घर पर बनाएं नेचुरल हेयर ऑयल, रूखे और कमजोर बालों की देखभाल के लिए अपनाएं ये आसान तरीका

बालों का झड़ना आजकल एक आम समस्या बन गई है। महिला हों या पुरुष, कई लोग बालों के कमजोर होने, टूटने, रूखेपन और उनकी चमक कम होने से परेशान रहते हैं। कुछ लोगों के बाल कंघी करते समय ज्यादा टूटते हैं, तो कुछ को नहाने के बाद बाथरूम में बालों का गुच्छा दिखाई देता है। बदलती जीवनशैली, खानपान में पोषक तत्वों की कमी, तनाव, बालों पर केमिकल वाले उत्पादों का अधिक इस्तेमाल और स्कैल्प की देखभाल में लापरवाही इसके पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं। ऐसे में लोग बालों की देखभाल के लिए महंगे शैंपू, सीरम और हेयर ऑयल…

सिर्फ मोबाइल और लैपटॉप नहीं, ये रोज की आदतें भी बिगाड़ सकती हैं आंखों की सेहत; आज ही बदलें अपनी दिनचर्या

आंखों में जलन, थकान, भारीपन, खुजली या बार-बार पानी आने जैसी परेशानियों को देखते ही ज्यादातर लोगों का ध्यान सबसे पहले मोबाइल फोन, कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन पर जाता है। इसमें कोई शक नहीं कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने, लगातार काम करने और बीच-बीच में आंखों को आराम न देने से डिजिटल आई स्ट्रेन जैसी समस्या हो सकती है। लेकिन आंखों की परेशानी की वजह सिर्फ स्क्रीन टाइम ही नहीं होती। हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली और कुछ ऐसी आदतें भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं, जिन पर आमतौर पर हमारा ध्यान नहीं जाता। आंखें शरीर के बेहद…

रिश्ता खुशहाल है, फिर भी मन में डर बना रहता है? बार-बार उठते हैं ऐसे सवाल तो समझें रिलेशनशिप एंग्जायटी के संकेत

कई रिश्ते ऐसे होते हैं जिनमें बाहर से देखने पर किसी तरह की परेशानी नज़र नहीं आती। पार्टनर एक-दूसरे के साथ खुश होते हैं, बातचीत अच्छी होती है और आपसी समझ भी मजबूत होती है। इसके बावजूद कभी-कभी मन में एक अनजानी बेचैनी जन्म लेने लगती है। व्यक्ति बार-बार सोचने लगता है कि क्या उसका पार्टनर वास्तव में उससे प्यार करता है, क्या वह इस रिश्ते को लेकर उतना ही गंभीर है या कहीं आने वाले समय में वह उसे छोड़ तो नहीं देगा। खास बात यह होती है कि इन आशंकाओं के पीछे कई बार कोई ठोस वजह भी…

हेयर ट्रांसप्लांट से पहले जान लें पूरी सच्चाई, इलाज के बाद हो सकती हैं ये दिक्कतें

बालों का झड़ना आज के समय में एक आम समस्या बन चुकी है। उम्र बढ़ने के साथ बालों का पतला होना या हेयरलाइन का पीछे जाना कई लोगों में देखा जाता है। कुछ लोगों में यह समस्या इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि सिर के कुछ हिस्सों में बाल बेहद कम दिखाई देने लगते हैं। खासतौर पर सिर के सामने और ऊपर के हिस्से में गंजापन नजर आने पर लोग अपने लुक को लेकर परेशान हो जाते हैं। ऐसे में हेयर ट्रांसप्लांट को बाल वापस पाने के एक विकल्प के तौर पर देखा जाता है। हेयर ट्रांसप्लांट एक तरह की…

₹50 हजार में विदेश की सैर! इन 7 देशों में कम खर्च में पूरा हो सकता है इंटरनेशनल ट्रिप का सपना

विदेश घूमने का सपना देखने वालों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अक्सर बजट की होती है। बहुत से लोग मानते हैं कि इंटरनेशनल ट्रैवल के लिए लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन ऐसा हर बार जरूरी नहीं है। अगर यात्रा की सही योजना बनाई जाए, टिकट समय से बुक किए जाएं और महंगे होटल व टैक्सी की जगह बजट स्टे और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता दी जाए, तो करीब 50 हजार रुपये के आसपास भी कई देशों की यात्रा की योजना बनाई जा सकती है। खासकर भारतीय यात्रियों के लिए एशिया के कुछ देश ऐसे हैं, जहां कम दूरी,…

सुबह के ये काम महिलाओं की सेहत में ला सकते हैं बड़ा बदलाव, दिनभर एनर्जी और मूड रहेगा बेहतर

महिलाओं की सेहत कई स्तरों पर हार्मोन्स से जुड़ी होती है। पीरियड्स, नींद, मूड, भूख, ऊर्जा, तनाव और शरीर में होने वाले कई बदलावों पर हार्मोनल सिस्टम का असर पड़ता है। ऐसे में दिन की शुरुआत किस तरह की जाती है, इसका असर पूरे दिन की शारीरिक और मानसिक स्थिति पर दिखाई दे सकता है। सुबह की दिनचर्या में कुछ आसान और स्वस्थ आदतों को शामिल करके शरीर को बेहतर रूटीन दिया जा सकता है। हालांकि, इन आदतों को किसी हार्मोनल बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन संतुलित जीवनशैली के हिस्से के तौर पर ये स्वास्थ्य के लिए…

रात को जल्दी नींद आने में मदद कर सकता है बेडरूम का माहौल, इन पौधों से घर में बनाएं सुकून भरा कोना

आज की व्यस्त दिनचर्या में पर्याप्त नींद लेना कई लोगों के लिए चुनौती बन गया है। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप चलाना, काम का दबाव, तनाव और बदलती जीवनशैली का असर सीधे नींद पर पड़ सकता है। कई बार थकान के बावजूद व्यक्ति को बिस्तर पर जाने के बाद भी लंबे समय तक नींद नहीं आती। ऐसे में सिर्फ सोने का समय तय करना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि जिस कमरे में आप सोते हैं, उसका वातावरण भी आरामदायक होना जरूरी है। बेडरूम में मौजूद रोशनी, शोर, तापमान और हवा की गुणवत्ता नींद के अनुभव को प्रभावित कर सकते…

लिप्स का रंग अचानक क्यों बदलने लगता है? जानिए काले होंठों की वजह और बचाव के आसान तरीके

कई लोगों के होंठ प्राकृतिक रूप से गुलाबी, हल्के भूरे या थोड़े बैंगनी रंग के होते हैं। होंठों का रंग व्यक्ति की त्वचा, जेनेटिक्स और शरीर में बनने वाले मेलेनिन की मात्रा पर काफी हद तक निर्भर करता है। इसलिए हर व्यक्ति के होंठों का रंग एक जैसा होना जरूरी नहीं है। लेकिन अगर आपके होंठ पहले सामान्य या हल्के रंग के थे और अचानक धीरे-धीरे गहरे होने लगे हैं, उन पर काले या भूरे धब्बे दिखाई देने लगे हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई मामलों में यह लिप पिगमेंटेशन का संकेत हो सकता है। लिप पिगमेंटेशन कई…

स्किन पर नहीं आ रहा नेचुरल ग्लो? रोज की ये 5 गलतियां बना सकती हैं चेहरे को बेजान, आज से बदलें आदतें

5 रोजमर्रा की आदतें जो चेहरे का नैचुरल ग्लो कम कर सकती हैं चेहरे पर नैचुरल ग्लो पाने के लिए ज्यादातर लोग महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट, फेस पैक और तरह-तरह के घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि आपकी रोजमर्रा की कुछ आदतें ही आपकी त्वचा की सेहत को प्रभावित कर रही हों? स्किन को हेल्दी बनाए रखने के लिए सिर्फ बाहर से क्रीम या सीरम लगाना काफी नहीं माना जाता। शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा, खानपान, नींद, पाचन, मौसम और रोज की दिनचर्या भी त्वचा पर असर डालती है। आयुर्वेद में भी…

समुद्र किनारे छुट्टियों को बनाना है यादगार? रवाना होने से पहले बैग में जरूर रखें ये सामान

समुद्र किनारे छुट्टियां बिताने का अपना ही अलग मजा है। नीला समुद्र, रेत पर चलती ठंडी हवा, लहरों की आवाज और आसपास का खूबसूरत नजारा मन को काफी सुकून देते हैं। यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में लोग अपनी छुट्टियां बिताने के लिए समुद्र तट वाले शहरों का रुख करते हैं। भारत में गोवा, केरल, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप और दूसरे तटीय इलाकों में पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है। हालांकि बीच पर घूमने का प्लान बनाते समय केवल होटल, टिकट और कपड़ों की तैयारी करना ही काफी नहीं है। अगर बीच वेकेशन को आरामदायक और परेशानी…

वर्ल्ड हार्ट डे: आपकी रोज की ये आदतें दिल को कर रही हैं कमजोर, समय रहते बदल लें लाइफस्टाइल

दिल को अक्सर प्यार, भावनाओं और एहसासों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन शरीर के अंदर इसकी भूमिका इससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह दिन-रात बिना रुके पूरे शरीर में खून पहुंचाने का काम करता है। हम सो रहे हों या काम कर रहे हों, तनाव में हों या आराम कर रहे हों, दिल लगातार अपनी जिम्मेदारी निभाता रहता है। इसके बावजूद दिल की सेहत को लेकर लापरवाही आम है। आज की बदलती जीवनशैली में घंटों एक जगह बैठे रहना, देर रात तक मोबाइल और दूसरी स्क्रीन का इस्तेमाल करना, नींद पूरी न लेना, बाहर का खाना खाना, तनाव में…

PTM में सिर्फ नंबर और ग्रेड न पूछें, टीचर से इन बातों पर करें चर्चा

पेरेंट-टीचर मीटिंग यानी PTM माता-पिता के लिए बच्चे की पढ़ाई का हाल जानने का एक अहम मौका होती है। स्कूल में होने वाली इस मुलाकात के दौरान आमतौर पर सबसे ज्यादा चर्चा परीक्षा के परिणाम, नंबर, ग्रेड, होमवर्क और कमजोर विषयों को लेकर होती है। रिपोर्ट कार्ड सामने आते ही पेरेंट्स अक्सर यही जानना चाहते हैं कि बच्चा बाकी बच्चों की तुलना में कैसा प्रदर्शन कर रहा है और उसे किन विषयों में ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। हालांकि बच्चे की स्कूल लाइफ को केवल उसके नंबरों से समझना संभव नहीं है। स्कूल में उसका व्यवहार, दोस्तों के साथ…

बच्चे एक जगह क्यों नहीं ध्यान टिकाते? हर बार डांटना सही नहीं, रिसर्च में सामने आया दिमाग का खास तरीका

अगर आपका बच्चा स्कूल जाने के लिए घर से निकलते ही रास्ते में किसी चीज को देखकर रुक जाता है, हर थोड़ी देर में सवाल पूछता है या किसी एक काम को करते-करते अचानक दूसरी चीज में दिलचस्पी लेने लगता है, तो इसे केवल शरारत समझना सही नहीं हो सकता। कई माता-पिता ऐसी आदतों से परेशान होकर बच्चों को बार-बार टोकते हैं। कुछ मामलों में तो बच्चे के इस व्यवहार को अनुशासन की कमी या ध्यान से जुड़ी समस्या तक मान लिया जाता है। लेकिन बच्चों के ध्यान को लेकर हुई एक वैज्ञानिक रिसर्च इस व्यवहार को समझने का एक…

दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखना है तो बदलें रोज की ये 4 आदतें, कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया अपना रूटीन

हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए केवल तब सतर्क होना पर्याप्त नहीं है, जब किसी व्यक्ति को ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल या हृदय से जुड़ी कोई समस्या हो जाए। दिल की सेहत काफी हद तक हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली पर निर्भर करती है। हम दिनभर कितना चलते हैं, क्या खाते हैं, मांसपेशियों को कितना सक्रिय रखते हैं और तनाव से किस तरह निपटते हैं—इन सभी चीजों का लंबे समय में शरीर और हृदय पर असर पड़ सकता है। आज की व्यस्त जीवनशैली में शारीरिक गतिविधि कम होना, घंटों एक ही जगह बैठे रहना, अनियमित खान-पान और लगातार तनाव जैसी आदतें आम…

खुद को दें एक खास ब्रेक, बिना किसी साथी के भी यादगार बन सकती है आपकी आउटिंग

आज की व्यस्त जिंदगी में काम, परिवार, दोस्तों और दूसरी जिम्मेदारियों के बीच खुद के लिए समय निकालना काफी मुश्किल हो गया है। दिनभर दूसरों की जरूरतों और कामों को प्राथमिकता देते-देते कई बार इंसान यह भूल जाता है कि उसे खुद के साथ भी कुछ वक्त बिताने की जरूरत है। ऐसे में सोलो डेट एक ऐसा तरीका हो सकता है, जिसमें किसी दूसरे के साथ नहीं बल्कि खुद के साथ समय बिताया जाता है। सोलो डेट का मतलब सिर्फ अकेले किसी जगह घूमने निकल जाना नहीं है। इसका मकसद अपनी पसंद की चीजें अपनी सुविधा और अपनी गति से…

उम्र के साथ हड्डियों को कमजोर होने से बचाएं, इन आसान आदतों को बनाएं अपनी दिनचर्या का हिस्सा

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। इसका असर केवल त्वचा, मांसपेशियों या ऊर्जा के स्तर पर ही नहीं पड़ता, बल्कि हड्डियों की सेहत भी धीरे-धीरे प्रभावित हो सकती है। खासकर 35 साल की उम्र के बाद हड्डियों को लेकर लापरवाही आगे चलकर परेशानी का कारण बन सकती है। इस दौरान शरीर में नई हड्डी बनने और पुरानी हड्डी के टूटकर दोबारा बनने की प्रक्रिया में धीरे-धीरे बदलाव आने लगता है। ऐसे में खानपान और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है। हड्डियां हमारे शरीर को आकार देने के साथ-साथ मांसपेशियों को…

स्कूल के नाम से ही रोने लगती है बच्चे? जानें कैसे प्यार और सही रूटीन से खत्म करें ये डर

कई बच्चों के लिए स्कूल की शुरुआत उत्साह से भरी होती है, लेकिन कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं जो घर से निकलते ही रोने लगते हैं। स्कूल पहुंचने के बाद भी उनका रोना काफी देर तक जारी रहता है। कुछ बच्चे टीचर या दूसरे बच्चों से बातचीत नहीं करते, किसी गतिविधि में शामिल होने से बचते हैं और हर समय माता-पिता को अपने आसपास देखना चाहते हैं। खासकर 4 से 6 साल की उम्र में ऐसा व्यवहार कई परिवारों के लिए चिंता का कारण बन सकता है। हालांकि, हर बार स्कूल जाने पर रोना इस बात का संकेत नहीं…

डेटिंग का नया फॉर्मूला: रिश्ते में चाहिए हर दिन कुछ नया, जानिए ‘डोपामिन डेटिंग’ का ट्रेंड क्यों हो रहा वायरल

सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के दौर में रिश्तों को लेकर लोगों की सोच और उनका व्यवहार तेजी से बदल रहा है। अब डेटिंग सिर्फ दो लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें एक्साइटमेंट, नई चीजों का अनुभव और लगातार मिलने वाला रोमांच भी अहम भूमिका निभाने लगा है। इसी बदलते पैटर्न के बीच इन दिनों ‘डोपामिन डेटिंग’ नाम का एक ट्रेंड चर्चा में है। डोपामिन डेटिंग शब्द सुनने में भले ही किसी नए रिलेशनशिप फॉर्मूले जैसा लगे, लेकिन इसके पीछे का विचार मुख्य रूप से रिश्तों में मिलने वाली खुशी, उत्साह और नएपन से जुड़ा…

बच्चों ने दीवार पर पेंसिल से कलाकारी कर दी? बिना पेंट खराब किए ऐसे हटाएं निशान

घर में छोटे बच्चे हों तो उनका अचानक दीवार को ड्राइंग शीट बना लेना कोई हैरानी की बात नहीं है। कभी बच्चे पेंसिल से अपनी पसंद की आकृति बना देते हैं, तो कभी पढ़ाई या खेल-खेल में दीवार पर लकीरें खींच देते हैं। कई बार इन छोटे-छोटे निशानों को देखकर माता-पिता परेशान हो जाते हैं, क्योंकि डर रहता है कि सफाई करते समय दीवार का पेंट न उतर जाए या उसकी फिनिश खराब न हो जाए। हालांकि, अगर दीवार पर केवल पेंसिल के निशान हैं, तो उन्हें हटाने के लिए तुरंत पेंट करवाने की जरूरत नहीं पड़ती। सही तरीका अपनाकर…

माता-पिता की इन बदली आदतों को सिर्फ बुढ़ापे का असर न समझें, डिमेंशिया का हो सकता है शुरुआती संकेत

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में बदलाव आना स्वाभाविक है। याददाश्त पहले जैसी तेज न रहना, किसी चीज को थोड़ी देर से याद करना या कभी-कभार सामान रखकर भूल जाना आम बात हो सकती है। लेकिन समस्या तब शुरू होती है, जब बदलाव केवल भूलने तक सीमित न रहकर रोजमर्रा के काम, व्यवहार, बातचीत और फैसले लेने की क्षमता को प्रभावित करने लगें। ऐसे संकेतों को परिवार के लोग अक्सर बढ़ती उम्र का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यही वह जगह है जहां परिवार को थोड़ा ज्यादा सजग होने की जरूरत होती है। फोर्टिस अस्पताल,…