मुस्लिम बहुल गांव में हिन्दू महिला बनी सरपंच:नूंह में 14 पंचों में एकमात्र हिंदू सदस्य; 1 महीने से खाली था पद

मुस्लिम बहुल गांव में हिन्दू महिला बनी सरपंच:नूंह में 14 पंचों में एकमात्र हिंदू सदस्य; 1 महीने से खाली था पद

नूंह जिले के ग्राम पंचायत सिरौली में करीब 1 महीने से खाली पड़े सरपंच के पद की नियुक्ति कर दी गई है। गांव के ही वार्ड नंबर-8 से पंचायत सदस्य निशा को कार्यवाहक सरपंच की जिम्मेवारी दी गई है। निशा गांव के 14 सदस्यों से अकेली हिंदू सदस्य निर्वाचित हुईं थीं। खंड एंव पंचायत विकास अधिकारी की मौजूदगी में हुई ग्राम पंचायत के सदस्यों की बैठक में कार्यवाहक सरपंच को चुना गया है। फरवरी 2023 में गांव की तत्कालीन सरपंच को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरपंच को जांच के बाद जिला उपायुक्त ने बर्खास्त कर दिया था। जिसके बाद गांव में पंच रुकसीना को कार्यवाहक सरपंच बनाया गया था। लेकिन 1 महीने पहले पंचायत सदस्यों ने उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर पद से हटा दिया था। गांव में 15 पंचायत सदस्य
पुन्हाना के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी शमशेर सिंह ने बताया ग्राम पंचायत सदस्यों द्वारा तत्कालीन सरपंच रुकसीना के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, जो पास हुआ। जिसके बाद तत्कालीन सरपंच रूकसीना को पद से हटा दिया गया था। 1 माह से सरपंच का पद खाली पड़ा था। ग्राम पंचायत में 15 सदस्य हैं। एक पंचायत सदस्य ने इस्तीफा दिया हुआ है, जिसके बाद कुल 14 पंच हैं। बुधवार को कार्यवाहक सरपंच के चुनाव में 10 पंचों द्वारा वार्ड नंबर-8 की सदस्य निशा को अपना समर्थन दिया। जिसके बाद निशा को कार्यवाहक सरपंच के रूप में चुना गया है। वहीं नवनियुक्त सरपंच निशा ने ग्राम पंचायत के सदस्यों को विश्वास दिलाया कि ग्राम में समान रूप से विकास कार्यों को गति दी जाएगी। लंबे समय के रुके कार्य को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। साफ सफाई से लेकर गांव के कच्चे रास्तों को जल्द पक्का करने की पहल की जाएगी। 2023 में गांव की महिला सरपंच को किया गया था बर्खास्त
तत्कालीन उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने 1 फरवरी 2023 को फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर सरपंच का चुनाव जीतने के आरोप में सिरौली गांव की महिला सरपंच सहाना को बर्खास्त कर दिया था और सरपंच व स्कूल प्रशासन के विरुद्ध मामला भी दर्ज कराया गया था। जिसके बाद ग्राम पंचायत के सदस्यों ने कार्यवाहक सरपंच के रूप में वार्ड-4 की पंचायत सदस्य रूकसीना को चुना था। लेकिन 1 साल के कार्यकाल के दौरान पंचायत सदस्यों ने सरपंच के कार्य से असंतुष्ट होकर अविश्वास प्रस्ताव दिया। जिसमें बुधवार को ग्राम पंचायत के 10 सदस्यों द्वारा निशा को कार्यवाहक सरपंच के रूप मे चुना गया। 14 सदस्यों में एक थी हिंदू महिला सदस्य
मेवात मुस्लिम बहुल क्षेत्र है। यहां करीब 70 प्रतिशत मुस्लिम तो 30 प्रतिशत हिन्दू आबादी है। गांव सिरौली में भी एक दो घर हिन्दुओं के हैं। जिसमें वार्ड-8 से अनुसूचित जाति की महिला निशा पंचायत चुनावों के दौरान पंच बानी थी। जबकि सभी 14 सदस्य मुस्लिम समुदाय से निर्वाचित हुए थे। जिसे अब मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गांव की कार्यवाहक सरपंच बनाया है। मुस्लिम समाज द्वारा लिए गए इस फैसले अब चारों तरफ चर्चा हो रही। लोग कह रहे है कि गांव के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने निशा को सरपंच बनाकर हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल कायम की है। नूंह जिले के ग्राम पंचायत सिरौली में करीब 1 महीने से खाली पड़े सरपंच के पद की नियुक्ति कर दी गई है। गांव के ही वार्ड नंबर-8 से पंचायत सदस्य निशा को कार्यवाहक सरपंच की जिम्मेवारी दी गई है। निशा गांव के 14 सदस्यों से अकेली हिंदू सदस्य निर्वाचित हुईं थीं। खंड एंव पंचायत विकास अधिकारी की मौजूदगी में हुई ग्राम पंचायत के सदस्यों की बैठक में कार्यवाहक सरपंच को चुना गया है। फरवरी 2023 में गांव की तत्कालीन सरपंच को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरपंच को जांच के बाद जिला उपायुक्त ने बर्खास्त कर दिया था। जिसके बाद गांव में पंच रुकसीना को कार्यवाहक सरपंच बनाया गया था। लेकिन 1 महीने पहले पंचायत सदस्यों ने उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर पद से हटा दिया था। गांव में 15 पंचायत सदस्य
पुन्हाना के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी शमशेर सिंह ने बताया ग्राम पंचायत सदस्यों द्वारा तत्कालीन सरपंच रुकसीना के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, जो पास हुआ। जिसके बाद तत्कालीन सरपंच रूकसीना को पद से हटा दिया गया था। 1 माह से सरपंच का पद खाली पड़ा था। ग्राम पंचायत में 15 सदस्य हैं। एक पंचायत सदस्य ने इस्तीफा दिया हुआ है, जिसके बाद कुल 14 पंच हैं। बुधवार को कार्यवाहक सरपंच के चुनाव में 10 पंचों द्वारा वार्ड नंबर-8 की सदस्य निशा को अपना समर्थन दिया। जिसके बाद निशा को कार्यवाहक सरपंच के रूप में चुना गया है। वहीं नवनियुक्त सरपंच निशा ने ग्राम पंचायत के सदस्यों को विश्वास दिलाया कि ग्राम में समान रूप से विकास कार्यों को गति दी जाएगी। लंबे समय के रुके कार्य को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। साफ सफाई से लेकर गांव के कच्चे रास्तों को जल्द पक्का करने की पहल की जाएगी। 2023 में गांव की महिला सरपंच को किया गया था बर्खास्त
तत्कालीन उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने 1 फरवरी 2023 को फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर सरपंच का चुनाव जीतने के आरोप में सिरौली गांव की महिला सरपंच सहाना को बर्खास्त कर दिया था और सरपंच व स्कूल प्रशासन के विरुद्ध मामला भी दर्ज कराया गया था। जिसके बाद ग्राम पंचायत के सदस्यों ने कार्यवाहक सरपंच के रूप में वार्ड-4 की पंचायत सदस्य रूकसीना को चुना था। लेकिन 1 साल के कार्यकाल के दौरान पंचायत सदस्यों ने सरपंच के कार्य से असंतुष्ट होकर अविश्वास प्रस्ताव दिया। जिसमें बुधवार को ग्राम पंचायत के 10 सदस्यों द्वारा निशा को कार्यवाहक सरपंच के रूप मे चुना गया। 14 सदस्यों में एक थी हिंदू महिला सदस्य
मेवात मुस्लिम बहुल क्षेत्र है। यहां करीब 70 प्रतिशत मुस्लिम तो 30 प्रतिशत हिन्दू आबादी है। गांव सिरौली में भी एक दो घर हिन्दुओं के हैं। जिसमें वार्ड-8 से अनुसूचित जाति की महिला निशा पंचायत चुनावों के दौरान पंच बानी थी। जबकि सभी 14 सदस्य मुस्लिम समुदाय से निर्वाचित हुए थे। जिसे अब मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गांव की कार्यवाहक सरपंच बनाया है। मुस्लिम समाज द्वारा लिए गए इस फैसले अब चारों तरफ चर्चा हो रही। लोग कह रहे है कि गांव के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने निशा को सरपंच बनाकर हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल कायम की है।   हरियाणा | दैनिक भास्कर