गाजियाबाद के लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर सोमवार को अयोध्या पहुंचे। सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान वह फटे कपड़े पहने थे। उन्होंने कहा- भाजपा की सरकार में जब राम कथा नहीं हो सकती, रामचरितमानस पाठ नहीं हो सकता और कलश यात्रा नहीं हो सकती, तो क्या ये सब पाकिस्तान में होगा? रामलला से न्याय मांगने आया हूं। लोनी में कलश यात्रा के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, इससे बहुत आहत हूं। पहले यही अधिकारी फूल बरसाते थे, अब लाठी बरसा रहे हैं। BJP प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात के बाद अयोध्या पहुंचे
अयोध्या पहुंचने से पहले विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने लखनऊ में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी से मुलाकात की। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया है। साथ ही उनसे कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वे फटे कपड़े पहनकर घूमते रहेंगे। भगवान राम भी 14 साल वनवास में रहे थे। 20 मार्च को कलश यात्रा पर हुआ था विवाद
गाजियाबाद में 20 मार्च को कलश यात्रा के दौरान नंदकिशोर गुर्जर और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की, हाथापाई हुई थी। इसमें विधायक के कपड़े फट गए थे। इसको लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। पढ़िए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को विधायक ने क्या जवाब दिया नंदकिशोर गुर्जर ने लिखा- आपका कारण बताओ नोटिस मिला। इसमें कहा गया कि मैंने सरकार के खिलाफ बयान दिया है। मैं कहना चाहता हूं कि 1989 से संघ का सदस्य हूं। मैं छात्रसंघ अध्यक्ष, युवा मोर्चे की राष्ट्रीय टीम, किसान मोर्चे की राष्ट्रीय टीम, क्षेत्रीय समिति का सदस्य, गाजियाबाद का जिलाध्यक्ष और बागपत जिले का प्रभारी रह चुका हूं। मैं भाजपा का अनुशासित सदस्य हूं। भाजपा मेरे लिए प्राणों के समान है। साल 2010 से बसपा के शासनकाल से गाजियाबाद में रामकथा का आयोजन हो रहा है। मैं 3 दशक से राम नाम से हिंदू समाज को जागृत कर रहा हूं। 20 मार्च को कलश यात्रा शुरू हुई। यात्रा में मैं सिर पर हिंदुओं का पवित्र ग्रंथ श्री रामचरितमानस रखकर चल रहा था। महिलाएं कलश लेकर चल रही थीं। इसी दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें महिलाओं के कपड़े फट गए और कलश टूट गए। 12 से ज्यादा लोगों को चोट लगी। मैंने रामचरितमानस को फटने से बचाया। मुझे किसी भी सरकार में कलश यात्रा की इजाजत लेने की जरूरत नहीं पड़ी। लखनऊ के एक आईपीएस अधिकारी ने मुझे बताया था कि पुलिस कलश यात्रा की इजाजत न होने की बात कहकर रोकेगी। यात्रा निकाली, तो लाठीचार्ज होगा। भगवान श्रीराम और लोनी की जनता के लिए प्राणों की आहूति भी देनी पड़ी, तो वह भी कम है। पुलिस वालों ने ब्राह्मणों, कथा वाचकों, हिंदुओं और मेरी जाति के लोगों को अपमानित कर गालियां दीं। यह है नंदकिशोर गुर्जर का पत्र आसुरी प्रवृत्ति के अधिकारियों पर कार्रवाई करें
विधायक ने आगे लिखा- संगठन परिवार के मुखिया होने के नाते मेरा आपसे अनुरोध है कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने विश्वामित्र जी के यज्ञ की रक्षा के लिए असुरों का संहार किया था। उसी तरह आप हमारे रामकथा के पावन यज्ञ में बाधा डालने वाले आसुरी प्रवृत्ति के अधिकारियों पर कार्रवाई करें। मैं जल्द ही आपसे मिलकर पूरे साक्ष्य रखूंगा। कुछ अधिकारी और नेता पीएम नरेंद्र मोदी को हराने की साजिश किसके कहने पर कर रहे हैं, यह साक्ष्य भी दूंगा। मैं इतना आहत हूं कि जल नहीं ग्रहण कर रहा हूं। मेरा कुर्ता फटना लोकतंत्र का चीर-हरण है। योगीजी की सरकार में रामकथा कराना अपराध और अनुशासनहीनता है, तो मुझे निर्देश देने की कृपा करें। जिससे मैं भविष्य में श्रीराम कथा न कराने पर विचार करूं। संगठन का आदेश मेरे लिए सबसे पहले है। अब पढ़िए पूरा मामला 20 मार्च को गाजियाबाद के बॉर्डर थाना क्षेत्र की संगम विहार कॉलोनी में नंदकिशोर गुर्जर के नेतृत्व में कलश यात्रा निकाली जा रही थी। इसके लिए परमिशन नहीं ली गई थी। पुलिस ने कलश यात्रा को रोकने का प्रयास किया, तो हंगामा होने लगा। भाजपा विधायक और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की के बाद हाथापाई हुई। विधायक का आरोप था कि पुलिसवालों ने उनका कुर्ता फाड़ दिया। वहीं, लोनी बॉर्डर थाना प्रभारी हरेंद्र मलिक का कहना था कि उनके साथ अभद्रता की गई। फिर विधायक ने राम कथा के मंच से अफसरों को खुली चेतावनी दी। विधायक ने कहा- कमिश्नर तेरी मां ने दूध पिलाया है तो रामकथा के बाद समय तय कर लेना। गोली तुम्हारी होगी, सीने हमारे होंगे। अगर सीएम योगी ने चीफ सेक्रेटरी और कमिश्नर को जेल नहीं भेजा, तो अन्न-जल नहीं लूंगा। जमीन पर सोएंगे, फटे कपड़ों में रहेंगे, चाहे जान चली जाए। अगर चीफ सेक्रेटरी की मां ने दूध पिलाया है, तो नमाज रोककर देखकर दिखा दें। कायरों गाय कटवाने वालों, चीफ सेक्रेटरी ने 20 करोड़ रुपए लिए। ——————– ये खबर भी पढ़ें- भाजपा विधायक बोले-यूपी सरकार सबसे भ्रष्ट, मेरे पास सबूत, फटे कुर्ते में सामने आए, कहा- अफसरों ने महाराजजी पर तंत्र क्रिया की भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने गाजियाबाद में शुक्रवार को फटे कुर्ते में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कहा, मैंने रामकथा की परमिशन ली। फिर भी पुलिस ने कलश यात्रा रोकने की कोशिश की। महिलाओं से बदतमीजी की। उनके कलश गिर गए। टकराव करके पुलिस मेरी हत्या करना चाहती थी। पढ़ें पूरी खबर गाजियाबाद के लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर सोमवार को अयोध्या पहुंचे। सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान वह फटे कपड़े पहने थे। उन्होंने कहा- भाजपा की सरकार में जब राम कथा नहीं हो सकती, रामचरितमानस पाठ नहीं हो सकता और कलश यात्रा नहीं हो सकती, तो क्या ये सब पाकिस्तान में होगा? रामलला से न्याय मांगने आया हूं। लोनी में कलश यात्रा के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, इससे बहुत आहत हूं। पहले यही अधिकारी फूल बरसाते थे, अब लाठी बरसा रहे हैं। BJP प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात के बाद अयोध्या पहुंचे
अयोध्या पहुंचने से पहले विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने लखनऊ में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी से मुलाकात की। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया है। साथ ही उनसे कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वे फटे कपड़े पहनकर घूमते रहेंगे। भगवान राम भी 14 साल वनवास में रहे थे। 20 मार्च को कलश यात्रा पर हुआ था विवाद
गाजियाबाद में 20 मार्च को कलश यात्रा के दौरान नंदकिशोर गुर्जर और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की, हाथापाई हुई थी। इसमें विधायक के कपड़े फट गए थे। इसको लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। पढ़िए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को विधायक ने क्या जवाब दिया नंदकिशोर गुर्जर ने लिखा- आपका कारण बताओ नोटिस मिला। इसमें कहा गया कि मैंने सरकार के खिलाफ बयान दिया है। मैं कहना चाहता हूं कि 1989 से संघ का सदस्य हूं। मैं छात्रसंघ अध्यक्ष, युवा मोर्चे की राष्ट्रीय टीम, किसान मोर्चे की राष्ट्रीय टीम, क्षेत्रीय समिति का सदस्य, गाजियाबाद का जिलाध्यक्ष और बागपत जिले का प्रभारी रह चुका हूं। मैं भाजपा का अनुशासित सदस्य हूं। भाजपा मेरे लिए प्राणों के समान है। साल 2010 से बसपा के शासनकाल से गाजियाबाद में रामकथा का आयोजन हो रहा है। मैं 3 दशक से राम नाम से हिंदू समाज को जागृत कर रहा हूं। 20 मार्च को कलश यात्रा शुरू हुई। यात्रा में मैं सिर पर हिंदुओं का पवित्र ग्रंथ श्री रामचरितमानस रखकर चल रहा था। महिलाएं कलश लेकर चल रही थीं। इसी दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें महिलाओं के कपड़े फट गए और कलश टूट गए। 12 से ज्यादा लोगों को चोट लगी। मैंने रामचरितमानस को फटने से बचाया। मुझे किसी भी सरकार में कलश यात्रा की इजाजत लेने की जरूरत नहीं पड़ी। लखनऊ के एक आईपीएस अधिकारी ने मुझे बताया था कि पुलिस कलश यात्रा की इजाजत न होने की बात कहकर रोकेगी। यात्रा निकाली, तो लाठीचार्ज होगा। भगवान श्रीराम और लोनी की जनता के लिए प्राणों की आहूति भी देनी पड़ी, तो वह भी कम है। पुलिस वालों ने ब्राह्मणों, कथा वाचकों, हिंदुओं और मेरी जाति के लोगों को अपमानित कर गालियां दीं। यह है नंदकिशोर गुर्जर का पत्र आसुरी प्रवृत्ति के अधिकारियों पर कार्रवाई करें
विधायक ने आगे लिखा- संगठन परिवार के मुखिया होने के नाते मेरा आपसे अनुरोध है कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने विश्वामित्र जी के यज्ञ की रक्षा के लिए असुरों का संहार किया था। उसी तरह आप हमारे रामकथा के पावन यज्ञ में बाधा डालने वाले आसुरी प्रवृत्ति के अधिकारियों पर कार्रवाई करें। मैं जल्द ही आपसे मिलकर पूरे साक्ष्य रखूंगा। कुछ अधिकारी और नेता पीएम नरेंद्र मोदी को हराने की साजिश किसके कहने पर कर रहे हैं, यह साक्ष्य भी दूंगा। मैं इतना आहत हूं कि जल नहीं ग्रहण कर रहा हूं। मेरा कुर्ता फटना लोकतंत्र का चीर-हरण है। योगीजी की सरकार में रामकथा कराना अपराध और अनुशासनहीनता है, तो मुझे निर्देश देने की कृपा करें। जिससे मैं भविष्य में श्रीराम कथा न कराने पर विचार करूं। संगठन का आदेश मेरे लिए सबसे पहले है। अब पढ़िए पूरा मामला 20 मार्च को गाजियाबाद के बॉर्डर थाना क्षेत्र की संगम विहार कॉलोनी में नंदकिशोर गुर्जर के नेतृत्व में कलश यात्रा निकाली जा रही थी। इसके लिए परमिशन नहीं ली गई थी। पुलिस ने कलश यात्रा को रोकने का प्रयास किया, तो हंगामा होने लगा। भाजपा विधायक और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की के बाद हाथापाई हुई। विधायक का आरोप था कि पुलिसवालों ने उनका कुर्ता फाड़ दिया। वहीं, लोनी बॉर्डर थाना प्रभारी हरेंद्र मलिक का कहना था कि उनके साथ अभद्रता की गई। फिर विधायक ने राम कथा के मंच से अफसरों को खुली चेतावनी दी। विधायक ने कहा- कमिश्नर तेरी मां ने दूध पिलाया है तो रामकथा के बाद समय तय कर लेना। गोली तुम्हारी होगी, सीने हमारे होंगे। अगर सीएम योगी ने चीफ सेक्रेटरी और कमिश्नर को जेल नहीं भेजा, तो अन्न-जल नहीं लूंगा। जमीन पर सोएंगे, फटे कपड़ों में रहेंगे, चाहे जान चली जाए। अगर चीफ सेक्रेटरी की मां ने दूध पिलाया है, तो नमाज रोककर देखकर दिखा दें। कायरों गाय कटवाने वालों, चीफ सेक्रेटरी ने 20 करोड़ रुपए लिए। ——————– ये खबर भी पढ़ें- भाजपा विधायक बोले-यूपी सरकार सबसे भ्रष्ट, मेरे पास सबूत, फटे कुर्ते में सामने आए, कहा- अफसरों ने महाराजजी पर तंत्र क्रिया की भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने गाजियाबाद में शुक्रवार को फटे कुर्ते में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कहा, मैंने रामकथा की परमिशन ली। फिर भी पुलिस ने कलश यात्रा रोकने की कोशिश की। महिलाओं से बदतमीजी की। उनके कलश गिर गए। टकराव करके पुलिस मेरी हत्या करना चाहती थी। पढ़ें पूरी खबर उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
फटे कपड़ों में अयोध्या पहुंचे BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर:भाजपा अध्यक्ष को दिया जवाब, कहा- श्रीराम भी 14 साल वनवास में रहे
