<p style=”text-align: justify;”><strong>Delhi News:</strong> दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली में बाल कल्याण समितियों (CWC) और किशोर न्याय बोर्डों (JJB) में लंबित नियुक्तियों पर केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई. अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा दो साल से JJB नहीं चल रहा तो इन बच्चों का क्या हो रहा है. ऐसे में उनकी देखभाल और न्याय की जिम्मेदारी किसकी है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>गृह मंत्रालय के वादे पर दिल्ली HC का कड़ा रुख</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>दिल्ली हाई कोर्ट चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि फरवरी में गृह सचिव ने हलफनामा दायर कर कहा था कि दो हफ्ते में नियुक्तियां हो जाएंगी. लेकिन अब अप्रैल आ गया और हालात जस के तस हैं. कोर्ट ने सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा चयन समिति ने सितंबर में नाम सुझाए थे फिर भी फाइनल लिस्ट जारी नहीं हुई. क्या इतने अहम पदों को भरने के लिए भी सरकार को जगाना पड़ेगा?</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>दिल्ली HC ने कहा बच्चों के न्याय से खिलवाड़ क्यों ?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>अदालत ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा JJB और CWC जैसी संस्थाएं मजाक नहीं हैं. इनके बिना हजारों नाबालिगों का भविष्य अंधकार में है. आखिर बिना बोर्ड और समितियों के किशोरों के मामलों का निपटारा कैसे हो रहा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>सोमवार को देना होगा सरकार को जवाब</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत से वक्त मांगा ताकि वे पूरी जानकारी लेकर जवाब दे सकें. अदालत ने उनकी अपील को मानते हुए मामले की सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>बचपन बचाओ आंदोलन की याचिका से खुली पोल</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>यह मामला तब सामने आया जब एनजीओ बचपन बचाओ आंदोलन ने अदालत में याचिका दायर कर बताया कि CWC और JJB के सदस्यों की नियुक्तियों में देरी से हजारों नाबालिगों के मामलों का निपटारा अटका पड़ा है. उनकी ओर से वरिष्ठ वकील एच.एस. फूलका ने कोर्ट में दलील दी कि सरकारी उदासीनता से बच्चों के अधिकारों का सीधा हनन हो रहा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>ये भी पढ़ें- <strong><a href=”https://www.abplive.com/states/delhi-ncr/delhi-high-court-order-run-case-on-two-club-owners-for-sold-liquor-hookah-to-minor-ann-2918427″>दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, नाबालिगों को शराब-हुक्का बेचने वाले दो क्लब मालिकों पर चलेगा केस</a></strong></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Delhi News:</strong> दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली में बाल कल्याण समितियों (CWC) और किशोर न्याय बोर्डों (JJB) में लंबित नियुक्तियों पर केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई. अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा दो साल से JJB नहीं चल रहा तो इन बच्चों का क्या हो रहा है. ऐसे में उनकी देखभाल और न्याय की जिम्मेदारी किसकी है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>गृह मंत्रालय के वादे पर दिल्ली HC का कड़ा रुख</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>दिल्ली हाई कोर्ट चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि फरवरी में गृह सचिव ने हलफनामा दायर कर कहा था कि दो हफ्ते में नियुक्तियां हो जाएंगी. लेकिन अब अप्रैल आ गया और हालात जस के तस हैं. कोर्ट ने सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा चयन समिति ने सितंबर में नाम सुझाए थे फिर भी फाइनल लिस्ट जारी नहीं हुई. क्या इतने अहम पदों को भरने के लिए भी सरकार को जगाना पड़ेगा?</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>दिल्ली HC ने कहा बच्चों के न्याय से खिलवाड़ क्यों ?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>अदालत ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा JJB और CWC जैसी संस्थाएं मजाक नहीं हैं. इनके बिना हजारों नाबालिगों का भविष्य अंधकार में है. आखिर बिना बोर्ड और समितियों के किशोरों के मामलों का निपटारा कैसे हो रहा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>सोमवार को देना होगा सरकार को जवाब</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत से वक्त मांगा ताकि वे पूरी जानकारी लेकर जवाब दे सकें. अदालत ने उनकी अपील को मानते हुए मामले की सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>बचपन बचाओ आंदोलन की याचिका से खुली पोल</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>यह मामला तब सामने आया जब एनजीओ बचपन बचाओ आंदोलन ने अदालत में याचिका दायर कर बताया कि CWC और JJB के सदस्यों की नियुक्तियों में देरी से हजारों नाबालिगों के मामलों का निपटारा अटका पड़ा है. उनकी ओर से वरिष्ठ वकील एच.एस. फूलका ने कोर्ट में दलील दी कि सरकारी उदासीनता से बच्चों के अधिकारों का सीधा हनन हो रहा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>ये भी पढ़ें- <strong><a href=”https://www.abplive.com/states/delhi-ncr/delhi-high-court-order-run-case-on-two-club-owners-for-sold-liquor-hookah-to-minor-ann-2918427″>दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, नाबालिगों को शराब-हुक्का बेचने वाले दो क्लब मालिकों पर चलेगा केस</a></strong></p> दिल्ली NCR बिजली के बाद अब शिक्षा के मुद्दे पर AAP ने दिल्ली सरकार को घेरा, आतिशी बोलीं- ‘मिडिल क्लास के लिए तबाही…’
किशोर न्याय बोर्ड में लंबित नियुक्ति का मामला, दिल्ली HC ने सरकार को लगाई फटकार
