श्री अकाल तख्त साहिब पर जत्थेदार का विरोध:ज्ञानी गड़गज के हाथ से सरोपा लेने से इनकार; अखंड पाठ का डाला जा रहा था भोग

श्री अकाल तख्त साहिब पर जत्थेदार का विरोध:ज्ञानी गड़गज के हाथ से सरोपा लेने से इनकार; अखंड पाठ का डाला जा रहा था भोग

श्री अकाल तख्त साहिब में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के प्रमुख रहे महल सिंह बब्बर की याद में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डालते समय जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज का विरोध किया गया। मौके पर मौजूद 2015 के सरबत खालसा के मुख्य प्रबंधक जरनैल सिंह सखीरा ने जत्थेदार का विरोध करते हुए कहा कि उनके पास सरोपा देने का कोई अधिकार नहीं है। इस मौके पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अधिकारी, सिख संगत, निहंग सिंह जत्थेबंदियां और अन्य सिख जत्थेबंदियां भी मौजूद थी। अंत में शिरोमणि कमेटी के सचिव प्रताप सिंह द्वारा भाई महल सिंह बब्बर के परिवार को सरोपा दिया गया। दरअसल, महल सिंह बब्बर की याद में श्री अकाल तख्त साहिब पर भोग डाला जा रहा था। भोग के पश्चात जब श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज द्वारा परिवार को सरोपा देने का प्रयास किया गया, तभी 2015 के सरबत खालसा के मुख्य प्रबंधक जरनैल सिंह सखीरा ने जत्थेदार का विरोध कर दिया। जानें क्या कहा सखीरा ने 2015 के सरबत खालसा का आयोजन करने वाले जरनैल सिंह सखीरा कार्यकारी जत्थेदार चुने गए ध्यान सिंह मंड के करीबी हैं। सखीरा ने जत्थेदार गड़गज को सारोपा देने से रोक दिया। उनका तर्क था कि उन्हें संगत जत्थेदार नहीं मानती है, ऐसे में उनके पास सारोपा देने का अधिकार नहीं है। विवाद को बढ़ता देख शिरोमणि कमेटी के सचिव प्रताप सिंह द्वारा भाई महल सिंह बब्बर के परिवार को सरोपा दिया गया। सरना ने की निंदा इस पूरी स्थिति पर दिल्ली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और अकाली दल नेता परमजीत सिंह सरना भी मौजूद थे। उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए जरनैल सिंह सखीरा की टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कोई आम व्यक्ति श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार पर इस तरह की टिप्पणी करे। सरना ने कहा कि अकाल तख्त साहिब की मर्यादा का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। श्री अकाल तख्त साहिब में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के प्रमुख रहे महल सिंह बब्बर की याद में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डालते समय जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज का विरोध किया गया। मौके पर मौजूद 2015 के सरबत खालसा के मुख्य प्रबंधक जरनैल सिंह सखीरा ने जत्थेदार का विरोध करते हुए कहा कि उनके पास सरोपा देने का कोई अधिकार नहीं है। इस मौके पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अधिकारी, सिख संगत, निहंग सिंह जत्थेबंदियां और अन्य सिख जत्थेबंदियां भी मौजूद थी। अंत में शिरोमणि कमेटी के सचिव प्रताप सिंह द्वारा भाई महल सिंह बब्बर के परिवार को सरोपा दिया गया। दरअसल, महल सिंह बब्बर की याद में श्री अकाल तख्त साहिब पर भोग डाला जा रहा था। भोग के पश्चात जब श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज द्वारा परिवार को सरोपा देने का प्रयास किया गया, तभी 2015 के सरबत खालसा के मुख्य प्रबंधक जरनैल सिंह सखीरा ने जत्थेदार का विरोध कर दिया। जानें क्या कहा सखीरा ने 2015 के सरबत खालसा का आयोजन करने वाले जरनैल सिंह सखीरा कार्यकारी जत्थेदार चुने गए ध्यान सिंह मंड के करीबी हैं। सखीरा ने जत्थेदार गड़गज को सारोपा देने से रोक दिया। उनका तर्क था कि उन्हें संगत जत्थेदार नहीं मानती है, ऐसे में उनके पास सारोपा देने का अधिकार नहीं है। विवाद को बढ़ता देख शिरोमणि कमेटी के सचिव प्रताप सिंह द्वारा भाई महल सिंह बब्बर के परिवार को सरोपा दिया गया। सरना ने की निंदा इस पूरी स्थिति पर दिल्ली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और अकाली दल नेता परमजीत सिंह सरना भी मौजूद थे। उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए जरनैल सिंह सखीरा की टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कोई आम व्यक्ति श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार पर इस तरह की टिप्पणी करे। सरना ने कहा कि अकाल तख्त साहिब की मर्यादा का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।   पंजाब | दैनिक भास्कर