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दिल्ली में FIIT JEE पर EOW का शिकंजा, 192 शिकायतों के बाद केस दर्ज, छात्रों ने लगाए आरोप
दिल्ली में FIIT JEE पर EOW का शिकंजा, 192 शिकायतों के बाद केस दर्ज, छात्रों ने लगाए आरोप <p style=”text-align: justify;”><strong>Case Against FIIT JEE Limited:</strong> दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने फेमस कोचिंग सेंटर FIIT JEE के खिलाफ फ्रॉड का केस दर्ज किया है. दरअसल, पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार सेंटर के खिलाफ कुल 192 शिकायतें की गई थीं, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने यह एक्शन लिया है. बता दें, जनवरी 2025 में FIIT JEE के प्रीत विहार सेंटर को अचानक बंद किया गया था.</p>
<p style=”text-align: justify;”>दिल्ली पुलिस द्वारा अतुल नेगी और अन्य की शिकायत पर धारा EOW के अंतर्गत मामला दर्ज हुआ है. FIIT JEE कोचिंग संस्थान, ईस्ट दिल्ली सेंटर (लक्ष्मी नगर), दिल्ली के खिलाफ कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं. इन शिकायतों की विस्तृत जांच की गई. 192 शिकायतों में पर्सनल कंप्लेंट के साथ-साथ प्रभावित छात्रों के माता-पिता के समूह भी शामिल हैं. आरोप है कि FIIT JEE की वजह से शिकायतकर्ताओं को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>झूठे विज्ञापन और फीस वसूलने के आरोप</strong><br />आरोपों है कि FIIT JEE कोचिंग संस्थान ने छात्रों और अभिभावकों को झूठे विज्ञापनों, सफलता के बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावों और भ्रामक विपणन रणनीतियों के माध्यम से गुमराह किया. संस्थान ने भारी भरकम कोर्स फीस एकत्रित करने के बावजूद वादा की गई सेवाएं प्रदान नहीं कीं और जनवरी 2025 के मध्य में बिना किसी पूर्व सूचना के संचालन बंद कर दिया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>FIIT JEE लिमिटेड से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों, जिनमें प्रबंध निदेशक दिनेश कुमार गोयल और अन्य अधिकारी शामिल हैं, पर धोखाधड़ी में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>शिकायतों की सामग्री और अब तक की गई प्राथमिक जांच से प्रथम दृष्टया FIIT JEE लिमिटेड के खिलाफ धारा 406/420/120-बी/34 के अंतर्गत अपराध पाया गया है. पुलिस ने कई धाराओं के तहत एफआईआर पुलिस थाना आर्थिक अपराध शाखा में मामला दर्ज किया गया है.</p>
<p><iframe title=”YouTube video player” src=”https://www.youtube.com/embed/xydHn6io5G4?si=fEeiZ46K0C7FguDA” width=”560″ height=”315″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>यह भी पढ़ें: <a href=”https://www.abplive.com/states/delhi-ncr/atishi-asked-bjp-when-it-will-fulfill-delhi-election-promise-of-free-cylinder-2903107″>होली पर फ्री सिलेंडर के वादे पर AAP ने ह्यूमन बैनर के जरिए BJP को घेरा, कहा- ‘होली आ गई, फ्री सिलेंडर कब'</a></strong></p>

Maharashtra: विपक्षियों पर अब AI से रखी जाएगी पैनी नजर! देवेंद्र फडणवीस सरकार ने बनाया मीडिया ट्रैकिंग सेंटर
Maharashtra: विपक्षियों पर अब AI से रखी जाएगी पैनी नजर! देवेंद्र फडणवीस सरकार ने बनाया मीडिया ट्रैकिंग सेंटर <p style=”text-align: justify;”><strong>Maharashtra News: </strong>महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार अब विपक्षियों पर खास तरीके से नजर रखने जा रही है. इसके लिए सरकार ने मीडिया ट्रैकिंग केंद्र स्थापित किया है. इसे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अंतर्गत बनाया गया है. इस केंद्र का उद्देश्य विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित रिपोर्टों की समीक्षा करना और उनका विश्लेषण करना है. इसके बाद इसकी जानकारी सरकार को दी जाएगी. सरकार की भूमिका और योजनाएं छोड़कर राजकीय खबरों, सरकार विरोधी खबरों, विपक्ष दलों के आरोपों से जुड़ी खबरों पर यह विभाग नजर रखेगा. </p>
<p style=”text-align: justify;”>सोशल मीडिया, न्यूज पेपर और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर भी नजर रखी जाएगी. महाराष्ट्र में इसके पहले सत्ताधारी पार्टी अपने खर्चे से मीडिया मॉनिटरिंग करते आ रही थी लेकिन अब सरकारी की तरफ से यह मॉनिटरिंग होगी. माना जा रहा है कि इसका विपक्षी दल विरोध भी करेंगे.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>मॉनिटरिंग टीम क्या काम करेगी ?</strong></p>
<ul style=”text-align: justify;”>
<li>प्रतिदिन प्रमुख समाचार पत्रों की डिजिटल कटिंग उपलब्ध कराना.</li>
<li>टीवी, डिजिटल और सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों पर नज़र रखना और प्रत्येक घंटे उनकी प्रवृत्ति, स्वर और रुझान की जानकारी देना.</li>
<li>सरकार से संबंधित सकारात्मक और नकारात्मक कवरेज का अध्ययन कर गहन रिपोर्ट तैयार करना.</li>
<li>डेटा को डैशबोर्ड और मोबाइल ऐप के जरिए सुगम रूप से प्रबंधित करना.</li>
<li>सरकारी योजनाओं और नीतियों पर जनता तथा मीडिया की प्रतिक्रिया का मूल्यांकन करना.</li>
</ul>
<p style=”text-align: justify;”><strong>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>महाराष्ट्र सरकार विरोधियों पर नजर रखने के साथ-साथ भ्रामक खबरों को रोकने पर भी काम करेगी. इसके लिए मीडिया ट्रैकिंग सेंटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग किया जाएगा ताकि गलत, भ्रामक या भड़काऊ खबरों की पहचान कर उनके प्रभाव को रोका जा सके. फर्जी खबरों और गलत सूचना पर नजर रखने के लिए AI आधारित प्रणाली तैयार की जाएगी. मीडिया में सरकार विरोधी या पक्षपातपूर्ण खबरों का विश्लेषण कर उचित प्रतिक्रिया दी जाएगी. प्रशासन से जुड़ी अहम जानकारी संकलित कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ये भी पढ़ें- <a title=”Mumbai: फाइव स्टार होटल में कमरा बुक, फिर ‘डू नॉट डिस्टर्ब’ का बोर्ड लगाकर टॉयलेट में लगाई फांसी, सुसाइड नोट में क्या लिखा?” href=”https://www.abplive.com/states/maharashtra/mumbai-41-year-old-youth-committed-suicide-hanging-himself-in-toilet-of-five-star-hotel-blames-wife-and-her-relative-suicide-note-ann-2898913″ target=”_self”>Mumbai: फाइव स्टार होटल में कमरा बुक, फिर ‘डू नॉट डिस्टर्ब’ का बोर्ड लगाकर टॉयलेट में लगाई फांसी, सुसाइड नोट में क्या लिखा?</a></strong></p>
पुलिस के मुखबिर संदीप शर्मा को मिली बेल
पुलिस के मुखबिर संदीप शर्मा को मिली बेल भास्कर न्यूज | जालंधर सांसद अमृतपाल सिंह के बड़े भाई हरप्रीत सिंह हैप्पी और उसके साथी लवप्रीत सिंह से 4 ग्राम आइस बरामदगी के केस में नामजद किए गए पुलिस मुखबिर संदीप शर्मा वासी वीनस वैली एक्सटेंशन को एडिशनल सेशन जज की कोर्ट से मंगलवार को बेल मिल गई। पुलिस ने कहा कि आरोपी ने जांच के दौरान सहयोग नहीं किया है और न ही बताया कि वह आइस कहां से लेता था। इसलिए बेल न न दी जाए। दूसरी ओर बचाव पक्ष के एडवोकेट विनय शर्मा ने कहा कि उनके क्लांइट को झूठे के केस में फंसाया गया है। उससे कोई बरामदगी नहीं हुई है। इसलिए उसे बेल दी जाए। बचाव पक्ष की दलील से सहमत होते हुए संदीप को बेल दे दी गई। बता दें कि 11 जुलाई की शाम फिल्लौर में सड़क किनारे खड़ी क्रेटा कार से हैप्पी और लवप्रीत को गिरफ्तार कर उनसे 4 ग्राम आइस, दो लाइटर, 3 मोबाइल फोन और दो जले हुए 20-20 रुपए के नोट मिले थे। दोनों कार में आइस का नशा करते थे। दोनों के डोप टेस्ट कराए गए तो पॉजिटिव आए। पुलिस ने आइस बेचने वाले आरोपी संदीप अरोड़ा वासी ईटा नगर (लुधियाना) और अरोड़ा के फोटोग्राफर दोस्त मनीष कुमार मरवाहा वासी न्यू आत्म नगर (लुधियाना) को गिरफ्तार लिया था। हैप्पी व लवप्रीत को बेल मिल चुकी है। जांच में यह बात आई थी कि हैप्पी ने पहली आइस की डीलिंग लवली से की थी। लवली का असली नाम संदीप शर्मा है और वह पुलिस का मुखबिर है। पुलिस ने संदीप को केस में नामजद कर लिया था। हैप्पी और उसके साथी लवप्रीत पहले ही बेल हो चुकी है।