लिवर को रखना है फिट तो डाइट में शामिल करें ये हेल्दी ड्रिंक्स, एक्सपर्ट ने बताए आसान विकल्प

लिवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह शरीर में मौजूद कई जरूरी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने के साथ-साथ पोषक तत्वों के इस्तेमाल, पाचन और शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में लिवर की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। खराब खान-पान, ज्यादा वजन, शराब का सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी जैसी आदतें लिवर पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं। अक्सर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर लिवर को “डिटॉक्स” या “क्लीन” करने वाले कई तरह के ड्रिंक्स और सप्लीमेंट्स के बारे में दावे किए जाते हैं। हालांकि,…

हर दर्द में एक ही पेनकिलर लेना कितना सही? दवा खाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

सिरदर्द हो, कमर में खिंचाव, गर्दन में दर्द, पैरों में तकलीफ या पेट में किसी तरह की परेशानी, दर्द होते ही बहुत से लोगों का पहला ख्याल पेनकिलर लेने का होता है। दर्द से जल्द राहत मिलने के कारण ये दवाएं बेहद सुविधाजनक लगती हैं। खासकर ऐसी दवाएं जो मेडिकल स्टोर पर बिना डॉक्टर की पर्ची के आसानी से मिल जाती हैं। लेकिन दर्द कम करने वाली दवा का मतलब यह नहीं है कि हर तरह के दर्द में वही गोली इस्तेमाल की जा सकती है। अलग-अलग दवाओं का शरीर पर असर अलग होता है और उनकी खुराक, इस्तेमाल का…

मानसून में बढ़ी नमी से बिगड़ सकती है त्वचा की सेहत, इन आसान उपायों से रखें स्किन को सुरक्षित

मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं यह त्वचा के लिए कई तरह की नई चुनौतियां भी पैदा कर देता है। बारिश के दौरान वातावरण में नमी काफी बढ़ जाती है, जिससे स्किन की प्राकृतिक स्थिति प्रभावित होने लगती है। कई लोगों को इस मौसम में चेहरे पर चिपचिपापन, मुंहासे, रैशेज, फंगल इंफेक्शन और त्वचा में खुजली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यदि इस समय स्किन की सही तरीके से देखभाल न की जाए तो छोटी-सी परेशानी भी गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए मानसून के दौरान अपनी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए…

एक्टर प्रदीप रावत के निधन के बाद चर्चा में ब्लड कैंसर, जानिए कब हो जाना चाहिए सतर्क

बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता प्रदीप रावत अब हमारे बीच नहीं रहे। 74 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार वह लंबे समय से ब्लड कैंसर (रक्त कैंसर) से जूझ रहे थे और हाल के दिनों में उनकी तबीयत दोबारा बिगड़ गई थी। इलाज के दौरान भिवंडी के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया। उनके जाने से फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है। उन्होंने अपने अभिनय से कई यादगार किरदार निभाए और फिल्मों के साथ-साथ टीवी जगत में भी अपनी अलग पहचान बनाई। प्रदीप रावत का निधन एक बार फिर ब्लड कैंसर…

AI से होगी दिमाग की असली उम्र की पहचान! नई रिसर्च में MRI से तैयार हुआ अनोखा ब्रेन मैप

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और न्यूरोसाइंस का नया संगम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence – AI) ने पिछले कुछ वर्षों में चिकित्सा विज्ञान के कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। पहले जहां एआई का उपयोग मुख्य रूप से डेटा विश्लेषण, चैटबॉट, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन तक सीमित माना जाता था, वहीं अब यह जटिल चिकित्सा समस्याओं को समझने और उनका समाधान खोजने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विशेष रूप से न्यूरोसाइंस और मेडिकल इमेजिंग के क्षेत्र में एआई आधारित तकनीकों ने शोधकर्ताओं को मानव मस्तिष्क को पहले की तुलना में अधिक गहराई से समझने का अवसर दिया है। हाल ही में…

वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक 2026: स्तनपान कराने वाली माताओं और परिवार के लिए जरूरी देखभाल, जानें क्या रखें ध्यान

हर नवजात शिशु के जीवन की शुरुआत मां के दूध से होती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ जन्म के तुरंत बाद शिशु को स्तनपान कराने की सलाह देते हैं। मां का दूध केवल भूख मिटाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बच्चे के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व, एंटीबॉडी, विटामिन और मिनरल्स शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। स्तनपान के महत्व को लोगों तक पहुंचाने और माताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से हर वर्ष 1 अगस्त से 7 अगस्त तक वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक मनाया…

बार-बार होती है एसिडिटी? इन खाने-पीने की चीजों से रहें सतर्क, नहीं तो बढ़ सकती है परेशानी

आजकल बदलती जीवनशैली और अनियमित खानपान के कारण एसिडिटी की समस्या बेहद आम हो गई है। कई लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यदि सीने में जलन, खट्टी डकार, गले में जलन या पेट में भारीपन जैसी शिकायतें लगातार बनी रहती हैं, तो यह शरीर का संकेत हो सकता है कि आपकी डाइट और दिनचर्या में बदलाव की जरूरत है। अक्सर लोग दवा लेकर कुछ समय के लिए राहत तो पा लेते हैं, लेकिन यदि एसिडिटी की असली वजह पर ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या बार-बार लौट सकती है। एसिडिटी केवल पेट से जुड़ी छोटी…

सीजनल फ्लू से जल्दी उबरना है तो बदलें अपनी डाइट, एक्सपर्ट ने बताए रिकवरी तेज करने वाले फूड्स

मौसम में बदलाव होते ही वायरल संक्रमण और सीजनल फ्लू के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। कई लोग इस दौरान सर्दी, खांसी या हल्के बुखार को सामान्य मौसमी परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा करना कई बार नुकसानदायक साबित हो सकता है। फ्लू के दौरान सिर्फ दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय खानपान और पर्याप्त आराम भी उतना ही जरूरी होते हैं। सही भोजन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ रिकवरी की प्रक्रिया को भी तेज कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार, सीजनल फ्लू होने पर शरीर…

बार-बार ब्लड टेस्ट कराना कितना सही है? जानिए कब जांच जरूरी और कब बन सकती है परेशानी

आज के समय में हेल्थ अवेयरनेस पहले के मुकाबले काफी बढ़ गई है। लोग अपनी फिटनेस और स्वास्थ्य को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क रहने लगे हैं। इसी वजह से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने का चलन भी तेजी से बढ़ा है। कई लोग हल्की थकान, कमजोरी, सिरदर्द या सामान्य बदलाव महसूस होते ही ब्लड टेस्ट कराने पहुंच जाते हैं। वहीं कुछ लोग हर कुछ महीनों में हेल्थ पैकेज के जरिए दर्जनों जांचें करवा लेते हैं ताकि किसी बीमारी का समय रहते पता चल सके। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर स्थिति में बार-बार ब्लड टेस्ट कराना जरूरी नहीं होता…

क्रोनिक किडनी डिजीज के मरीजों के लिए बढ़ा खतरा! कमजोर इम्युनिटी बना सकती है शिंगल्स का आसान शिकार

शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में किडनी की भूमिका बेहद अहम होती है। यह सिर्फ खून को साफ करने का काम ही नहीं करती, बल्कि शरीर में पानी, नमक, मिनरल्स और कई जरूरी तत्वों का संतुलन भी बनाए रखती है। जब किडनी ठीक तरह से काम करती है, तब शरीर के विषैले पदार्थ यूरिन के जरिए बाहर निकल जाते हैं। लेकिन यदि किडनी धीरे-धीरे अपनी कार्यक्षमता खोने लगे, तो इसका असर पूरे शरीर पर दिखाई देने लगता है। पिछले कुछ वर्षों में क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान, बढ़ता तनाव,…

देश में डेंगू के चारों स्ट्रेन की दस्तक, ICMR स्टडी से बढ़ी स्वास्थ्य विभाग की चिंता

भारत में डेंगू के मामलों को लेकर एक नई वैज्ञानिक रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे द्वारा किए गए व्यापक अध्ययन में पता चला है कि देश के कई हिस्सों में डेंगू वायरस के चारों प्रमुख स्ट्रेन एक साथ सक्रिय हैं। यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अलग-अलग स्ट्रेन के एक साथ फैलने से गंभीर डेंगू के मामलों की आशंका बढ़ सकती है। दूसरी ओर, राहत की बात यह है कि भारत में डेंगू वैक्सीन विकसित करने की दिशा में तेजी से…

सिगरेट छोड़ना चाहते हैं? इन असरदार तरीकों से आसान बन सकता है सफर, जानिए कैसे पाएं तंबाकू की लत से छुटकारा

धूम्रपान दुनिया भर में रोकी जा सकने वाली बीमारियों और समय से पहले होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में गिना जाता है। इसके बावजूद लाखों लोग हर दिन सिगरेट पीते हैं और जब इसे छोड़ने की कोशिश करते हैं, तो निकोटिन की लत उन्हें बार-बार वापस उसी आदत की ओर खींच लेती है। कई लोगों का मानना है कि एक दिन अचानक सिगरेट छोड़ देना आसान होगा, लेकिन वास्तव में यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें इच्छाशक्ति, सही योजना, परिवार का सहयोग और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह अहम भूमिका निभाती है। अच्छी बात यह है कि आज…

वन तुलसी: प्रकृति का अनमोल औषधीय पौधा, जानिए सेहत के लिए इसके प्रमुख लाभ और सही उपयोग

भारतीय आयुर्वेद में कई ऐसे पौधों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें प्राकृतिक औषधि के रूप में सदियों से उपयोग किया जाता रहा है। इन्हीं में से एक है वन तुलसी, जिसे कई स्थानों पर जंगली तुलसी भी कहा जाता है। यह पौधा सामान्य घरों में लगाई जाने वाली तुलसी से कुछ अलग होता है और प्राकृतिक वातावरण में स्वतः उगता है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, वन तुलसी में मौजूद कई जैव सक्रिय तत्व शरीर को संक्रमणों से बचाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और विभिन्न शारीरिक समस्याओं में सहायता करने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि वन…

हेपेटाइटिस-बी को लेकर फैली गलतफहमियां बन सकती हैं खतरनाक, जानिए किन बातों पर भरोसा करें और किन पर नहीं

लिवर से जुड़ी बीमारियों में हेपेटाइटिस-बी (Hepatitis B) एक गंभीर वायरल संक्रमण माना जाता है। यह बीमारी हेपेटाइटिस-बी वायरस (HBV) के कारण होती है और दुनिया भर में करोड़ों लोग इससे प्रभावित हैं। चिकित्सा विज्ञान में इसके इलाज, रोकथाम और प्रबंधन को लेकर काफी प्रगति हुई है, लेकिन समाज में आज भी इस बीमारी को लेकर कई तरह की भ्रांतियां मौजूद हैं। यही कारण है कि कई मरीजों को बीमारी से ज्यादा सामाजिक भेदभाव और गलत जानकारी का सामना करना पड़ता है। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार लोगों से इस संक्रमण के बारे में सही जानकारी…

शरीर में दिखने वाली हर गांठ को हल्के में न लें, ‘साइलेंट कैंसर’ सारकोमा के ये संकेत हो सकते हैं खतरनाक

अक्सर शरीर में बनने वाली छोटी-बड़ी गांठ, सूजन या दर्द को लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार लोग इसे चोट, मांसपेशियों में खिंचाव या फैट की गांठ मानकर लंबे समय तक इलाज भी नहीं करवाते। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि हर गांठ सामान्य नहीं होती। कुछ मामलों में यह सारकोमा (Sarcoma) नाम के दुर्लभ लेकिन गंभीर कैंसर का शुरुआती संकेत भी हो सकती है। चूंकि इसके शुरुआती लक्षण सामान्य बीमारियों जैसे दिखाई देते हैं, इसलिए इसका पता अक्सर देर से चलता है। यही कारण है कि इसे कई बार ‘साइलेंट कैंसर’ भी कहा जाता है।…

महंगे हेल्थ सप्लीमेंट्स नहीं, ये देसी सुपरफूड्स ही बना सकते हैं शरीर को मजबूत, जानिए इनके जबरदस्त फायदे

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहने की चाहत लगभग हर व्यक्ति की है। इसी वजह से बाजार में मिलने वाले महंगे प्रोटीन पाउडर, इम्युनिटी बूस्टर, मल्टीविटामिन और अन्य हेल्थ सप्लीमेंट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। सोशल मीडिया और विज्ञापनों के प्रभाव में आकर लोग यह मानने लगे हैं कि बेहतर स्वास्थ्य केवल महंगे उत्पादों से ही हासिल किया जा सकता है। हालांकि भारतीय परंपरा कुछ और ही कहानी कहती है। हमारे पूर्वज बिना किसी आधुनिक सप्लीमेंट के भी लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन जीते थे। इसकी सबसे बड़ी वजह उनकी रसोई में मौजूद प्राकृतिक और…

क्या सीढ़ियां चढ़ना हो गया मुश्किल? यह फिटनेस नहीं, बीमारी की घंटी भी हो सकती है

अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि थोड़ी दूर तेज चलने या कुछ सीढ़ियां चढ़ने के बाद सांस फूलना सामान्य बात है। कई लोग इसे बढ़ती उम्र, मोटापा, व्यायाम की कमी या दिनभर की थकान का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर बार ऐसा सोचना सही नहीं होता। यदि पहले ऐसा नहीं होता था और अब अचानक थोड़ी-सी शारीरिक गतिविधि करने पर ही सांस फूलने लगी है, या समय के साथ यह परेशानी लगातार बढ़ रही है, तो यह शरीर की ओर से मिलने वाला एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सांस फूलना…

भारत में डेंगू से बचाव की नई शुरुआत: पहली बार मिली QDENGA वैक्सीन को मंजूरी, जानिए किसे लगेगी, कितनी असरदार और क्या हैं जरूरी बातें

हर साल मानसून आते ही देशभर में डेंगू का खतरा तेजी से बढ़ने लगता है। बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से एडीज मच्छरों की संख्या बढ़ती है और इसके साथ ही हजारों लोग इस वायरल बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। बीते कुछ वर्षों में डेंगू ने भारत के लिए बड़ी स्वास्थ्य चुनौती का रूप ले लिया है। ऐसे समय में देश को एक महत्वपूर्ण राहत मिली है। भारत के औषधि नियामक ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने देश में डेंगू से बचाव के लिए पहली वैक्सीन QDENGA (क्यूडेंगा) के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है।…

सर्वाइकल दर्द को हल्के में न लें! आपकी रोजमर्रा की ये 5 आदतें बन सकती हैं गर्दन की सबसे बड़ी दुश्मन, जानिए बचाव के आसान तरीके

आज की आधुनिक जीवनशैली ने लोगों के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। ज्यादातर लोग दिन का बड़ा हिस्सा कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन के सामने बिताते हैं। लगातार कई घंटों तक एक ही मुद्रा में बैठे रहना, चलते-फिरते भी मोबाइल का इस्तेमाल करना और शारीरिक गतिविधियों में कमी आने के कारण गर्दन से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इन्हीं परेशानियों में सबसे आम समस्या सर्वाइकल पेन या गर्दन के दर्द की है। पहले जहां यह परेशानी मुख्य रूप से बढ़ती उम्र के लोगों में देखी जाती थी, वहीं अब युवाओं और ऑफिस में…

मानसून में सेहत रहेगी सुरक्षित, बस अपनाएं ये आसान आदतें; डेंगू, मलेरिया और संक्रमण से होगा बचाव

बारिश का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं, हरियाली और गर्मी से राहत लेकर आता है, लेकिन यही मौसम कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है। मानसून के दौरान वातावरण में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं। इसके चलते डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार, टाइफाइड, फूड पॉइजनिंग, डायरिया और त्वचा संबंधी संक्रमण जैसी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए इस मौसम में केवल बारिश का आनंद लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपने खानपान, साफ-सफाई और दिनचर्या पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना…