पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस से बर्खास्त डीएसपी गुरशेर सिंह को फिलहाल राहत नहीं दी है। उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका पर सुनवाई 9 अप्रैल तक स्थगित कर दी है। गुरशेर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई कभी उनकी हिरासत में नहीं था। बल्कि एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने उसे पहले दिन से ही अपनी हिरासत में ले लिया था। इसके बावजूद उन्हें बिना किसी वैध कारण के नौकरी से निकाल दिया गया। उन्होंने मांग की है कि अदालत उनका पक्ष सुने और उनके परिवार की सुरक्षा करें। गुरुवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने गुरशेर सिंह को फिलहाल कोई राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि चूंकि उन्होंने पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है, इसलिए हाईकोर्ट इस पर सुनवाई नहीं कर सकता। ये पुलिसवाले सस्पेंड हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित SIT ने 7 अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान कोताही व लापरवाही का आरोपी माना था। इसके बाद 25 अक्टूबर 2024 को सभी को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए गए। जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था, उनमें DSP से लेकर हेड कॉन्स्टेबल रैंक तक के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। इसमें DSP गुरशेर सिंह (अमृतसर स्थित 9 बटालियन), DSP समर वनीत, सब इंस्पेक्टर रीना (CIA खरड़ में तैनात), SI जगतपाल जंगू (AGTF में तैनात), SI शगनजीत सिंह (AGTF), ASI मुखत्यार सिंह और हेड कॉन्स्टेबल ओम प्रकाश शामिल थे। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस से बर्खास्त डीएसपी गुरशेर सिंह को फिलहाल राहत नहीं दी है। उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका पर सुनवाई 9 अप्रैल तक स्थगित कर दी है। गुरशेर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई कभी उनकी हिरासत में नहीं था। बल्कि एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने उसे पहले दिन से ही अपनी हिरासत में ले लिया था। इसके बावजूद उन्हें बिना किसी वैध कारण के नौकरी से निकाल दिया गया। उन्होंने मांग की है कि अदालत उनका पक्ष सुने और उनके परिवार की सुरक्षा करें। गुरुवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने गुरशेर सिंह को फिलहाल कोई राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि चूंकि उन्होंने पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है, इसलिए हाईकोर्ट इस पर सुनवाई नहीं कर सकता। ये पुलिसवाले सस्पेंड हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित SIT ने 7 अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान कोताही व लापरवाही का आरोपी माना था। इसके बाद 25 अक्टूबर 2024 को सभी को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए गए। जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था, उनमें DSP से लेकर हेड कॉन्स्टेबल रैंक तक के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। इसमें DSP गुरशेर सिंह (अमृतसर स्थित 9 बटालियन), DSP समर वनीत, सब इंस्पेक्टर रीना (CIA खरड़ में तैनात), SI जगतपाल जंगू (AGTF में तैनात), SI शगनजीत सिंह (AGTF), ASI मुखत्यार सिंह और हेड कॉन्स्टेबल ओम प्रकाश शामिल थे। पंजाब | दैनिक भास्कर
