हरियाणा के परिवहन व ऊर्जा मंत्री अनिल विज के विभाग में अभी भी पुलिसवाले डटे हुए हैं। विज ने 3 महीने पहले इन्हें मूल कैडर में वापस करने की बात कही थी। उसके बाद कुछ अधिकारी तो वापस ले लिए गए, लेकिन 6 जिलों में हरियाणा पुलिस सर्विस (HPS) के 3 अधिकारी अभी भी डटे हुए हैं। इनमें से एक अफसर को 3 जिले तो दूसरे को 2 जिले सौंपे गए हैं। यही नहीं, इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को भी रीजनल ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी (RTA) के तौर पर तैनाती दी गई है। IFS को 2 जिलों का चार्ज दिया गया है। परिवहन विभाग को पुलिस से मुक्त करने के लिए मंत्री अनिल विज ने सरकार को चिट्ठी भेजी थी। इसके बाद सबसे पहले परिवहन विभाग के प्रधान सचिव IPS अधिकारी नवदीप विर्क की छुट्टी की गई थी। विर्क के स्थान पर परिवहन विभाग में सीनियर IAS डॉ. अशोक खेमका को अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) लगाया गया था। इसके बाद एमवीओ पद पर तैनात इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर रैंक के अफसरों की वापसी कर दी गई थी। अनिल विज ने कहा था- तिकड़म करके आ गए
इसी साल जनवरी महीने में मंत्री अनिल विज ने विभाग में पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर कड़ा एतराज जताया था। विज ने कहा था- सिविल और पुलिस अधिकारियों की ट्रेनिंग अलग-अलग होती है। इसलिए सिद्धांत यही कहता है कि पुलिस और सिविल को अपने-अपने विभाग में ड्यूटी करनी चाहिए, लेकिन कुछ लोग तिकड़म करके सिविल पदों पर आकर बैठ गए हैं। विज ने कहा- वे सिस्टम को नहीं समझते। इसलिए, मैंने पत्र लिखकर कहा कि यह ठीक नहीं है। इसके बाद उन्हें हटाया जा रहा है। कुछ को हटाया गया है और कुछ को हटाया जाएगा। खट्टर के CM रहते HPS अफसरों को लगाया गया था RTA
परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायत आने के बाद खट्टर सरकार में RTA के पदों पर गैर HCS अफसरों की तैनाती की योजना तैयार की थी। यह फैसला तब लिया गया, जब विजिलेंस ब्यूरो ने RTA के पदों पर लगे कई HCS अफसरों को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान परिवहन विभाग की कमान वरिष्ठ IPS अफसर शत्रुजीत कपूर के हाथों में थी। इसलिए, कपूर ने नया प्रयोग करते हुए RTA के पदों पर HCS के अलावा HPS और अन्य महकमों के क्लास वन अफसरों की तैनाती का प्रस्ताव तैयार किया था। यही नहीं, मोटर व्हीकल अफसर (MVO) के पदों पर पुलिस इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर की तैनाती की गई थी। तैनाती के लिए रूल तक बदले गए
उनके इस प्रस्ताव पर सरकार ने मोहर लगाते हुए रूल में भी बदलाव कर दिया था। इससे महकमे के कर्मचारियों की ओर से पुलिस तंत्र के हावी होने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। खट्टर केंद्र में गए, विज को परिवहन मिला तो एक्शन हुआ
जब तक मनोहर लाल खट्टर CM रहे तो यही सिस्टम चलता रहा। मगर पिछले साल खट्टर ने CM कुर्सी छोड़ दी। वह करनाल से सांसद बनने के बाद अब केंद्र में मंत्री हैं। वहीं, इस टर्म में अनिल विज को परिवहन मंत्री बनाया गया है। उन्होंने विभाग संभालने के बाद इस पर एतराज जता दिया। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग में विभागीय कर्मियों की ही तैनाती की जाए। वहीं, RTA के पदों पर HCS अफसरों को तैनात किया जाए। हरियाणा के परिवहन व ऊर्जा मंत्री अनिल विज के विभाग में अभी भी पुलिसवाले डटे हुए हैं। विज ने 3 महीने पहले इन्हें मूल कैडर में वापस करने की बात कही थी। उसके बाद कुछ अधिकारी तो वापस ले लिए गए, लेकिन 6 जिलों में हरियाणा पुलिस सर्विस (HPS) के 3 अधिकारी अभी भी डटे हुए हैं। इनमें से एक अफसर को 3 जिले तो दूसरे को 2 जिले सौंपे गए हैं। यही नहीं, इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को भी रीजनल ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी (RTA) के तौर पर तैनाती दी गई है। IFS को 2 जिलों का चार्ज दिया गया है। परिवहन विभाग को पुलिस से मुक्त करने के लिए मंत्री अनिल विज ने सरकार को चिट्ठी भेजी थी। इसके बाद सबसे पहले परिवहन विभाग के प्रधान सचिव IPS अधिकारी नवदीप विर्क की छुट्टी की गई थी। विर्क के स्थान पर परिवहन विभाग में सीनियर IAS डॉ. अशोक खेमका को अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) लगाया गया था। इसके बाद एमवीओ पद पर तैनात इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर रैंक के अफसरों की वापसी कर दी गई थी। अनिल विज ने कहा था- तिकड़म करके आ गए
इसी साल जनवरी महीने में मंत्री अनिल विज ने विभाग में पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर कड़ा एतराज जताया था। विज ने कहा था- सिविल और पुलिस अधिकारियों की ट्रेनिंग अलग-अलग होती है। इसलिए सिद्धांत यही कहता है कि पुलिस और सिविल को अपने-अपने विभाग में ड्यूटी करनी चाहिए, लेकिन कुछ लोग तिकड़म करके सिविल पदों पर आकर बैठ गए हैं। विज ने कहा- वे सिस्टम को नहीं समझते। इसलिए, मैंने पत्र लिखकर कहा कि यह ठीक नहीं है। इसके बाद उन्हें हटाया जा रहा है। कुछ को हटाया गया है और कुछ को हटाया जाएगा। खट्टर के CM रहते HPS अफसरों को लगाया गया था RTA
परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायत आने के बाद खट्टर सरकार में RTA के पदों पर गैर HCS अफसरों की तैनाती की योजना तैयार की थी। यह फैसला तब लिया गया, जब विजिलेंस ब्यूरो ने RTA के पदों पर लगे कई HCS अफसरों को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान परिवहन विभाग की कमान वरिष्ठ IPS अफसर शत्रुजीत कपूर के हाथों में थी। इसलिए, कपूर ने नया प्रयोग करते हुए RTA के पदों पर HCS के अलावा HPS और अन्य महकमों के क्लास वन अफसरों की तैनाती का प्रस्ताव तैयार किया था। यही नहीं, मोटर व्हीकल अफसर (MVO) के पदों पर पुलिस इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर की तैनाती की गई थी। तैनाती के लिए रूल तक बदले गए
उनके इस प्रस्ताव पर सरकार ने मोहर लगाते हुए रूल में भी बदलाव कर दिया था। इससे महकमे के कर्मचारियों की ओर से पुलिस तंत्र के हावी होने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। खट्टर केंद्र में गए, विज को परिवहन मिला तो एक्शन हुआ
जब तक मनोहर लाल खट्टर CM रहे तो यही सिस्टम चलता रहा। मगर पिछले साल खट्टर ने CM कुर्सी छोड़ दी। वह करनाल से सांसद बनने के बाद अब केंद्र में मंत्री हैं। वहीं, इस टर्म में अनिल विज को परिवहन मंत्री बनाया गया है। उन्होंने विभाग संभालने के बाद इस पर एतराज जता दिया। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग में विभागीय कर्मियों की ही तैनाती की जाए। वहीं, RTA के पदों पर HCS अफसरों को तैनात किया जाए। हरियाणा | दैनिक भास्कर
