<p style=”text-align: justify;”><strong>Maharashtra Dog Memorial News: </strong>महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी से जुड़ा एक और मुद्दा जोर पकड़ रहा है. पूर्व राज्यसभा सांसद और कोल्हापुर के शाही परिवार के वंशज संभाजीराजे छत्रपति (Sambhajiraje Chhatrapati) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) से रायगढ़ किले पर छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक के पास बने कुत्ते के स्मारक को हटाने की मांग की है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>22 मार्च को लिखे गए एक पत्र में, उन्होंने इस स्मारक को 31 मई से पहले हटाने की अपील की है. उन्होंने कहा, “कुछ दशक पहले, रायगढ़ किले पर छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक के पास वाघ्या (Waghya) नामक कुत्ते का स्मारक बनाया गया था, जो उनके 17वीं सदी के शासनकाल की राजधानी थी.”</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ऐतिहासिक प्रमाणों के अभाव का दावा</strong><br />हालांकि, उन्होंने दावा किया कि शिवाजी महाराज के इस कथित पालतू कुत्ते वाघ्या के अस्तित्व को लेकर कोई ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है. इस वजह से यह स्मारक कानूनी रूप से संरक्षित धरोहर स्थल पर अतिक्रमण के समान है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ASI ने बताया शिवाजी का अपमान</strong><br />संभाजीराजे ने यह भी कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने साफ किया है कि वाघ्या के अस्तित्व को लेकर कोई ऐतिहासिक प्रमाण या लिखित दस्तावेज नहीं हैं. उन्होंने इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कहा कि यह महान शिवाजी महाराज की विरासत का अपमान है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>ASI की नीति के अनुसार, 100 वर्ष से अधिक पुरानी संरचना को संरक्षित स्मारक का दर्जा दिया जाता है. संभाजीराजे ने आग्रह किया कि वाघ्या के इस स्मारक को 100 साल पुराना होने से पहले ही हटा दिया जाए, ताकि इसे कानूनी संरक्षण न मिल सके.</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस मुद्दे को लेकर इतिहासकारों और स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा हो रही है. कुछ लोग इसे शिवाजी महाराज की कथा का अभिन्न हिस्सा मानते हैं, जबकि अन्य इसे ऐतिहासिक रूप से अप्रमाणित बताते हैं. अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है.</p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Maharashtra Dog Memorial News: </strong>महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी से जुड़ा एक और मुद्दा जोर पकड़ रहा है. पूर्व राज्यसभा सांसद और कोल्हापुर के शाही परिवार के वंशज संभाजीराजे छत्रपति (Sambhajiraje Chhatrapati) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) से रायगढ़ किले पर छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक के पास बने कुत्ते के स्मारक को हटाने की मांग की है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>22 मार्च को लिखे गए एक पत्र में, उन्होंने इस स्मारक को 31 मई से पहले हटाने की अपील की है. उन्होंने कहा, “कुछ दशक पहले, रायगढ़ किले पर छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक के पास वाघ्या (Waghya) नामक कुत्ते का स्मारक बनाया गया था, जो उनके 17वीं सदी के शासनकाल की राजधानी थी.”</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ऐतिहासिक प्रमाणों के अभाव का दावा</strong><br />हालांकि, उन्होंने दावा किया कि शिवाजी महाराज के इस कथित पालतू कुत्ते वाघ्या के अस्तित्व को लेकर कोई ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है. इस वजह से यह स्मारक कानूनी रूप से संरक्षित धरोहर स्थल पर अतिक्रमण के समान है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ASI ने बताया शिवाजी का अपमान</strong><br />संभाजीराजे ने यह भी कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने साफ किया है कि वाघ्या के अस्तित्व को लेकर कोई ऐतिहासिक प्रमाण या लिखित दस्तावेज नहीं हैं. उन्होंने इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कहा कि यह महान शिवाजी महाराज की विरासत का अपमान है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>ASI की नीति के अनुसार, 100 वर्ष से अधिक पुरानी संरचना को संरक्षित स्मारक का दर्जा दिया जाता है. संभाजीराजे ने आग्रह किया कि वाघ्या के इस स्मारक को 100 साल पुराना होने से पहले ही हटा दिया जाए, ताकि इसे कानूनी संरक्षण न मिल सके.</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस मुद्दे को लेकर इतिहासकारों और स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा हो रही है. कुछ लोग इसे शिवाजी महाराज की कथा का अभिन्न हिस्सा मानते हैं, जबकि अन्य इसे ऐतिहासिक रूप से अप्रमाणित बताते हैं. अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है.</p> महाराष्ट्र Bihar Weather: तेज धूप… बढ़ेगा तापमान, बिहार में अब लोगों को सताएगी गर्मी, गोपालगंज में 34 के पार पहुंचा पारा
Dog Memorial: अब महाराष्ट्र में ‘कुत्ते के स्मारक’ को हटाने की मांग, CM देवेंद्र फडणवीस से बड़ी अपील
