औरैया मर्डर- प्रेमी से शादी करना चाहती थी प्रगति:पैसे के लिए दिलीप के साथ 7 फेरे लिए; भाई बोला- ऐसी बहन को फांसी दे दो

औरैया मर्डर- प्रेमी से शादी करना चाहती थी प्रगति:पैसे के लिए दिलीप के साथ 7 फेरे लिए; भाई बोला- ऐसी बहन को फांसी दे दो

‘प्रगति और अनुराग के बीच अफेयर था। इस बात की जानकारी दोनों के परिवार वालों को भी थी। दोनों शादी करना चाहते थे। अनुराग की वजह से घर में बहुत झगड़ा होता था। एक बार तो प्रगति ने अपने हाथ की नस भी काट ली थी। दोनों परिवार वालों ने यह सब जानते हुए भी दिलीप को फंसा दिया। उसके साथ बहुत गलत हुआ।’ यह कहना है प्रगति के गांव वालों का, जिसने शादी के 15वें दिन अपने पति की दिलीप की हत्या कर दी। हालांकि गांव वाले यह बात कैमरे पर बोलने को तैयार नहीं हैं। क्योंकि, वे लोग किसी न किसी रूप में प्रगति के परिवार वालों से जुड़े हैं और अपने संबंध खराब नहीं करना चाहते। अफेयर के चक्कर में हुए इस मर्डर की पड़ताल करने दैनिक भास्कर की टीम औरैया शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर प्रगति के गांव पहुंची। हम पति दिलीप के गांव भी पहुंचे। उनके आसपास के लोगों से बात की और पूरे मामले को समझा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… प्रगति के गांव में सन्नाटा पसरा है। बस प्रगति के घर पर ही उसके परिवार के लोग बाहर बैठे दिखे। उसका घर एक मंजिल बना है। घर के बाहर एक छोटा-सा मंदिर है। मां घर पर नहीं थीं, पिता गोविंद सिंह हार्ट के पेशेंट हैं। इस घटना से उनको गहरा सदमा पहुंचा है। वह चारपाई पर लेटे थे। दो भाई मैनपुरी गए थे। घर पर बस बड़े भाई आलोक मिले। आगे की कहानी प्रगति के भाई आलोक की जुबानी हम सारे भाई-बहन इंटर तक पढ़े हुए हैं
हम लोग 2 बहनें और 3 भाई हैं। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। तीनों भाई प्राइवेट नौकरी करते हैं। हम लोग पहले औरैया के दिबियापुर में रहते थे। हमारी पढ़ाई-लिखाई वहीं पर हुई है। हम सभी भाई-बहन इंटर (12वीं) तक पढ़े हैं। उसके बाद हम लोग हजियापुर सियापुर थाना क्षेत्र के फफूंद गांव में रहने आ गए। करीब 3-4 साल से हम लोग इसी गांव में रह रहे हैं। कोरोना में पिता की नौकरी चली गई
मेरे पिता पहले प्राइवेट नौकरी करते थे, लेकिन कोरोना के समय उनकी नौकरी चली गई। उसके बाद वह गांव आकर खेती किसानी करने लगे। इसी बीच हम तीनों भाइयों ने भी नौकरी तलाश ली। बड़ी बहन पारुल की 6 साल पहले ही शादी हो चुकी है। प्रगति घर पर ही रहती थी। कुछ करती नहीं थी। प्रगति ने अनुराग का कभी कोई जिक्र नहीं किया
प्रगति अक्सर दीदी पारुल के ससुराल जाती रहती थी। वहां रुक भी जाती थी। जब घर में हम लोगों ने प्रगति की शादी की चर्चा की, तो उसने दिलीप के साथ शादी करने की रजामंदी भी दी। शादी तय करने से पहले भी दिलीप अक्सर हमारे घर आता-जाता रहता था। वह और प्रगति फोन पर भी बात करते थे। लेकिन, प्रगति ने अनुराग का कभी कोई जिक्र नहीं किया, न ही हम लोगों को इस बारे में कुछ पता था। बहन ने बहुत खराब काम किया, उसको फांसी हो
हमारे और दिलीप के परिवार वाले भी शादी के लिए राजी थे। जब प्रति ने दिलीप का मर्डर किया, तब उसके और अनुराग के अफेयर के बारे में पता चला। हम लोग इस घटना से बहुत दुखी हैं, बहुत शर्मिंदा हैं। हम कानून से यही मांग करते हैं कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले। दोषियों को फांसी तक पहुंचाया जाए। मेरी बहन को भी फांसी की सजा हो। चाचा बोले- क्या पता था भतीजी अपना ही घर बर्बाद कर देगी
प्रगति के चाचा अर्जुन सिंह बताते हैं- प्रगति गलत रही होगी, तभी तो ऐसा काम किया है। पहले से हम लोगों को कुछ नहीं पता था। शादी के बाद ही उसके अफेयर के बारे में पता चला। हम लोगों ने तो खुशी-खुशी शादी की। क्या पता था, वह खुद ही अपना घर बर्बाद कर देगी। उसने अपने साथ बड़ी बहन के लिए भी परेशानी पैदा कर दी है। प्रगति को ऐसा नहीं करना चाहिए था। अब प्रगति के प्रेमी अनुराग के घर से रिपोर्ट प्रगति के घर के पीछे ही अनुराग का घर है। दोनों के घरों के बीच सिर्फ 100 मीटर की दूरी होगी। घर पर अनुराग की 15 साल की छोटी बहन पप्पी मिली। उसने बताया- हम लोगों पर क्या बीत रही है, यह कैसे बताएं? भाई ऐसा नहीं था। पता नहीं, यह सब क्यों कर दिया? किसी ने उसको फंसा दिया है। उसके अफेयर के बारे में घर में किसी को कुछ नहीं पता था। हम 1 भाई और 2 बहनें हैं। पापा छोटा-मोटा काम करके घर चलाते हैं। मेरी मां नहीं है। भाई ट्रैक्टर चलाता था। इस घटना के बाद से परिवार पर आफत आ गई है। पता नहीं अब आगे क्या होगा? गांव वाले बोले- दोनों के प्यार के बारे में सब जानते थे
अनुराग की बहन ने आगे हमसे कुछ भी कहने से मना कर दिया। इसके बाद हमने गांव के कुछ लोगों से बात की। नाम नहीं छापने की शर्त पर गांव की एक 35 साल की महिला ने बताया- प्रगति और अनुराग एक-दूसरे से प्यार करते थे। कई साल से यह सुनने में आ रहा था कि दोनों के बीच अफेयर है। यह बात प्रगति और अनुराग के परिवार के लोगों को भी पता थी। गांव के लोग भी यह सब जानते थे। कई बार दोनों को एक साथ भी देखा गया। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। दोनों शादी भी करना चाहते थे। प्रगति गांव छोड़कर जाना ही नहीं चाहती थी। एक बार तो प्रगति अपने हाथ की नस भी काट चुकी है। यह लोग सब जानते हुए भी प्रगति के घर वालों ने उस परिवार को फंसा दिया। दिलीप के परिवार के साथ बहुत गलत हुआ। गांव के ही एक 35 साल के एक युवक ने बताया- अब परिवार के लोग क्या सच बताएंगे? खैर, होनी को कौन टाल सकता है? प्रगति और अनुराग की शादी कर दी होती, तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। अब मैनपुरी से प्रगति की ससुराल से रिपोर्ट- अनुराग के घर से निकलकर कर हम वहां से करीब 11 किलोमीटर दूर दिलीप के पैतृक गांव भोगांवा पहुंचे। यह मैनपुरी से करीब 20 किलोमीटर दूर है। दिलीप का अंतिम संस्कार यहीं पर हुआ था। दिलीप का मकान करीब 2 एकड़ में बना है। घर पर पत्थर-टाइल्स लगे हैं। पिता सुमेर यादव के पास 20 से ज्यादा हाइड्रा मशीन और क्रेन हैं। यूपी के 3-4 जिलों में उनका काम फैला है। उनके 4 बेटे हैं, जो अलग-अलग जगह उनका काम संभाल रहे हैं। घर के बाहर तक सुनाई दे रहीं रोने की आवाजें
20 दिन पहले जिस घर में बेटे की शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, उस घर में अब मातम मन रहा है। महिलाओं के रोने की आवाजें घर से बाहर तक सुनाई दे रही हैं। परिवार के लोग गम और गुस्से में हैं। दिलीप की भाभी और प्रगति की बड़ी बहन पारुल बेसुध है। दिलीप और प्रगति दोनों परिवारों की पहले से रिश्तेदारी थी, इसलिए कोई कुछ खुलकर नहीं बोल रहा। मां बोली- साथ नहीं रहना था तो मना कर देती
दिलीप की मां सुमन देवी बेटे को याद करके बार-बार रो पड़ती हैं। कहती हैं- प्रगति को बेटे के साथ नहीं रहना तो मना कर देती, मार क्यों दिया? घर आकर तो ऐसे साथ रह रही थी, जैसे उसे बहुत चाहती है। सबका ध्यान रखती थी। सारी रस्में की, सभी के साथ बैठती-बातें करती थी। उसको देखकर एक बार भी ऐसा नहीं लगा कि बेटे को मारने की साजिश रच रही है। लेकिन, देखो क्या कर गई? भाई बोला- अब मैं क्या बोलूं, मेरा भाई तो चला गया
हमने दिलीप के बड़े भाई और प्रगति के जीजा संदीप से बात की। वह बताते हैं- हम लोगों को नहीं पता था कि उसका किसी से अफेयर है। मेरे भाई तक को इस बात के बारे में नहीं पता था। 6 मार्च शादी के बाद विदा होकर घर आई थी। फिर 10 मार्च को चौथी में मायके चली गई। हमें उस पर जरा भी शक नहीं हुआ। भाई के मरने पर भी उसने रोने का खूब नाटक किया। अब हम क्या बोलें, मेरा भाई तो चला गया। बस हम यही चाहते हैं कि उसको फांसी हो। पिता बोले- 3 साल से दिलीप और प्रगति का अफेयर था
दिलीप के पिता सुमेर यादव बताते हैं- वो लड़की हमारे घर पर आती थी। उसकी हमारे लड़के दिलीप से बोलचाल भी थी। 3 साल से हम लोगों को दिलीप और प्रगति के अफेयर के बारे में पता था। उसके बाद हम दोनों परिवारों ने खुश मन से दोनों की शादी कर दी। हमें अगर प्रगति की सोच पता होती, तो हम कभी शादी न करते। अब पुलिस उसका एनकाउंटर कर दे या फिर फांसी पर चढ़ा दे। उसने मेरे बेटे के पैसे की ही सुपारी दे दी। दिलीप के घर वाले बताते हैं कि उन्हें प्रगति के दिलीप के अलावा किसी और से अफेयर के बारे में कुछ नहीं पता था। वो दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे, तभी ये शादी कराई गई। 4 साल पहले औरैया में दिलीप किराए के मकान में रहता था औरैया में 3-4 साल पहले दिलीप किराए के मकान में रहता था। उसके बाद उसने वहीं पर खुद का मकान बनवा लिया था। जिस मकान में पहले दिलीप रहता था, वहां भी हम पहुंचे। दिलीप के मकान मालिक मुलायम सिंह ने बताया- हम उसको अच्छे से जानते हैं। वह हमारे मकान में ही रहता था। बहुत सीधा और अच्छे स्वभाव का लड़का था। ये घटना जो हुई है, बहुत गलत है। जब पत्नी, पति की नहीं हुई तो और किसी के लिए क्या कहा जाए? दोनों की लव मैरिज थी, उसके बाद भी पत्नी ने ऐसा बुरा काम किया। सबसे बड़ा सवाल, जब प्रगति का अनुराग से अफेयर था, तो फिर दिलीप से शादी क्यों की?
लव, अफेयर और मर्डर का प्लान प्रगति ने दिलीप से शादी करने के 3 साल पहले से ही बनाना शुरू कर दिया था। उसकी बड़ी बहन पारुल की शादी दिलीप के बड़े भाई संदीप से हुई है। बहन की ससुराल आने-जाने के दौरान प्रगति उसकी ऐशो-आराम देखती थी। दिलीप का परिवार बड़ा कारोबारी परिवार है और करोड़पति है। उनकी काफी प्रॉपर्टी है। उसने यही देखकर शादी का प्लान तैयार किया और फिर इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया। प्रगति का मानना था कि शादी के बाद वह दिलीप की हत्या करा देगी। सब कुछ शांत होने के बाद उसकी प्रॉपर्टी में हिस्सा मांगेगी। इसमें उसे करोड़ों रुपए मिल जाएंगे। फिर अपने 4 साल पुराने बॉयफ्रेंड अनुराग से शादी करके सेटल हो जाएगी। इसीलिए प्रगति पुलिस के सामने कई बार रोई। वह बार-बार कहती रही, मुझसे गलती हो गई है। उसने पुलिस की पूछताछ में यह भी बताया कि उसका अनुराग से 4 साल से अफेयर है। वह दिलीप से शादी सिर्फ पैसे के लिए करना चाहती थी। उसने अपने घर वालों से भी अनुराग से शादी करने के लिए बोला था, लेकिन घर वाले राजी नहीं हुए थे। उन्होंने कहा था कि दिलीप पैसे वाला है, उसकी लाइफ सेट हो जाएगी। —————————– यह खबर भी पढ़ें- शादी के 15वें दिन कारोबारी पति की हत्या कराई, मुंह दिखाई के पैसे से शूटर बुलाया; प्रॉपर्टी पर कब्जा कर प्रेमी संग रहना चाहती थी यूपी के औरैया में शादी के 15वें दिन ही दुल्हन ने अपने पति की हत्या करवा दी। उसने प्रेमी के साथ मिलकर शूटर को सुपारी दी। यहां पढ़ें पूरी खबर ‘प्रगति और अनुराग के बीच अफेयर था। इस बात की जानकारी दोनों के परिवार वालों को भी थी। दोनों शादी करना चाहते थे। अनुराग की वजह से घर में बहुत झगड़ा होता था। एक बार तो प्रगति ने अपने हाथ की नस भी काट ली थी। दोनों परिवार वालों ने यह सब जानते हुए भी दिलीप को फंसा दिया। उसके साथ बहुत गलत हुआ।’ यह कहना है प्रगति के गांव वालों का, जिसने शादी के 15वें दिन अपने पति की दिलीप की हत्या कर दी। हालांकि गांव वाले यह बात कैमरे पर बोलने को तैयार नहीं हैं। क्योंकि, वे लोग किसी न किसी रूप में प्रगति के परिवार वालों से जुड़े हैं और अपने संबंध खराब नहीं करना चाहते। अफेयर के चक्कर में हुए इस मर्डर की पड़ताल करने दैनिक भास्कर की टीम औरैया शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर प्रगति के गांव पहुंची। हम पति दिलीप के गांव भी पहुंचे। उनके आसपास के लोगों से बात की और पूरे मामले को समझा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… प्रगति के गांव में सन्नाटा पसरा है। बस प्रगति के घर पर ही उसके परिवार के लोग बाहर बैठे दिखे। उसका घर एक मंजिल बना है। घर के बाहर एक छोटा-सा मंदिर है। मां घर पर नहीं थीं, पिता गोविंद सिंह हार्ट के पेशेंट हैं। इस घटना से उनको गहरा सदमा पहुंचा है। वह चारपाई पर लेटे थे। दो भाई मैनपुरी गए थे। घर पर बस बड़े भाई आलोक मिले। आगे की कहानी प्रगति के भाई आलोक की जुबानी हम सारे भाई-बहन इंटर तक पढ़े हुए हैं
हम लोग 2 बहनें और 3 भाई हैं। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। तीनों भाई प्राइवेट नौकरी करते हैं। हम लोग पहले औरैया के दिबियापुर में रहते थे। हमारी पढ़ाई-लिखाई वहीं पर हुई है। हम सभी भाई-बहन इंटर (12वीं) तक पढ़े हैं। उसके बाद हम लोग हजियापुर सियापुर थाना क्षेत्र के फफूंद गांव में रहने आ गए। करीब 3-4 साल से हम लोग इसी गांव में रह रहे हैं। कोरोना में पिता की नौकरी चली गई
मेरे पिता पहले प्राइवेट नौकरी करते थे, लेकिन कोरोना के समय उनकी नौकरी चली गई। उसके बाद वह गांव आकर खेती किसानी करने लगे। इसी बीच हम तीनों भाइयों ने भी नौकरी तलाश ली। बड़ी बहन पारुल की 6 साल पहले ही शादी हो चुकी है। प्रगति घर पर ही रहती थी। कुछ करती नहीं थी। प्रगति ने अनुराग का कभी कोई जिक्र नहीं किया
प्रगति अक्सर दीदी पारुल के ससुराल जाती रहती थी। वहां रुक भी जाती थी। जब घर में हम लोगों ने प्रगति की शादी की चर्चा की, तो उसने दिलीप के साथ शादी करने की रजामंदी भी दी। शादी तय करने से पहले भी दिलीप अक्सर हमारे घर आता-जाता रहता था। वह और प्रगति फोन पर भी बात करते थे। लेकिन, प्रगति ने अनुराग का कभी कोई जिक्र नहीं किया, न ही हम लोगों को इस बारे में कुछ पता था। बहन ने बहुत खराब काम किया, उसको फांसी हो
हमारे और दिलीप के परिवार वाले भी शादी के लिए राजी थे। जब प्रति ने दिलीप का मर्डर किया, तब उसके और अनुराग के अफेयर के बारे में पता चला। हम लोग इस घटना से बहुत दुखी हैं, बहुत शर्मिंदा हैं। हम कानून से यही मांग करते हैं कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले। दोषियों को फांसी तक पहुंचाया जाए। मेरी बहन को भी फांसी की सजा हो। चाचा बोले- क्या पता था भतीजी अपना ही घर बर्बाद कर देगी
प्रगति के चाचा अर्जुन सिंह बताते हैं- प्रगति गलत रही होगी, तभी तो ऐसा काम किया है। पहले से हम लोगों को कुछ नहीं पता था। शादी के बाद ही उसके अफेयर के बारे में पता चला। हम लोगों ने तो खुशी-खुशी शादी की। क्या पता था, वह खुद ही अपना घर बर्बाद कर देगी। उसने अपने साथ बड़ी बहन के लिए भी परेशानी पैदा कर दी है। प्रगति को ऐसा नहीं करना चाहिए था। अब प्रगति के प्रेमी अनुराग के घर से रिपोर्ट प्रगति के घर के पीछे ही अनुराग का घर है। दोनों के घरों के बीच सिर्फ 100 मीटर की दूरी होगी। घर पर अनुराग की 15 साल की छोटी बहन पप्पी मिली। उसने बताया- हम लोगों पर क्या बीत रही है, यह कैसे बताएं? भाई ऐसा नहीं था। पता नहीं, यह सब क्यों कर दिया? किसी ने उसको फंसा दिया है। उसके अफेयर के बारे में घर में किसी को कुछ नहीं पता था। हम 1 भाई और 2 बहनें हैं। पापा छोटा-मोटा काम करके घर चलाते हैं। मेरी मां नहीं है। भाई ट्रैक्टर चलाता था। इस घटना के बाद से परिवार पर आफत आ गई है। पता नहीं अब आगे क्या होगा? गांव वाले बोले- दोनों के प्यार के बारे में सब जानते थे
अनुराग की बहन ने आगे हमसे कुछ भी कहने से मना कर दिया। इसके बाद हमने गांव के कुछ लोगों से बात की। नाम नहीं छापने की शर्त पर गांव की एक 35 साल की महिला ने बताया- प्रगति और अनुराग एक-दूसरे से प्यार करते थे। कई साल से यह सुनने में आ रहा था कि दोनों के बीच अफेयर है। यह बात प्रगति और अनुराग के परिवार के लोगों को भी पता थी। गांव के लोग भी यह सब जानते थे। कई बार दोनों को एक साथ भी देखा गया। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। दोनों शादी भी करना चाहते थे। प्रगति गांव छोड़कर जाना ही नहीं चाहती थी। एक बार तो प्रगति अपने हाथ की नस भी काट चुकी है। यह लोग सब जानते हुए भी प्रगति के घर वालों ने उस परिवार को फंसा दिया। दिलीप के परिवार के साथ बहुत गलत हुआ। गांव के ही एक 35 साल के एक युवक ने बताया- अब परिवार के लोग क्या सच बताएंगे? खैर, होनी को कौन टाल सकता है? प्रगति और अनुराग की शादी कर दी होती, तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। अब मैनपुरी से प्रगति की ससुराल से रिपोर्ट- अनुराग के घर से निकलकर कर हम वहां से करीब 11 किलोमीटर दूर दिलीप के पैतृक गांव भोगांवा पहुंचे। यह मैनपुरी से करीब 20 किलोमीटर दूर है। दिलीप का अंतिम संस्कार यहीं पर हुआ था। दिलीप का मकान करीब 2 एकड़ में बना है। घर पर पत्थर-टाइल्स लगे हैं। पिता सुमेर यादव के पास 20 से ज्यादा हाइड्रा मशीन और क्रेन हैं। यूपी के 3-4 जिलों में उनका काम फैला है। उनके 4 बेटे हैं, जो अलग-अलग जगह उनका काम संभाल रहे हैं। घर के बाहर तक सुनाई दे रहीं रोने की आवाजें
20 दिन पहले जिस घर में बेटे की शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, उस घर में अब मातम मन रहा है। महिलाओं के रोने की आवाजें घर से बाहर तक सुनाई दे रही हैं। परिवार के लोग गम और गुस्से में हैं। दिलीप की भाभी और प्रगति की बड़ी बहन पारुल बेसुध है। दिलीप और प्रगति दोनों परिवारों की पहले से रिश्तेदारी थी, इसलिए कोई कुछ खुलकर नहीं बोल रहा। मां बोली- साथ नहीं रहना था तो मना कर देती
दिलीप की मां सुमन देवी बेटे को याद करके बार-बार रो पड़ती हैं। कहती हैं- प्रगति को बेटे के साथ नहीं रहना तो मना कर देती, मार क्यों दिया? घर आकर तो ऐसे साथ रह रही थी, जैसे उसे बहुत चाहती है। सबका ध्यान रखती थी। सारी रस्में की, सभी के साथ बैठती-बातें करती थी। उसको देखकर एक बार भी ऐसा नहीं लगा कि बेटे को मारने की साजिश रच रही है। लेकिन, देखो क्या कर गई? भाई बोला- अब मैं क्या बोलूं, मेरा भाई तो चला गया
हमने दिलीप के बड़े भाई और प्रगति के जीजा संदीप से बात की। वह बताते हैं- हम लोगों को नहीं पता था कि उसका किसी से अफेयर है। मेरे भाई तक को इस बात के बारे में नहीं पता था। 6 मार्च शादी के बाद विदा होकर घर आई थी। फिर 10 मार्च को चौथी में मायके चली गई। हमें उस पर जरा भी शक नहीं हुआ। भाई के मरने पर भी उसने रोने का खूब नाटक किया। अब हम क्या बोलें, मेरा भाई तो चला गया। बस हम यही चाहते हैं कि उसको फांसी हो। पिता बोले- 3 साल से दिलीप और प्रगति का अफेयर था
दिलीप के पिता सुमेर यादव बताते हैं- वो लड़की हमारे घर पर आती थी। उसकी हमारे लड़के दिलीप से बोलचाल भी थी। 3 साल से हम लोगों को दिलीप और प्रगति के अफेयर के बारे में पता था। उसके बाद हम दोनों परिवारों ने खुश मन से दोनों की शादी कर दी। हमें अगर प्रगति की सोच पता होती, तो हम कभी शादी न करते। अब पुलिस उसका एनकाउंटर कर दे या फिर फांसी पर चढ़ा दे। उसने मेरे बेटे के पैसे की ही सुपारी दे दी। दिलीप के घर वाले बताते हैं कि उन्हें प्रगति के दिलीप के अलावा किसी और से अफेयर के बारे में कुछ नहीं पता था। वो दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे, तभी ये शादी कराई गई। 4 साल पहले औरैया में दिलीप किराए के मकान में रहता था औरैया में 3-4 साल पहले दिलीप किराए के मकान में रहता था। उसके बाद उसने वहीं पर खुद का मकान बनवा लिया था। जिस मकान में पहले दिलीप रहता था, वहां भी हम पहुंचे। दिलीप के मकान मालिक मुलायम सिंह ने बताया- हम उसको अच्छे से जानते हैं। वह हमारे मकान में ही रहता था। बहुत सीधा और अच्छे स्वभाव का लड़का था। ये घटना जो हुई है, बहुत गलत है। जब पत्नी, पति की नहीं हुई तो और किसी के लिए क्या कहा जाए? दोनों की लव मैरिज थी, उसके बाद भी पत्नी ने ऐसा बुरा काम किया। सबसे बड़ा सवाल, जब प्रगति का अनुराग से अफेयर था, तो फिर दिलीप से शादी क्यों की?
लव, अफेयर और मर्डर का प्लान प्रगति ने दिलीप से शादी करने के 3 साल पहले से ही बनाना शुरू कर दिया था। उसकी बड़ी बहन पारुल की शादी दिलीप के बड़े भाई संदीप से हुई है। बहन की ससुराल आने-जाने के दौरान प्रगति उसकी ऐशो-आराम देखती थी। दिलीप का परिवार बड़ा कारोबारी परिवार है और करोड़पति है। उनकी काफी प्रॉपर्टी है। उसने यही देखकर शादी का प्लान तैयार किया और फिर इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया। प्रगति का मानना था कि शादी के बाद वह दिलीप की हत्या करा देगी। सब कुछ शांत होने के बाद उसकी प्रॉपर्टी में हिस्सा मांगेगी। इसमें उसे करोड़ों रुपए मिल जाएंगे। फिर अपने 4 साल पुराने बॉयफ्रेंड अनुराग से शादी करके सेटल हो जाएगी। इसीलिए प्रगति पुलिस के सामने कई बार रोई। वह बार-बार कहती रही, मुझसे गलती हो गई है। उसने पुलिस की पूछताछ में यह भी बताया कि उसका अनुराग से 4 साल से अफेयर है। वह दिलीप से शादी सिर्फ पैसे के लिए करना चाहती थी। उसने अपने घर वालों से भी अनुराग से शादी करने के लिए बोला था, लेकिन घर वाले राजी नहीं हुए थे। उन्होंने कहा था कि दिलीप पैसे वाला है, उसकी लाइफ सेट हो जाएगी। —————————– यह खबर भी पढ़ें- शादी के 15वें दिन कारोबारी पति की हत्या कराई, मुंह दिखाई के पैसे से शूटर बुलाया; प्रॉपर्टी पर कब्जा कर प्रेमी संग रहना चाहती थी यूपी के औरैया में शादी के 15वें दिन ही दुल्हन ने अपने पति की हत्या करवा दी। उसने प्रेमी के साथ मिलकर शूटर को सुपारी दी। यहां पढ़ें पूरी खबर   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर