<p style=”text-align: justify;”><strong>Nagpur Violence Live Updates:</strong> महाराष्ट्र के मध्य नागपुर में सोमवार (17 मार्च) की शाम हुई हिंसा के मामले में दंगा प्रभावित इलाकों में पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में दल ने मंगलवार (18 मार्च) को रूट मार्च किया. पुलिस कमिश्नर रविन्द्र सिंघल ने बताया कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा कैसे शुरू हुई और कुछ लोगों ने अचानक इसे कैसे भड़काया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने सोमवार (17 मार्च) को हुई हिंसा का केंद्र रहे चिटनिस पार्क चौक से लेकर भालदारपुरा चौक, अग्रसेन चौक, सेवा सदन चौक और गीतांजलि टॉकीज चौक होते हुए हंसपुरी रोड तक रूट मार्च का नेतृत्व किया. हंसपुरी रोड में कल रात एक और झड़प हुई थी. तीन किलोमीटर के दायरे में फैले हुए इन सभी इलाकों में कर्फ्यू लगा हुआ है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>सीपी रविंद्र सिंघल ने बताया कि किसी इलाके में तनावपूर्ण या दंगे जैसी स्थिति में लोगों के बीच सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए इस तरह के मार्च निकाले जाते हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने संवाददाताओं को बताया, रूट मार्च निकालने का मुख्य उद्देश्य यह समझना होता है कि कहीं हिंसा दोहराने की कोई साजिश तो नहीं रची जा रही है. रूट मार्च से क्षेत्र पर नियंत्रण सुनिश्चित होता है ताकि लोगों का विश्वास न टूटे और उन्हें पता चले कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>सिंघल ने कहा कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा कैसे शुरू हुई और कुछ लोगों ने अचानक इसे कैसे भड़काया. उन्होंने कहा कि हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या सोशल मीडिया का इस्तेमाल (अफवाह फैलाने के लिए) किया गया था. सिंघल ने बताया कि कर्फ्यू फिलहाल लागू रहेगा और इसमें ढील देने का फैसला स्थिति पर निर्भर करेगा.</p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Nagpur Violence Live Updates:</strong> महाराष्ट्र के मध्य नागपुर में सोमवार (17 मार्च) की शाम हुई हिंसा के मामले में दंगा प्रभावित इलाकों में पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में दल ने मंगलवार (18 मार्च) को रूट मार्च किया. पुलिस कमिश्नर रविन्द्र सिंघल ने बताया कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा कैसे शुरू हुई और कुछ लोगों ने अचानक इसे कैसे भड़काया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने सोमवार (17 मार्च) को हुई हिंसा का केंद्र रहे चिटनिस पार्क चौक से लेकर भालदारपुरा चौक, अग्रसेन चौक, सेवा सदन चौक और गीतांजलि टॉकीज चौक होते हुए हंसपुरी रोड तक रूट मार्च का नेतृत्व किया. हंसपुरी रोड में कल रात एक और झड़प हुई थी. तीन किलोमीटर के दायरे में फैले हुए इन सभी इलाकों में कर्फ्यू लगा हुआ है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>सीपी रविंद्र सिंघल ने बताया कि किसी इलाके में तनावपूर्ण या दंगे जैसी स्थिति में लोगों के बीच सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए इस तरह के मार्च निकाले जाते हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने संवाददाताओं को बताया, रूट मार्च निकालने का मुख्य उद्देश्य यह समझना होता है कि कहीं हिंसा दोहराने की कोई साजिश तो नहीं रची जा रही है. रूट मार्च से क्षेत्र पर नियंत्रण सुनिश्चित होता है ताकि लोगों का विश्वास न टूटे और उन्हें पता चले कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>सिंघल ने कहा कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा कैसे शुरू हुई और कुछ लोगों ने अचानक इसे कैसे भड़काया. उन्होंने कहा कि हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या सोशल मीडिया का इस्तेमाल (अफवाह फैलाने के लिए) किया गया था. सिंघल ने बताया कि कर्फ्यू फिलहाल लागू रहेगा और इसमें ढील देने का फैसला स्थिति पर निर्भर करेगा.</p> महाराष्ट्र बिहार में कांग्रेस ने बदला अध्यक्ष, लालू यादव से रिश्ते और जाति की राजनीति भी बदलेगी?
Nagpur Violence Live: कई इलाकों में अभी भी कर्फ्यू, पुलिस ने निकाला रूट मार्च, नागपुर में अब कैसे हैं हालात?
