Maharashtra: मीठी नदी घोटाले में 1100 करोड़ की हेराफेरी की गुत्थी सुलझाएगी EOW, मांगे सफाई के वीडियो

Maharashtra: मीठी नदी घोटाले में 1100 करोड़ की हेराफेरी की गुत्थी सुलझाएगी EOW, मांगे सफाई के वीडियो

<p style=”text-align: justify;”><strong>Maharashtra Mithi Nadi&nbsp;:</strong> मीठी नदी, जो मुंबई की एक महत्वपूर्ण जलधारा है, लंबे समय से सफाई और पुनर्विकास से जुड़ी परियोजनाओं का हिस्सा रही है. हालांकि, इस सफाई अभियान में बड़े पैमाने पर घोटाले की आशंका जताई जा रही है. मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मीठी नदी से कचरा निकालने के मामले में हुए कथित 1100 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच तेज कर दी है. इस मामले में EOW ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) से सभी वीडियो और फोटो मांगे हैं, जो सफाई प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड किए गए थे.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>BMC एप्लिकेशन की हो रही जांच</strong><br />सूत्रों के मुताबिक, BMC का एक विशेष एप्लिकेशन था, जिस पर सफाई के दौरान कचरा निकालने और उसे डंपर में डालने के वीडियो और फोटो अपलोड किए जाते थे. EOW ने अब इस एप्लिकेशन का एक्सेस भी मांगा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ठेकेदारों द्वारा वास्तव में कचरा हटाया गया था या सिर्फ कागजी कार्रवाई की गई थी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>EOW के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि BMC को जल्द से जल्द यह डेटा सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. जांच का मुख्य उद्देश्य यह सत्यापित करना है कि ठेकेदारों ने सही मात्रा में कचरा हटाया या फिर इसमें अनियमितताएं बरती गईं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>कचरा हटाने को लेकर अनियमितताओं का शक</strong><br />अधिकारियों को संदेह है कि कई ठेकेदारों ने बिना कचरा लोड किए ही गाड़ियों को खाली भेज दिया. इतना ही नहीं, EOW को अब तक मीठी नदी के कचरे को डंप किए जाने वाले स्थान का कोई वीडियो फुटेज नहीं मिला है. जांच अधिकारी अब हटाए गए मलबे की मात्रा का मिलान कर रहे हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अब तक 10 ठेकेदारों से पूछताछ</strong><br />EOW ने इस मामले में अब तक 10 ठेकेदारों और BMC के कई अधिकारियों के बयान दर्ज किए हैं. ठेकेदारों ने अपने बचाव में दावा किया है कि उन्होंने वर्क ऑर्डर के अनुसार गाड़ियों में कचरा लोड कर उसे डंपिंग साइट तक पहुंचाया. EOW की जांच जारी है और अब सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.</p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Maharashtra Mithi Nadi&nbsp;:</strong> मीठी नदी, जो मुंबई की एक महत्वपूर्ण जलधारा है, लंबे समय से सफाई और पुनर्विकास से जुड़ी परियोजनाओं का हिस्सा रही है. हालांकि, इस सफाई अभियान में बड़े पैमाने पर घोटाले की आशंका जताई जा रही है. मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मीठी नदी से कचरा निकालने के मामले में हुए कथित 1100 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच तेज कर दी है. इस मामले में EOW ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) से सभी वीडियो और फोटो मांगे हैं, जो सफाई प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड किए गए थे.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>BMC एप्लिकेशन की हो रही जांच</strong><br />सूत्रों के मुताबिक, BMC का एक विशेष एप्लिकेशन था, जिस पर सफाई के दौरान कचरा निकालने और उसे डंपर में डालने के वीडियो और फोटो अपलोड किए जाते थे. EOW ने अब इस एप्लिकेशन का एक्सेस भी मांगा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ठेकेदारों द्वारा वास्तव में कचरा हटाया गया था या सिर्फ कागजी कार्रवाई की गई थी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>EOW के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि BMC को जल्द से जल्द यह डेटा सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. जांच का मुख्य उद्देश्य यह सत्यापित करना है कि ठेकेदारों ने सही मात्रा में कचरा हटाया या फिर इसमें अनियमितताएं बरती गईं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>कचरा हटाने को लेकर अनियमितताओं का शक</strong><br />अधिकारियों को संदेह है कि कई ठेकेदारों ने बिना कचरा लोड किए ही गाड़ियों को खाली भेज दिया. इतना ही नहीं, EOW को अब तक मीठी नदी के कचरे को डंप किए जाने वाले स्थान का कोई वीडियो फुटेज नहीं मिला है. जांच अधिकारी अब हटाए गए मलबे की मात्रा का मिलान कर रहे हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अब तक 10 ठेकेदारों से पूछताछ</strong><br />EOW ने इस मामले में अब तक 10 ठेकेदारों और BMC के कई अधिकारियों के बयान दर्ज किए हैं. ठेकेदारों ने अपने बचाव में दावा किया है कि उन्होंने वर्क ऑर्डर के अनुसार गाड़ियों में कचरा लोड कर उसे डंपिंग साइट तक पहुंचाया. EOW की जांच जारी है और अब सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.</p>  महाराष्ट्र वक्फ बिल पर मनोज झा बोले- ‘भगवान भला करे आपका’, उधर RJD के बागी विधायक का भी बयान आया