हरियाणा के हिसार के गांव बयानाखेड़ा निवासी फौजी मनदीप पूनिया (31) का गुरुवार को सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गुरुवार की सुबह उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हजारों ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। राजकीय सम्मान के साथ गांव के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भारत माता की जय के नारे गूंज उठे। इस दौरान गांववालों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग रखी कि गांव में उनके नाम पर कोई सार्वजनिक स्थल, सड़क या स्मारक बनाया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनके बारे में जान सकें। यह भी कहा कि सरकार को ऐसे वीरों के परिवारों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सिर्फ एक दिन की श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि हमेशा के लिए उनकी कुर्बानी की पहचान बनी रहनी चाहिए। परिवार ने भी सरकार से उचित सम्मान और सहायता कि मांग की। 11 साल पहले आर्मी में हुए थे भर्ती
परिवार से मिली जानकारी अनुसार, गांव बयानाखेड़ा के बलराज सिंह के बेटे मनदीप सिंह करीब 11 साल पहले सेना की टेरिटोरियल आर्मी (टीए) 112 डोगरा में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में तैनात थे। 2011 में उनकी शादी हुई थी। उनके परिवार में उनकी पत्नी रीना, 13 वर्षीय बेटी अनुशा और 10 वर्षीय बेटा अंशु है। ट्रेन छूटी, वापस लौटे कैंप
ग्रामीणों के अनुसार, मनदीप पूनिया के परिवार में 31 मार्च को एक शादी समारोह था। इसमें शामिल होने के लिए उन्होंने छुट्टी ली थी। 17 मार्च को वे छुट्टी पर गांव लौटने वाले थे, लेकिन ट्रेन छूट जाने के कारण उन्हें कैंट वापस जाना पड़ा। दुर्भाग्यवश, अगले ही दिन 18 मार्च को दोपहर बाद उनकी पत्नी को सेना से फोन आया, जिसमें मनदीप पूनिया के शहीद होने की सूचना दी गई। वहां से बताया गया कि हृदयगति रुकने से उनकी मौत हुई। यह खबर सुनते ही परिवार और गांव में मातम पसर गया। घर पर उमड़ी लोगों की भीड़, सैन्य अफसरों ने दी श्रद्धांजलि
20 मार्च की सुबह जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरा गांव ‘भारत माता की जय’ के जयकारों से गूंज उठा। शहीद का पार्थिव शरीर उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां क्षेत्रभर से लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। हिसार कैंट से सेना की एक बटालियन भी इस मौके पर मौजूद रही। सैन्य अफसरों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। गांव के श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद मनदीप पूनिया का अंतिम संस्कार किया गया। सेना की टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी। गांववासियों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। हरियाणा के हिसार के गांव बयानाखेड़ा निवासी फौजी मनदीप पूनिया (31) का गुरुवार को सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गुरुवार की सुबह उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हजारों ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। राजकीय सम्मान के साथ गांव के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भारत माता की जय के नारे गूंज उठे। इस दौरान गांववालों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग रखी कि गांव में उनके नाम पर कोई सार्वजनिक स्थल, सड़क या स्मारक बनाया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनके बारे में जान सकें। यह भी कहा कि सरकार को ऐसे वीरों के परिवारों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सिर्फ एक दिन की श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि हमेशा के लिए उनकी कुर्बानी की पहचान बनी रहनी चाहिए। परिवार ने भी सरकार से उचित सम्मान और सहायता कि मांग की। 11 साल पहले आर्मी में हुए थे भर्ती
परिवार से मिली जानकारी अनुसार, गांव बयानाखेड़ा के बलराज सिंह के बेटे मनदीप सिंह करीब 11 साल पहले सेना की टेरिटोरियल आर्मी (टीए) 112 डोगरा में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में तैनात थे। 2011 में उनकी शादी हुई थी। उनके परिवार में उनकी पत्नी रीना, 13 वर्षीय बेटी अनुशा और 10 वर्षीय बेटा अंशु है। ट्रेन छूटी, वापस लौटे कैंप
ग्रामीणों के अनुसार, मनदीप पूनिया के परिवार में 31 मार्च को एक शादी समारोह था। इसमें शामिल होने के लिए उन्होंने छुट्टी ली थी। 17 मार्च को वे छुट्टी पर गांव लौटने वाले थे, लेकिन ट्रेन छूट जाने के कारण उन्हें कैंट वापस जाना पड़ा। दुर्भाग्यवश, अगले ही दिन 18 मार्च को दोपहर बाद उनकी पत्नी को सेना से फोन आया, जिसमें मनदीप पूनिया के शहीद होने की सूचना दी गई। वहां से बताया गया कि हृदयगति रुकने से उनकी मौत हुई। यह खबर सुनते ही परिवार और गांव में मातम पसर गया। घर पर उमड़ी लोगों की भीड़, सैन्य अफसरों ने दी श्रद्धांजलि
20 मार्च की सुबह जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरा गांव ‘भारत माता की जय’ के जयकारों से गूंज उठा। शहीद का पार्थिव शरीर उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां क्षेत्रभर से लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। हिसार कैंट से सेना की एक बटालियन भी इस मौके पर मौजूद रही। सैन्य अफसरों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। गांव के श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद मनदीप पूनिया का अंतिम संस्कार किया गया। सेना की टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी। गांववासियों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। हरियाणा | दैनिक भास्कर
