PM मोदी की पहली महिला सेक्रेटरी निधि तिवारी की कहानी:BHU में डॉक्टर से प्यार, 8 साल पहले शादी; बेटे के जन्म के बाद IFS बनीं

PM मोदी की पहली महिला सेक्रेटरी निधि तिवारी की कहानी:BHU में डॉक्टर से प्यार, 8 साल पहले शादी; बेटे के जन्म के बाद IFS बनीं

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र काशी की बहू और IFS अधिकारी निधि तिवारी को अपना प्राइवेट सेक्रेटरी बनाया है। PM रहते मोदी के 11 साल के कार्यकाल में ये पहली बार है, जब प्राइवेट सेक्रेटरी महिला है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और अजित डोभाल की टीम में काम करने के कारण निधि सीधे पीएमओ में पहुंचीं। उनकी ससुराल काशी के महमूरगंज इलाके की श्रीरामनगर कालोनी में जश्न का माहौल है। दैनिक भास्कर ऐप टीम निधि के घर पहुंची। निधि दिल्ली में हैं, उनके पति डॉ. सुशील जायसवाल से मुलाकात हुई। डॉ. सुशील के साथ निधि की मां प्रभा तिवारी भी घर पर मौजूद थीं। हमने उनसे जाना कि निधि की शादी कैसे हुई? शादी के 8 साल बाद निधि ने IFS क्वालिफाई कैसे किया? स्टूडेंट लाइफ में मुलाकात से जिंदगी कैसे कामयाबी की सीढ़ी चढ़ती चली गई। सवाल-जवाब में पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 5 सवाल में निधि की एकेडमिक और लव लाइफ जानिए… 1. निधि की लव स्टोरी कैसे शुरू हुई?
निधि तिवारी लखनऊ की रहने वाली हैं। ग्रेजुएशन के बाद वह BHU में पढ़ने आईं। 2005 में उन्होंने M.Sc बायोकेमिस्ट्री में एडमिशन लिया। हॉस्टल में रहकर पोस्टग्रेजुएशन करने के दौरान वह डॉ. सुशील जायसवाल से मिलीं। दोनों में दोस्ती हो गई। पढ़ाई, क्लास और लैब में दोनों एक-दूसरे के मददगार हो गए। यहीं से उनकी लव स्टोरी शुरू हुई। बायोकेमिस्ट्री की पढ़ाई करते-करते उनकी केमेस्ट्री बन गई। दोनों ने M.Sc पास करने के बाद दिसंबर, 2006 में शादी कर ली। 2. शादी के बाद निधि की पढ़ाई का रुख कैसा रहा‌?
डॉ. सुशील बताते हैं- मैं तो 1999 से BHU का छात्र रहा हूं, ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन वहीं से किया। फिर निधि से शादी हो गई। उसने पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद वैज्ञानिक बनने की तैयारी शुरू कर दी। 2007 में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में उनका सिलेक्शन हो गया और महाराष्ट्र में जाकर जॉइन कर लिया। लेकिन, उनका मन तो ब्यूरोक्रेसी में कुछ बड़ा करने का था। 3. UPSC में कैसे सिलेक्ट हुईं?
डॉ. सुशील ने बताया- हमें 2008 में बेटा हुआ। निधि घर आ गई थी। यहां रहते हुए निधि ने अपनी नई मंजिल की तैयारी शुरू कर दी। 2008 में UPSC की परीक्षा पहली बार दी। पहले अटेंप्ट में ही निधि असिस्टेंट कमिश्नर (कॉमर्शियल टैक्स) के पद पर तैनात हो गईं। तीन साल तक निधि अपनी जॉब करती रहीं। इस दौरान 2011 में निधि ने फिर से UPSC का फॉर्म भर दिया। अब घर से तैयारी नहीं हो पा रही थी तो वे दिल्ली शिफ्ट हो गईं। यहां उन्होंने IAS क्वालिफाई किया और 2012 बैच के इंटरव्यू में टॉपर रहीं। 4. IFS में सिलेक्शन कैसे हुआ?
डॉ. सुशील ने बताया- निधि की रैंक कम होने के चलते उन्हें भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा (IRPS) में जगह मिली, मगर उन्होंने जॉइन नहीं किया। उनका सपना तो IFS या IAS बनने का था। इसके बाद 2013 में उन्होंने दोबारा आवेदन किया। इस बार जरनल कैटेगरी में 96वीं रैंक आई। ऑप्शन में IFS भरते ही निधि का सपना पूरा हो गया। इस इंटरव्यू में भी उन्होंने आल इंडिया टॉप किया। 5. निधि को पहली तैनाती कहां मिली?
2017 में निधि को विदेश मंत्रालय (दिल्ली) में डेस्क पर पोस्टिंग मिली थी। इसके बाद पहली तैनाती वियाना (ऑस्ट्रिया) में मिली। यहां उन्हें 2 साल यानि 2019 तक रखा गया। वह UN के देशों के साथ भारत का अलग-अलग मुद्दों पर समन्वय बनाने की जिम्मेदारी निभा रही थीं। अब डॉ. सुशील को भी जानिए… डॉ. सुशील वाराणसी के जाने-माने सर्जन
डॉ. सुशील जायसवाल वाराणसी के नामचीन लेप्रोस्कोपी सर्जन हैं। आर्थो में घुटना प्रत्यारोपण के अलावा सिर और गले की सर्जरी करते हैं। वह एनेस्थीसिया के स्पेशलिस्ट हैं। श्रीरामनगर कॉलोनी में उनका क्लिनिक है। 22 साल का अनुभव रखने वाले डा. सुशील जायसवाल को एम्स दिल्ली, सर गंगाराम दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी के अलावा कई शहरों में लेप्रोस्कोपी की सर्जरी और ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाता है। निधि की मां की बात… वो जिंदगी में कभी असफल नहीं हुई
डॉ. सुशील जायसवाल ने बताया- निधि तिवारी का कहना है कि जिस पैनल और अधिकारियों ने उन्हें चुना है, उनकी उम्मीदों पर खरा उतारना है। निधि की मां प्रभा तिवारी ने बताया, निधि पढ़ने में हमेशा अव्वल आईं और गोल्ड मेडल लेकर ही घर आई। प्री-स्कूल से लेकर IFS बनने तक उसका सफर हमेशा सफलता भरा रहा। निधि ने अपने जीवन में किसी परीक्षा में असफल नहीं हुई। गोल्ड मेडलिस्ट रहीं निधि
एजुकेशन ट्रेनिंग निधि पीएमओ में डिप्टी सेक्रेटरी रहीं
निधि तिवारी नवंबर, 2022 से प्रधानमंत्री कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर थीं। इससे पहले, उन्होंने विदेश मंत्रालय के डिस-आर्मामेंट एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी अफेयर्स डिवीजन में अंडर सेक्रेटरी के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। PMO में डिप्टी सेक्रेटरी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान निधि तिवारी ने ‘विदेश और सुरक्षा’ वर्टिकल में काम किया, जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को रिपोर्ट करता है। इस दौरान उन्होंने विदेश मामलों, परमाणु ऊर्जा, सुरक्षा मामलों और राजस्थान राज्य से संबंधित मुद्दों पर काम किया। ………… ये पढ़े : IFS निधि तिवारी पीएम मोदी की प्राइवेट सेक्रेटरी बनीं:UPSC में 96वीं रैंक हासिल की, NSA अजीत डोभाल को रिपोर्ट किया; जानें कंप्लीट प्रोफाइल इंडियन फॉरेन सर्विस यानी IFS ऑफिसर निधि तिवारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्राइवेट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) की तरफ से 29 मार्च को जारी आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने निधि की नियुक्ति की मंजूरी दे दी है। पढ़िए पूरी खबर… पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र काशी की बहू और IFS अधिकारी निधि तिवारी को अपना प्राइवेट सेक्रेटरी बनाया है। PM रहते मोदी के 11 साल के कार्यकाल में ये पहली बार है, जब प्राइवेट सेक्रेटरी महिला है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और अजित डोभाल की टीम में काम करने के कारण निधि सीधे पीएमओ में पहुंचीं। उनकी ससुराल काशी के महमूरगंज इलाके की श्रीरामनगर कालोनी में जश्न का माहौल है। दैनिक भास्कर ऐप टीम निधि के घर पहुंची। निधि दिल्ली में हैं, उनके पति डॉ. सुशील जायसवाल से मुलाकात हुई। डॉ. सुशील के साथ निधि की मां प्रभा तिवारी भी घर पर मौजूद थीं। हमने उनसे जाना कि निधि की शादी कैसे हुई? शादी के 8 साल बाद निधि ने IFS क्वालिफाई कैसे किया? स्टूडेंट लाइफ में मुलाकात से जिंदगी कैसे कामयाबी की सीढ़ी चढ़ती चली गई। सवाल-जवाब में पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 5 सवाल में निधि की एकेडमिक और लव लाइफ जानिए… 1. निधि की लव स्टोरी कैसे शुरू हुई?
निधि तिवारी लखनऊ की रहने वाली हैं। ग्रेजुएशन के बाद वह BHU में पढ़ने आईं। 2005 में उन्होंने M.Sc बायोकेमिस्ट्री में एडमिशन लिया। हॉस्टल में रहकर पोस्टग्रेजुएशन करने के दौरान वह डॉ. सुशील जायसवाल से मिलीं। दोनों में दोस्ती हो गई। पढ़ाई, क्लास और लैब में दोनों एक-दूसरे के मददगार हो गए। यहीं से उनकी लव स्टोरी शुरू हुई। बायोकेमिस्ट्री की पढ़ाई करते-करते उनकी केमेस्ट्री बन गई। दोनों ने M.Sc पास करने के बाद दिसंबर, 2006 में शादी कर ली। 2. शादी के बाद निधि की पढ़ाई का रुख कैसा रहा‌?
डॉ. सुशील बताते हैं- मैं तो 1999 से BHU का छात्र रहा हूं, ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन वहीं से किया। फिर निधि से शादी हो गई। उसने पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद वैज्ञानिक बनने की तैयारी शुरू कर दी। 2007 में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में उनका सिलेक्शन हो गया और महाराष्ट्र में जाकर जॉइन कर लिया। लेकिन, उनका मन तो ब्यूरोक्रेसी में कुछ बड़ा करने का था। 3. UPSC में कैसे सिलेक्ट हुईं?
डॉ. सुशील ने बताया- हमें 2008 में बेटा हुआ। निधि घर आ गई थी। यहां रहते हुए निधि ने अपनी नई मंजिल की तैयारी शुरू कर दी। 2008 में UPSC की परीक्षा पहली बार दी। पहले अटेंप्ट में ही निधि असिस्टेंट कमिश्नर (कॉमर्शियल टैक्स) के पद पर तैनात हो गईं। तीन साल तक निधि अपनी जॉब करती रहीं। इस दौरान 2011 में निधि ने फिर से UPSC का फॉर्म भर दिया। अब घर से तैयारी नहीं हो पा रही थी तो वे दिल्ली शिफ्ट हो गईं। यहां उन्होंने IAS क्वालिफाई किया और 2012 बैच के इंटरव्यू में टॉपर रहीं। 4. IFS में सिलेक्शन कैसे हुआ?
डॉ. सुशील ने बताया- निधि की रैंक कम होने के चलते उन्हें भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा (IRPS) में जगह मिली, मगर उन्होंने जॉइन नहीं किया। उनका सपना तो IFS या IAS बनने का था। इसके बाद 2013 में उन्होंने दोबारा आवेदन किया। इस बार जरनल कैटेगरी में 96वीं रैंक आई। ऑप्शन में IFS भरते ही निधि का सपना पूरा हो गया। इस इंटरव्यू में भी उन्होंने आल इंडिया टॉप किया। 5. निधि को पहली तैनाती कहां मिली?
2017 में निधि को विदेश मंत्रालय (दिल्ली) में डेस्क पर पोस्टिंग मिली थी। इसके बाद पहली तैनाती वियाना (ऑस्ट्रिया) में मिली। यहां उन्हें 2 साल यानि 2019 तक रखा गया। वह UN के देशों के साथ भारत का अलग-अलग मुद्दों पर समन्वय बनाने की जिम्मेदारी निभा रही थीं। अब डॉ. सुशील को भी जानिए… डॉ. सुशील वाराणसी के जाने-माने सर्जन
डॉ. सुशील जायसवाल वाराणसी के नामचीन लेप्रोस्कोपी सर्जन हैं। आर्थो में घुटना प्रत्यारोपण के अलावा सिर और गले की सर्जरी करते हैं। वह एनेस्थीसिया के स्पेशलिस्ट हैं। श्रीरामनगर कॉलोनी में उनका क्लिनिक है। 22 साल का अनुभव रखने वाले डा. सुशील जायसवाल को एम्स दिल्ली, सर गंगाराम दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी के अलावा कई शहरों में लेप्रोस्कोपी की सर्जरी और ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाता है। निधि की मां की बात… वो जिंदगी में कभी असफल नहीं हुई
डॉ. सुशील जायसवाल ने बताया- निधि तिवारी का कहना है कि जिस पैनल और अधिकारियों ने उन्हें चुना है, उनकी उम्मीदों पर खरा उतारना है। निधि की मां प्रभा तिवारी ने बताया, निधि पढ़ने में हमेशा अव्वल आईं और गोल्ड मेडल लेकर ही घर आई। प्री-स्कूल से लेकर IFS बनने तक उसका सफर हमेशा सफलता भरा रहा। निधि ने अपने जीवन में किसी परीक्षा में असफल नहीं हुई। गोल्ड मेडलिस्ट रहीं निधि
एजुकेशन ट्रेनिंग निधि पीएमओ में डिप्टी सेक्रेटरी रहीं
निधि तिवारी नवंबर, 2022 से प्रधानमंत्री कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर थीं। इससे पहले, उन्होंने विदेश मंत्रालय के डिस-आर्मामेंट एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी अफेयर्स डिवीजन में अंडर सेक्रेटरी के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। PMO में डिप्टी सेक्रेटरी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान निधि तिवारी ने ‘विदेश और सुरक्षा’ वर्टिकल में काम किया, जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को रिपोर्ट करता है। इस दौरान उन्होंने विदेश मामलों, परमाणु ऊर्जा, सुरक्षा मामलों और राजस्थान राज्य से संबंधित मुद्दों पर काम किया। ………… ये पढ़े : IFS निधि तिवारी पीएम मोदी की प्राइवेट सेक्रेटरी बनीं:UPSC में 96वीं रैंक हासिल की, NSA अजीत डोभाल को रिपोर्ट किया; जानें कंप्लीट प्रोफाइल इंडियन फॉरेन सर्विस यानी IFS ऑफिसर निधि तिवारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्राइवेट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) की तरफ से 29 मार्च को जारी आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने निधि की नियुक्ति की मंजूरी दे दी है। पढ़िए पूरी खबर…   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर