मनसा देवी में नवरात्रि के पहले दिन 25 लाख चढ़ावा:​​​​​​​पंचकूला में 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे, सोने के गहने भी दिए

मनसा देवी में नवरात्रि के पहले दिन 25 लाख चढ़ावा:​​​​​​​पंचकूला में 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे, सोने के गहने भी दिए

हरियाणा के पंचकूला स्थित माता मनसा देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र मेले के पहले दिन श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में अपार श्रद्धा और भक्ति के साथ दान अर्पित किया। श्री माता मनसा देवी मंदिर और श्री काली माता मंदिर कालका में पहले दिन कुल 25 लाख 9 हजार 665 रुपए का चढ़ावा चढ़ाया गया। मंदिर प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, श्री माता मनसा देवी मंदिर में 17 लाख 1 हजार 285 रुपए और श्री काली माता मंदिर कालका में 8 लाख 8 हजार 380 रुपए दान स्वरूप अर्पित किए गए। इसके अलावा, श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में चांदी के आभूषण भी अर्पित किए। माता मनसा देवी मंदिर में चांदी के 8 नग और श्री काली माता मंदिर कालका में 6 नग चढ़ाए गए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच श्री माता मनसा देवी मंदिर में लगभग 1 लाख 10 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मंदिर प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे भक्तों को दर्शन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। मनसा देवी का मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक
चैत्र नवरात्र के पहले दिन भक्तों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति और दान अर्पण माता के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा और विश्वास को दर्शाता है। मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद करते हुए आगामी दिनों में भी सुचारू व्यवस्था का भरोसा दिलाया है। पंचकूला में स्थित माता मनसा देवी का मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। बताया जाता है कि यहां पर माता सती का मस्तिष्क गिरा था। जानकारी के अनुसार माता मनसा देवी के मंदिर का निर्माण मनीमाजरा के महाराजा गोपाल सिंह ने साल 1811 और 1815 में करवाया था। कहा जाता है कि मनीमाजरा के महाराज गोपाल सिंह ने कोई मनोकामना मांगी थी। मनोकामना पूर्ण होने पर उन्होंने इस मंदिर का निर्माण करवाया। मनीमाजरा में उनके महल से लेकर माता मनसा देवी मंदिर तक एक गुफा भी थी। जिसके माध्यम से राजा रोज इस गुफा से होते हुए मंदिर पहुंचे थे और माता की पूजा अर्चना करते थे। नवरात्रि के दिनों के अलावा भी हर रोज मंदिर में दूर दूर से हजारों लोग माथा टेकने पहुंचते हैं। हरियाणा के पंचकूला स्थित माता मनसा देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र मेले के पहले दिन श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में अपार श्रद्धा और भक्ति के साथ दान अर्पित किया। श्री माता मनसा देवी मंदिर और श्री काली माता मंदिर कालका में पहले दिन कुल 25 लाख 9 हजार 665 रुपए का चढ़ावा चढ़ाया गया। मंदिर प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, श्री माता मनसा देवी मंदिर में 17 लाख 1 हजार 285 रुपए और श्री काली माता मंदिर कालका में 8 लाख 8 हजार 380 रुपए दान स्वरूप अर्पित किए गए। इसके अलावा, श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में चांदी के आभूषण भी अर्पित किए। माता मनसा देवी मंदिर में चांदी के 8 नग और श्री काली माता मंदिर कालका में 6 नग चढ़ाए गए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच श्री माता मनसा देवी मंदिर में लगभग 1 लाख 10 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मंदिर प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे भक्तों को दर्शन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। मनसा देवी का मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक
चैत्र नवरात्र के पहले दिन भक्तों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति और दान अर्पण माता के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा और विश्वास को दर्शाता है। मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद करते हुए आगामी दिनों में भी सुचारू व्यवस्था का भरोसा दिलाया है। पंचकूला में स्थित माता मनसा देवी का मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। बताया जाता है कि यहां पर माता सती का मस्तिष्क गिरा था। जानकारी के अनुसार माता मनसा देवी के मंदिर का निर्माण मनीमाजरा के महाराजा गोपाल सिंह ने साल 1811 और 1815 में करवाया था। कहा जाता है कि मनीमाजरा के महाराज गोपाल सिंह ने कोई मनोकामना मांगी थी। मनोकामना पूर्ण होने पर उन्होंने इस मंदिर का निर्माण करवाया। मनीमाजरा में उनके महल से लेकर माता मनसा देवी मंदिर तक एक गुफा भी थी। जिसके माध्यम से राजा रोज इस गुफा से होते हुए मंदिर पहुंचे थे और माता की पूजा अर्चना करते थे। नवरात्रि के दिनों के अलावा भी हर रोज मंदिर में दूर दूर से हजारों लोग माथा टेकने पहुंचते हैं।   हरियाणा | दैनिक भास्कर