अमित शाह के बस्तर दौरे से पहले दहशत में नक्सली, पर्चा जारी कर सरकार से लगाई ये गुहार

अमित शाह के बस्तर दौरे से पहले दहशत में नक्सली, पर्चा जारी कर सरकार से लगाई ये गुहार

<p style=”text-align: justify;”><strong>Chhattisgarh News:</strong> केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे कर पहले ही नक्सली दहशत में आ गये हैं. नक्सलियों ने पर्चा जारी कर सीज फायर की पेशकश की है. इतना ही नही नक्सली केंद्र और राज्य सरकार से शांति वार्ता के लिए भी तैयार हो गए हैं. नक्सली नेता अभय ने तेलगु भाषा में जो पर्चा जारी किया है उसमें कहा गया है कि पिछले 15 महीनों में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में 400 से ज्यादा नक्सली मार गिराए हैं. अगर केंद्र और राज्य सरकार सीजफायर करती है तो नक्सली नेता सरकार के साथ शांति वार्ता करने को तैयार हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>बड़े नक्सल ऑपरेशन में शामिल कमांडर्स से करेंगे मुलाकात</strong><br />दरअसल केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 4 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर बस्तर आ रहे हैं . इस दौरान अमित शाह बस्तर के पारंपरिक उत्सव पन्डुम में शामिल होंगे. इसके साथ-साथ शाह छत्तीसगढ़ में अब तक किए गए बड़े नक्सल ऑपरेशन के कमांडर्स से भी मुलाकात करेंगे. साथ ही नक्सलवाद के खिलाफ ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए सरकार के आला अधिकारियों और सुरक्षा बलों के कमांडर के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा भी होगी. जिस तरह से सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों को मुठभेड़ में ढेर कर रहे हैं और अब <a title=”अमित शाह” href=”https://www.abplive.com/topic/amit-shah” data-type=”interlinkingkeywords”>अमित शाह</a> के आने के बाद ऐंटी नक्सल ऑपरेशन में और तेजी की पूरी संभावना है. इससे दहशत में आए नक्सली लीडर्स ने सरकार के सामने शांति वार्ता की पेशकश की है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>तेलगु में पर्चा जारी कर की शांतिवार्ता की पेशकश</strong><br />नक्सलियों की केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय ने तेलगु में जो पर्चा जारी किया है, उसमें लिखा है की 24 मार्च को हैदराबाद में संगठन की एक बैठक हुई थी. बैठक में बिना किसी शर्त सरकार से शांति वार्ता की पहल करने &nbsp;और बातचीत कर सीजफायर की घोषणा करने पर सहमति बनी है. पर्चे में आगे लिखा है कि छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने शांतिवार्ता के लिए पहल की थी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>नक्सलियों की तरफ से जारी पर्चे में आगे लिखा है कि पहले हमारे दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य और माओवाद संगठन के प्रतिनिधि विकल्प ने अपनी शर्त रखी थी कि जवानों को कैम्प तक ही रखा जाए और नक्सलवाद के खिलाफ चलाये जा रहे तमाम ऑपरेशन बंद किये जायें. इसके बाद ही बातचीत की जाएगी. लेकिन सरकार ने मांगों का जवाब दिए बिना ही ऑपरेशन जारी रखा. जिसके चलते पिछले 15 महीनों में 400 से ज्यादा नक्सल कमांडर, नेता और PLGA के कई स्तर के नक्सली मारे गए हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>नक्सलियों ने कहा कि ऐसे में हम जनता के हितों में शांति वार्ता करने को तैयार हैं. नक्सल प्रवक्ता अभय ने कहा कि हम केंद्र और राज्य सरकार के सामने शांति वार्ता के लिए सकारात्मक माहौल बनाने का प्रस्ताव रख रहे हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>घबराए नक्सलियों की सरकार से गुहार</strong><br />नक्सल प्रवक्ता अभय ने कहा कि हम केंद्र और राज्य सरकार से अपील करते हैं की छत्तीसगढ़, उड़ीसा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड और तेलांगना में &nbsp;ऑपरेशन के नाम पर हत्याओं और नरसंहार पर तत्काल रोक लगाए. नए सशस्त्र बलों के कैम्पों पर रोक लगाए . अगर सरकार इस मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाती है तो हम तत्काल युद्ध विराम की घोषणा कर देंगे.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>विनीत पाठक की रिपोर्ट.</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ये भी पढ़ें: </strong><a title=”डीजे की तेज आवाज से गिरा छज्जा, बच्चे की मौत पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान” href=”https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-high-court-takes-action-on-bilaspur-roof-fall-after-loud-dj-noise-2917135″ target=”_self”><strong>डीजे की तेज आवाज से गिरा छज्जा, बच्चे की मौत पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान</strong></a></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Chhattisgarh News:</strong> केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे कर पहले ही नक्सली दहशत में आ गये हैं. नक्सलियों ने पर्चा जारी कर सीज फायर की पेशकश की है. इतना ही नही नक्सली केंद्र और राज्य सरकार से शांति वार्ता के लिए भी तैयार हो गए हैं. नक्सली नेता अभय ने तेलगु भाषा में जो पर्चा जारी किया है उसमें कहा गया है कि पिछले 15 महीनों में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में 400 से ज्यादा नक्सली मार गिराए हैं. अगर केंद्र और राज्य सरकार सीजफायर करती है तो नक्सली नेता सरकार के साथ शांति वार्ता करने को तैयार हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>बड़े नक्सल ऑपरेशन में शामिल कमांडर्स से करेंगे मुलाकात</strong><br />दरअसल केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 4 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर बस्तर आ रहे हैं . इस दौरान अमित शाह बस्तर के पारंपरिक उत्सव पन्डुम में शामिल होंगे. इसके साथ-साथ शाह छत्तीसगढ़ में अब तक किए गए बड़े नक्सल ऑपरेशन के कमांडर्स से भी मुलाकात करेंगे. साथ ही नक्सलवाद के खिलाफ ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए सरकार के आला अधिकारियों और सुरक्षा बलों के कमांडर के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा भी होगी. जिस तरह से सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों को मुठभेड़ में ढेर कर रहे हैं और अब <a title=”अमित शाह” href=”https://www.abplive.com/topic/amit-shah” data-type=”interlinkingkeywords”>अमित शाह</a> के आने के बाद ऐंटी नक्सल ऑपरेशन में और तेजी की पूरी संभावना है. इससे दहशत में आए नक्सली लीडर्स ने सरकार के सामने शांति वार्ता की पेशकश की है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>तेलगु में पर्चा जारी कर की शांतिवार्ता की पेशकश</strong><br />नक्सलियों की केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय ने तेलगु में जो पर्चा जारी किया है, उसमें लिखा है की 24 मार्च को हैदराबाद में संगठन की एक बैठक हुई थी. बैठक में बिना किसी शर्त सरकार से शांति वार्ता की पहल करने &nbsp;और बातचीत कर सीजफायर की घोषणा करने पर सहमति बनी है. पर्चे में आगे लिखा है कि छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने शांतिवार्ता के लिए पहल की थी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>नक्सलियों की तरफ से जारी पर्चे में आगे लिखा है कि पहले हमारे दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य और माओवाद संगठन के प्रतिनिधि विकल्प ने अपनी शर्त रखी थी कि जवानों को कैम्प तक ही रखा जाए और नक्सलवाद के खिलाफ चलाये जा रहे तमाम ऑपरेशन बंद किये जायें. इसके बाद ही बातचीत की जाएगी. लेकिन सरकार ने मांगों का जवाब दिए बिना ही ऑपरेशन जारी रखा. जिसके चलते पिछले 15 महीनों में 400 से ज्यादा नक्सल कमांडर, नेता और PLGA के कई स्तर के नक्सली मारे गए हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>नक्सलियों ने कहा कि ऐसे में हम जनता के हितों में शांति वार्ता करने को तैयार हैं. नक्सल प्रवक्ता अभय ने कहा कि हम केंद्र और राज्य सरकार के सामने शांति वार्ता के लिए सकारात्मक माहौल बनाने का प्रस्ताव रख रहे हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>घबराए नक्सलियों की सरकार से गुहार</strong><br />नक्सल प्रवक्ता अभय ने कहा कि हम केंद्र और राज्य सरकार से अपील करते हैं की छत्तीसगढ़, उड़ीसा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड और तेलांगना में &nbsp;ऑपरेशन के नाम पर हत्याओं और नरसंहार पर तत्काल रोक लगाए. नए सशस्त्र बलों के कैम्पों पर रोक लगाए . अगर सरकार इस मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाती है तो हम तत्काल युद्ध विराम की घोषणा कर देंगे.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>विनीत पाठक की रिपोर्ट.</strong></p>
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