IIM लखनऊ टॉपर्स की टिप्स:प्रायोरिटी तय करें; स्ट्रेटेजी भी अहम, एकेडमिक के साथ मेंटली स्ट्रांग होना जरूरी

IIM लखनऊ टॉपर्स की टिप्स:प्रायोरिटी तय करें; स्ट्रेटेजी भी अहम, एकेडमिक के साथ मेंटली स्ट्रांग होना जरूरी

काम और घर के बीच बैलेंस बनाना बेहद जरूरी हैं। ये वरीयता तय करता है। दूसरा कम्युनिकेशन स्किल बेहद जरूरी हैं। जो आप सोच रहे है उसे व्यक्त करना भी बेहद जरूरी है। इसके अलावा खुद की थिंकिंग के साथ दूसरे के बारे में जानकारी भी बेहद अहम हैं। ऐसे में इस पर फोकस करना भी बेहद जरूरी है। इसके अलावा खुद को अपडेट रखना भी बेहद अहम है। ये कुछ मूल मंत्र हैं, जो हमें वर्क-लाइफ बैलेंस कैसे मैनेज करना है। IIM के एक्सपर्ट्स ने सिखाया है। ये कहना है PGP फॉर वर्किंग एग्जीक्यूटिव के गोल्ड मेडलिस्ट मंदीप सिंह। IBM, डेलॉयट, जैसी कई दिग्गज कंपनियों में काम कर चुके, मनदीप कहते हैं कि वर्क लाइफ बैलेंस जो मैनेज कर लेते हैं, उन्हें परेशान नहीं होना पड़ता। कैंपस@लखनऊ सीरीज के 151वें एपिसोड में IIM लखनऊ के कन्वोकेशन मेडलिस्ट से खास बातचीत.. चेयरमैन गोल्ड मेडल पाने वाले नितिन कुमार जैन कहते हैं कि वो बागपत के रहने वाले हैं। उनके हिसाब से टास्क प्रायोरिटी सेट करना यानी कौन सा काम किस समय करना है। इसके बाद डेलिगेशन जरूरी है यानी साथ के टीम मेंबर्स में जो बेस्ट है टास्क पूरा करने के लिए उसकी मदद लेनी पड़ेगी। टीम वर्क भी बेहद जरूरी हैं। क्योंकि सफलता सिर्फ टीम वर्क से मिलती हैं। ऐसे में वर्क लाइफ बैलेंस को मैनेज कर सकते हैं। IPMX मेडलिस्ट बोले- स्ट्रेटेजी का बड़ा योगदान तिरुपति के शेषा रेड्डी कहते हैं कि IPMX प्रोग्राम में दूसरी रैंक लाने के लिए उन्हें सेकेंड रैंक मिली है। डिसीजन मेकिंग स्केल में स्ट्रेटजी जरूर बनानी चाहिए। तत्काल डिसिजन भी बेहद जरूरी हैं। ऐसे में स्मार्ट वर्किंग से इसी के जरिए आप मन चाही सफलता हासिल कर सकते हैं। काम और घर के बीच बैलेंस बनाना बेहद जरूरी हैं। ये वरीयता तय करता है। दूसरा कम्युनिकेशन स्किल बेहद जरूरी हैं। जो आप सोच रहे है उसे व्यक्त करना भी बेहद जरूरी है। इसके अलावा खुद की थिंकिंग के साथ दूसरे के बारे में जानकारी भी बेहद अहम हैं। ऐसे में इस पर फोकस करना भी बेहद जरूरी है। इसके अलावा खुद को अपडेट रखना भी बेहद अहम है। ये कुछ मूल मंत्र हैं, जो हमें वर्क-लाइफ बैलेंस कैसे मैनेज करना है। IIM के एक्सपर्ट्स ने सिखाया है। ये कहना है PGP फॉर वर्किंग एग्जीक्यूटिव के गोल्ड मेडलिस्ट मंदीप सिंह। IBM, डेलॉयट, जैसी कई दिग्गज कंपनियों में काम कर चुके, मनदीप कहते हैं कि वर्क लाइफ बैलेंस जो मैनेज कर लेते हैं, उन्हें परेशान नहीं होना पड़ता। कैंपस@लखनऊ सीरीज के 151वें एपिसोड में IIM लखनऊ के कन्वोकेशन मेडलिस्ट से खास बातचीत.. चेयरमैन गोल्ड मेडल पाने वाले नितिन कुमार जैन कहते हैं कि वो बागपत के रहने वाले हैं। उनके हिसाब से टास्क प्रायोरिटी सेट करना यानी कौन सा काम किस समय करना है। इसके बाद डेलिगेशन जरूरी है यानी साथ के टीम मेंबर्स में जो बेस्ट है टास्क पूरा करने के लिए उसकी मदद लेनी पड़ेगी। टीम वर्क भी बेहद जरूरी हैं। क्योंकि सफलता सिर्फ टीम वर्क से मिलती हैं। ऐसे में वर्क लाइफ बैलेंस को मैनेज कर सकते हैं। IPMX मेडलिस्ट बोले- स्ट्रेटेजी का बड़ा योगदान तिरुपति के शेषा रेड्डी कहते हैं कि IPMX प्रोग्राम में दूसरी रैंक लाने के लिए उन्हें सेकेंड रैंक मिली है। डिसीजन मेकिंग स्केल में स्ट्रेटजी जरूर बनानी चाहिए। तत्काल डिसिजन भी बेहद जरूरी हैं। ऐसे में स्मार्ट वर्किंग से इसी के जरिए आप मन चाही सफलता हासिल कर सकते हैं।   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर