वृंदावन में संत प्रेमानंद की एक बार फिर तबीयत बिगड़ गई है। इसलिए वे गुरुवार रात 2 बजे पद यात्रा पर नहीं निकले। दर्शन के लिए आए भक्त काफी देर तक उनके आने का इंतजार करते रहे। जब सेवादारों ने संत प्रेमानंद महाराज की सेहत खराब होने की जानकारी दी तो मायूस हो गए। कुछ भक्त रोने लगे। भक्तों ने राधारानी से प्रार्थना की है। इससे पहले 7 फरवरी को भी प्रेमानंद महाराज की तबीयत खराब हुई थी। उनकी दोनों किडनियां खराब हैं। डायलिसिस होती है। सेवादारों ने जताया खेद
संत प्रेमानंद महाराज प्रतिदिन रात 2 बजे भक्तों को पदयात्रा करते हुए दर्शन देते हैं। गुरुवार रात यूपी के अलावा कई राज्यों से आए भक्त उनका इंतजार कर रहे थे। सड़क पर रंगोली सजाई गई थी। लोग भजन गा रहे थे। लेकिन काफी समय गुजर जाने के बाद महाराज बाहर नहीं आए। इसके बाद भक्तों को चिंता होने लगी। कुछ देर बाद वहां केली कुंज आश्रम से जुड़े सेवादार आए और श्रद्धालुओं को हुई असुविधा के लिए खेद जताते हुए महाराजजी के स्वास्थ्य खराब होने की जानकारी दी। सेवादारों ने माइक के जरिए भक्तों से कहा, महाराज जी का स्वास्थ्य सही नहीं है। इसलिए वह आज पदयात्रा नहीं करेंगे। सेवादारों ने भक्तों से लौट जाने का आग्रह किया। इसके बाद सभी भक्त दर्शन किए बिना निराश होकर लौट गए। 30 मार्च को मनाया था जन्मदिन
संत प्रेमानंद महाराज का 30 मार्च को हिंदू नववर्ष पर जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। उनकी पदयात्रा में देशभर से 2 लाख भक्त उमड़े। हर कोई उनके दर्शन कर बधाई देने की चाहत लिए देर शाम से ही पदयात्रा के रास्ते में खड़ा था। भक्तों ने पदयात्रा का दो किलोमीटर रास्ता सजा रखा था। 10 क्विंटल गेंदा और गुलाब के फूलों से सड़क पर रंगोली बनाई गई थी। आतिशबाजी भी की जा रही थी। जगह-जगह भक्त राधा नाम का कीर्तन कर नजर आए। प्रेमानंद महाराज ने वृंदावन की श्री कृष्णम शरणम् सोसाइटी से तड़के 2 बजे पदयात्रा शुरू की। दो किलोमीटर का सफर तय कर रमणरेती स्थित अपने आश्रम केली कुंज पहुंचे। पदयात्रा में ऊंट और घोड़े भी रहे
30 मार्च को रात 2 बजे संत प्रेमानंद महाराज पदयात्रा करने निकले तो सबसे आगे घोड़े, उसके पीछे ऊंट चल रहे थे। इसके बाद अलग-अलग राज्यों के वाद्य यंत्र धार्मिक ध्वनि बजाते हुए चल रहे थे। महिलाएं सिर पर कलश लेकर प्रेमानंद महाराज के आगे आगे चल रही थीं। जन्म दिन पर बधाई देने में कोई कोर कसर न रह जाए, इसकी भक्तों ने भरपूर कोशिश की। देर शाम से ही दर्शन के लिए बैठे भक्त
संत प्रेमानंद महाराज का जन्मदिन मनाने के लिए कोई जम्मू से आया तो कोई हरियाणा से, कोई राजस्थान से आया तो कोई महाराष्ट्र से। सभी की बस एक ही चाहत थी कि जन्मदिन पर महाराज की एक झलक मिल जाए। भक्तों ने पदयात्रा के रास्ते में देर शाम से ही डेरा जमा लिया, जिसको जहां जगह मिली वहीं बैठ गया। क्या बुजुर्ग, क्या बच्चे, क्या महिला और क्या युवा… सभी शाम से ही सड़क किनारे बैठने लग गए। स्थिति यह थी कि नींद आई तो सड़क किनारे जहां बैठे थे, वहीं सो गए। रात बढ़ी तो सर्दी लगने लगी तो जो पॉलीथिन बैठने के लिए खरीदी थी, उसी को ओढ़ लिए। प्रेमानंद महाराज ने किया भक्तों का अभिवादन
रोज की तरह संत प्रेमानंद महाराज पदयात्रा करते हुए आगे बढ़ रहे थे। दर्शन के लिए खड़े भक्तों का प्रेमानंद महाराज ने हाथ उठाकर भक्तों का अभिवादन किया और आशीर्वाद दिया। भक्त उनको उपहार देने के लिए भी लाए। लेकिन,महाराज के स्वास्थ्य कारणों से उन तक नहीं पहुंच सके। ————————————————- ये खबर भी पढ़ें- फूलन देवी को मारा, अब सपा सांसद को धमकाया:बाबर की कब्र में छोड़ आऊंगा; VIDEO में शेर सिंह राणा की कहानी सपा सांसद रामजी लाल सुमन को बाबर की कब्र में छोड़ आऊंगा, फिर वो सोचेंगे कि राणा सांगा के बारे में गलत क्यों बोला…। ये बातें आगरा में शेर सिंह राणा ने कही। वही शेर सिंह राणा, जिसने 2001 में डकैत से सांसद बनी फूलन देवी की हत्या की थी। वह तिहाड़ जेल से फरार हुआ। भागकर अफगानिस्तान पहुंचा, वहां से सम्राट पृथ्वी राज चौहान के अवशेषों को भारत लाया। अभी में जमानत पर है। पढ़ें पूरी खबर वृंदावन में संत प्रेमानंद की एक बार फिर तबीयत बिगड़ गई है। इसलिए वे गुरुवार रात 2 बजे पद यात्रा पर नहीं निकले। दर्शन के लिए आए भक्त काफी देर तक उनके आने का इंतजार करते रहे। जब सेवादारों ने संत प्रेमानंद महाराज की सेहत खराब होने की जानकारी दी तो मायूस हो गए। कुछ भक्त रोने लगे। भक्तों ने राधारानी से प्रार्थना की है। इससे पहले 7 फरवरी को भी प्रेमानंद महाराज की तबीयत खराब हुई थी। उनकी दोनों किडनियां खराब हैं। डायलिसिस होती है। सेवादारों ने जताया खेद
संत प्रेमानंद महाराज प्रतिदिन रात 2 बजे भक्तों को पदयात्रा करते हुए दर्शन देते हैं। गुरुवार रात यूपी के अलावा कई राज्यों से आए भक्त उनका इंतजार कर रहे थे। सड़क पर रंगोली सजाई गई थी। लोग भजन गा रहे थे। लेकिन काफी समय गुजर जाने के बाद महाराज बाहर नहीं आए। इसके बाद भक्तों को चिंता होने लगी। कुछ देर बाद वहां केली कुंज आश्रम से जुड़े सेवादार आए और श्रद्धालुओं को हुई असुविधा के लिए खेद जताते हुए महाराजजी के स्वास्थ्य खराब होने की जानकारी दी। सेवादारों ने माइक के जरिए भक्तों से कहा, महाराज जी का स्वास्थ्य सही नहीं है। इसलिए वह आज पदयात्रा नहीं करेंगे। सेवादारों ने भक्तों से लौट जाने का आग्रह किया। इसके बाद सभी भक्त दर्शन किए बिना निराश होकर लौट गए। 30 मार्च को मनाया था जन्मदिन
संत प्रेमानंद महाराज का 30 मार्च को हिंदू नववर्ष पर जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। उनकी पदयात्रा में देशभर से 2 लाख भक्त उमड़े। हर कोई उनके दर्शन कर बधाई देने की चाहत लिए देर शाम से ही पदयात्रा के रास्ते में खड़ा था। भक्तों ने पदयात्रा का दो किलोमीटर रास्ता सजा रखा था। 10 क्विंटल गेंदा और गुलाब के फूलों से सड़क पर रंगोली बनाई गई थी। आतिशबाजी भी की जा रही थी। जगह-जगह भक्त राधा नाम का कीर्तन कर नजर आए। प्रेमानंद महाराज ने वृंदावन की श्री कृष्णम शरणम् सोसाइटी से तड़के 2 बजे पदयात्रा शुरू की। दो किलोमीटर का सफर तय कर रमणरेती स्थित अपने आश्रम केली कुंज पहुंचे। पदयात्रा में ऊंट और घोड़े भी रहे
30 मार्च को रात 2 बजे संत प्रेमानंद महाराज पदयात्रा करने निकले तो सबसे आगे घोड़े, उसके पीछे ऊंट चल रहे थे। इसके बाद अलग-अलग राज्यों के वाद्य यंत्र धार्मिक ध्वनि बजाते हुए चल रहे थे। महिलाएं सिर पर कलश लेकर प्रेमानंद महाराज के आगे आगे चल रही थीं। जन्म दिन पर बधाई देने में कोई कोर कसर न रह जाए, इसकी भक्तों ने भरपूर कोशिश की। देर शाम से ही दर्शन के लिए बैठे भक्त
संत प्रेमानंद महाराज का जन्मदिन मनाने के लिए कोई जम्मू से आया तो कोई हरियाणा से, कोई राजस्थान से आया तो कोई महाराष्ट्र से। सभी की बस एक ही चाहत थी कि जन्मदिन पर महाराज की एक झलक मिल जाए। भक्तों ने पदयात्रा के रास्ते में देर शाम से ही डेरा जमा लिया, जिसको जहां जगह मिली वहीं बैठ गया। क्या बुजुर्ग, क्या बच्चे, क्या महिला और क्या युवा… सभी शाम से ही सड़क किनारे बैठने लग गए। स्थिति यह थी कि नींद आई तो सड़क किनारे जहां बैठे थे, वहीं सो गए। रात बढ़ी तो सर्दी लगने लगी तो जो पॉलीथिन बैठने के लिए खरीदी थी, उसी को ओढ़ लिए। प्रेमानंद महाराज ने किया भक्तों का अभिवादन
रोज की तरह संत प्रेमानंद महाराज पदयात्रा करते हुए आगे बढ़ रहे थे। दर्शन के लिए खड़े भक्तों का प्रेमानंद महाराज ने हाथ उठाकर भक्तों का अभिवादन किया और आशीर्वाद दिया। भक्त उनको उपहार देने के लिए भी लाए। लेकिन,महाराज के स्वास्थ्य कारणों से उन तक नहीं पहुंच सके। ————————————————- ये खबर भी पढ़ें- फूलन देवी को मारा, अब सपा सांसद को धमकाया:बाबर की कब्र में छोड़ आऊंगा; VIDEO में शेर सिंह राणा की कहानी सपा सांसद रामजी लाल सुमन को बाबर की कब्र में छोड़ आऊंगा, फिर वो सोचेंगे कि राणा सांगा के बारे में गलत क्यों बोला…। ये बातें आगरा में शेर सिंह राणा ने कही। वही शेर सिंह राणा, जिसने 2001 में डकैत से सांसद बनी फूलन देवी की हत्या की थी। वह तिहाड़ जेल से फरार हुआ। भागकर अफगानिस्तान पहुंचा, वहां से सम्राट पृथ्वी राज चौहान के अवशेषों को भारत लाया। अभी में जमानत पर है। पढ़ें पूरी खबर उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
संत प्रेमानंद महाराज की फिर सेहत बिगड़ी:रात में पदयात्रा पर नहीं निकले, दर्शन को आए भक्त हुए निराश
