पंजाब आम आदमी पार्टी (AAP) के श्री आनंदपुर साहिब के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने आज (वीरवार) संसद में बंदी सिखों का मुद्दा उठाया है। उन्होंने संसद में कहा कि ये लोग अपनी सजाएं पूरी कर चुके हैं। 25 से 30 सालों से जेल में हैं। उनके मानवाधिकारों व इंसानियत पक्ष को देखते हुए उन्हें छोड़ा जाए। सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर उन्हें छोड़ने का वादा किया था। ऐसे कंग ने उठाया मुद्दा मालविंदर सिंह कंग ने कहा कि आपके माध्यम से मैं सरकार के ध्यान में एक महत्वपूर्ण बात लाना चाहता हूं, जो कि मानवाधिकारों से जुड़ी है। 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने बंदी सिखों को, जो कि 25 से 30 सालों से पंजाब की जेलों में बंद हैं, उन्हें जेलों से छोड़ने की घोषणा भी की थी और नोटिफिकेशन भी जारी हुआ था। नोटिफिकेशन के 6 साल बितने के बाद भी उन्हें नहीं छोड़ा गया है, जो कि सजा पूरी कर चुके हैं। वे पॉलिटिकल कैदी हैं। ऐसे में इनसानियत व मानवता व सेहत को देखते हुए बंदी सिखों को छोड़ा जाए, जो कि भारत सरकार ने 2010 में केंद्र सरकार से वादा किया था। मोहाली में चल रहा रहा संघर्ष बंदी सिखों की रिहाई की मामले की मांग को लेकर मोहाली में संघर्ष चल रह है। वाईपीएस चौक पर बंदी सिखों में लोग जुटे हुए है। उनकी केवल एक ही मांग की है इन्हें जेलों से रिहा किया जाए। क्योंकि यह अपनी सजाएं पूरी कर चुकी है। ऐसे में उनके अधिकारों का हनन है। पंजाब आम आदमी पार्टी (AAP) के श्री आनंदपुर साहिब के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने आज (वीरवार) संसद में बंदी सिखों का मुद्दा उठाया है। उन्होंने संसद में कहा कि ये लोग अपनी सजाएं पूरी कर चुके हैं। 25 से 30 सालों से जेल में हैं। उनके मानवाधिकारों व इंसानियत पक्ष को देखते हुए उन्हें छोड़ा जाए। सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर उन्हें छोड़ने का वादा किया था। ऐसे कंग ने उठाया मुद्दा मालविंदर सिंह कंग ने कहा कि आपके माध्यम से मैं सरकार के ध्यान में एक महत्वपूर्ण बात लाना चाहता हूं, जो कि मानवाधिकारों से जुड़ी है। 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने बंदी सिखों को, जो कि 25 से 30 सालों से पंजाब की जेलों में बंद हैं, उन्हें जेलों से छोड़ने की घोषणा भी की थी और नोटिफिकेशन भी जारी हुआ था। नोटिफिकेशन के 6 साल बितने के बाद भी उन्हें नहीं छोड़ा गया है, जो कि सजा पूरी कर चुके हैं। वे पॉलिटिकल कैदी हैं। ऐसे में इनसानियत व मानवता व सेहत को देखते हुए बंदी सिखों को छोड़ा जाए, जो कि भारत सरकार ने 2010 में केंद्र सरकार से वादा किया था। मोहाली में चल रहा रहा संघर्ष बंदी सिखों की रिहाई की मामले की मांग को लेकर मोहाली में संघर्ष चल रह है। वाईपीएस चौक पर बंदी सिखों में लोग जुटे हुए है। उनकी केवल एक ही मांग की है इन्हें जेलों से रिहा किया जाए। क्योंकि यह अपनी सजाएं पूरी कर चुकी है। ऐसे में उनके अधिकारों का हनन है। पंजाब | दैनिक भास्कर
