‘सपा सांसद को बाबर की कब्र में बंद करूंगा’:फूलन देवी की हत्या करने वाले शेर सिंह राणा ने चेतावनी दी; आगरा में घायलों से मिले

‘सपा सांसद को बाबर की कब्र में बंद करूंगा’:फूलन देवी की हत्या करने वाले शेर सिंह राणा ने चेतावनी दी; आगरा में घायलों से मिले

फूलन देवी की गोली मारकर हत्या करने वाले शेर सिंह राणा ने समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन को चेतावनी दी है। कहा, अगर सापा सांसद ने माफी नहीं मांगी तो काबुल में बाबर की कब्र वाले कमरे में उन्हें बंद कर आएंगे। फिर चारदिवारी में बंद होकर सोचें कि उन्होंने क्या बोला, क्यों बोला? शेर सिंह राणा ने सीएम योगी से सांसद सुमन पर कार्रवाई करने की मांग की। कहा, राणा सांगा के खिलाफ रामजीलाल सुमन ने संसद में बयान दिया था। उस पर कार्रवाई नहीं हो सकती है। लेकिन, संसद के बाहर भी वे बहुत कुछ बोल चुके हैं। इस पर तो कार्रवाई करनी चाहिए। उन्हें जेल के अंदर का रास्ता दिखाया जाए। अगर राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी को मौका मिला तो रामजी लाल सुमन जैसे लोगों पर एनएसए लगाकर उन्हें जेल में बंद किया जाएगा। शेर सिंह राणा राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (RJP) के अध्यक्ष हैं। वे गुरुवार को आगरा पहुंचे। 26 मार्च को सांसद के आवास पर हमले के वक्त लाठीचार्ज में घायल करणी सेना के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। 12 अप्रैल को आगरा में राणा सांगा की जयंती मनाई जाएगी। इसे रक्त स्वाभिमान सम्मेलन नाम दिया गया है। शेर सिंह राणा ने सम्मेलन में बसपा सुप्रीमो मायावती को बुलाने की बात कही है। अब विस्तार से पढ़िए… अखिलेश असली PDA नहीं जानते, सिर्फ राग अलापते हैं
शेर सिंह राणा ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। कहा, अखिलेश यादव ने रामजीलाल सुमन को दलित सांसद बताकर दलित कार्ड खेलने की कोशिश की। लेकिन, बसपा प्रमुख मायावती ने उनके इस कार्ड को धराशाई कर दिया। इसलिए हम चाहते हैं कि मायावती 12 अप्रैल को होने वाले सम्मेलन में भाग लें। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव सिर्फ PDA का राग अलापते हैं। असली PDA के बारे में कुछ नहीं जानते हैं। अखिलेश सिर्फ यादवों का लाभ देते हैं। वो यादवों को ही नौकरियां देते हैं, यादवों को ही पद देते हैं। पिछड़े वर्ग को लाभ नहीं देते हैं। जहां तक बात रामजीलाल सुमन के दलित होने की है तो यह याद रखें कि राणा सांगा सिर्फ क्षत्रियों के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के हैं। रामजीलाल सुमन का बयान राष्ट्रवादी सोच का विरोधी है। RJP करेगी न्याय, दिखाएगी सच्चाई
क्या शेर सिंह राणा की पार्टी यूपी में विधानसभा चुनाव लड़ेगी, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, रणनीति राष्ट्र के लिए है। अगर RJP पार्टी सत्ता में आती है तो हम न्याय करेंगे। क्योंकि मैं जनरल कैटेगरी का हूं। चाह कर भी अपने भाइयों को पद या नौकरियां नहीं दिला सकता हूं। मैं अगर कुर्सी पर बैठा तो हर वर्ग को लाभ मिलेगा। फिर वो चाहे पिछड़ा वर्ग हो या अनुसूचित जाति। 26 मार्च को करणी सेना ने सपा सांसद के आवास पर किया था हमला सपा सांसद रामजी लाल सुमन के आगरा स्थित घर पर 26 मार्च को करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया था। 1000 से ज्यादा कार्यकर्ता बुलडोजर लेकर सांसद के आवास पर पहुंचे। वहां जमकर तोड़फोड़ और पथराव किया। झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने सांसद के घर के बाहर खड़ी 10 से ज्यादा गाड़ियों में तोड़फोड़ की। 40 से 50 कुर्सियां तोड़ डालीं। मेन गेट तोड़कर घर के अंदर घुसने की भी कोशिश की। 14 पुलिसकर्मी घायल हुए। बवाल के वक्त सांसद रामजीलाल सुमन दिल्ली में थे। जिस समय उनके घर हमला हुआ, वहां से 1 किमी दूरी पर सीएम योगी का कार्यक्रम चल रहा था। अब पढ़िए सपा सांसद ने राज्यसभा में क्या कहा था… सपा सांसद ने बोला था- हिंदू गद्दार राणा सांगा की औलाद
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने 21 मार्च को राज्यसभा में कहा था, ‘भाजपा वालों का तकिया कलाम हो गया कि मुसलमानों में बाबर का डीएनए है। फिर हिंदुओं में किसका डीएनए है? बाबर को कौन लाया? बाबर को भारत में इब्राहीम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा लाया था। मुसलमान बाबर की औलाद हैं तो तुम (हिंदू) गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। यह हिंदुस्तान में तय हो जाना चाहिए। बाबर की आलोचना करते हैं, राणा सांगा की नहीं। देश की आजादी की लड़ाई में इन्होंने अंग्रेजों की गुलामी की थी। हिंदुस्तान का मुसलमान बाबर को अपना आदर्श नहीं मानता है। वो मोहम्मद साहब और सूफी परंपरा को आदर्श मानता है। राणा सांगा मेवाड़ के राजा थे, 19 साल राज किया
राणा सांगा (महाराणा संग्राम सिंह) ने राजस्थान के मेवाड़ में 1509 से 1528 तक शासन किया। वे उदयपुर में सिसोदिया राजपूत राजवंश के राजा थे और राणा रायमल के सबसे छोटे पुत्र थे। इन्होंने मेवाड़ साम्राज्य का विस्तार किया। उसके तहत राजपूताना के सभी राजाओं को संगठित किया। राणा सांगा ने विदेशी आक्रमणकारियों के विरुद्ध सभी राजपूतों को एक किया। इन्होंने दिल्ली, गुजरात और मालवा मुगल बादशाहों के आक्रमणों से अपने राज्य की रक्षा की। अब जानिए कौन हैं शेर सिंह राणा?
पंकज सिंह उर्फ शेर सिंह राणा वो है, जिसने 25 जुलाई 2001 को डाकू से सांसद बनी फूलन देवी की उनके घर के बाहर ही गोली मार कर हत्या कर दी थी। ये 1981 में हुए उस बेहमई हत्याकांड का बदला था, जिसमें फूलन देवी ने गांव के 22 ठाकुरों को एक साथ मार दिया था। बदला लेने वाले शख्स का नाम था शेर सिंह राणा, जिसने फूलन देवी की हत्या के 2 दिन बाद देहरादून में आत्मसमर्पण कर दिया था। कहानी सिर्फ इतनी नहीं है। केस चल रहा था और शेर सिंह को तिहाड़ जेल में रखा गया, लेकिन, 3 साल जेल में रहकर वो 17 फरवरी 2004 को फरार हो गया। पहले बांग्लादेश और फिर दुबई होता हुआ अफगानिस्तान पहुंचा। वहां से सम्राट पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां लेकर भारत लौटा। 17 मई 2006 को राणा को एक बार फिर कोलकाता के एक गेस्ट हाउस से गिरफ्तार कर लिया गया। शेर सिंह राणा फूलन देवी की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए थे। उन्हें 2014 में इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उन्होंने अपनी सजा के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की और अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया। अदालत ने जमानत की शर्तों तय की थीं। राणा को हर साल जून और दिसंबर के दूसरे शनिवार को उत्तराखंड के रुड़की में पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट करना होता है। इसके अलावा, उन्हें फूलन देवी के परिवार और गवाहों से संपर्क न करने का निर्देश दिया गया था। मां की मदद से बनाया मंदिर
शेर सिंह राणा ने अपनी मां की मदद से गाजियाबाद के पिलखुआ में पृथ्वीराज चौहान का मंदिर बनवाया, जहां पर उनकी अस्थियां आज भी रखी हुई हैं। 2012 में लड़ा चुनाव
इसी दौरान शेर सिंह राणा ने सवर्णों की एक पार्टी बनाई, जिसका नाम रखा राष्ट्रीय जन लोक पार्टी। शेर सिंह ने 2012 में उत्तर प्रदेश के जेवर से सुरेश राणा के खिलाफ चुनाव भी लड़ा, लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा। ठुकराया 10 करोड़ का दहेज
शेर सिंह ने मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक राणा प्रताप सिंह की बेटी प्रतिमा राणा से 20 फरवरी 2018 को दिल्ली के एक होटल में शादी की। जानकारी के अनुसार, इस शादी में राणा को दहेज के तौर पर 10 करोड़ 31 लाख रुपए दिए जा रहे थे, लेकिन राणा ने ये लेने से इनकार कर दिया और एक चांदी का सिक्का लेकर शादी की रस्में पूरी कीं। इसे लेकर भी शेर सिंह काफी चर्चाओं में रहा। लिखी जेल डायरी
शेर सिंह ने जेल डायरी नाम से एक किताब भी लिखी है, जिसमें जेल के दिन और तिहाड़ से भागने की कहानी है। किताब में फूलन देवी की हत्या की भी बात लिखी गई है। ————- यह जरूरी खबर भी पढ़िए वक्फ बिल- यूपी में हाईअलर्ट, बर्क बोले-सड़क पर उतरेंगे:50 जिलों में फ्लैग मार्च; मौलाना रजवी बोले-सपा ने सबसे ज्यादा वक्फ की जमीनें हड़पीं लोकसभा में बुधवार को 12 घंटे की चर्चा के बाद वक्फ संशोधन बिल पास हो गया। आज यह बिल राज्यसभा में पेश होगा। बिल को लेकर वाराणसी, मथुरा, आगरा, कानपुर सहित पूरे यूपी में आज दूसरे दिन भी हाई अलर्ट है। बुधवार रात में कई शहरों में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। गुरुवार को 50 से अधिक जिलों में फोर्स गश्त कर रही है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है। इधर, संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा- हमने इस बिल का विरोध किया। आने वाले समय में लोग इस इतिहास और बिल को पारित करने के तरीके को माफ नहीं करेंगे। अगर आप किसी खास समुदाय को निशाना बनाएंगे तो देश का विकास नहीं होगा। पूरी खबर पढ़िए फूलन देवी की गोली मारकर हत्या करने वाले शेर सिंह राणा ने समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन को चेतावनी दी है। कहा, अगर सापा सांसद ने माफी नहीं मांगी तो काबुल में बाबर की कब्र वाले कमरे में उन्हें बंद कर आएंगे। फिर चारदिवारी में बंद होकर सोचें कि उन्होंने क्या बोला, क्यों बोला? शेर सिंह राणा ने सीएम योगी से सांसद सुमन पर कार्रवाई करने की मांग की। कहा, राणा सांगा के खिलाफ रामजीलाल सुमन ने संसद में बयान दिया था। उस पर कार्रवाई नहीं हो सकती है। लेकिन, संसद के बाहर भी वे बहुत कुछ बोल चुके हैं। इस पर तो कार्रवाई करनी चाहिए। उन्हें जेल के अंदर का रास्ता दिखाया जाए। अगर राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी को मौका मिला तो रामजी लाल सुमन जैसे लोगों पर एनएसए लगाकर उन्हें जेल में बंद किया जाएगा। शेर सिंह राणा राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (RJP) के अध्यक्ष हैं। वे गुरुवार को आगरा पहुंचे। 26 मार्च को सांसद के आवास पर हमले के वक्त लाठीचार्ज में घायल करणी सेना के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। 12 अप्रैल को आगरा में राणा सांगा की जयंती मनाई जाएगी। इसे रक्त स्वाभिमान सम्मेलन नाम दिया गया है। शेर सिंह राणा ने सम्मेलन में बसपा सुप्रीमो मायावती को बुलाने की बात कही है। अब विस्तार से पढ़िए… अखिलेश असली PDA नहीं जानते, सिर्फ राग अलापते हैं
शेर सिंह राणा ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। कहा, अखिलेश यादव ने रामजीलाल सुमन को दलित सांसद बताकर दलित कार्ड खेलने की कोशिश की। लेकिन, बसपा प्रमुख मायावती ने उनके इस कार्ड को धराशाई कर दिया। इसलिए हम चाहते हैं कि मायावती 12 अप्रैल को होने वाले सम्मेलन में भाग लें। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव सिर्फ PDA का राग अलापते हैं। असली PDA के बारे में कुछ नहीं जानते हैं। अखिलेश सिर्फ यादवों का लाभ देते हैं। वो यादवों को ही नौकरियां देते हैं, यादवों को ही पद देते हैं। पिछड़े वर्ग को लाभ नहीं देते हैं। जहां तक बात रामजीलाल सुमन के दलित होने की है तो यह याद रखें कि राणा सांगा सिर्फ क्षत्रियों के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के हैं। रामजीलाल सुमन का बयान राष्ट्रवादी सोच का विरोधी है। RJP करेगी न्याय, दिखाएगी सच्चाई
क्या शेर सिंह राणा की पार्टी यूपी में विधानसभा चुनाव लड़ेगी, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, रणनीति राष्ट्र के लिए है। अगर RJP पार्टी सत्ता में आती है तो हम न्याय करेंगे। क्योंकि मैं जनरल कैटेगरी का हूं। चाह कर भी अपने भाइयों को पद या नौकरियां नहीं दिला सकता हूं। मैं अगर कुर्सी पर बैठा तो हर वर्ग को लाभ मिलेगा। फिर वो चाहे पिछड़ा वर्ग हो या अनुसूचित जाति। 26 मार्च को करणी सेना ने सपा सांसद के आवास पर किया था हमला सपा सांसद रामजी लाल सुमन के आगरा स्थित घर पर 26 मार्च को करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया था। 1000 से ज्यादा कार्यकर्ता बुलडोजर लेकर सांसद के आवास पर पहुंचे। वहां जमकर तोड़फोड़ और पथराव किया। झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने सांसद के घर के बाहर खड़ी 10 से ज्यादा गाड़ियों में तोड़फोड़ की। 40 से 50 कुर्सियां तोड़ डालीं। मेन गेट तोड़कर घर के अंदर घुसने की भी कोशिश की। 14 पुलिसकर्मी घायल हुए। बवाल के वक्त सांसद रामजीलाल सुमन दिल्ली में थे। जिस समय उनके घर हमला हुआ, वहां से 1 किमी दूरी पर सीएम योगी का कार्यक्रम चल रहा था। अब पढ़िए सपा सांसद ने राज्यसभा में क्या कहा था… सपा सांसद ने बोला था- हिंदू गद्दार राणा सांगा की औलाद
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने 21 मार्च को राज्यसभा में कहा था, ‘भाजपा वालों का तकिया कलाम हो गया कि मुसलमानों में बाबर का डीएनए है। फिर हिंदुओं में किसका डीएनए है? बाबर को कौन लाया? बाबर को भारत में इब्राहीम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा लाया था। मुसलमान बाबर की औलाद हैं तो तुम (हिंदू) गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। यह हिंदुस्तान में तय हो जाना चाहिए। बाबर की आलोचना करते हैं, राणा सांगा की नहीं। देश की आजादी की लड़ाई में इन्होंने अंग्रेजों की गुलामी की थी। हिंदुस्तान का मुसलमान बाबर को अपना आदर्श नहीं मानता है। वो मोहम्मद साहब और सूफी परंपरा को आदर्श मानता है। राणा सांगा मेवाड़ के राजा थे, 19 साल राज किया
राणा सांगा (महाराणा संग्राम सिंह) ने राजस्थान के मेवाड़ में 1509 से 1528 तक शासन किया। वे उदयपुर में सिसोदिया राजपूत राजवंश के राजा थे और राणा रायमल के सबसे छोटे पुत्र थे। इन्होंने मेवाड़ साम्राज्य का विस्तार किया। उसके तहत राजपूताना के सभी राजाओं को संगठित किया। राणा सांगा ने विदेशी आक्रमणकारियों के विरुद्ध सभी राजपूतों को एक किया। इन्होंने दिल्ली, गुजरात और मालवा मुगल बादशाहों के आक्रमणों से अपने राज्य की रक्षा की। अब जानिए कौन हैं शेर सिंह राणा?
पंकज सिंह उर्फ शेर सिंह राणा वो है, जिसने 25 जुलाई 2001 को डाकू से सांसद बनी फूलन देवी की उनके घर के बाहर ही गोली मार कर हत्या कर दी थी। ये 1981 में हुए उस बेहमई हत्याकांड का बदला था, जिसमें फूलन देवी ने गांव के 22 ठाकुरों को एक साथ मार दिया था। बदला लेने वाले शख्स का नाम था शेर सिंह राणा, जिसने फूलन देवी की हत्या के 2 दिन बाद देहरादून में आत्मसमर्पण कर दिया था। कहानी सिर्फ इतनी नहीं है। केस चल रहा था और शेर सिंह को तिहाड़ जेल में रखा गया, लेकिन, 3 साल जेल में रहकर वो 17 फरवरी 2004 को फरार हो गया। पहले बांग्लादेश और फिर दुबई होता हुआ अफगानिस्तान पहुंचा। वहां से सम्राट पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां लेकर भारत लौटा। 17 मई 2006 को राणा को एक बार फिर कोलकाता के एक गेस्ट हाउस से गिरफ्तार कर लिया गया। शेर सिंह राणा फूलन देवी की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए थे। उन्हें 2014 में इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उन्होंने अपनी सजा के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की और अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया। अदालत ने जमानत की शर्तों तय की थीं। राणा को हर साल जून और दिसंबर के दूसरे शनिवार को उत्तराखंड के रुड़की में पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट करना होता है। इसके अलावा, उन्हें फूलन देवी के परिवार और गवाहों से संपर्क न करने का निर्देश दिया गया था। मां की मदद से बनाया मंदिर
शेर सिंह राणा ने अपनी मां की मदद से गाजियाबाद के पिलखुआ में पृथ्वीराज चौहान का मंदिर बनवाया, जहां पर उनकी अस्थियां आज भी रखी हुई हैं। 2012 में लड़ा चुनाव
इसी दौरान शेर सिंह राणा ने सवर्णों की एक पार्टी बनाई, जिसका नाम रखा राष्ट्रीय जन लोक पार्टी। शेर सिंह ने 2012 में उत्तर प्रदेश के जेवर से सुरेश राणा के खिलाफ चुनाव भी लड़ा, लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा। ठुकराया 10 करोड़ का दहेज
शेर सिंह ने मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक राणा प्रताप सिंह की बेटी प्रतिमा राणा से 20 फरवरी 2018 को दिल्ली के एक होटल में शादी की। जानकारी के अनुसार, इस शादी में राणा को दहेज के तौर पर 10 करोड़ 31 लाख रुपए दिए जा रहे थे, लेकिन राणा ने ये लेने से इनकार कर दिया और एक चांदी का सिक्का लेकर शादी की रस्में पूरी कीं। इसे लेकर भी शेर सिंह काफी चर्चाओं में रहा। लिखी जेल डायरी
शेर सिंह ने जेल डायरी नाम से एक किताब भी लिखी है, जिसमें जेल के दिन और तिहाड़ से भागने की कहानी है। किताब में फूलन देवी की हत्या की भी बात लिखी गई है। ————- यह जरूरी खबर भी पढ़िए वक्फ बिल- यूपी में हाईअलर्ट, बर्क बोले-सड़क पर उतरेंगे:50 जिलों में फ्लैग मार्च; मौलाना रजवी बोले-सपा ने सबसे ज्यादा वक्फ की जमीनें हड़पीं लोकसभा में बुधवार को 12 घंटे की चर्चा के बाद वक्फ संशोधन बिल पास हो गया। आज यह बिल राज्यसभा में पेश होगा। बिल को लेकर वाराणसी, मथुरा, आगरा, कानपुर सहित पूरे यूपी में आज दूसरे दिन भी हाई अलर्ट है। बुधवार रात में कई शहरों में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। गुरुवार को 50 से अधिक जिलों में फोर्स गश्त कर रही है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है। इधर, संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा- हमने इस बिल का विरोध किया। आने वाले समय में लोग इस इतिहास और बिल को पारित करने के तरीके को माफ नहीं करेंगे। अगर आप किसी खास समुदाय को निशाना बनाएंगे तो देश का विकास नहीं होगा। पूरी खबर पढ़िए   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर