या फिर इसके लिए…