जालंधर के कस्बा फिल्लौर में सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर लगाए गए शो-केस पर खालिस्तानी नारे लिखे जाने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। जालंधर देहात पुलिस द्वारा इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस बारे में जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने मीडिया के साथ जानकारी साझा की है। DIG बोले- दोनों आरोपी किसी तीसरे व्यक्ति के जरिए पन्नू के लिंक में थे डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि, इस सारे घटनाक्रम में पुलिस टीमों ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी की पहचान सुखबीर सिंह उर्फ राजन (31) निवासी नूरपुर चट्ठा, नकोदर (जालंधर) और दूसरे आरोपी की पहचान अवतार सिंह उर्फ तारी निवासी नकोदर के रूप में हुई है। इन दोनों आरोपियों द्वारा इस वारदात को अंजाम दिया गया था। डीआईजी सिंगला ने कहा कि, पिछले तीन माह से ही ये खालिस्तानी गतिविधियों में शामिल थे। दोनों आरोपी किसी तीसरे व्यक्ति के जरिए पन्नू के लिंक में थे। आरोपियों से चार फोन और बाइकें बरामद की गईं हैं। फिलहाल इन्हें कितने पैसे मिले, इस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। पंजाब की अन्य वारदातों को लेकर फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ हो रही है। डीआईजी सिंगला ने बताया कि, आरोपियों ने खालिस्तानी नारे लिखने के करीब चार वारदातें इससे पहले भी की थी। इस मामले में पुलिस द्वारा करीब 21 किलोमीटर एरिया के अलग-अलग सीसीटीवी खंगाले गए। उन्हें खालिस्तान जिंदाबाद का नारा लिखने के साथ साथ उन्हें तोड़फोड़ करने को भी कहा जाता था। 31 मार्च को लिखे गए थे खालिस्तानी नारे सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 31 मार्च को पंजाब के फिल्लौर के नंगल क्षेत्र में खालिस्तानी नारे लिखवाए थे। ये नारे डॉ. भीमराव अंबेडकर की एक प्रतिमा के लिए लगाए गए शो-केस पर लिखे गए थे। जिसके बाद वीडियो जारी कर आतंकी पन्नू ने इस पूरी घटना का वीडियो भी जारी किया था। वीडियो में पन्नू आने वाले दिनों में पंजाब में बड़ी घटना को अंजाम देने की दावा भी किया था। पन्नू ने वीडियो जारी कर कहा था कि 14 अप्रैल को भीमराज अंबेडकर जयंती पर राज्य की सभी प्रतिमाओं को हटाया जाए, क्योंकि संविधान के कारण ही सिखों को अलग पहचान नहीं मिली। खालिस्तानी झंडा फहराया गया और “सिख हिंदू नहीं हैं” व “SFJ खालिस्तान जिंदाबाद” जैसे नारे लिखे गए हैं। आतंकी पन्नू ने इस पूरी घटना का वीडियो भी जारी किया है, जिसकी दैनिक भास्कर पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में पन्नू आने वाले दिनों में पंजाब में बड़ी घटना को अंजाम देने की दावा कर रहा है। जिससे पंजाब का आपसी भाईचारा भी प्रभावित हो सकता है। पन्नू चाहता है कि 14 अप्रैल को भीमराव अंबेडकर जयंती पर राज्य की सभी प्रतिमाओं को हटाया जाए, क्योंकि संविधान के कारण ही सिखों को अलग पहचान नहीं मिली। जालंधर के कस्बा फिल्लौर में सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर लगाए गए शो-केस पर खालिस्तानी नारे लिखे जाने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। जालंधर देहात पुलिस द्वारा इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस बारे में जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने मीडिया के साथ जानकारी साझा की है। DIG बोले- दोनों आरोपी किसी तीसरे व्यक्ति के जरिए पन्नू के लिंक में थे डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि, इस सारे घटनाक्रम में पुलिस टीमों ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी की पहचान सुखबीर सिंह उर्फ राजन (31) निवासी नूरपुर चट्ठा, नकोदर (जालंधर) और दूसरे आरोपी की पहचान अवतार सिंह उर्फ तारी निवासी नकोदर के रूप में हुई है। इन दोनों आरोपियों द्वारा इस वारदात को अंजाम दिया गया था। डीआईजी सिंगला ने कहा कि, पिछले तीन माह से ही ये खालिस्तानी गतिविधियों में शामिल थे। दोनों आरोपी किसी तीसरे व्यक्ति के जरिए पन्नू के लिंक में थे। आरोपियों से चार फोन और बाइकें बरामद की गईं हैं। फिलहाल इन्हें कितने पैसे मिले, इस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। पंजाब की अन्य वारदातों को लेकर फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ हो रही है। डीआईजी सिंगला ने बताया कि, आरोपियों ने खालिस्तानी नारे लिखने के करीब चार वारदातें इससे पहले भी की थी। इस मामले में पुलिस द्वारा करीब 21 किलोमीटर एरिया के अलग-अलग सीसीटीवी खंगाले गए। उन्हें खालिस्तान जिंदाबाद का नारा लिखने के साथ साथ उन्हें तोड़फोड़ करने को भी कहा जाता था। 31 मार्च को लिखे गए थे खालिस्तानी नारे सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 31 मार्च को पंजाब के फिल्लौर के नंगल क्षेत्र में खालिस्तानी नारे लिखवाए थे। ये नारे डॉ. भीमराव अंबेडकर की एक प्रतिमा के लिए लगाए गए शो-केस पर लिखे गए थे। जिसके बाद वीडियो जारी कर आतंकी पन्नू ने इस पूरी घटना का वीडियो भी जारी किया था। वीडियो में पन्नू आने वाले दिनों में पंजाब में बड़ी घटना को अंजाम देने की दावा भी किया था। पन्नू ने वीडियो जारी कर कहा था कि 14 अप्रैल को भीमराज अंबेडकर जयंती पर राज्य की सभी प्रतिमाओं को हटाया जाए, क्योंकि संविधान के कारण ही सिखों को अलग पहचान नहीं मिली। खालिस्तानी झंडा फहराया गया और “सिख हिंदू नहीं हैं” व “SFJ खालिस्तान जिंदाबाद” जैसे नारे लिखे गए हैं। आतंकी पन्नू ने इस पूरी घटना का वीडियो भी जारी किया है, जिसकी दैनिक भास्कर पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में पन्नू आने वाले दिनों में पंजाब में बड़ी घटना को अंजाम देने की दावा कर रहा है। जिससे पंजाब का आपसी भाईचारा भी प्रभावित हो सकता है। पन्नू चाहता है कि 14 अप्रैल को भीमराव अंबेडकर जयंती पर राज्य की सभी प्रतिमाओं को हटाया जाए, क्योंकि संविधान के कारण ही सिखों को अलग पहचान नहीं मिली। पंजाब | दैनिक भास्कर
