हरियाणा के महेंद्रगढ़ में दोहान नदी के मध्य स्थित मोदाश्रम मंदिर में आज महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस उपलक्ष में मेले का आयोजन भी किया जाएगा। यह 228 वां महाशिवरात्रि मेला होगा। मेले में मुख्य अतिथि पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा शिरकत करेंगे। शाम के समय मंदिर परिसर में शिव-पार्वती का विवाह होगा। दूर दराज से लोग देखने के लिए आएंगे। महेंद्रगढ़ के मोदाश्रम समिति के प्रधान सुधीर दीवान ने बताया कि आज महाशिव रात्रि का पर्व है। मेले के साथ मंदिर परिसर में शिव पार्वती-विवाह समारोह का आयोजन किया गया है। पिछले कई दिनों से मंदिर में बाबा के भक्तों के द्वारा समारोह की तैयारी की जा रही थी। शिव विवाह को होगा कार्यक्रम 24 फरवरी को शिव पार्वती कि सगाई की रस्म अदा की गई। उसके बाद हल्दी का प्रोग्राम किया गया था। जिसमें महिलाओं के द्वारा शिव पार्वती को हल्दी लगा कर मंगल गीत गाए गए थे। वहीं 25 फरवरी को मेहंदी एवं महिला संगीत का आयोजन किया गया। जिसमें शहर व अन्य स्थान से आई हुई महिलाओं के द्वारा शिव के गीतों पर संगीत का आयोजन किया गया। आज 26 फरवरी को शिव पार्वती का शुभ विवाह होगा। शिवालय में रात्रि के समय हर रोज पुष्प श्रृंगार दर्शन और भव्य आरती होती है। जिसमें शाम के समय महिला व पुरुष दर्शन कर भगवान से आशीर्वाद लेते हैं। लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराना है मंदिर मंदिर के इतिहास के बारे में सुधीर दीवानी ने बताया कि मोदाश्रम शिव मंदिर लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराना है। आज जहां पर शिव मंदिर बना हुआ है उस स्थान पर पहले दोहन नदी आती थी। जब नदी का पानी कम हो जाता था तो लोग शहर से घूमने के लिए नदी पार करके जाते थे। गुलाब राय लोहिया भी घूमने के लिए आता था। एक बार रात को उसे एहसास हुआ कि उसे कोई कह रहा है कि दोहन नदी के बीच में एक छोटा शिवलिंग दबा हुआ है उसको निकाल कर उसकी प्राण प्रतिष्ठा करवाई जाए। गुलाब राय लोहिया के कोई संतान नहीं थी। उसने साथियों के सहयोग से यहां पर एक छोटा मंदिर बनवाया और उसकी प्राण प्रतिष्ठा करवाई। वह शिवलिंग आज भी यहां छोटे आकार में मौजूद है और उसके बराबर में एक शिवलिंग और स्थापित किया हुआ है।
उसके बाद उसके एक लड़का हुआ उसने उसका नाम भोला रखा। जबसे लेकर आज तक इस इस मंदिर में वर्ष में दो बार मेला लगता है। मेले में होती है कुश्ती प्रतियोगिता मेले के अवसर पर प्रदेश स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन होती है। जिसमें 50 रुपए से लेकर 21 हजार रुपए तक की कुश्ती होती है। बराबर रहने पर किसी भी खिलाड़ी को कोई इनाम नहीं दिया जाता। वहीं रात के समय क्षेत्र के प्रसिद्ध कलाकारों के द्वारा रात्रि जागरण किया जाता है। पूरे मंदिर परिसर को लाइटों के माध्यम से सजाया जाता है। महादेव मंदिर में पूरी होती है मन्नतें मंदिर में दूरदराज से लोग आते हैं यहां पर मत्था टेक कर अपनी मन्नतें मांगते हैं। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहां अपनी मन्नत मांगता है। भगवान चंद्र मौली उसकी मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं यह उन्हें पूरा विश्वास है। हरियाणा के महेंद्रगढ़ में दोहान नदी के मध्य स्थित मोदाश्रम मंदिर में आज महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस उपलक्ष में मेले का आयोजन भी किया जाएगा। यह 228 वां महाशिवरात्रि मेला होगा। मेले में मुख्य अतिथि पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा शिरकत करेंगे। शाम के समय मंदिर परिसर में शिव-पार्वती का विवाह होगा। दूर दराज से लोग देखने के लिए आएंगे। महेंद्रगढ़ के मोदाश्रम समिति के प्रधान सुधीर दीवान ने बताया कि आज महाशिव रात्रि का पर्व है। मेले के साथ मंदिर परिसर में शिव पार्वती-विवाह समारोह का आयोजन किया गया है। पिछले कई दिनों से मंदिर में बाबा के भक्तों के द्वारा समारोह की तैयारी की जा रही थी। शिव विवाह को होगा कार्यक्रम 24 फरवरी को शिव पार्वती कि सगाई की रस्म अदा की गई। उसके बाद हल्दी का प्रोग्राम किया गया था। जिसमें महिलाओं के द्वारा शिव पार्वती को हल्दी लगा कर मंगल गीत गाए गए थे। वहीं 25 फरवरी को मेहंदी एवं महिला संगीत का आयोजन किया गया। जिसमें शहर व अन्य स्थान से आई हुई महिलाओं के द्वारा शिव के गीतों पर संगीत का आयोजन किया गया। आज 26 फरवरी को शिव पार्वती का शुभ विवाह होगा। शिवालय में रात्रि के समय हर रोज पुष्प श्रृंगार दर्शन और भव्य आरती होती है। जिसमें शाम के समय महिला व पुरुष दर्शन कर भगवान से आशीर्वाद लेते हैं। लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराना है मंदिर मंदिर के इतिहास के बारे में सुधीर दीवानी ने बताया कि मोदाश्रम शिव मंदिर लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराना है। आज जहां पर शिव मंदिर बना हुआ है उस स्थान पर पहले दोहन नदी आती थी। जब नदी का पानी कम हो जाता था तो लोग शहर से घूमने के लिए नदी पार करके जाते थे। गुलाब राय लोहिया भी घूमने के लिए आता था। एक बार रात को उसे एहसास हुआ कि उसे कोई कह रहा है कि दोहन नदी के बीच में एक छोटा शिवलिंग दबा हुआ है उसको निकाल कर उसकी प्राण प्रतिष्ठा करवाई जाए। गुलाब राय लोहिया के कोई संतान नहीं थी। उसने साथियों के सहयोग से यहां पर एक छोटा मंदिर बनवाया और उसकी प्राण प्रतिष्ठा करवाई। वह शिवलिंग आज भी यहां छोटे आकार में मौजूद है और उसके बराबर में एक शिवलिंग और स्थापित किया हुआ है।
उसके बाद उसके एक लड़का हुआ उसने उसका नाम भोला रखा। जबसे लेकर आज तक इस इस मंदिर में वर्ष में दो बार मेला लगता है। मेले में होती है कुश्ती प्रतियोगिता मेले के अवसर पर प्रदेश स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन होती है। जिसमें 50 रुपए से लेकर 21 हजार रुपए तक की कुश्ती होती है। बराबर रहने पर किसी भी खिलाड़ी को कोई इनाम नहीं दिया जाता। वहीं रात के समय क्षेत्र के प्रसिद्ध कलाकारों के द्वारा रात्रि जागरण किया जाता है। पूरे मंदिर परिसर को लाइटों के माध्यम से सजाया जाता है। महादेव मंदिर में पूरी होती है मन्नतें मंदिर में दूरदराज से लोग आते हैं यहां पर मत्था टेक कर अपनी मन्नतें मांगते हैं। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहां अपनी मन्नत मांगता है। भगवान चंद्र मौली उसकी मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं यह उन्हें पूरा विश्वास है। हरियाणा | दैनिक भास्कर
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