नोएडा का एक शानदार बंगला…अंदर स्टूडियो, जहां मॉडल्स न्यूड शो होता मिला। 28 मार्च को नोएडा के सेक्टर 105 में छापा मारने गई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक टीम ने ऑनलाइन पोर्न कंटेंट अपलोड होते हुए पकड़ा। 22 करोड़ रुपए की फॉरेन फंडिंग का पीछा करती हुई ED इस बंगले तक पहुंची थी, मगर यहां न्यूड शो रिकॉर्ड होता मिला। सामने आया कि ऑनलाइन पोर्नोग्राफी का बड़ा रैकेट चलाया जा रहा था। पूछताछ में पता चला कि उज्जवल किशोर और नीलू श्रीवास्तव ने ‘सब-डिजी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की कंपनी 5 साल पहले बनाई थी। कंपनी के डायरेक्टर उज्जवल हैं। घर से ही कारोबार की आड़ में वह एडल्ट वेबकैम स्टूडियो चला रहे थे। फेसबुक और ट्विटर पर विज्ञापन देकर मॉडल्स की भर्ती की जाती थी, जो लाइव कैम पर अश्लील कंटेंट अपलोड करती थीं। एडल्ट वीडियो से होने वाली कमाई का 25% हिस्सा मॉडल्स को दिया जाता था। ED की टीम ने जब छापेमारी की तो कुछ मॉडल्स भी वहां शो करती मिलीं। केंद्रीय जांच एजेंसी ने उनसे भी पूछताछ की है और बयान दर्ज किए हैं। अब तक की जांच में 15.66 करोड़ रुपए की फॉरेन फंडिंग मिली है। फ्लैट के ऊपरी हिस्से में बनाया हाई-टेक सेटअप दरअसल, ED ने जब नोएडा के फ्लैट पर छापा मारा, तो वहां एक प्रोफेशनल वेबकैम स्टूडियो मिला। यहां फ्लैट के ऊपरी हिस्से को एक हाई-टेक सेटअप में बदला गया था, जहां से ऑनलाइन कंटेंट अपलोड किया जाता था। उज्जवल किशोर ने ED को बताया कि उन्होंने साइप्रस की एक कंपनी ‘टेक्नियस लिमिटेड’ से समझौता किया था। टेक्नियस लिमिटेड ‘एक्स हैम्सटर’ और ‘स्ट्रिपचैट’ जैसी पोर्न वेबसाइट चलाती है। नोएडा में देसी पोर्न बनाकर यह कपल विदेशी वेबसाइट को भेजता था और बदले में वहां से उन्हें मोटी रकम अकाउंट में भेजी जाती थी। सामने आया कि कस्टमर का पैसा सबसे पहले इस ऑनलाइन पोर्नोग्राफी रैकेट चलाने वाले लोगों के पास क्रिप्टो करेंसी के जरिए जाता था। उसके बाद ये पैसा उज्जवल के पास पहुंचता था। सरकार को बताते कि मार्केट रिसर्च, पब्लिक ओपिनियन पोल का फंड है
इधर सब-डिजी के खाते में लगातार विदेश से मोटी रकम आ रही थी। कंपनी की ओर भारत सरकार को बताया जाता था कि वह विज्ञापन, मार्केट रिसर्च और पब्लिक ओपिनियन पोल जैसे कारोबार में शामिल है। FEMA नियमों के उल्लंघन का शक होने पर पर ED ने जब इसकी जांच शुरू की तो पूरा खेल सामने आ गया। ईडी के मुताबिक, सब-डिजी कंपनी और इसके डायरेक्टर्स के अकाउंट्स में विदेशों से 15.66 करोड़ रुपए आने का पता चला है। इसके अलावा नीदरलैंड्स में भी एक अकाउंट का पता चला है जिसमें 7 करोड़ रुपए भेजे गए थे। इस रकम को इंटरनेशनल डेबिट कार्ड्स के जरिए भारत में कैश निकाला जा चुका है। इस तरह अब तक 22 करोड़ से अधिक कमाई का पता चल चुका है। घर के एक कमरे से 8 लाख रुपए कैश भी बरामद हुआ है। फेसबुक के जरिए 500 से ज्यादा लड़कियां हायर कीं
सूत्रों के मुताबिक उज्जवल ने फेसबुक पर चेप्टो डॉट कॉम नाम का एक पेज बनाया था। जिसमें मॉडलिंग के ऑफर दिए जाते थे और लड़कियों को मोटी सैलरी का लालच दिया जाता था। दिल्ली-एनसीआर की कई लड़कियों ,मॉडल्स ने इस पेज के जरिए संपर्क किया और जब वे नोएडा स्थित फ्लैट पर ऑडिशन देने पहुंचती थी तो आरोपी की पत्नी उन्हें इस पोर्न रैकेट का हिस्सा बनने का प्रस्ताव देती थी। लड़कियों को 1 से 2 लाख रुपए महीने कमाने का लालच दिया जाता था। जांच एजेंसियों को शक है कि इस रैकेट के जरिए अब तक लगभग 500 से ज्यादा लड़कियों हायर की जा चुकी होंगी। पैसे के हिसाब से लड़कियों को देते थे टास्क ED के मुताबिक ऑनलाइन पोर्नोग्राफी के दौरान लड़कियों के भी अलग अलग तरीके के टास्क होते थे। मतलब कस्टमर जितना पैसा भेजता था, उसी हिसाब से लड़कियां एक्ट करती थीं। जैसे… इनके लिए ग्राहकों से अलग-अलग रकम वसूली जाती थी। इस कमाई का 75% हिस्सा पति-पत्नी के पास जाता था, जबकि 25 प्रतिशत बाकी का हिस्सा लड़कियों को दिया जाता था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नोएडा के सेक्टर 105 में रहने वाले एक दंपती के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत कार्रवाई की है। सामने आया कि मुख्य आरोपी पहले रूस में एक ऐसे ही सिंडिकेट का हिस्सा रह चुका है, बाद में भारत आकर अपनी पत्नी के साथ इस पोर्नोग्राफी रैकेट को शुरू किया। इस मामले में ED जल्द ही और भी गिरफ्तारियां कर सकती है। नोएडा पुलिस भी जल्द इस मामले की जांच करेंगी। फिलहाल ED ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। …….. नोएडा का एक शानदार बंगला…अंदर स्टूडियो, जहां मॉडल्स न्यूड शो होता मिला। 28 मार्च को नोएडा के सेक्टर 105 में छापा मारने गई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक टीम ने ऑनलाइन पोर्न कंटेंट अपलोड होते हुए पकड़ा। 22 करोड़ रुपए की फॉरेन फंडिंग का पीछा करती हुई ED इस बंगले तक पहुंची थी, मगर यहां न्यूड शो रिकॉर्ड होता मिला। सामने आया कि ऑनलाइन पोर्नोग्राफी का बड़ा रैकेट चलाया जा रहा था। पूछताछ में पता चला कि उज्जवल किशोर और नीलू श्रीवास्तव ने ‘सब-डिजी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की कंपनी 5 साल पहले बनाई थी। कंपनी के डायरेक्टर उज्जवल हैं। घर से ही कारोबार की आड़ में वह एडल्ट वेबकैम स्टूडियो चला रहे थे। फेसबुक और ट्विटर पर विज्ञापन देकर मॉडल्स की भर्ती की जाती थी, जो लाइव कैम पर अश्लील कंटेंट अपलोड करती थीं। एडल्ट वीडियो से होने वाली कमाई का 25% हिस्सा मॉडल्स को दिया जाता था। ED की टीम ने जब छापेमारी की तो कुछ मॉडल्स भी वहां शो करती मिलीं। केंद्रीय जांच एजेंसी ने उनसे भी पूछताछ की है और बयान दर्ज किए हैं। अब तक की जांच में 15.66 करोड़ रुपए की फॉरेन फंडिंग मिली है। फ्लैट के ऊपरी हिस्से में बनाया हाई-टेक सेटअप दरअसल, ED ने जब नोएडा के फ्लैट पर छापा मारा, तो वहां एक प्रोफेशनल वेबकैम स्टूडियो मिला। यहां फ्लैट के ऊपरी हिस्से को एक हाई-टेक सेटअप में बदला गया था, जहां से ऑनलाइन कंटेंट अपलोड किया जाता था। उज्जवल किशोर ने ED को बताया कि उन्होंने साइप्रस की एक कंपनी ‘टेक्नियस लिमिटेड’ से समझौता किया था। टेक्नियस लिमिटेड ‘एक्स हैम्सटर’ और ‘स्ट्रिपचैट’ जैसी पोर्न वेबसाइट चलाती है। नोएडा में देसी पोर्न बनाकर यह कपल विदेशी वेबसाइट को भेजता था और बदले में वहां से उन्हें मोटी रकम अकाउंट में भेजी जाती थी। सामने आया कि कस्टमर का पैसा सबसे पहले इस ऑनलाइन पोर्नोग्राफी रैकेट चलाने वाले लोगों के पास क्रिप्टो करेंसी के जरिए जाता था। उसके बाद ये पैसा उज्जवल के पास पहुंचता था। सरकार को बताते कि मार्केट रिसर्च, पब्लिक ओपिनियन पोल का फंड है
इधर सब-डिजी के खाते में लगातार विदेश से मोटी रकम आ रही थी। कंपनी की ओर भारत सरकार को बताया जाता था कि वह विज्ञापन, मार्केट रिसर्च और पब्लिक ओपिनियन पोल जैसे कारोबार में शामिल है। FEMA नियमों के उल्लंघन का शक होने पर पर ED ने जब इसकी जांच शुरू की तो पूरा खेल सामने आ गया। ईडी के मुताबिक, सब-डिजी कंपनी और इसके डायरेक्टर्स के अकाउंट्स में विदेशों से 15.66 करोड़ रुपए आने का पता चला है। इसके अलावा नीदरलैंड्स में भी एक अकाउंट का पता चला है जिसमें 7 करोड़ रुपए भेजे गए थे। इस रकम को इंटरनेशनल डेबिट कार्ड्स के जरिए भारत में कैश निकाला जा चुका है। इस तरह अब तक 22 करोड़ से अधिक कमाई का पता चल चुका है। घर के एक कमरे से 8 लाख रुपए कैश भी बरामद हुआ है। फेसबुक के जरिए 500 से ज्यादा लड़कियां हायर कीं
सूत्रों के मुताबिक उज्जवल ने फेसबुक पर चेप्टो डॉट कॉम नाम का एक पेज बनाया था। जिसमें मॉडलिंग के ऑफर दिए जाते थे और लड़कियों को मोटी सैलरी का लालच दिया जाता था। दिल्ली-एनसीआर की कई लड़कियों ,मॉडल्स ने इस पेज के जरिए संपर्क किया और जब वे नोएडा स्थित फ्लैट पर ऑडिशन देने पहुंचती थी तो आरोपी की पत्नी उन्हें इस पोर्न रैकेट का हिस्सा बनने का प्रस्ताव देती थी। लड़कियों को 1 से 2 लाख रुपए महीने कमाने का लालच दिया जाता था। जांच एजेंसियों को शक है कि इस रैकेट के जरिए अब तक लगभग 500 से ज्यादा लड़कियों हायर की जा चुकी होंगी। पैसे के हिसाब से लड़कियों को देते थे टास्क ED के मुताबिक ऑनलाइन पोर्नोग्राफी के दौरान लड़कियों के भी अलग अलग तरीके के टास्क होते थे। मतलब कस्टमर जितना पैसा भेजता था, उसी हिसाब से लड़कियां एक्ट करती थीं। जैसे… इनके लिए ग्राहकों से अलग-अलग रकम वसूली जाती थी। इस कमाई का 75% हिस्सा पति-पत्नी के पास जाता था, जबकि 25 प्रतिशत बाकी का हिस्सा लड़कियों को दिया जाता था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नोएडा के सेक्टर 105 में रहने वाले एक दंपती के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत कार्रवाई की है। सामने आया कि मुख्य आरोपी पहले रूस में एक ऐसे ही सिंडिकेट का हिस्सा रह चुका है, बाद में भारत आकर अपनी पत्नी के साथ इस पोर्नोग्राफी रैकेट को शुरू किया। इस मामले में ED जल्द ही और भी गिरफ्तारियां कर सकती है। नोएडा पुलिस भी जल्द इस मामले की जांच करेंगी। फिलहाल ED ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। …….. उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
नोएडा के बंगले में मॉडल्स का न्यूड शो:लाइव कैम पर अश्लील कंटेंट अपलोड कराते, 15.66 करोड़ की फॉरेन फंडिंग मिली
