सांसद दीपेंद्र हुड्डा बोले-सेना दो हिस्सों में बंटी:अग्निवीर को पूर्व सैनिक का दर्ज नहीं, झज्जर में शहीद की प्रतिमा का किया अनावरण

सांसद दीपेंद्र हुड्डा बोले-सेना दो हिस्सों में बंटी:अग्निवीर को पूर्व सैनिक का दर्ज नहीं, झज्जर में शहीद की प्रतिमा का किया अनावरण

झज्जर के गांव सेहलंगा में शनिवार को सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने शहीद बलबीर सिंह डागर की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शहीदों और उनके परिवार का सम्मान सर्वोपरि है। हरियाणा के 10% युवा सेना में जाते थे। अग्निपथ योजना आने से पहले प्रदेश की सड़कों और मैदानों में युवा सेना की तैयारी करते दिखते थे। हुड्डा ने अग्निपथ योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे सेना नियमित सैनिक और अग्निवीर सैनिक दो हिस्सों में बंट गई है। उन्होंने बताया कि अग्निवीर सैनिकों को न तो पूर्व सैनिक का दर्जा मिलता है और न ही शहादत पर शहीद का। इसमें पेंशन, ग्रेच्युटी और आश्रितों को मेडिकल सुविधाएं भी नहीं मिलती। ट्रेनिंग छोड़कर जा रहा रहे अग्निवीर सैनिक सांसद ने कहा कि यह योजना न देश के हित में है, न सेना के और न ही युवाओं के हित में। इसी कारण कई अग्निवीर सैनिक ट्रेनिंग बीच में छोड़कर जा रहे हैं। कार्यक्रम में विधायक गीता भुक्कल भी मौजूद रहीं। शहीद बलवीर सिंह ने 3 युद्ध लड़े बता दें कि गांव सेहलंगा के साधारण किसान परिवार में जन्मे शहीद चौ. बलवीर सिंह डागर ने देश के लिए 3 युद्ध लड़े। जिसमें 1962 में चीन के खिलाफ, 1965 में पाकिस्तान और 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई शामिल थी। 28 साल की कम उम्र में ही उन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। झज्जर के गांव सेहलंगा में शनिवार को सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने शहीद बलबीर सिंह डागर की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शहीदों और उनके परिवार का सम्मान सर्वोपरि है। हरियाणा के 10% युवा सेना में जाते थे। अग्निपथ योजना आने से पहले प्रदेश की सड़कों और मैदानों में युवा सेना की तैयारी करते दिखते थे। हुड्डा ने अग्निपथ योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे सेना नियमित सैनिक और अग्निवीर सैनिक दो हिस्सों में बंट गई है। उन्होंने बताया कि अग्निवीर सैनिकों को न तो पूर्व सैनिक का दर्जा मिलता है और न ही शहादत पर शहीद का। इसमें पेंशन, ग्रेच्युटी और आश्रितों को मेडिकल सुविधाएं भी नहीं मिलती। ट्रेनिंग छोड़कर जा रहा रहे अग्निवीर सैनिक सांसद ने कहा कि यह योजना न देश के हित में है, न सेना के और न ही युवाओं के हित में। इसी कारण कई अग्निवीर सैनिक ट्रेनिंग बीच में छोड़कर जा रहे हैं। कार्यक्रम में विधायक गीता भुक्कल भी मौजूद रहीं। शहीद बलवीर सिंह ने 3 युद्ध लड़े बता दें कि गांव सेहलंगा के साधारण किसान परिवार में जन्मे शहीद चौ. बलवीर सिंह डागर ने देश के लिए 3 युद्ध लड़े। जिसमें 1962 में चीन के खिलाफ, 1965 में पाकिस्तान और 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई शामिल थी। 28 साल की कम उम्र में ही उन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।   हरियाणा | दैनिक भास्कर