भारतीय राज्य पेंशनर्ज महासंघ हिमाचल प्रदेश ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंडी में हुई राज्यस्तरीय बैठक में प्रदेश के लभगभ 800 के करीब पेंशनरों ने भाग लिया। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने पर सरकार को विधान सभा घेराव की चेतावनी दी है। भारतीय महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मानंद ने कहा कि अगर जल्द ही प्रदेश की सुक्खू सरकार पेंशनरों के वित्तीय भत्ते जारी नहीं करती है, तो वह विधानसभा सत्र का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि आज पेंशनरों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है, मेडिकल भत्ते सहित एरियर कई वर्षों से लंबित पड़े हैं। सुक्खू सरकार ने किया विश्वासघात- ब्रह्मानंद उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार ने ओपीएस के नाम पर भी कर्मचारियों को पेंशनरों के साथ सिर्फ विश्वासघात किया है। पेंशनरों के सब्र का बांध टूट चुका है और अब सभी पेंशनर्ज विधानसभा का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि पेंशनर्ज चाहते हैं कि उन्हें महीने की पहली तारीख में पेंशन मिले पर आधा महीना गुज़र जाता है। तब उन्हें पेंशन मिल रही है। जिसको लेकर पेंशनरों में काफी रोष है। उम्र के इस पड़ाव में वह इस तरह से आंदोलन करने पर मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जल्द पेंशनरों की मांगों पर गौर नहीं करती है, तो फिर आंदोलन और तेज होगा। भारतीय राज्य पेंशनर्ज महासंघ हिमाचल प्रदेश ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंडी में हुई राज्यस्तरीय बैठक में प्रदेश के लभगभ 800 के करीब पेंशनरों ने भाग लिया। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने पर सरकार को विधान सभा घेराव की चेतावनी दी है। भारतीय महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मानंद ने कहा कि अगर जल्द ही प्रदेश की सुक्खू सरकार पेंशनरों के वित्तीय भत्ते जारी नहीं करती है, तो वह विधानसभा सत्र का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि आज पेंशनरों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है, मेडिकल भत्ते सहित एरियर कई वर्षों से लंबित पड़े हैं। सुक्खू सरकार ने किया विश्वासघात- ब्रह्मानंद उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार ने ओपीएस के नाम पर भी कर्मचारियों को पेंशनरों के साथ सिर्फ विश्वासघात किया है। पेंशनरों के सब्र का बांध टूट चुका है और अब सभी पेंशनर्ज विधानसभा का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि पेंशनर्ज चाहते हैं कि उन्हें महीने की पहली तारीख में पेंशन मिले पर आधा महीना गुज़र जाता है। तब उन्हें पेंशन मिल रही है। जिसको लेकर पेंशनरों में काफी रोष है। उम्र के इस पड़ाव में वह इस तरह से आंदोलन करने पर मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जल्द पेंशनरों की मांगों पर गौर नहीं करती है, तो फिर आंदोलन और तेज होगा। हिमाचल | दैनिक भास्कर
