सुबह स्कूल के लिए बच्चे को जगाना बन गया है रोज की परेशानी? बिना डांट के अपनाएं ये 5 स्मार्ट तरीके

सुबह का वक्त हर घर के लिए काफी भागदौड़ भरा होता है। किसी को ऑफिस के लिए निकलना होता है, किसी को नाश्ता तैयार करना होता है तो किसी को बच्चों का टिफिन और स्कूल बैग संभालना होता है। इस पूरी भागदौड़ के बीच सबसे बड़ी चुनौती तब बन जाती है, जब स्कूल जाने का समय करीब आ चुका हो और बच्चा आराम से बिस्तर में सो रहा हो। कई बार माता-पिता बच्चे को एक-दो बार प्यार से उठाने की कोशिश करते हैं, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती तो आवाज तेज होने लगती है। इसके बाद शुरू होता है…

एग फ्रीजिंग का बना रही हैं प्लान? उम्र से लेकर एक्सरसाइज तक इन जरूरी बातों को पहले जान लें

बदलती लाइफस्टाइल और करियर को लेकर बढ़ती प्राथमिकताओं के बीच कई महिलाएं मातृत्व को कुछ समय के लिए टालने का फैसला लेती हैं। ऐसे में एग फ्रीजिंग यानी अंडों को सुरक्षित तरीके से संरक्षित करके रखने की तकनीक एक विकल्प के तौर पर सामने आती है। इस प्रक्रिया में महिला की ओवरी से परिपक्व अंडों को निकाला जाता है और उन्हें विशेष तकनीक की मदद से फ्रीज करके भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जाता है। बाद में जरूरत पड़ने पर इन अंडों को इस्तेमाल करने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, एग फ्रीजिंग को भविष्य में प्रेग्नेंसी की गारंटी…

सुबह की रोशनी से लेकर शाम की किरणों तक, शरीर पर पड़ता है गहरा असर, सिर्फ विटामिन D के लिए नहीं जरूरी है सूरज

सुबह आंख खुलने के बाद सबसे पहले मोबाइल देखना आज ज्यादातर लोगों की आदत बन चुकी है। कई लोग बिस्तर से उठते ही सोशल मीडिया, मैसेज या न्यूज स्क्रॉल करने लगते हैं और दिन की शुरुआत कमरे के अंदर ही हो जाती है। इसी तरह शाम को भी लोग घर, ऑफिस या स्क्रीन के सामने समय बिताते रहते हैं। देखने में यह सामान्य दिनचर्या लग सकती है, लेकिन हमारे शरीर की प्राकृतिक व्यवस्था के लिए रोशनी का इससे कहीं ज्यादा महत्व है। अक्सर जब धूप की बात होती है तो सीधे विटामिन D का नाम सामने आता है। यह सच…

रक्षाबंधन पर मिटाएं भाई-बहन की नाराजगी, इन आसान तरीकों से रिश्ते में लौटेगी पुरानी मिठास

रक्षाबंधन सिर्फ भाई की कलाई पर राखी बांधने और एक-दूसरे को उपहार देने का त्योहार नहीं है। यह ऐसा मौका भी है जब भाई-बहन अपने रिश्ते में आई दूरियों को कम कर सकते हैं। बचपन में जिन भाई-बहनों के बीच हर छोटी-बड़ी बात साझा होती थी, बड़े होने के बाद वही रिश्ते कई बार गलतफहमियों, बहस और पुराने विवादों की वजह से कमजोर पड़ जाते हैं। बातचीत बंद हो जाती है और दोनों अपनी-अपनी जगह सही साबित होने की कोशिश करते रहते हैं। अगर आपके और आपके भाई या बहन के बीच भी किसी बात को लेकर मनमुटाव चल रहा…

रात को बिस्तर पर जाने से पहले मोबाइल से दूरी क्यों जरूरी? ये बदलाव बदल सकता है आपकी नींद का तरीका

आज के समय में मोबाइल फोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का इतना जरूरी हिस्सा बन चुका है कि दिन खत्म होने के बाद भी इससे दूरी बनाना मुश्किल लगता है। काम, सोशल मीडिया, वीडियो, चैटिंग और न्यूज देखने के लिए लोग देर रात तक फोन की स्क्रीन पर नजरें टिकाए रहते हैं। कई लोगों की आदत तो ऐसी हो चुकी है कि बिस्तर पर जाने के बाद भी फोन हाथ से नहीं छूटता। सोने से पहले कुछ मिनट के लिए शुरू हुआ स्क्रीन टाइम कब आधे या एक घंटे में बदल जाता है, इसका पता भी नहीं चलता। इस आदत…

शादीशुदा रिश्ते में ये बदलाव नजर आएं तो हो जाएं सतर्क, कहीं पार्टनर का व्यवहार आपको मानसिक रूप से नुकसान तो नहीं पहुंचा रहा

रिश्ते में इन संकेतों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी शादी का रिश्ता केवल साथ रहने का नाम नहीं है। इसमें भरोसा, सम्मान, समझदारी, बातचीत और एक-दूसरे की भावनाओं की कद्र होना भी जरूरी है। जब पति-पत्नी एक-दूसरे की पसंद-नापसंद और निजी सीमाओं का सम्मान करते हैं, तो रिश्ता मजबूत होता है। लेकिन कई बार वक्त के साथ पार्टनर के व्यवहार में ऐसे बदलाव आने लगते हैं, जो धीरे-धीरे रिश्ते को तनावपूर्ण बना देते हैं। शुरुआत में छोटी लगने वाली बातें बाद में मानसिक दबाव, डर और अकेलेपन का कारण बन सकती हैं। कई लोग ऐसे रिश्ते में रहते…

त्योहारों की मिठास में कहीं मिलावट तो नहीं? मावा खरीदने से पहले इन तरीकों से करें जांच

त्योहारों का सिलसिला शुरू होते ही बाजारों में मिठाइयों की बिक्री बढ़ जाती है। घरों में भी अलग-अलग तरह के पकवान और मिठाइयां बनाने की तैयारियां तेज हो जाती हैं। इस दौरान दूध से बनने वाले मावे यानी खोये की मांग भी काफी बढ़ जाती है। गुलाब जामुन, पेड़ा, बर्फी, गुझिया, कलाकंद और कई दूसरी मिठाइयों में मावे का इस्तेमाल किया जाता है। यही वजह है कि त्योहारों के समय इसकी खपत सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक हो जाती है। मांग बढ़ने के साथ ही मावे की गुणवत्ता को लेकर चिंता भी बढ़ जाती है। ज्यादा मुनाफा कमाने…

सितंबर में घूमने का प्लान बना रहे हैं? इन 5 जगहों पर मौसम और नजारों का मिलेगा शानदार मेल

मानसून के बाद सितंबर का महीना घूमने-फिरने के शौकीन लोगों के लिए काफी खास होता है। गर्मी की तपिश कम होने लगती है, कई पहाड़ी इलाकों में हरियाली अपने चरम पर दिखाई देती है और बारिश के बाद प्राकृतिक नजारों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। यही वजह है कि सितंबर में ऐसी जगहों की यात्रा की जा सकती है जहां मौसम बहुत ज्यादा गर्म भी नहीं होता और बारिश के बाद आसपास का वातावरण भी बेहद आकर्षक नजर आता है। अगर आप सितंबर में कहीं घूमने का मन बना रहे हैं, लेकिन यह तय नहीं कर पा रहे…

मेडिकल स्टोर से दवा खरीदते समय रहें सावधान, ऐसे पहचानें नकली मेडिसिन और जानें शिकायत का तरीका

दवा हमारे स्वास्थ्य से सीधे जुड़ी होती है, इसलिए इसे खरीदते समय छोटी-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। हाल ही में अहमदाबाद में सामने आए मामले ने नकली दवाओं के खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जांच के दौरान दिल और हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी बीमारी में इस्तेमाल होने वाली Nicardia Retard 10 MG की करीब 7.20 लाख नकली टैबलेट बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इतनी बड़ी मात्रा में नकली दवाओं की बरामदगी से यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कहीं बाजार में पहुंचने वाली दवाओं में कोई नकली दवा तो शामिल नहीं है।…

भारत में बढ़ता डायबिटीज और मोटापा बड़ी चुनौती बने, चीन से तुलना में क्या सामने आई तस्वीर?

भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के बावजूद गैर-संचारी बीमारियों का बढ़ता दबाव चिंता पैदा कर रहा है। मधुमेह, मोटापा और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं अब केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रह गई हैं। बदलती जीवनशैली, खानपान की आदतों में बदलाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी और बढ़ते वजन के कारण इन बीमारियों का जोखिम लगातार बढ़ रहा है। सामने आए आंकड़े बताते हैं कि आने वाले समय में बीमारी का इलाज करने के साथ-साथ उसे रोकने और शुरुआती चरण में पहचानने पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी होगा। भारत और चीन जैसे बड़ी आबादी वाले देशों में गैर-संचारी रोगों का…

बढ़ती उम्र के असर को धीमा करने के लिए अपनाएं ये आदतें, त्वचा से लेकर मांसपेशियों तक रहेंगी स्वस्थ

उम्र बढ़ना जीवन का स्वाभाविक हिस्सा है और इसे पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि बढ़ती उम्र के साथ शरीर और त्वचा की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए कुछ नहीं किया जा सकता। रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें लंबे समय तक शरीर को मजबूत रखने के साथ-साथ त्वचा पर नजर आने वाले एजिंग के संकेतों को भी कम करने में मदद कर सकती हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को स्वस्थ तरीके से मैनेज करना चाहता है तो उसे केवल महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स पर निर्भर…

सुबह खाली पेट चाय पीने की आदत पड़ सकती है भारी, पेट से लेकर नींद तक पर पड़ता है असर

भारत में चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। कई घरों में दिन की शुरुआत ही चाय की प्याली से होती है। कुछ लोगों के लिए सुबह की चाय नींद भगाने और तरोताजा महसूस करने का सबसे आसान तरीका है। यही वजह है कि बिना कुछ खाए चाय पीने की आदत भी आम हो गई है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सुबह उठते ही खाली पेट चाय पीना वाकई शरीर के लिए अच्छा है? चाय में कैफीन और कई अन्य प्राकृतिक यौगिक मौजूद होते हैं। सीमित मात्रा में चाय पीना ज्यादातर…

रोड ट्रिप का बना है प्लान? निकलने से पहले इन जरूरी चीजों को बैग में जरूर करें शामिल

बारिश के बाद सुहाना मौसम हो या फिर हल्की ठंड और साफ आसमान, ऐसे मौसम में कार से घूमने निकलने का मजा ही अलग होता है। यही वजह है कि मौसम बेहतर होते ही कई लोग दोस्तों या परिवार के साथ रोड ट्रिप का प्लान बनाने लगते हैं। हालांकि, लंबी ड्राइव के लिए सिर्फ कार में ईंधन भरवाना और रास्ता तय कर लेना ही पर्याप्त नहीं है। सफर के दौरान छोटी-सी लापरवाही भी परेशानी खड़ी कर सकती है। कई बार घर से निकलने के बाद याद आता है कि जरूरी डॉक्यूमेंट, दवा, चार्जर या कोई दूसरी उपयोगी चीज घर पर…

हर वक्त पार्टनर के लिए उपलब्ध रहना नहीं है सच्चा प्यार, रिश्ते में खुद के लिए जगह रखना भी जरूरी

रिश्ता चाहे प्रेम का हो, शादी का हो या दोस्ती का, उसमें एक-दूसरे का ख्याल रखना स्वाभाविक है। जब हम किसी को अपना मानते हैं तो उसकी परेशानियों में साथ खड़े होते हैं, उसकी जरूरतों को समझने की कोशिश करते हैं और कई बार अपनी सुविधा छोड़कर उसके लिए समय भी निकालते हैं। यही चीज किसी रिश्ते को मजबूत बनाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर यह कोशिश हमेशा सिर्फ एक ही तरफ से होती रही तो क्या होगा? कई बार किसी रिश्ते को बचाए रखने या सामने वाले को खुश रखने की कोशिश में इंसान धीरे-धीरे…

बच्चों की परवरिश में न करें ये 5 गलतियां, आत्मसम्मान पर पड़ सकता है बच्चों की पसंद और सीमाओं का सम्मान क्यों है जरूरी?बुरा प्रभाव

बच्चों की पसंद और सीमाओं का सम्मान क्यों जरूरी है? बच्चों के लिए परिवार और रिश्तेदारों के बीच होने वाली छोटी-छोटी बातें भी काफी मायने रखती हैं। शादी, जन्मदिन, पूजा, पार्टी या किसी पारिवारिक कार्यक्रम में अक्सर बच्चे सभी के आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। लोग उनसे बातचीत करना चाहते हैं, उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं और कई बार मजाक-मजाक में उनसे कुछ ऐसा करने के लिए भी कह देते हैं, जिसमें बच्चा सहज महसूस नहीं करता। कई माता-पिता भी सामाजिक दबाव में आकर बच्चे को वह काम करने के लिए कह देते हैं। बड़ों के लिए भले ही…

बच्चों के बदलते सपने: क्यों सोशल मीडिया स्टार बनना पहली पसंद बन रहा है?

कुछ साल पहले तक जब बच्चों से पूछा जाता था कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं, तो जवाब लगभग तय होते थे। कोई डॉक्टर बनने की बात करता था, कोई इंजीनियर, वैज्ञानिक, पायलट या शिक्षक बनने का सपना देखता था। लेकिन डिजिटल दौर ने बच्चों के सपनों की दिशा काफी हद तक बदल दी है। अब कई बच्चे ऐसे करियर की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिसका नाम कुछ दशक पहले तक शायद ही किसी ने सुना हो। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, यूट्यूबर, गेमिंग क्रिएटर और कंटेंट क्रिएटर जैसे प्रोफेशन बच्चों की कल्पना में तेजी से जगह बना रहे…

हरियाली तीज पर प्रेग्नेंट महिलाएं न रखें सख्त व्रत, इन 6 संकेतों को देखते ही तुरंत करें भोजन-पानी

हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ पूजा करती हैं और कई महिलाएं निर्जला या बिना अन्न वाला व्रत भी रखती हैं। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान उपवास रखना सामान्य दिनों की तुलना में अलग विषय है। इस अवस्था में महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु की पोषण और ऊर्जा संबंधी जरूरतें भी जुड़ी होती हैं। इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को धार्मिक परंपरा निभाने से पहले अपनी सेहत और डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए। गाइनेकोलॉजिस्ट और इनफर्टिलिटी…

बच्चा गुस्से में माता-पिता को मारने लगे तो क्या करें? इन तरीकों से समझाएं सही और गलत की सीमा

छोटे बच्चों में गुस्सा, जिद, चिड़चिड़ापन और अपनी बात मनवाने की कोशिश करना उनके विकास का सामान्य हिस्सा माना जाता है। कई बार बच्चा अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाता और ऐसे में वह रोने, चिल्लाने, चीजें फेंकने या हाथ-पैर चलाने लगता है। लेकिन जब यही व्यवहार माता-पिता को मारने तक पहुंच जाए, तो इसे केवल बच्चे की मासूम शरारत समझकर छोड़ देना सही नहीं है। बच्चे का किसी पेरेंट पर हाथ उठाना इस बात का संकेत हो सकता है कि उसे अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना और अपनी सीमाओं को समझना अभी सीखना है। ऐसे समय…

लंबी उम्र के लिए क्या खाएं? वेज और नॉनवेज में किसकी डाइट ज्यादा फायदेमंद है?

खाने को लेकर लोगों की पसंद अलग-अलग हो सकती है। किसी की थाली में दाल, सब्जियां और फल ज्यादा होते हैं, तो कोई अंडे, मछली या मीट को अपनी डाइट का जरूरी हिस्सा मानता है। यही वजह है कि वेजिटेरियन और नॉनवेजिटेरियन डाइट को लेकर लंबे समय से बहस होती रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इनमें से कौन सी डाइट इंसान को ज्यादा स्वस्थ रखती है और लंबी उम्र तक जीने में मदद कर सकती है? अक्सर माना जाता है कि शाकाहारी भोजन ज्यादा हेल्दी होता है, क्योंकि इसमें फल, सब्जियां, अनाज, दालें, नट्स और दूसरे…

आज रिश्ते क्यों टूट रहे हैं? 50 साल साथ रहे दंपती से सीखें प्यार का असली राज

दशकों पुराने रिश्तों से आज की पीढ़ी क्या सीख सकती है आज के दौर में रिश्ते बनाना जितना आसान नजर आता है, उन्हें लंबे समय तक निभाना उतना ही चुनौतीपूर्ण हो गया है। छोटी-छोटी गलतफहमियां, व्यस्त दिनचर्या, काम का तनाव और बदलती प्राथमिकताएं कई बार पति-पत्नी के बीच दूरी पैदा कर देती हैं। ऐसे समय में अगर घर में दादा-दादी जैसे बुजुर्ग दंपती मौजूद हों, जिन्होंने 40-50 साल या उससे भी ज्यादा समय एक-दूसरे के साथ बिताया है, तो उनकी जिंदगी किसी किताब से कम नहीं होती। उनकी शादी की सबसे खास बात यह नहीं होती कि इतने वर्षों में…