Bihar Politics: BJP कोटे से मंत्री बने कृष्ण कुमार मंटू पहुंच गए JDU कार्यालय, क्या है माजरा?

Bihar Politics: BJP कोटे से मंत्री बने कृष्ण कुमार मंटू पहुंच गए JDU कार्यालय, क्या है माजरा?

<p style=”text-align: justify;”><strong>Bihar News: </strong><span style=”font-weight: 400;”>बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार हो गया है. बीजेपी कोटे के सात विधायकों ने बीते बुधवार (26 फरवरी) को मंत्री पद की शपथ ली. इस बीच गुरुवार (27 फरवरी) को एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली. अमनौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक कृष्ण कुमार मंटू (Krishna Kumar Mantoo) बीजेपी कोटे से मंत्री बने हैं लेकिन अपनी पार्टी के कार्यालय ना जाकर वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी के दफ्तर पहुंच गए. यहां जनता दल यूनाइटेड के कार्यकर्ता और नेताओं से वे मिले. इसके बाद यहां से उन्हें बीजेपी कार्यालय जाना था.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>कृष्ण कुमार मंटू जैसे ही जेडीयू कार्यालय पहुंचे तो लोग हैरान रह गए. गठबंधन में जेडीयू-बीजेपी साथ है लेकिन ये दोनों पार्टियां अलग-अलग हैं. फिर कृष्ण कुमार मंटू ने ऐसा क्यों किया. इस पर मंत्री कृष्ण कुमार मंटू ने कहा कि जेडीयू और बीजेपी अलग-अलग नहीं है. हम एनडीए का हिस्सा हैं. पहले हम जेडीयू में ही थे. जेडीयू के सभी साथियों से मेरा पुराना लगाव है. यही कारण है कि मैं पहले जेडीयू कार्यालय पहुंचा. उन्होंने कहा कि इसके बाद वो बीजेपी कार्यालय जाएंगे.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>कौन हैं बीजेपी के मंत्री कृष्ण कुमार मंटू?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>कृष्ण कुमार मंटू शुरू दौर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के साथ रहे हैं. 2010 में जेडीयू से चुनाव लड़े और विधायक बने. 2015 में जेडीयू महागठबंधन के साथ चली गई थी तो वह आरजेडी के साथ मिलकर जेडीयू के सिंबल पर चुनाव लड़े लेकिन हार का सामना करना पड़ा. वहां से बीजेपी के विधायक चुनाव जीते थे.&nbsp;</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>2017 में फिर नीतीश कुमार एनडीए में शामिल हुए तो 2020 में अमनौर विधानसभा सीट बीजेपी के खाते में चली गई इसलिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आग्रह पर बीजेपी ने जेडीयू के नेता कृष्ण कुमार मंटू को अपनी पार्टी में शामिल कराकर उन्हें उम्मीदवार बनाया. कृष्ण कुमार मंटू कुर्मी जाति से आते हैं. उनकी आस्था शुरू से नीतीश कुमार में है. इसका परिचय भी उन्होंने आज दे दिया कि मंत्री बनने के बाद सबसे पहले वह अपने पुराने पार्टी में हाजिरी लगाने पहुंच गए.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>यह भी पढ़ें- <a href=”https://www.abplive.com/states/bihar/more-than-2-dozen-jdu-mla-in-contact-with-bjp-political-stir-after-nitish-kumar-cabinet-expansion-ann-2893281″>JDU के 2 दर्जन से ज्यादा विधायक BJP के संपर्क में? कैबिनेट विस्तार के बाद एक दावे से सियासी हड़कंप</a></strong></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Bihar News: </strong><span style=”font-weight: 400;”>बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार हो गया है. बीजेपी कोटे के सात विधायकों ने बीते बुधवार (26 फरवरी) को मंत्री पद की शपथ ली. इस बीच गुरुवार (27 फरवरी) को एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली. अमनौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक कृष्ण कुमार मंटू (Krishna Kumar Mantoo) बीजेपी कोटे से मंत्री बने हैं लेकिन अपनी पार्टी के कार्यालय ना जाकर वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी के दफ्तर पहुंच गए. यहां जनता दल यूनाइटेड के कार्यकर्ता और नेताओं से वे मिले. इसके बाद यहां से उन्हें बीजेपी कार्यालय जाना था.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>कृष्ण कुमार मंटू जैसे ही जेडीयू कार्यालय पहुंचे तो लोग हैरान रह गए. गठबंधन में जेडीयू-बीजेपी साथ है लेकिन ये दोनों पार्टियां अलग-अलग हैं. फिर कृष्ण कुमार मंटू ने ऐसा क्यों किया. इस पर मंत्री कृष्ण कुमार मंटू ने कहा कि जेडीयू और बीजेपी अलग-अलग नहीं है. हम एनडीए का हिस्सा हैं. पहले हम जेडीयू में ही थे. जेडीयू के सभी साथियों से मेरा पुराना लगाव है. यही कारण है कि मैं पहले जेडीयू कार्यालय पहुंचा. उन्होंने कहा कि इसके बाद वो बीजेपी कार्यालय जाएंगे.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>कौन हैं बीजेपी के मंत्री कृष्ण कुमार मंटू?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>कृष्ण कुमार मंटू शुरू दौर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के साथ रहे हैं. 2010 में जेडीयू से चुनाव लड़े और विधायक बने. 2015 में जेडीयू महागठबंधन के साथ चली गई थी तो वह आरजेडी के साथ मिलकर जेडीयू के सिंबल पर चुनाव लड़े लेकिन हार का सामना करना पड़ा. वहां से बीजेपी के विधायक चुनाव जीते थे.&nbsp;</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>2017 में फिर नीतीश कुमार एनडीए में शामिल हुए तो 2020 में अमनौर विधानसभा सीट बीजेपी के खाते में चली गई इसलिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आग्रह पर बीजेपी ने जेडीयू के नेता कृष्ण कुमार मंटू को अपनी पार्टी में शामिल कराकर उन्हें उम्मीदवार बनाया. कृष्ण कुमार मंटू कुर्मी जाति से आते हैं. उनकी आस्था शुरू से नीतीश कुमार में है. इसका परिचय भी उन्होंने आज दे दिया कि मंत्री बनने के बाद सबसे पहले वह अपने पुराने पार्टी में हाजिरी लगाने पहुंच गए.</span></p>
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