कांग्रेस उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में संगठन को मजबूत करने के लिए अब सिर्फ चेहरों की अदला-बदली नहीं कर रही, बल्कि संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी में है। पार्टी टिकट वितरण की प्रक्रिया में भी बड़ा फेरबदल करने जा रही है। इसके लिए जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) को ज्यादा अधिकार देने की तैयारी है। टिकट वितरण में अब जिलाध्यक्षों की अहम भूमिका होगी। साथ ही उनकी जिम्मेदारियां भी तय की जाएंगी। कांग्रेस के 134 शहर और ग्रामीण जिलाध्यक्षों सहित अन्य राज्यों के जिलाध्यक्षों की बैठक शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की मौजूदगी में संगठन की मजबूती को लेकर कई बड़े फैसले हुए। DCC को मिलेगी ताकत और आजादी
बैठक की जानकारी देते हुए पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बताया, अब कांग्रेस DCC को ऑटोनॉमस तरीके से काम करने की छूट देगी। टिकट वितरण में उनकी राय को शामिल किया जाएगा। पार्टी DCC को आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाएगी, जिससे वे AICC और PCC के कार्यक्रम जमीन तक लागू कर सकें। जमीनी नेताओं को अधिकार और जिम्मेदारी दोनों
पार्टी अब जमीनी कार्यकर्ताओं को सिर्फ कार्यकर्ता नहीं रहने देना चाहती। अब जिला स्तर के नेताओं को नीति बनाने और फैसले लेने में भी शामिल किया जाएगा। यही नहीं, संगठन के भीतर पावर का विकेंद्रीकरण होगा, ताकि निर्णय ऊपर से नीचे न आकर, नीचे से ऊपर जाएं। DCC को आर्थिक ताकत देने के लिए भी विचार किया गया है। जल्द ही इस दिशा में बड़े फैसले लिए जाएंगे। इससे कांग्रेस की जिला इकाइयां खुद से कैंपेन, आंदोलन और कार्यक्रम चला सकेंगी। पार्टी की कोशिश है कि 2027 को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस की रीढ़ जिला संगठन को मज़बूत किया जाए। अब पार्टी की रणनीति है कि नीचे से नेतृत्व उभरे और वही असली बदलाव लाए। कांग्रेस संगठन के इस नए मॉडल को अगर जमीन पर ठीक से उतारा गया, तो पार्टी न केवल गुटबाजी से उबरेगी, बल्कि जनाधार भी मजबूत होगा। हर राज्य से दो-दो जिलाध्यक्षों को मिला बोलने का मौका
बैठक में कांग्रेस नेतृत्व ने हर प्रदेश से दो जिलाध्यक्षों को अपनी बात रखने का मौका दिया। राहुल गांधी और खड़गे ने खुद उनके सवालों के जवाब दिए और सुझावों को नोट किया। संगठन को जिला स्तर पर मजबूती प्रदान करने के कई सशक्त सुझाव आए। बैठक में राहुल गांधी ने कहा अब जिलाध्यक्ष केवल अपने कार्य तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्हें बड़े नेताओं की भी मॉनिटरिंग करनी होगी- कौन कितनी बैठक में आ रहा है, कितने कार्यक्रमों में शामिल हो रहा है, सबकी रिपोर्ट ली जाएगी। निष्क्रिय नेता हटेंगे, जिम्मेदारी निभाने वालों को मिलेगा सम्मान
राहुल गांधी ने साफ किया कि फील्ड में निष्क्रिय और बैठक से नदारद नेताओं को हटाया जाएगा, ताकि ईमानदारी से काम करने वालों को आगे लाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि आपके पास अब ताकत भी होगी, लेकिन जिम्मेदारी भी उतनी ही बढ़ेगी। संकट में साथ देने वाले असली योद्धा
खड़गे ने कहा, जो नेता मंत्री और चेयरमैन बनते ही पार्टी छोड़ गए, वे संघर्ष के वक्त साथ नहीं रहे। जो ज़मीन पर डटे रहे, वही कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं। परफार्मेंस की भी मॉनिटरिंग होगी
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बताया कि डीसीसी की पावर के साथ ही जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी। उनका भी परफार्मेंस देखी जाएगा। बैठक में इसका भी प्रजेंटेशन हुआ कि कैसे परफार्मेंस नापा जाएगा? वोटर लिस्ट से लेकर एआईसीसी और पीसीसी द्वारा तय किए गए कार्यक्रम में भाग लेने की क्या परफार्मेंस रही। पंचायत स्तरीय, निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनाव में किसके जिले में वोटिंग प्रतिशत कितनी बढ़ी या घटी, ये भी देखा जाएगा। इसी के आधार पर जिलाध्यक्षों का करियर और भविष्य तय किया जाएगा। कांग्रेस में इस तरह की पहल पहली बार होने जा रही है। सपा से गठबंधन पर फीडबैक मांगे
बैठक में जिलाध्यक्षों से सपा से गठबंधन के फायदे-नुकसान पर सुझाव मांगा गया। साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से तैयारी करने का आह्वान किया गया। जिलाध्यक्षों ने कहा कि पूर्व विधायक और पदाधिकारियों का जरूरत से ज्यादा दखल होता है, जिससे संगठन स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पाता। इस पर राहुल ने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर AICC से मॉनिटरिंग करवाई जाएगी। सोशल मीडिया की ट्रेनिंग और डिजिटल जिम्मेदारियां
बैठक में कुल 6 प्रजेंटेशन पेश किए गए। मीडिया, सोशल मीडिया, संगठन की संरचना, ट्रेनिंग और विभिन्न शहरों में कांग्रेस की संपत्तियों के उपयोग को लेकर प्रजेंटेशन दिए गए। कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम की ओर से जिलाध्यक्षों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए ट्रेनिंग दी गई। बताया गया कि आने वाले समय में जिला स्तर पर भी सोशल मीडिया टीमों की बड़ी जिम्मेदारी होगी। कांग्रेस की संपत्तियों का उपयोग कैसे हो रहा
बैठक में AICC सचिवों ने सभी जिलाध्यक्षों से पूछा कि किस जिले में पार्टी की संपत्ति है और उनका किस तरह इस्तेमाल संगठन को मजबूत करने में किया जा सकता है। राहुल का सवाल- 2009 में 21 सीटें मिली थीं, फिर कांग्रेस यूपी में क्यों कमजोर होती गई? अब कौन सी रणनीति अपनाई जाए जिससे जनाधार बढ़े? अहमदाबाद अधिवेशन में तय होगी भविष्य की तस्वीर
राहुल गांधी ने बताया कि 8 अप्रैल को अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में जिलाध्यक्षों को अधिक अधिकार देने की योजना बनेगी। वहीं से एक नई कांग्रेस का खाका तैयार होगा। इसे लेकर ड्राफ्टिंग कमेटी के सभी सदस्यों ने रचनात्मक सुझाव दिए हैं। जिलाध्यक्षों की मीटिंग में बहुत सारे सुझाव आए हैं, हम सबको इकट्ठा कर रहे हैं। फिर एक रिपोर्ट ड्राफ्टिंग कमेटी 8 अप्रैल को सुबह 11 बजे कांग्रेस कार्य समिति को देगी। राहुल ने कहा- “गुटबाजी से बचें, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करें और 2027 को लक्ष्य बनाकर अभी से जुट जाएं।” यह मीटिंग कांग्रेस की उस नई शुरुआत का हिस्सा है, जिसमें पार्टी जमीनी स्तर से संगठन को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रही है। आने वाले महीनों में इसका असर जिलों और बूथ स्तर पर दिखना तय माना जा रहा है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… चाकू से कान चीरकर देते हैं दीक्षा:योगी जिस नाथ संप्रदाय के प्रमुख, उसकी इनसाइक्लोपीडिया 55 एक्सपर्ट बना रहे नाथ पंथ के बारे में दुनिया को संपूर्ण जानकारी देने के लिए दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर के गुरु गोरखनाथ शोधपीठ विश्वकोश (इनसाइक्लोपीडिया) तैयार कर रहा है। इसमें नाथ पंथ से जुड़ी सभी जानकारियां होंगी। योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर देश भर के 55 विषय विशेषज्ञों की मदद से यह तैयार किया जाएगा। इसके लिए एक कमेटी बनाई गई थी, जिसने काम शुरू कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर कांग्रेस उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में संगठन को मजबूत करने के लिए अब सिर्फ चेहरों की अदला-बदली नहीं कर रही, बल्कि संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी में है। पार्टी टिकट वितरण की प्रक्रिया में भी बड़ा फेरबदल करने जा रही है। इसके लिए जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) को ज्यादा अधिकार देने की तैयारी है। टिकट वितरण में अब जिलाध्यक्षों की अहम भूमिका होगी। साथ ही उनकी जिम्मेदारियां भी तय की जाएंगी। कांग्रेस के 134 शहर और ग्रामीण जिलाध्यक्षों सहित अन्य राज्यों के जिलाध्यक्षों की बैठक शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की मौजूदगी में संगठन की मजबूती को लेकर कई बड़े फैसले हुए। DCC को मिलेगी ताकत और आजादी
बैठक की जानकारी देते हुए पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बताया, अब कांग्रेस DCC को ऑटोनॉमस तरीके से काम करने की छूट देगी। टिकट वितरण में उनकी राय को शामिल किया जाएगा। पार्टी DCC को आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाएगी, जिससे वे AICC और PCC के कार्यक्रम जमीन तक लागू कर सकें। जमीनी नेताओं को अधिकार और जिम्मेदारी दोनों
पार्टी अब जमीनी कार्यकर्ताओं को सिर्फ कार्यकर्ता नहीं रहने देना चाहती। अब जिला स्तर के नेताओं को नीति बनाने और फैसले लेने में भी शामिल किया जाएगा। यही नहीं, संगठन के भीतर पावर का विकेंद्रीकरण होगा, ताकि निर्णय ऊपर से नीचे न आकर, नीचे से ऊपर जाएं। DCC को आर्थिक ताकत देने के लिए भी विचार किया गया है। जल्द ही इस दिशा में बड़े फैसले लिए जाएंगे। इससे कांग्रेस की जिला इकाइयां खुद से कैंपेन, आंदोलन और कार्यक्रम चला सकेंगी। पार्टी की कोशिश है कि 2027 को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस की रीढ़ जिला संगठन को मज़बूत किया जाए। अब पार्टी की रणनीति है कि नीचे से नेतृत्व उभरे और वही असली बदलाव लाए। कांग्रेस संगठन के इस नए मॉडल को अगर जमीन पर ठीक से उतारा गया, तो पार्टी न केवल गुटबाजी से उबरेगी, बल्कि जनाधार भी मजबूत होगा। हर राज्य से दो-दो जिलाध्यक्षों को मिला बोलने का मौका
बैठक में कांग्रेस नेतृत्व ने हर प्रदेश से दो जिलाध्यक्षों को अपनी बात रखने का मौका दिया। राहुल गांधी और खड़गे ने खुद उनके सवालों के जवाब दिए और सुझावों को नोट किया। संगठन को जिला स्तर पर मजबूती प्रदान करने के कई सशक्त सुझाव आए। बैठक में राहुल गांधी ने कहा अब जिलाध्यक्ष केवल अपने कार्य तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्हें बड़े नेताओं की भी मॉनिटरिंग करनी होगी- कौन कितनी बैठक में आ रहा है, कितने कार्यक्रमों में शामिल हो रहा है, सबकी रिपोर्ट ली जाएगी। निष्क्रिय नेता हटेंगे, जिम्मेदारी निभाने वालों को मिलेगा सम्मान
राहुल गांधी ने साफ किया कि फील्ड में निष्क्रिय और बैठक से नदारद नेताओं को हटाया जाएगा, ताकि ईमानदारी से काम करने वालों को आगे लाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि आपके पास अब ताकत भी होगी, लेकिन जिम्मेदारी भी उतनी ही बढ़ेगी। संकट में साथ देने वाले असली योद्धा
खड़गे ने कहा, जो नेता मंत्री और चेयरमैन बनते ही पार्टी छोड़ गए, वे संघर्ष के वक्त साथ नहीं रहे। जो ज़मीन पर डटे रहे, वही कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं। परफार्मेंस की भी मॉनिटरिंग होगी
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बताया कि डीसीसी की पावर के साथ ही जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी। उनका भी परफार्मेंस देखी जाएगा। बैठक में इसका भी प्रजेंटेशन हुआ कि कैसे परफार्मेंस नापा जाएगा? वोटर लिस्ट से लेकर एआईसीसी और पीसीसी द्वारा तय किए गए कार्यक्रम में भाग लेने की क्या परफार्मेंस रही। पंचायत स्तरीय, निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनाव में किसके जिले में वोटिंग प्रतिशत कितनी बढ़ी या घटी, ये भी देखा जाएगा। इसी के आधार पर जिलाध्यक्षों का करियर और भविष्य तय किया जाएगा। कांग्रेस में इस तरह की पहल पहली बार होने जा रही है। सपा से गठबंधन पर फीडबैक मांगे
बैठक में जिलाध्यक्षों से सपा से गठबंधन के फायदे-नुकसान पर सुझाव मांगा गया। साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से तैयारी करने का आह्वान किया गया। जिलाध्यक्षों ने कहा कि पूर्व विधायक और पदाधिकारियों का जरूरत से ज्यादा दखल होता है, जिससे संगठन स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पाता। इस पर राहुल ने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर AICC से मॉनिटरिंग करवाई जाएगी। सोशल मीडिया की ट्रेनिंग और डिजिटल जिम्मेदारियां
बैठक में कुल 6 प्रजेंटेशन पेश किए गए। मीडिया, सोशल मीडिया, संगठन की संरचना, ट्रेनिंग और विभिन्न शहरों में कांग्रेस की संपत्तियों के उपयोग को लेकर प्रजेंटेशन दिए गए। कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम की ओर से जिलाध्यक्षों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए ट्रेनिंग दी गई। बताया गया कि आने वाले समय में जिला स्तर पर भी सोशल मीडिया टीमों की बड़ी जिम्मेदारी होगी। कांग्रेस की संपत्तियों का उपयोग कैसे हो रहा
बैठक में AICC सचिवों ने सभी जिलाध्यक्षों से पूछा कि किस जिले में पार्टी की संपत्ति है और उनका किस तरह इस्तेमाल संगठन को मजबूत करने में किया जा सकता है। राहुल का सवाल- 2009 में 21 सीटें मिली थीं, फिर कांग्रेस यूपी में क्यों कमजोर होती गई? अब कौन सी रणनीति अपनाई जाए जिससे जनाधार बढ़े? अहमदाबाद अधिवेशन में तय होगी भविष्य की तस्वीर
राहुल गांधी ने बताया कि 8 अप्रैल को अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में जिलाध्यक्षों को अधिक अधिकार देने की योजना बनेगी। वहीं से एक नई कांग्रेस का खाका तैयार होगा। इसे लेकर ड्राफ्टिंग कमेटी के सभी सदस्यों ने रचनात्मक सुझाव दिए हैं। जिलाध्यक्षों की मीटिंग में बहुत सारे सुझाव आए हैं, हम सबको इकट्ठा कर रहे हैं। फिर एक रिपोर्ट ड्राफ्टिंग कमेटी 8 अप्रैल को सुबह 11 बजे कांग्रेस कार्य समिति को देगी। राहुल ने कहा- “गुटबाजी से बचें, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करें और 2027 को लक्ष्य बनाकर अभी से जुट जाएं।” यह मीटिंग कांग्रेस की उस नई शुरुआत का हिस्सा है, जिसमें पार्टी जमीनी स्तर से संगठन को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रही है। आने वाले महीनों में इसका असर जिलों और बूथ स्तर पर दिखना तय माना जा रहा है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… चाकू से कान चीरकर देते हैं दीक्षा:योगी जिस नाथ संप्रदाय के प्रमुख, उसकी इनसाइक्लोपीडिया 55 एक्सपर्ट बना रहे नाथ पंथ के बारे में दुनिया को संपूर्ण जानकारी देने के लिए दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर के गुरु गोरखनाथ शोधपीठ विश्वकोश (इनसाइक्लोपीडिया) तैयार कर रहा है। इसमें नाथ पंथ से जुड़ी सभी जानकारियां होंगी। योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर देश भर के 55 विषय विशेषज्ञों की मदद से यह तैयार किया जाएगा। इसके लिए एक कमेटी बनाई गई थी, जिसने काम शुरू कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
यूपी कांग्रेस में अब टिकट भी जिलाध्यक्षों की सलाह से:राहुल बोले- जिलाध्यक्ष ही करेंगे मॉनिटरिंग, निष्क्रिय नेताओं की होगी छुट्टी
