भागवत ने आईआईटियन से पूछा- आप संघ को समझते हो?:छात्रों ने कहा- हिंदुत्व को बढ़ावा, सनातन की रक्षा, यही संघ है, 100 से ज्यादा छात्रों ने योग किया

भागवत ने आईआईटियन से पूछा- आप संघ को समझते हो?:छात्रों ने कहा- हिंदुत्व को बढ़ावा, सनातन की रक्षा, यही संघ है, 100 से ज्यादा छात्रों ने योग किया

क्या आप संघ को समझते हैं, बताइए संघ क्या है? IIT-BHU में मोहन भागवत ने छात्रों से सवाल पूछे। छात्रों ने कहा- संघ का मतलब हिंदुत्व को बढ़वा देना। सनातन की रक्षा करना। धर्म कोई भी हो, सबकी मदद करना और युवा शक्ति को सही दिशा दिखाना, यही संघ है। दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत IIT-BHU की शाखा में शामिल हुए। इस दौरान 100 से ज्यादा छात्रों ने योग किया। स्पोर्ट्स और मंत्रोच्चारण भी हुए। मोहन भागवत पहले दूर से छात्रों के मूवमेंट को देख रहे। फिर करीब जाकर छात्रों से बातचीत की। उन्हें संघ की मूल विचारधारा के बारे में बताया। मोहन भागवत ने छात्रों से कहा- संघ संगठन का उद्देश्य हिंदू धर्म को मजबूत करने का है। हिंदुत्व की विचारधारा को फैलाना है। भारतीय संस्कृति और उसके सभ्यता के मूल्यों को बनाए रखने के आदर्श को बढ़ावा देना है। यह आपको भी ख्याल रखना चाहिए। छात्रों ने जय बजरंगी और भारत माता की जय के नारे लगाए। मोहन भागवत नीले रंग के कुर्ते में IIT-BHU पहुंचे थे। इस दौरान कैंपस की सुरक्षा कड़ी है। मीडिया को भी करीब 200 मीटर दूर रोक दिया गया है। स्टूडेंट्स से पूछा- आप संघ को कितना समझते हैं
आईआईटी बीएचयू के छात्रों एवं अध्यापकों से संघ प्रमुख संवाद कर रहे। वह एक एक छात्र से संघ के बारे में पूछ रहे हैं। उन्होंने छात्रों से पूछा- आप संघ को कितना जानते हो? छात्र एक-एक करके ने खड़े होकर संघ के बारे में मोहन भागवत को बता रहे हैं। आईआईटी गेस्ट हाउस में 2 घंटे रहे संघ प्रमुख
आईआईटी बीएचयू के एनसीसी ग्राउंड में शाखा लगाने के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत आईआईटी गेस्ट हाउस पहुंचे वहां उन्होंने टोली प्रमुख से बातचीत की पहले शिफ्ट में आईआईटी बीएचयू के स्टूडेंट मोहन भागवत से मिलने पहुंचे उन्होंने संघ के विस्तार के बारे में उनसे चर्चा की। मोहन भागवत ने कहा कि संघ के दर्शन में हम कहते हैं कि 1 घंटा आत्म-विकास पर लगाएं और 23 घंटे उस विकास का उपयोग समाज के कल्याण के लिए करें। यही हमारा दृष्टिकोण है और हमारे सभी प्रयास इसी सिद्धांत से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक अपने लिए कुछ नहीं मांगते, वे सिर्फ निस्वार्थ रूप से सेवा करते रहते हैं, इस लंबी यात्रा के कारण देश ने संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कार्यों को देखा है। जाति, पंथ और क्षेत्र से ऊपर उठकर मित्रता बढ़ाएं
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने यह भी कहा कि सभी हिंदुओं को आपसी सम्मान और सहयोग के माध्यम से विभिन्न उपयोगों के लिए समान मंदिरों, श्मशानों और पानी को साझा करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में विभिन्न जातीय समूहों के बीच निरंतर सांप्रदायिक सद्भाव और रिश्तेदारों और कुलों के बीच सद्भावना ही देश को सकारात्मक दिशा और परिणाम की ओर ले जाएगी। बीएचयू के प्रोफेसर आईआईटी के डायरेक्टर ने भी किया मुलाकात
संघ प्रमुख से मुलाकात करने के लिए आईएमएस बीएचयू के डायरेक्टर सहित आईआईटी बीएचयू के भी डायरेक्ट पहुंचे। इसके अलावा उन्होंने आईआईटी बीएचयू के कुछ प्रोफेसर से भी मुलाकात टोली प्रमुखों से मुलाकात करके उन्होंने आगे की रणनीति को तय किया उन्होंने कहा अधिक से अधिक युवाओं को संघ से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा की टोलियां को मजबूत किया जाए हम अपने आप को ऐसा बनाया कि हमारे आचरण को देखकर लोग खुद हमसे जुड़ना चाहे।
15 दिनों का ट्रेनिंग होगी
संघ ने ट्रेनिंग की अवधि में भी बदलाव किए हैं। पहले साल का प्रशिक्षण वर्ग अब 15 दिनों का होगा। इसका नाम भी संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष की जगह कार्यकर्ता विकास वर्ग होगा। चूंकि चिकित्सा, इंजीनियरिंग या व्यवसायिक पाठ्यक्रम में पढ़ रहे या काम कर रहे संघ के स्वयंसेवकों के पास समय का अभाव रहता है। अब भागवत का शेड्यूल समझे
5 अप्रैल को मोहन भागवत श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद वह काशी के प्रबुद्धजन के साथ अलग-अलग बैठक करके बातचीत करेंगे। 6 अप्रैल को संघ प्रमुख मलदहिया लाजपत नगर जाएंगे और शाखा में शामिल होंगे। इसके बाद शहर के प्रबुद्ध जनों से मिलेंगे। शाम को प्रांत टोली के साथ बैठक करेंगे। 7 अप्रैल को लखनऊ के लिए प्रस्थान करने से पहले काशी प्रांत के अनुभवी कार्यकर्ताओं की टोली के साथ बैठक कर उनका मार्गदर्शन करेंगे। 6 बिंदुओं पर काम कर रहा संघ… 1. शताब्दी वर्ष की शुरुआत विजयादशमी 2025 के अवसर पर होगी, जिसमें गणवेश (संघ गणवेश) में स्वयंसेवकों के मंडल, खंड/नगर स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 2. नवंबर 2025 से जनवरी 2026 तक तीन सप्ताह तक बड़े पैमाने पर घर-घर संपर्क अभियान की योजना बनाई गई है, इसकी तैयारी पर फोकस है। 3. सभी मंडलों और बस्तियों में हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। 4. सामाजिक सद्भाव बैठक होगी। 5. प्रमुख नागरिक संवाद आयोजित किए जाएंगे। 6. युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम प्रांतों द्वारा आयोजित किए जाएंगे। ………
ये पढ़ें : काशी में मोहन भागवत का विरोध, कांग्रेस का हंगामा:ACP से धक्का-मुक्की; प्रदर्शनकारी बोले- RSS प्रमुख का हिंदुत्व दिखावा, महाकुंभ नहीं गए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत का काशी में विरोध हुआ। गुरुवार की शाम करीब 7 बजे भागवत का काफिला सिगरा चौराहे से गुजर रहा था। उससे 100 मीटर पहले भारत माता मंदिर के पास कांग्रेस के NSUI कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। पढ़िए पूरी खबर… क्या आप संघ को समझते हैं, बताइए संघ क्या है? IIT-BHU में मोहन भागवत ने छात्रों से सवाल पूछे। छात्रों ने कहा- संघ का मतलब हिंदुत्व को बढ़वा देना। सनातन की रक्षा करना। धर्म कोई भी हो, सबकी मदद करना और युवा शक्ति को सही दिशा दिखाना, यही संघ है। दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत IIT-BHU की शाखा में शामिल हुए। इस दौरान 100 से ज्यादा छात्रों ने योग किया। स्पोर्ट्स और मंत्रोच्चारण भी हुए। मोहन भागवत पहले दूर से छात्रों के मूवमेंट को देख रहे। फिर करीब जाकर छात्रों से बातचीत की। उन्हें संघ की मूल विचारधारा के बारे में बताया। मोहन भागवत ने छात्रों से कहा- संघ संगठन का उद्देश्य हिंदू धर्म को मजबूत करने का है। हिंदुत्व की विचारधारा को फैलाना है। भारतीय संस्कृति और उसके सभ्यता के मूल्यों को बनाए रखने के आदर्श को बढ़ावा देना है। यह आपको भी ख्याल रखना चाहिए। छात्रों ने जय बजरंगी और भारत माता की जय के नारे लगाए। मोहन भागवत नीले रंग के कुर्ते में IIT-BHU पहुंचे थे। इस दौरान कैंपस की सुरक्षा कड़ी है। मीडिया को भी करीब 200 मीटर दूर रोक दिया गया है। स्टूडेंट्स से पूछा- आप संघ को कितना समझते हैं
आईआईटी बीएचयू के छात्रों एवं अध्यापकों से संघ प्रमुख संवाद कर रहे। वह एक एक छात्र से संघ के बारे में पूछ रहे हैं। उन्होंने छात्रों से पूछा- आप संघ को कितना जानते हो? छात्र एक-एक करके ने खड़े होकर संघ के बारे में मोहन भागवत को बता रहे हैं। आईआईटी गेस्ट हाउस में 2 घंटे रहे संघ प्रमुख
आईआईटी बीएचयू के एनसीसी ग्राउंड में शाखा लगाने के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत आईआईटी गेस्ट हाउस पहुंचे वहां उन्होंने टोली प्रमुख से बातचीत की पहले शिफ्ट में आईआईटी बीएचयू के स्टूडेंट मोहन भागवत से मिलने पहुंचे उन्होंने संघ के विस्तार के बारे में उनसे चर्चा की। मोहन भागवत ने कहा कि संघ के दर्शन में हम कहते हैं कि 1 घंटा आत्म-विकास पर लगाएं और 23 घंटे उस विकास का उपयोग समाज के कल्याण के लिए करें। यही हमारा दृष्टिकोण है और हमारे सभी प्रयास इसी सिद्धांत से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक अपने लिए कुछ नहीं मांगते, वे सिर्फ निस्वार्थ रूप से सेवा करते रहते हैं, इस लंबी यात्रा के कारण देश ने संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कार्यों को देखा है। जाति, पंथ और क्षेत्र से ऊपर उठकर मित्रता बढ़ाएं
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने यह भी कहा कि सभी हिंदुओं को आपसी सम्मान और सहयोग के माध्यम से विभिन्न उपयोगों के लिए समान मंदिरों, श्मशानों और पानी को साझा करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में विभिन्न जातीय समूहों के बीच निरंतर सांप्रदायिक सद्भाव और रिश्तेदारों और कुलों के बीच सद्भावना ही देश को सकारात्मक दिशा और परिणाम की ओर ले जाएगी। बीएचयू के प्रोफेसर आईआईटी के डायरेक्टर ने भी किया मुलाकात
संघ प्रमुख से मुलाकात करने के लिए आईएमएस बीएचयू के डायरेक्टर सहित आईआईटी बीएचयू के भी डायरेक्ट पहुंचे। इसके अलावा उन्होंने आईआईटी बीएचयू के कुछ प्रोफेसर से भी मुलाकात टोली प्रमुखों से मुलाकात करके उन्होंने आगे की रणनीति को तय किया उन्होंने कहा अधिक से अधिक युवाओं को संघ से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा की टोलियां को मजबूत किया जाए हम अपने आप को ऐसा बनाया कि हमारे आचरण को देखकर लोग खुद हमसे जुड़ना चाहे।
15 दिनों का ट्रेनिंग होगी
संघ ने ट्रेनिंग की अवधि में भी बदलाव किए हैं। पहले साल का प्रशिक्षण वर्ग अब 15 दिनों का होगा। इसका नाम भी संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष की जगह कार्यकर्ता विकास वर्ग होगा। चूंकि चिकित्सा, इंजीनियरिंग या व्यवसायिक पाठ्यक्रम में पढ़ रहे या काम कर रहे संघ के स्वयंसेवकों के पास समय का अभाव रहता है। अब भागवत का शेड्यूल समझे
5 अप्रैल को मोहन भागवत श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद वह काशी के प्रबुद्धजन के साथ अलग-अलग बैठक करके बातचीत करेंगे। 6 अप्रैल को संघ प्रमुख मलदहिया लाजपत नगर जाएंगे और शाखा में शामिल होंगे। इसके बाद शहर के प्रबुद्ध जनों से मिलेंगे। शाम को प्रांत टोली के साथ बैठक करेंगे। 7 अप्रैल को लखनऊ के लिए प्रस्थान करने से पहले काशी प्रांत के अनुभवी कार्यकर्ताओं की टोली के साथ बैठक कर उनका मार्गदर्शन करेंगे। 6 बिंदुओं पर काम कर रहा संघ… 1. शताब्दी वर्ष की शुरुआत विजयादशमी 2025 के अवसर पर होगी, जिसमें गणवेश (संघ गणवेश) में स्वयंसेवकों के मंडल, खंड/नगर स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 2. नवंबर 2025 से जनवरी 2026 तक तीन सप्ताह तक बड़े पैमाने पर घर-घर संपर्क अभियान की योजना बनाई गई है, इसकी तैयारी पर फोकस है। 3. सभी मंडलों और बस्तियों में हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। 4. सामाजिक सद्भाव बैठक होगी। 5. प्रमुख नागरिक संवाद आयोजित किए जाएंगे। 6. युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम प्रांतों द्वारा आयोजित किए जाएंगे। ………
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