फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल करने वाली शिक्षिका गिरफ्तार, 25 हजार का इनाम था घोषित

फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल करने वाली शिक्षिका गिरफ्तार, 25 हजार का इनाम था घोषित

<p style=”text-align: justify;”><strong>Azamgarh News:</strong> आजमगढ़ जिले में कुछ वर्ष पूर्व शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया था, सहायक अध्यापक पद पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने वाली शिक्षिका रेखा सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यह शिक्षिका लंबे समय से फरार चल रही थी, जिसके चलते पुलिस अधीक्षक ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था. स्वाट टीम और कंधरापुर पुलिस ने उसे भंवरनाथ के पायलट तिराहे के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>अप्रैल 2021 में बिलरियागंज की खंड शिक्षा अधिकारी डाली मिश्रा ने कंधरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में कहा गया था कि सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय शोधनपट्टी में तैनात रेखा सिंह ने अपनी नियुक्ति के दौरान फर्जी शैक्षिक और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, विकलांग प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र और भूतपूर्व सैनिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे. जांच में जब इन दस्तावेजों को फर्जी पाया गया, तो पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन तब से वह फरार चल रही थी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>पुलिस ने घोषित किया था 25 हजार का इनाम</strong><br />गिरफ्तार शिक्षिका रेखा सिंह पत्नी स्व. अवनीन्द्र कुमार सिंह मूल रूप से देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र के चुरिया गांव की रहने वाली है. वह वर्तमान में सिविल लाइन, नियर कठवा मोड़, थाना कोतवाली, आजमगढ़ में रह रही थी. इस मामले पर एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि रेखा सिंह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ में न आने के कारण उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था. कंधरापुर थाना पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षिका रेखा सिंह को भंवरनाथ के पायलट तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>ये भी पढ़ें: <a href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/aligarh-namaz-offered-by-wearing-black-bands-in-protest-against-waqf-amendment-bill-ann-2914257″><strong>अलीगढ़ में वक्फ संसोधन बिल का विरोध, काली पट्टी बांधकर अदा की नमाज, शहर में रहा पुलिस का पहरा</strong></a></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Azamgarh News:</strong> आजमगढ़ जिले में कुछ वर्ष पूर्व शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया था, सहायक अध्यापक पद पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने वाली शिक्षिका रेखा सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यह शिक्षिका लंबे समय से फरार चल रही थी, जिसके चलते पुलिस अधीक्षक ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था. स्वाट टीम और कंधरापुर पुलिस ने उसे भंवरनाथ के पायलट तिराहे के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>अप्रैल 2021 में बिलरियागंज की खंड शिक्षा अधिकारी डाली मिश्रा ने कंधरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में कहा गया था कि सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय शोधनपट्टी में तैनात रेखा सिंह ने अपनी नियुक्ति के दौरान फर्जी शैक्षिक और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, विकलांग प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र और भूतपूर्व सैनिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे. जांच में जब इन दस्तावेजों को फर्जी पाया गया, तो पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन तब से वह फरार चल रही थी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>पुलिस ने घोषित किया था 25 हजार का इनाम</strong><br />गिरफ्तार शिक्षिका रेखा सिंह पत्नी स्व. अवनीन्द्र कुमार सिंह मूल रूप से देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र के चुरिया गांव की रहने वाली है. वह वर्तमान में सिविल लाइन, नियर कठवा मोड़, थाना कोतवाली, आजमगढ़ में रह रही थी. इस मामले पर एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि रेखा सिंह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ में न आने के कारण उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था. कंधरापुर थाना पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षिका रेखा सिंह को भंवरनाथ के पायलट तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>ये भी पढ़ें: <a href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/aligarh-namaz-offered-by-wearing-black-bands-in-protest-against-waqf-amendment-bill-ann-2914257″><strong>अलीगढ़ में वक्फ संसोधन बिल का विरोध, काली पट्टी बांधकर अदा की नमाज, शहर में रहा पुलिस का पहरा</strong></a></p>  उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड AAP का BJP सरकार पर हमला, सौरभ भारद्वाज बोले, ‘भ्रष्ट अफसरों को बचाने के लिए वापस लिए मामले’