लखनऊ नगर निगम ने वसूला 500 करोड़ हाऊस टैक्स:पिछले साल से 150 करोड़ रुपए अधिक, रविवार को भी टैक्स जमा किया

लखनऊ नगर निगम ने वसूला 500 करोड़ हाऊस टैक्स:पिछले साल से 150 करोड़ रुपए अधिक, रविवार को भी टैक्स जमा किया

लखनऊ नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में गृहकर वसूली में रिकार्ड बनाया है। इस साल अब तक 579.03 करोड़ रुपए गृहकर जमा हुआ हैं, जो पिछले साल से 150 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इस रिकार्ड के साथ कुल कर वसूली 1355.32 करोड़ रुपए पहुंच गई। नगर आयुक्त इन्दरजीत सिंह ने बताया कि निगम की आय बढ़ने से नागरिक सुविधाओं में भी बढ़ोतरी की जाएगी। डिजिटल भुगतान से गृहकर भुगतान आसान हुआ है। नागरिक एसएमएस अलर्ट, ऑनलाइन बैंकिंग, पेटीएम, यूपीआई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से आसानी से अपना गृहकर जमा कर रहे हैं। चारों शुक्रवार समाधान दिवस का आयोजन मेयर सुषमा खर्कवाल के नेतृत्व में नगर निगम की टीम ने महीने के चारों शुक्रवार समाधान दिवस आयोजित किया। इसमें लोगों की गृहकर से जुड़ी समस्याओं का मौके पर निस्तारण कर के टैक्स जमा कराया गया। जोनल कार्यालयों पर शिविर लगाए गए। बड़े बकायेदारों से वसूली के लिए 6000 से ज़्यादा भवनों को सील किया। इससे गृहकर की वसूली तेजी से हुई और नगर निगम को बड़ा आर्थिक लाभ मिला। डिजिटल भुगतान से आसान हुआ टैक्स जमा करना इस साल हुई इतनी वसूली
2013-14 | 107.98
2014-15 | 130.14
2015-16 | 150.44
2016-17 | 192.26
2017-18 | 177.02
2018-19 | 234.16
2019-20 | 208.21
2020-21 | 270.84
2021-22 | 290.08
2022-23 | 341.36
2023-24 | 425.84
2024-25 | 579.03 लखनऊ नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में गृहकर वसूली में रिकार्ड बनाया है। इस साल अब तक 579.03 करोड़ रुपए गृहकर जमा हुआ हैं, जो पिछले साल से 150 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इस रिकार्ड के साथ कुल कर वसूली 1355.32 करोड़ रुपए पहुंच गई। नगर आयुक्त इन्दरजीत सिंह ने बताया कि निगम की आय बढ़ने से नागरिक सुविधाओं में भी बढ़ोतरी की जाएगी। डिजिटल भुगतान से गृहकर भुगतान आसान हुआ है। नागरिक एसएमएस अलर्ट, ऑनलाइन बैंकिंग, पेटीएम, यूपीआई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से आसानी से अपना गृहकर जमा कर रहे हैं। चारों शुक्रवार समाधान दिवस का आयोजन मेयर सुषमा खर्कवाल के नेतृत्व में नगर निगम की टीम ने महीने के चारों शुक्रवार समाधान दिवस आयोजित किया। इसमें लोगों की गृहकर से जुड़ी समस्याओं का मौके पर निस्तारण कर के टैक्स जमा कराया गया। जोनल कार्यालयों पर शिविर लगाए गए। बड़े बकायेदारों से वसूली के लिए 6000 से ज़्यादा भवनों को सील किया। इससे गृहकर की वसूली तेजी से हुई और नगर निगम को बड़ा आर्थिक लाभ मिला। डिजिटल भुगतान से आसान हुआ टैक्स जमा करना इस साल हुई इतनी वसूली
2013-14 | 107.98
2014-15 | 130.14
2015-16 | 150.44
2016-17 | 192.26
2017-18 | 177.02
2018-19 | 234.16
2019-20 | 208.21
2020-21 | 270.84
2021-22 | 290.08
2022-23 | 341.36
2023-24 | 425.84
2024-25 | 579.03   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर