हरियाणा के कबड्‌डी प्लेयर को 22 लाख मिले:बंगाल वॉरियर्स के लिए खेलेंगे लेफ्टी रेडर, दीपक हुड्‌डा को ट्रेंड करने वाले कोच ने निखारा

हरियाणा के कबड्‌डी प्लेयर को 22 लाख मिले:बंगाल वॉरियर्स के लिए खेलेंगे लेफ्टी रेडर, दीपक हुड्‌डा को ट्रेंड करने वाले कोच ने निखारा

हरियाणा के झज्जर में रहने वाले कबड्‌डी प्लेयर को बंगाल की टीम ने 22 लाख रुपए में अपने साथ जोड़ा है। वह प्रो-कबड्‌डी लीग में बंगाल वॉरियर्स की टीम से रेडर के तौर पर खेलेंगे। उनका कॉन्ट्रैक्ट 2 साल का होगा। पुनीत के कोच वही हैं, जिन्होंने इंडियन कबड्‌डी टीम के पूर्व कैप्टन दीपक हुड्‌डा को ट्रेंड किया था। पुनीत बाहर की बनी कोई चीज नहीं खाते, बल्कि घर के घी से बना खाना खाते हैं। पुनीत ज्यादातर काम लेफ्ट हेंड से करते हैं, इसलिए उन्हें लेफ्टी रेडर कहा जाता है। 22 लाख का कॉन्ट्रैक्ट पाने वाले पुनीत की कहानी… माता-पिता की इकलौती संतान
पुनीत झज्जर जिले के गांव दूबलधन का रहने वाला है। पुनीत के पिता नसीब कादियान खेतीबाड़ी करते हैं। उनकी मां पूनम देवी हाउस वाइफ हैं। पुनीत का जन्म 10 मई 2006 को हुआ था। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। पुनीत ने 6वीं कक्षा तक की पढ़ाई गांव में ही रहकर की। इसके बाद 7वीं से 12वीं तक की पढ़ाई मामा के पास सोनीपत में पूरी की। इस वक्त वह पंजाब के तलवंडी साबो की गुरु कांशी यूनिवर्सिटी से बीए फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रहा है। पुनीत का हुनर देख मामा साथ ले गए
पुनीत जब 6वीं क्लास में पढ़ रहे थे तो उनकी फिजिकल एक्टिविटी और हुनर देख मामा जगमाल नरवाल को लगा कि वह कबड्‌डी का अच्छा प्लेयर बन सकता है। इसलिए वह पुनीत को अपने साथ सोनीपत के गांव रिढ़ाना में ले आए। यहां उसने पढ़ाई की और साथ में कबड्‌डी भी खेलता रहा। 8 घंटे प्रैक्टिस की, लीग तक पहुंचाया
पुनीत पढ़ाई में ठीक था। मगर, उसके मामा व कोच जगमाल नरवाल ने उसे अच्छा प्लेयर बनाने के लिए खूब मेहनत कराई। जगमाल नरवाल खुद भी ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी लेवल तक कबड्‌डी खेल चुके हैं। उनकी देखरेख में पुनीत दिन में 8 घंटे कबड्‌डी की प्रैक्टिस करता था। इससे पहले उन्होंने दीपक हुड्‌डा और अपने छोटे भाई सतपाल को भी तैयार किया था। सतपाल ने 3 साल दिल्ली की टीम से खेला। पुनीत के मामा ने कबड्‌डी प्रेम की वजह से शादी भी नहीं की। उनकी रेलवे में नौकरी लगी थी, लेकिन उसे भी जॉइन नहीं किया था। पुनीत लेफ्टी, इसलिए रेडर के तौर पर मजबूत
कोच जगमाल नरवाल बताते हैं कि पुनीत लेफ्टी है यानी वह ज्यादातर काम बाएं हाथ से करता है। आम तौर पर कबड्‌डी प्लेयर का लेफ्ट कॉर्नर कमजोर रहता है। चूंकि पुनीत लेफ्ट में स्ट्रॉन्ग था तो इस वजह से वह रेडर के तौर पर मजबूत निकला। इसके बाद उसे इसी तरह से ट्रेंड किया गया। हरियाणा के झज्जर में रहने वाले कबड्‌डी प्लेयर को बंगाल की टीम ने 22 लाख रुपए में अपने साथ जोड़ा है। वह प्रो-कबड्‌डी लीग में बंगाल वॉरियर्स की टीम से रेडर के तौर पर खेलेंगे। उनका कॉन्ट्रैक्ट 2 साल का होगा। पुनीत के कोच वही हैं, जिन्होंने इंडियन कबड्‌डी टीम के पूर्व कैप्टन दीपक हुड्‌डा को ट्रेंड किया था। पुनीत बाहर की बनी कोई चीज नहीं खाते, बल्कि घर के घी से बना खाना खाते हैं। पुनीत ज्यादातर काम लेफ्ट हेंड से करते हैं, इसलिए उन्हें लेफ्टी रेडर कहा जाता है। 22 लाख का कॉन्ट्रैक्ट पाने वाले पुनीत की कहानी… माता-पिता की इकलौती संतान
पुनीत झज्जर जिले के गांव दूबलधन का रहने वाला है। पुनीत के पिता नसीब कादियान खेतीबाड़ी करते हैं। उनकी मां पूनम देवी हाउस वाइफ हैं। पुनीत का जन्म 10 मई 2006 को हुआ था। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। पुनीत ने 6वीं कक्षा तक की पढ़ाई गांव में ही रहकर की। इसके बाद 7वीं से 12वीं तक की पढ़ाई मामा के पास सोनीपत में पूरी की। इस वक्त वह पंजाब के तलवंडी साबो की गुरु कांशी यूनिवर्सिटी से बीए फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रहा है। पुनीत का हुनर देख मामा साथ ले गए
पुनीत जब 6वीं क्लास में पढ़ रहे थे तो उनकी फिजिकल एक्टिविटी और हुनर देख मामा जगमाल नरवाल को लगा कि वह कबड्‌डी का अच्छा प्लेयर बन सकता है। इसलिए वह पुनीत को अपने साथ सोनीपत के गांव रिढ़ाना में ले आए। यहां उसने पढ़ाई की और साथ में कबड्‌डी भी खेलता रहा। 8 घंटे प्रैक्टिस की, लीग तक पहुंचाया
पुनीत पढ़ाई में ठीक था। मगर, उसके मामा व कोच जगमाल नरवाल ने उसे अच्छा प्लेयर बनाने के लिए खूब मेहनत कराई। जगमाल नरवाल खुद भी ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी लेवल तक कबड्‌डी खेल चुके हैं। उनकी देखरेख में पुनीत दिन में 8 घंटे कबड्‌डी की प्रैक्टिस करता था। इससे पहले उन्होंने दीपक हुड्‌डा और अपने छोटे भाई सतपाल को भी तैयार किया था। सतपाल ने 3 साल दिल्ली की टीम से खेला। पुनीत के मामा ने कबड्‌डी प्रेम की वजह से शादी भी नहीं की। उनकी रेलवे में नौकरी लगी थी, लेकिन उसे भी जॉइन नहीं किया था। पुनीत लेफ्टी, इसलिए रेडर के तौर पर मजबूत
कोच जगमाल नरवाल बताते हैं कि पुनीत लेफ्टी है यानी वह ज्यादातर काम बाएं हाथ से करता है। आम तौर पर कबड्‌डी प्लेयर का लेफ्ट कॉर्नर कमजोर रहता है। चूंकि पुनीत लेफ्ट में स्ट्रॉन्ग था तो इस वजह से वह रेडर के तौर पर मजबूत निकला। इसके बाद उसे इसी तरह से ट्रेंड किया गया।   हरियाणा | दैनिक भास्कर