चीन की नई अंतरिक्ष योजना: FAST के साथ जुड़ेंगी 24 रेडियो डिश, अंतरिक्ष के संकेतों की तस्वीर होगी और साफ

चीन अपने विशाल FAST रेडियो टेलीस्कोप को और ज्यादा सक्षम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-डिश रेडियो टेलीस्कोप के तौर पर पहचान बना चुका FAST अब अकेले काम करने वाली विशाल दूरबीन तक सीमित नहीं रहेगा। चीन इसके आसपास 24 अतिरिक्त रेडियो टेलीस्कोप स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है। इन सभी उपकरणों को FAST के साथ जोड़कर एक बड़े रेडियो-टेलीस्कोप नेटवर्क के रूप में इस्तेमाल करने का लक्ष्य है। इस प्रस्तावित व्यवस्था का सबसे अहम फायदा अंतरिक्ष से मिलने वाले रेडियो संकेतों की स्थिति और संरचना को ज्यादा सटीक तरीके…

UN में स्थायी सीट पाने के लिए भारत को क्या करना होगा? 4 यूरोपीय देशों के समर्थन के बाद समझिए पूरा गणित

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में स्थायी सदस्यता हासिल करने की भारत की कोशिश को हाल ही में यूरोप के चार देशों का समर्थन मिला है। हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान हुई पहली V4+India विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन किया। चारों देश मध्य यूरोप के Visegrad Group यानी V4 के सदस्य हैं। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना में बदलाव की मांग करता रहा है। भारत का तर्क…

सात कॉफी बीजों से शुरू हुई भारत की कॉफी यात्रा, जानिए बाबा बुदान से लेकर दक्षिण भारत के बागानों तक का इतिहास

आज भारत में कॉफी सिर्फ सुबह की नींद भगाने वाला पेय नहीं रह गई है। दक्षिण भारत की पारंपरिक फिल्टर कॉफी से लेकर बड़े शहरों के कैफे में मिलने वाली एस्प्रेसो, कैपुचीनो, लाटे और कोल्ड ब्रू तक, कॉफी भारतीय खानपान और शहरी जीवनशैली का अहम हिस्सा बन चुकी है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कॉफी पीने का तरीका भले ही अलग हो, लेकिन इसके पीछे छिपा इतिहास बेहद दिलचस्प है। भारत में कॉफी की मौजूदगी का इतिहास कई सदियों पुराना बताया जाता है। इसकी शुरुआत से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कहानी एक सूफी संत बाबा बुदान की है। माना जाता है…

सितंबर इक्विनॉक्स पर क्या सच में बराबर होंगे दिन और रात? जानिए इस खगोलीय घटना का पूरा विज्ञान

हर साल सितंबर के महीने में एक ऐसा खगोलीय बदलाव होता है, जब पृथ्वी पर सूर्य की रोशनी का वितरण एक खास संतुलन की स्थिति में पहुंच जाता है। इसे सितंबर इक्विनॉक्स कहा जाता है। उत्तरी गोलार्ध में यह घटना गर्मियों के धीरे-धीरे खत्म होने और शरद ऋतु के आगमन का संकेत देती है, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में इसी समय वसंत ऋतु की शुरुआत मानी जाती है। इक्विनॉक्स शब्द सुनते ही सबसे पहले यह बात दिमाग में आती है कि इस दिन दिन और रात बिल्कुल बराबर होते होंगे। आम तौर पर कहा जाता है कि इस दिन 12 घंटे…

सिर्फ 5 ओवर में कैसे तय हुआ भारत-जापान मैच? ICC के नियम जानेंगे तो दूर हो जाएगा पूरा कन्फ्यूजन

भारत और जापान के बीच खेला गया क्रिकेट मुकाबला उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब मैच की अवधि देखकर क्रिकेट प्रेमियों को हैरानी हुई। टेलीविजन स्क्रीन पर मुकाबला सामान्य टी20 मैच की तरह नजर नहीं आया, बल्कि दोनों टीमों के पास महज 5-5 ओवर में अपना दमखम दिखाने का मौका था। इतने कम ओवरों में मैच का नतीजा निकला और मुकाबला आखिरी गेंद तक रोमांचक बना रहा। भारत ने बेहद करीबी अंतर से जापान को हराया और सिर्फ 2 रन से जीत दर्ज की। इस मुकाबले के बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट प्रशंसकों के बीच एक अहम सवाल…

दुबई से iPhone 18 Pro लाने पर customs कितना लगेगा, कितने फोन की इजाज़त है? जानें पूरा नियम

भारत में नए आईफोन की कीमत देखकर कई लोग विदेश से इसे खरीदने का विकल्प तलाशते हैं। खासतौर पर दुबई में आईफोन की कीमत भारतीय बाजार के मुकाबले कम होने के कारण वहां से फोन खरीदकर भारत लाने का चलन काफी लोगों को आकर्षित करता है। ऐसे में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लेकर भी लोगों के मन में यही सवाल है कि दुबई से खरीदने के बाद इन्हें भारत लाते समय क्या कस्टम ड्यूटी देनी होगी? भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत करीब 1,64,900 रुपये और iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत…

नकली दवा की पहचान कैसे करें? जानिए पैकेट से लेकर QR कोड तक किन चीजों की जांच जरूरी है

दवा खरीदते समय ज्यादातर लोग केवल डॉक्टर की पर्ची और दवा के नाम पर ध्यान देते हैं। पैकेट की सील, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट या लेबल में किसी तरह की गड़बड़ी है या नहीं, इसकी जांच बहुत कम लोग करते हैं। लेकिन कर्नाटक में सामने आया नकली दवाओं का मामला बताता है कि दवा खरीदते समय थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने नकली और कथित तौर पर मिलावटी दवाओं की खरीद, बिक्री और सप्लाई से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने कुल 24 दवा…

प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री से पहले जरूर जांचें ये दस्तावेज, वरना फंस सकता है आपका करोड़ों का पैसा

जमीन या मकान खरीदना किसी भी व्यक्ति के लिए जिंदगी का बड़ा आर्थिक फैसला होता है। कई लोग वर्षों की बचत लगाने के बाद प्रॉपर्टी खरीदते हैं, लेकिन अगर कागजात की सही जांच न की जाए तो यही निवेश परेशानी का कारण बन सकता है। प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में फर्जी दस्तावेज, गलत मालिकाना हक, पुरानी रजिस्ट्री, बैंक लोन या कोर्ट केस जैसी बातें बाद में सामने आने पर खरीदार मुश्किल में पड़ सकता है। खास बात यह है कि केवल कागज को देखकर उसके असली या नकली होने का फैसला करना हमेशा आसान नहीं होता। कंप्यूटर से तैयार होने…

UPI से पेमेंट पर ज्यादा पैसे मांग रहा है दुकानदार? जानिए आपके अधिकार और शिकायत का तरीका

आज के समय में जेब में कैश रखने के बजाय मोबाइल से भुगतान करना लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है। किराने की दुकान से लेकर रेस्टोरेंट, मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप और ऑनलाइन खरीदारी तक, UPI के जरिए कुछ ही सेकंड में पेमेंट हो जाता है। यही वजह है कि छोटे-बड़े कारोबारियों के बीच भी UPI QR कोड के जरिए भुगतान स्वीकार करने का चलन तेजी से बढ़ा है। NPCI के आंकड़ों में भी UPI के जरिए बड़े पैमाने पर Person-to-Merchant यानी P2M भुगतान होने की बात सामने आती है। लेकिन कई बार ग्राहकों को ऐसी स्थिति का सामना…

PM Modi Birthday: 76 की उम्र में भी कायम है सियासी सक्रियता, 25 साल के सफर में ऐसे बदला मोदी का अंदाज

17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 76 वर्ष के हो गए। इस मौके पर उनकी राजनीतिक यात्रा के साथ-साथ उनके जनसंपर्क के तरीकों पर भी चर्चा हो रही है। गुजरात की राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति तक करीब ढाई दशक के सार्वजनिक जीवन में मोदी ने अलग-अलग वर्गों और पीढ़ियों तक पहुंच बनाने के लिए कई तरह के मंचों और माध्यमों का इस्तेमाल किया है। उनकी राजनीति में संवाद का तरीका समय के साथ बदलता दिखाई देता है। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले ‘चाय पर चर्चा’ के जरिए उन्होंने चाय की दुकानों को राजनीतिक संवाद के मंच के रूप…

सिर्फ सब्जियां या फिर नॉनवेज? सेहत के लिए कैसी हो आपकी थाली, रिसर्च से समझिए पूरा फर्क

खाने को लेकर लोगों की पसंद अलग-अलग हो सकती है। कोई पूरी तरह शाकाहारी भोजन को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाता है, तो किसी की डाइट में अंडे, मछली, चिकन या दूसरे पशु-आधारित खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं। लंबे समय से यह चर्चा भी होती रही है कि शाकाहारी भोजन ज्यादा फायदेमंद है या मांसाहारी खाना। लेकिन स्वास्थ्य के नजरिए से इस सवाल का जवाब केवल ‘वेज’ या ‘नॉन-वेज’ में देना आसान नहीं है। असल में किसी व्यक्ति की सेहत पर उसकी पूरी डाइट का असर पड़ता है। वह क्या खाता है, कितनी मात्रा में खाता है, भोजन कितना प्रोसेस्ड…

क्या आप जानते हैं कैसे शुरू हुआ था लालबागचा राजा का गणेश उत्सव?

मुंबई में गणेशोत्सव की तैयारियां तेज हो चुकी हैं और इसी के साथ करोड़ों भक्तों की नजरें लालबागचा राजा पर टिकी हुई हैं। मुंबई के सबसे चर्चित गणपति पंडालों में शामिल लालबागचा राजा की इस साल की पहली झलक सामने आते ही भक्तों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। बप्पा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु लालबाग पहुंचे और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। सोशल मीडिया पर भी लालबागचा राजा की तस्वीरें और वीडियो तेजी से शेयर किए जाने लगे। लालबागचा राजा की लोकप्रियता केवल उनकी भव्य प्रतिमा या विशाल दर्शन व्यवस्था तक…

दुनिया में सबसे ज्यादा मांस कौन खाता है? टॉप देशों की लिस्ट में भारत कहां खड़ा है

दुनिया में खाने-पीने की आदतें हर देश में अलग-अलग होती हैं। कहीं लोग शाकाहारी भोजन को ज्यादा पसंद करते हैं, तो कुछ देशों में मांस, मछली और चिकन रोजमर्रा की डाइट का अहम हिस्सा हैं। भारत में भी नॉनवेज खाने वालों की संख्या काफी बड़ी है। हालांकि, जब बात दुनिया में सबसे ज्यादा मांस खाने वाले देशों की होती है, तो कई ऐसे देश सामने आते हैं जिनका नाम सुनकर आपको हैरानी हो सकती है। क्या आप जानते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा नॉनवेज कहां खाया जाता है? क्या भारत इस मामले में टॉप पर है या किसी दूसरे…

AI से बन रही 80s वाली तस्वीरों की छिपी कीमत: एक फोटो के पीछे कितनी बिजली, पानी और कंप्यूटिंग लगती है?

सोशल मीडिया पर इन दिनों 80 के दशक की याद दिलाने वाली तस्वीरों का ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। लोग अपनी मौजूदा तस्वीरें एआई टूल्स में अपलोड करके उन्हें पुराने दौर के अंदाज में बदलवा रहे हैं। किसी तस्वीर में रेट्रो हेयरस्टाइल दिखाई दे रहा है तो किसी में विंटेज कपड़े, पुराने जमाने का स्टूडियो बैकग्राउंड और 80s जैसा कैमरा इफेक्ट नजर आ रहा है। खास बात यह है कि ऐसी तस्वीर तैयार करने के लिए यूजर को किसी फोटो स्टूडियो जाने या एडिटिंग सीखने की जरूरत नहीं पड़ रही। बस तस्वीर अपलोड करनी है, अपनी पसंद बतानी…

2026 में BRICS की दिशा कैसे बदलेगा भारत? जानिए चार शब्दों का पूरा मतलब

नई दिल्ली में हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के साथ भारत ने इस बहुपक्षीय समूह के लिए अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया है। वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने वाले भारत ने इस मंच को केवल राजनीतिक और आर्थिक चर्चाओं तक सीमित रखने के बजाय वैश्विक चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान से जोड़ने की कोशिश की है। इसके लिए भारत ने चार शब्दों पर आधारित एक व्यापक थीम सामने रखी है- रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी। इन चारों अवधारणाओं को मिलाकर भारत का संदेश साफ है कि आने वाले समय में दुनिया को ऐसी अर्थव्यवस्था और व्यवस्था की…

ग्लोबल मंच पर BRICS का नया रूप: भारत की अगुवाई और महाशक्तियों के आर्थिक समीकरण

दुनिया के सबसे प्रभावशाली बहुपक्षीय संगठनों में शुमार BRICS (ब्रिक्स) अपनी रणनीति, विस्तार और वैश्विक प्रभाव को लेकर एक नए मोड़ पर खड़ा है। वैश्विक आर्थिक मंदी के आहटों के बीच यह समूह दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का काम कर रहा है। मौजूदा वर्ष 2026 में भारत इस प्रतिष्ठित मंच की कमान संभाल रहा है, जिससे दक्षिण एशिया सहित पूरे वैश्विक परिदृश्य में देश की कूटनीतिक धाक और मजबूत हुई है। अध्यक्षता का दायित्व संभालते ही भारत ने वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज़ को बुलंद करने और सदस्य राष्ट्रों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारियों…

AI की रफ्तार कहीं इंसानों पर ही न पड़ जाए भारी? Anthropic रिसर्चर ने जताया मानव सभ्यता के अंत का डर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को आज तकनीक की दुनिया की सबसे बड़ी क्रांतियों में गिना जा रहा है। पढ़ाई, मेडिकल रिसर्च, सॉफ्टवेयर, साइबर सिक्योरिटी से लेकर रोजमर्रा के कामों तक AI लगातार अपनी जगह बना रहा है। लेकिन इसी तेजी के बीच एक ऐसा सवाल भी गंभीर होता जा रहा है कि अगर भविष्य के AI सिस्टम इंसानों से कहीं ज्यादा सक्षम हो गए, तो क्या उन्हें हमेशा मानव नियंत्रण में रखना संभव होगा? AI की सुरक्षा और अलाइनमेंट पर काम करने वाले रिसर्चर्स के बीच यह चिंता नई नहीं है, लेकिन हाल ही में Anthropic से जुड़े एक वरिष्ठ…

कम मेगापिक्सल के बावजूद आईफोन की तस्वीरें क्यों लगती हैं ज्यादा शानदार? अब DSLR जैसी तकनीक से कैमरा होगा और दमदार

स्मार्टफोन खरीदते समय आजकल कैमरा सबसे अहम फीचर्स में शामिल हो चुका है। खासकर प्रीमियम फोन की बात करें तो कंपनियां कैमरा हार्डवेयर के साथ-साथ इमेज प्रोसेसिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग पर भी काफी ध्यान देती हैं। इसी वजह से आईफोन लंबे समय से अपनी कैमरा क्वालिटी के लिए अलग पहचान बनाए हुए है। एप्पल की नई आईफोन सीरीज को लेकर भी कैमरा सबसे ज्यादा चर्चा में है। कंपनी अपने सालाना लॉन्च इवेंट में आईफोन 18 सीरीज के प्रीमियम मॉडल आईफोन 18 प्रो और आईफोन 18 प्रो मैक्स पेश करने की तैयारी में है। इसके साथ कंपनी के पहले फोल्डेबल आईफोन…

एक शिक्षक जिसने रचा इतिहास: डॉ. राधाकृष्णन के राष्ट्रपति बनने की पूरी कहानी

भारत में 5 सितंबर का दिन केवल एक महान दार्शनिक की जयंती के तौर पर नहीं, बल्कि देश के हर शिक्षक के सम्मान के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1888 में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था। उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत शिक्षा के क्षेत्र से की और धीरे-धीरे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचे। शिक्षक, प्रोफेसर, लेखक, कुलपति, राजदूत, उपराष्ट्रपति और फिर राष्ट्रपति—उनका सफर कई महत्वपूर्ण पड़ावों से होकर गुजरा। राधाकृष्णन की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक रास्ते से सत्ता के शीर्ष तक पहुंचने के बजाय ज्ञान, शिक्षा, लेखन और…

अंतरिक्ष में भारत का अपना ठिकाना! 2035 तक तैयार होगा BAS, जानिए कैसे बनेगा देश का स्पेस स्टेशन

यह परियोजना भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। BAS के जरिए भारत माइक्रोग्रैविटी, अंतरिक्ष चिकित्सा, जैव-विज्ञान और भविष्य की अंतरिक्ष तकनीकों से जुड़े प्रयोगों के लिए अपना एक अलग प्लेटफॉर्म तैयार करेगा। इतना ही नहीं, भविष्य में चंद्रमा तक मानव मिशन भेजने की भारत की महत्वाकांक्षी योजना में भी इस स्टेशन की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। पहले जानिए क्या है BAS भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन को आसान भाषा में समझें तो यह अंतरिक्ष में भारत की अपनी प्रयोगशाला होगी। यह पृथ्वी की सतह पर किसी स्पेस सेंटर की तरह स्थिर नहीं रहेगा, बल्कि…